जवान विधवा को पापा ने अपनी दूसरी बीवी बनाई

(Jawan vidhwa ko papa ne apni dusri biwi banai)

ये जो कहानी मे आपको बताने जा रहा हु वो काल्पनीक है। मेरे बचपन की है। मेरा नाम अमन है। मैं 10 साल का था। मेरे पापा का नाम कबीर है। मेरे पापा का कारोबार है । उनके पास बहोत पैसा है। मेरी माँ का नाम विना है। मेरी माँ की उम्र 45 है और पापा की उम्र 60 है। मै उनका अकेला लड़का हु इसलिए पापा मुझसे बहोत प्यार करते है।
एक रात मैने देखा की पापा माँ को प्यार से छू रहेथे लेकिन माँ उनै ना कहकर धकेल रहीती औऱ बोली की मेरे घुटने दर्द करते है औऱ मे बूढ़ी हो गई हूं । पापा यह बात सुनकर मायूस हो गये और सो ग़ये पापा का यह हाल देखकर मुझे बहुत बुरा लगा।

हमारा मकान दो मंजिला है हम नीचे रहते है और ऊपर का मकान कीराये देते है पापा मकान के मालिक है हमारा मकान बहोत देनोस खाली था लेकिन एकदिन एक महिला आइ मकान कीराये पर मांगने के लिए वे वीधवा थी उसका नाम कामीनी था उसकी उम्र 32 साल होगी साइज 34-32-36 होगी पापाने उसे देखते ही मकान भाड़े पर दे दिया पापा उसे घूरते थे वह हमेशा सफ़ेद रंग की साड़ी पहनती थी उसमें भी सेक्सी लगती थीं वह सिलाई का काम करती थी और भाड़ा देती थी पापा मन ही मन मे उसे चाने लगे थे पापा ने देखा कि कामीनी साफ सफाई कर रही थी और ज़ुकी हुई थी उनके बूब्स साफ साफ दिख रहे थे और कंबर भी पापा ने कहा की कितने टाइट है।

दबाने मे मज़ा आएगा और एक दिन हवा के कारण अंटी की पैंटी उड़कर हमारे घर पर गिर गई और पापा को वह पैंटी मिल गई पापा ने उसे उठाकर अपनी जेब मे डाल दिया और बाथरूम मे जाकर सूंघने लघे और कहने लघे की क्या खुशबू है पैंटी कि उसे चोदना चाहिए । पापा कामिनी आन्टी की पैंटी देने उपर मकान में चले गए पापा ने डोर बैल बजाई कामिनी जी ने दरवाजा खोला पापा को देख कर वो चौक गई पापा को अंदर बुलाकर चाय पुछने लघी पापा उसके बदन को देख रहे थे चाय पी कर पापा ने अपनी जेब से काली पैंटी निकाली कामिनी अंटी उसे देख कर बोली की वे मेरी है। और शर्मा गई पापा ने पैंटी उनके हात मे दे दी और बोलने लगे की विना ऐसी पैंटी नही पहनती वे पुरानी खयालोकी है फिर एक दिन माँ और एंटी बाते कर रहे थे कि तब अंटी ने माँ से पुछा की आपकी सेक्स लाइफ केसी है माँ बोली की मै हमेशा बीमार होने से हमारे मैं सेक्स नही होता तो कबिर जी सेक्स के बीना रह पाते है हा उनोने अपने आप पर काबू कीया हैं लेकिन बोलकर विना जी रूक गई तब पापा कीतने अकेले है ये कामिनी जी को समझ आया।

माँ दादा जी की तबीयत खराब होने के कारण से मायके चली गई तो पापा ने कामिनी जी को चोदने का प्लान बना लिया खाना खाने के बाद पापा मुझे सुला कर कामिनी जी के पास चले गए और कामिनी जी पापा से बातें करने लगीं। पापा ने देखा कि कामिनी ने साड़ी के अंदर ब्रा नही पहनी उनकी चुचिया साफ साफ दीख रही है पापा को कंट्रोल नही हुवा और वो कामिनी पर टूट पड़े उनकी ब्रा नीकालकर उनके बूब्स चाटने लगे कामिनी थोड़ा विरोद कर रही थी लेकिन बाद में उसे भी मज़ा आने लगा वो बोली बहोत दिनों से प्यासे हो आज प्यास बुजालो कहकर कामिनी ने अपनी पैंटी उतारकर मुझे सुंगने दी मे उसकी चूत देख कर दीवाना हो गया उसने मेरी पैंट उतर कर मेरी अंडर गारमेंट् भी उतर दि और मेरा लंड चूसने लगी पापा वे देखकर खुश हो गये पापा कामिनी की चूत चाटने लगे।

पापा ने अपना लंड कामिनी के चुत मैं डाला और 2 घंटे चूदते रहे कामिनी बोली कि तुमारा तो मेरे मरे हुवे पति से भी बड़ा और सख्त है पापा उनका 8 इंच काला लंड कामिनी के चुत मे डालते तब कामिनी आ..आ… आ..आ कर कर चिकने लगती पापा रात भर कामिनी को चोदते रहे जब माँ घर पर आई तब मैने माँ को सारी बात बताई माँ सुनकर खुश हो गई क्योंकि पापा की शरीर की आग शांत हो गई और उनको एक चुत मिल गई पापा रोज रात को 8 बजे कामिनी के पास जाते और सुबह घर आते कामिनी भी अब विदवा की तरह रहना छोड़ कर कलर फुल कपडे पहन रही थी फिर एक दिन पापा मम्मी से बात कर रहे थे कि मैं कामिनी से शादी करना चाहता हु माँ ने पापा को शादी करा ने लिए तैयार हो गई माँ ने पापा की शादी कामिनी के साथ करवा दी और पापा और कामिनी को हनीमून के लिए भेज दिया जब मे सोता तब कामिनी की चीखने की आवाज सुनाई देती इतनी बुरी तरह पापा कामिनी को चोदते थे अब कामिनी मेरी माँ है और मुझे कल ही पता चला कि उसे बच्चा होनेवाला है मेरा भाई या बहन आने वाला है। यहा पर मेरी कहानी खत्म होती है। फिर मिलेंगे नई कहानी के साथ ।