जंगल में चोदी प्यासी चूत-2

Jungle me chodi pyasi choot-2

अब मुझे शर्म आने लगी थी तो मैंने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया. फिर बन्नो बोली कि अभय शरमाते क्यों हो? अरे जब मुझे शर्म नहीं आ रही, तो तुम क्यों शरमाते हो? और फिर आसपास भी कोई नहीं है, तुम्हारी शादी होगी तो क्या पत्नी से भी ऐसे ही शरमाओगे क्या? बेवकूफ़ कहीं के. फिर इस दौरान बन्नो ने अपने पेटीकोट की गाँठ खोलकर पहले उसे ठीक किया और फिर अपने पेटीकोट को टाईट बांधकर अपनी साड़ी पहननी शुरू कर दी.

उन्होंने बिना शरमाये अपने ब्लाउज के सारे बटन खोलकर अपना ब्लाउज भी दुबारा से एड्जस्ट किया. फिर जब बन्नो के ब्लाउज के सारे बटन खुले तो मुझे बन्नो के गोल-मटोल चूचियों का कुछ सेकेंड्स के लिए नज़ारा करने का मौका मिल गया.

अब बन्नो के नंगे बदन का नज़ारा देखकर आज मेरी आँखों की प्यास तो बढ़ ही गयी थी और साला मेरा लंड भी नीचे से ज़ोर मारने लगा था, लेकिन बन्नो बड़ी बिंदास महिला थी तो वो बोली कि अरे कैसे मर्द हो? जो एक औरत को नंगा देखकर लड़कियों की तरह शरमाते हो, ज़रा मज़ा मस्ती किया करो अरे हमारा मर्द तो साला दिनभर मेहनत मज़दूरी करके रात में शराब पीकर सो जाता है और अगर कुछ करेगा भी तो हमारे मजे की परवाह किए बगैर हमारी टांगो के बीच में चढ़ जाएगा. वो हमारे मन की मुराद तो पूरी करता ही नहीं है, हमको क्या पसंद है क्या नहीं है?

बस ऐसे ही धक्के पेलते हुए 3 साल हो गये है. फिर पता नहीं बन्नो को क्या लगा? और बोली कि अरे में भी क्या कहने लगी? और अपना रोना लेकर बैठ गयी, अभय हमको माफ कर दो, तुम तो गैर हो और जैसा तुमको ठीक लगे वैसा करना, तुम जैसा सुंदर जवान को देखकर मेरा मन भी साला फिसल गया था और अगर तुमको बुरा लगे तो माफ करना. हम तो गंवार लोग है और हमें बोलने की तमीज़ नहीं है.

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मैंने कहा कि नहीं बन्नो ऐसी बात नहीं है, आप बहुत सुंदर और समझदार हो और इस बार बन्नो मुस्कुरा दी और बोली कि सच? तो मैंने कहा कि हाँ बिल्कुल, तो तब हम दोनों उस पेड़ के नीचे बैठ गये और बातें करने लगे. अब बन्नो ने अपना एक हाथ मेरी जांघो पर रखा था और बीच-बीच में किसी बहाने से मेरी जांघो पर अपना हाथ फैर रही थी.

अब मुझे भी इसमें बहुत मजा आ रहा था. फिर वो बोली कि अभय हमारा मर्द केवल नाम का मर्द है, वो कभी भी प्यार नहीं करता है और हमें गर्म करके खुद ठंडा हो जाता है, बन्नो बड़ी बिंदास बातें करती थी. फिर बन्नो मुझसे बोली कि अभय तुम अपनी औरत के साथ ऐसा मत करना. अब बन्नो ने मुझे उत्तेजित करना चालू रखा, तो फिर मुझे भी जोश आने लगा.

अब इतने में बन्नो उठी और थोड़ी दूर जाकर अपनी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठाकर पेशाब करने लगी, जिससे मुझे उसकी बड़ी-बड़ी गांड के दर्शन होने लगे और वो जब पेशाब करके वापस मेरे पास बैठी, तो उसकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी, जो कि अब मेरे पजामे के अंदर तंबू की तरह खड़ा था. फिर वो उसे देखकर बोली कि हाए राम यह क्या हुआ? तो मैंने पूछा कि कहाँ? तो वो मेरे लंड को पकड़कर बोली कि यह तो तैयार हो गया है और फिर मेरे पजामे के बटन खोलकर मेरा पूरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे सहलाने लगी. फिर में भी उसे अपनी बाहों में भरकर चूमने लगा और उसकी कठोर चूचियों को दबाने लगा.

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फिर हम दोनों ने करीब 10-15 मिनट तक एक दूसरे को चूमना और सहलाना जारी रखा. फिर उसने अपनी साड़ी खोलकर ज़मीन पर बिछा दी और अपना पेटीकोट अपनी कमर तक ऊपर सरकाकर लेट गयी.

अब में भी 69 की पोज़िशन में होकर उसे अपना लंड चुसवाने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा, उूउउफ़फ्फ़ क्या कयामत चूत थी? उसकी भीनी-भीनी खुशबू ने तो मुझे पागल ही कर दिया था. अब वो भी मेरे लंड को चूस-चूसकर मज़े ले रही थी. फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालकर बोली कि अभय अब सहन नहीं होता है, जल्दी से अपना मूसल सा लंड मेरी चूत में पेल दो मेरे राजा. फिर मैंने उठकर उसकी दोनों टांगो को फैलाकर उसकी चूत के मुँह पर अपना लंड का सुपाड़ा रखकर एक धक्का मारा तो मेरा लंड का मोटा सुपाड़ा उसकी चूत को चीरता हुआ उसकी चूत में समा गया.

अब जैसे ही मेरा सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर घुसा, तो उसके मुँह से आवाजे निकलने लगी, उूउउइईईईईईई माँममममाआआआआ कितना मोटा लंड है अभय तुम्हारा? लगता है आज ये इस प्यासी चूत की प्यास बुझाकर ही रहेगा और यह सब सुनकर मुझे जोश आ गया और मैंने अपनी कमर उठाकर एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में समा गया. फिर वो बोली कि उूउउफफफफफ्फ बड़ा जालिम लंड है तुम्हारा, फाड़ डाला इस चूत को, अभय थोड़ा धीरे-धीरे करो उूउउइई.

फिर मैंने अपना थोड़ा लंड उसकी चूत से बाहर निकालकर एक ज़ोरदार शॉट मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराया. फिर मैंने देखा कि उसकी आँखों से आँसू झलक आए थे. अब में कुछ देर तक बिना हरकत किए हुए उसके होठों को चूस रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद में अपने लंड को धीरे-धीरे उसकी चूत में अंदर बाहर करते हुए चोदने लगा. अब उसे भी मस्ती आने लगी थी, तो वो बोली कि वाअहहाआआआअ अभय चोदो मुझे, जमकर पेलो, मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है उफफफफफफफ्फ़, तुम तो वाकई में मर्द हो, ज़ोर-ज़ोर से चोदो मेरे राजा, तो मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी.

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फिर कुछ ही देर मैंने महसूस किया कि उसकी चूत फड़फडाते हुए चूत रस छोड़ने लगी थी और मेरी चुदाई से पच-पच की आवाज़े आने लगी थी. अब में भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था, तो तब वो 2 बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने भी करीब 10-15 धक्को के बाद उसकी चूत में अपना लंड रस डाल दिया. अब हम दोनों बुरी तरह से पसीने से लथपथ होकर हाँफ रहे थे.

फिर हम दोनों कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे. फिर उसने उठकर अपने पेटीकोट से मेरे लंड और उसकी चूत को साफ किया और अपनी साड़ी पहनकर खेत की और चल पड़े. फिर रास्ते में वो बोली कि अभय आपका बहुत-बहुत शुक्रिया जो आपने मेरी बुझी प्यासी चूत को अपने लगड़े लंड रस से प्यास मिटा दी. अब तुम जब चाहो मुझे चोद लेना और फिर हम दोनों खेत पर पहुँच गये और अब बन्नो का चेहरा खिला हुआ थ.

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