क़र्ज़ चूका दिया चुदवाकर दोस्त की बहन ने

(Karz Chuka Diya Chudwakar Dost Ki Bahan Ne)

मेरा नाम नवीन है मैं मुंबई का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है और मैं अपनी फैमिली के साथ हीं रहता हूं, मैं अपने पापा के साथ में काम करता हूं। हमारे पड़ोस में मेरा बचपन का दोस्त रहता है उसका नाम अर्जुन है  उसकी और मेरी फैमिली के बीच में बहुत अच्छे रिलेशन है और हम दोनों की फैमिली अक्सर ही साथ में कहीं ना कहीं घूमने जातीहैं। मेरा उसके घर पर भी अक्सर आना-जाना रहता है और जब भी अर्जुन को वक्त मिलता है तो वह भी हमारे घर पर आ जाता है उसके पिताजी का व्यवहार बहुत अच्छा है और जब भी मैं अर्जुन के घर जाता हूं तो उसके पिताजी और मेरे बीच में बहुत बात होती है क्योंकि उसके पिताजी बहुत ही हंसमुख है और वह बड़े ही अच्छे तरीके से मुझसे बात करते हैं। अर्जुन की बहन गीतिका भी बहुत अच्छी है, वह अभी कॉलेज में ही पड़ रही है। हम लोग उन्हें अपने हर फंक्शन में घर पर बुलाते हैं और वह लोग भी हमें अपने हर फंक्शन में घर पर इनवाइट करते हैं। Karz Chuka Diya Chudwakar Dost Ki Bahan Ne.

हम लोग एक दूसरे को करीबन 10 साल से जानते हैं और हम दोनों की फैमिलियाँ बहुत ही नजदीक हैं। एक बार अर्जुन की बहन का किसी लड़के के साथ रिलेशन चल रहा था लेकिन यह बात अर्जुन को पता नही थी,  जब अर्जुन को इस बात का पता चला तो वह बहुत गुस्सा हुआ और उनके घर में इस बात को लेकर बहुत झगड़ा हुआ। उन्होंने गीतिका को बहुत ही बुरा भला कहा जिससे कि वह बहुत दुखी थी।

जब मैं अगले दिन उसके घर गया तो मैंने गीतिका से पूछा कि तुम आज इतनी दुखी क्यों बैठी हो, वह भी मुझसे अपनी हर बात शेयर कर दिया करती थी इसलिए उसने मुझे कहा कि मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ काफी समय से रिलेशन में थीं और यह बात भैया को पता चल गई इसी वजह से कल रात को उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा डाटा लेकिन मैं उसे बहुत ज्यादा प्रेम करती हूं और उसके बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकती। मैंने गीतिका से पूछा कि तुम मुझे सारी बात बताओ और मैं इस बारे में अर्जुन से बात करूंगा।

गीतिका ने मुझे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में सारी जानकारी दी और वह कहने लगी कि हम दोनों ही साथ में कॉलेज में हैं लेकिन अभी वह कुछ भी नहीं करता है तो भैया इस बात से बहुत ज्यादा गुस्सा हुए और उसका फैमिली बैकग्राउंड भी कुछ ज्यादा अच्छा नहीं है। मैंने उनसे कहा कि तुम उसकी चिंता मत करो, मैं इस बारे में अर्जुन से बात करूंगा और तुम्हारे पिताजी से भी मैं इस बारे में बात करूंगा। मैंने अगले दिन अर्जुन से जब इस बारे में बात की तो वह कहने लगा कि पिताजी ने इतनी मेहनत की है और इतनी मेहनत के बाद ही उन्होंने अपने कारोबार को अच्छे से जमाया हैं यदि गीतिका उस लड़के से शादी करेगी तो वह उसके साथ बिल्कुल भी खुश नहीं रह पाएगी क्योंकि वह दोनों ही एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।

उसको जब भी कोई चीज की जरूरत होती है तो हमने उसकी आवश्यकताओं को पूरा किया है लेकिन वह लड़का उसकी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता और ना ही उसका फैमिली बैकग्राउंड ज्यादा अच्छा है,  मैंने अर्जुन से कहा कि यदि गीतिका की उस लड़के के साथ में अच्छी बनती है तो तुम्हें एक बार उस लड़के से जरूर बात करनी चाहिए लेकिन अर्जुन ने साफ मना कर दिया और कहने लगा कि मैं उस लड़के से बिल्कुल भी बात नहीं करना चाहता। मैंने अर्जुन को समझाया और कहा कि तुम्हें एक बार तो जरूर उस लड़के से मिलना चाहिए क्या पता वह  दिल का अच्छा हो और अपने जीवन में कुछ करना चाहता हो, तुम एक बार उसे जरूर मिलो लेकिन अर्जुन उसे बिल्कुल भी मिलने को तैयार नहीं था।

फिर मैंने उसे उससे मिलने के लिए कन्वेंस कर लिया और मैं और अर्जुन उस लड़के से मिलने गए। हमारे साथ गीतिका भी थी गीतिका ने हमें उस लड़के से मिलाया, उसका नाम सुधीर है। सुधीर और मेरी काफी अच्छे से बात हुई, मैंने उसे सारी बातें समझाई और अर्जुन उससे कम ही बात कर रहा था क्योंकि वह गीतिका के इस फैसले से बहुत गुस्से में था लेकिन मैंने सुधीर से काफी देर तक बात की और उसे कहा कि यदि तुम्हें गीतिका के साथ शादी करनी है तो तुम्हें कुछ शर्तें माननी पड़ेगी, सुधीर कहने लगा कि ठीक है मैं आपकी सारी शर्तें मानने को तैयार हूं। मैंने उसे सब कुछ समझा दिया कि पारूल एस अच्छे घर से है और उसे आज तक किसी भी चीज की कोई कमी नहीं हुई।

अर्जुन ने उसे कहा कि मैं तुम्हें एक वर्ष का समय देता हूं और इस एक वर्ष में यदि तुम अपने जीवन में कुछ अच्छा नहीं कर पाए तो उसके बाद तुम कभी भी पारूल से बात मत करना। वह कहने लगा कि मैं आपकी बात मानने को तैयार हूं और मैं इस एक साल के बीच में कभी भी गीतिका से नहीं मिलूंगा, उसके बाद वह वहां से चला गया और हम लोग भी अपने घर आ गए। फिर काफी दिनों बाद मैंने गीतिका से पूछा कि क्या तुम सुधीर से बात करती हो, वह कहने लगी कि सुधीर से अब मेरी ज्यादा बात नहीं होती लेकिन बीच बीच में मेरी बात उससे होती है। गीतिका ने मुझे कहा कि आपने मेरी बहुत मदद की और मैं आपके इस एहसान का बदला नहीं चुका सकती।

मैंने उसे कहा कि जब भी मुझे कभी तुम्हारी जरूरत होगी तो क्या तुम मेरा साथ नहीं दोगी, वह कहने लगी कि मैं आपका साथ हमेशा ही दूंगी। मैं एक दिन अपने घर पर ही बैठा हुआ था उस दिन मेरा टाइम पास नहीं हो रहा था। मैंने गीतिका को फोन कर दिया और उस से बात करने लगा। गीतिका मुझसे काफी देर तक बात कर रही थी और मैंने उसे कहा कि आज मैं सेक्स करने के मूड में हूं क्या तुम मेरी इच्छा पूरी कर सकती हो। वह कहने लगी हां तुमने मेरी बहुत मदद की है इसलिए मैं तुम्हारी इच्छा पूरी कर दूंगी। मैंने उसे अपने घर बुला लिया जब वह मेरे घर आई तो मैंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया।

उस दिन मेरे घर वाले कहीं बाहर गए हुए थे मैंने उसे कस कर पकड़ लिया। मैंने उस के सारे कपड़े उतारे तो उसका यौवन देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और बड़े अच्छे से चूसने लगी। गीतिका मेरे लंड को अपने गले तक ले रही थी और मुझे बडा अर्जुन आ रहा था उसने काफी देर तक सकिंग किया। उसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके टाइट और सुडौल स्तनों का रसपान किया उसके स्तनों से दूध भी बाहर आ रहा था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था मै पारूल के स्तनों का रसपान कर रहा था। मैंने उसके पूरे शरीर को चाटा उसके बाद मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगा दिया मैंने उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो वह मचल उठी और उसकी योनि गीली हो चुकी थी।

मैंने भी जैसे ही उसकी योनि के अंदर अपने कठोर लंड को डाला तो उसकी टाइट योनि से खून निकल आया। मैं उसे बड़ी तेज तेज झटके देने लगा मैंने उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के दिए वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती। वह अपने मुंह से मादक आवाज निकाल रही थी वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा है। मैंने गीतिका से पूछा कि क्या तुमने कभी सुधीर का लंड अपनी योनि में नहीं लिया। वह कहने लगी है अगर मैं उसके लंड को अपनी चूत मे लेती तो क्या मेरी चूत से खून निकलता। मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और बड़ी तीव्र गति से उसे झटके देने लगा। उसकी चूतडे मुझसे टकरा रही थी और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के मार रहा था काफी देर तक मैंने ऐसे ही उसे चोदा।

उसके बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए पारूल के मुंह में डाल दिया और वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से अपने मुंह के अंदर तक ले रही थी। उसे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और मुझसे कह रही थी आपका लंड अपने मुंह में लेकर मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है। उसने मेरे लंड को इतनी देर तक चूसा कि मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर ही गिर गया और उसने वह सब अपने मुंह में ले लिया। उसके बाद हम दोनों मेरे बिस्तर पर लेट कर मोबाइल में मूवी देख रहे थे और मैं उसकी चूत मे उंगली डाल रहा था। उसके बाद कई बार मैंने पारूल के साथ सेक्स संबंध बनाए उसे मुझसे अपनी चूत मरवाने में बड़ा अर्जुन आता है और गीतिका मुझे खुद ही फोन कर देती है और कहती है मुझे तुमसे अपनी चूत मरवानी है। “Karz Chuka Diya Chudwakar”