पड़ोसी की चुदाई

लंड ने नापी चूत की गहराइयाँ

Lund ne naapi chut ki gehraayin

पहले मैं अपना परिचय देता हूँ।

मेरा नाम गौरव सैनी है।

चार साल पहले की बात है।

मेरे बेस्ट फ्रेंड का नाम विकास सैनी है, जो इस वेबसाइट का बड़ा दीवाना है।

उसने मुझे प्रेरित किया स्टोरी लिखने के लिए।

अब स्टोरी शुरू करते है।

मेरे घर के पड़ोस में एक सोनिका नाम की लड़की रहती थी।

वो मुझे से तीन साल बड़ी थी।

वो उन दिनो मास्टर्स इन बिज़्नेस आड्मिनिस्ट्रेशन कर रही थी।

उन दिनो मैं बी सी ए कर रहा था।

मुझे अकाउंट्स में समस्या थी,

मैं शुरू से ही पढ़ने मे इंटेलिजेंट था।

मैं उनके घर अक्सर आया-जाया करता था।

इसलिए एक दिन मैंने उसको बोला कि मुझे अकाउंट सिखाये, तो वो मान गयी।

वो शाम को फ्री रहती थी तो मैं शाम में उसके घर गया।

उसका रूम उसके घर के कॉर्नर में पीछे है।

वो सो रही थी।

मैंने उसको उठाया।

फिर वो उठ कर मुँह धो कर आई।

उसने मुझे अच्छी तरीके से पढ़ाया।

फिर मैं चला गया।

अगले दिन वो मेरे घर आई।

मैं सो रहा था।

उसने मुझे उठाया और हम लोग पढ़ने के लिए बैठे।

उन दिनों गर्मियाँ थी इसलिए मेरे रूम मे कूलर चल रह था।

हम लोग इधर-उधर की बातें कर रहे थे तो मैंने अपने फ्रेंड के बारे मे पूछा जो उसका बॉय फ्रेंड था।

सोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया।

फिर वो चली गयी।

अगले दिन वो आई और मैंने पहले से सोच रखा था कि आज तो सोनिका से सच पूछ के ही रहूँगा।

वो आई उसने मुझे रोज़ की त्राह नींद से जगाया।

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हम लोग मस्ती से इधर-उधर कि बातें करने लगे।

मैंने मेरे फ्रेंड रजत के बारे मे उस से पूछा फिर उसने कोई जवाब नहीं दिया।

मैंने मस्ती के मूड में आकर उसका एक बूब दबा दिया।

वो ज़ोर से चिल्लाई – ये क्या हरकत है?

कूलर चालू होने की वजह से घर में किसी को कुछ सुनाई नहीं पढ़ा।

मैं डर गया।

शायद मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था।

मैंने उसे सॉरी बोला – वो मान गयी।

किसी लड़की के साथ ऐसी हरकत की जाए और वो एक सॉरी मे मान जाए बात कुछ जमती नहीं है।

उस दिन हम लोगों ने बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं की।

मैंने उसका हाथ पकड़ के बोला – तू मेरी अच्छी फ्रेंड है ना? प्लीज़ मुझे बता क्या हुआ है तेरे साथ?

उसने बोला कि मुझे एक दोस्त की ज़रूरत है।

मैंने कहा – मैं हूँ ना तेरा दोस्त, मुझसे सारी बातें शेयर किया कर।

उस दिन मैं उसके बहुत करीब था।

लगभग उसकी सारी बॉडी मुझे छू रही थी।

मैं उसके बूब्स की तरफ़ देखकर बात करने लगा।

उसने मेरी इस हरकत को नोटीस कर लिया और बोली कि क्या देख रहे हो?

तुम्हारे ये कितने बड़े और सुडेल है।

वो बोली – तुम फिर से फालतू बातें करने लगे ना।

मैंने बोला – फ्रेंड्स में इतना तो चलता है।

वो बोली – तुम्हे ये सब अच्छा लगता है क्या?

मैंने बोला – नहीं तो बस ऐसे ही, वैसे इनकी साइज़ क्या होगी?

सोनिका (थोड़ा गुस्से में) 34 है।

ये ब्रा की साइज़ है क्या?

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नहीं ये बूब्स की है।

मैं ब्रा 32 की पहनती हूँ।

ओक गुड।

लेकिन तुम्हे टाइट नहीं लगती।

नहीं, छोटी पहनने से ज़्यादा बड़े नहीं लगते।

मैं ये बातें करके और सुन के उतेज़ित हो गया था।

मैंने उसके बूब्स पे हाथ रख दिए और दबाने लगा।

वो भी कुछ नहीं बोली और आँखें बंद कर ली।

मैंने इसी चीज़ का फायदा उठाते हुए सोनिका के चेहरे पर चूमना चालू कर दिया।

उसकी साँसे मुझे गर्म कर रहीं थीं।

मैंने उसके दोनों बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।

उसने मुझे दो मिनट बाद रोक दिया।

कहने लगी मुझे दर्द हो रह है।

मैंने उसे लीप किस करने को कहा तो उसने मुझे माना कर दिया।

एक दिन सोनिका घर आई और हम लोग पढ़ने लगे।

इतने में मम्मी को किसी के यहाँ संगीत में जाना था तो मम्मी रूम में आईं और बोली कि मैं संगीत में जा रहीं हूँ।

थोड़े टाइम में आ जाओंगीं।

ये सुनकर में खुशी के मारे मन ही मन बहुत खुश हुआ।

मम्मी के जाते ही मैं दरवाजा बंद करके आया और देखा कि सोनिका मेरे रूम के बिस्तर पर लेट गयी हूँ।

मैं बिस्तर पर गया और उसको चूसने लगा।

उस दिन सोनिका ने काले रंग का सूट पहने था।

मैंने उसे बोला कि आज तो तुझे चोद कर रहूँगा।

तो वो बोली कि मेरे पापा से तो पूछ लो।

मैं कुछ समझा नहीं।

उसने बोला – फिर कभी समझाऊंगीं।

इतने मैं मैंने उसका कुर्ता उतार दिया था।

उसकी ब्रा सच में उसके बूब्स से बहुत छोटी थी।

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मैंने उसकी ब्रा फाड़ दी और उसके निपल्स चूसने लगा।

वो पूरी त्रह गर्म हो गयी थी।

वो मेरे सर को अपने बूब पे दबा रही थी।

मुझे लग रह था कि आज में सोनिका को चोद ही डालूँगा।

मैंने उसके बूब्स पंद्रह मिनट तक चूसे।

फिर मैंने उसकी सलवार उतार दी।

अब वो मेरे सामने केवल पैंटी में थी।

मैंने उसकी पैंटी उतरी और उसकी चूत में उंगली डाली और बहुत देर तक फिंगरिंग करता रहा।

मेरा लंड पूरी त्रह से ताना था।

मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाला।

दो ज़ोर के झटको मे मेरा पूरा लंड उसकी चूत की गहराइओ में था,

और वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी तो मैंने उसके होंठ अपने होंठों में ले लिए।

वो पहला दिन था जब उसने मुझे अपने होंठों पर चूमने दिया।

हम दोनों को मजे आ रहे थे।

करीबन दस मिनट में मेरा पानी निकल गया।

मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया।

इतने में उसने भी एक पानी सा छोड़ा।

मैं उस से अलग हो गया और उसे चूसने लगा।

मैंने उसके होंठ से अपने होंठों से लगा लिए और चूसने लगा।

वो कहने लगी कि आज तुम मेरे स्पेशल वन बन गये हो।