मैडम को चोदकर लंड की प्यास बुझाई– 2

Madam Ko Chod kar lund ki pyas bujhai- 2

मैडम– तेरी हरकतों को सुधार लेे नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।अभी तो मैं तुझे छोड़ रही हूं।चल जा अब।
अब मैं लंड मसलता हुआ घर आ गया। मैं रात भर कल्पना मैडम के खयालों में जागता रहा।कल सुबह जब कल्पना मैडम का हमारी क्लास में पीरियड आया तो कल्पना मैडम मुझसे नज़रे नहीं मिला रही थीं।आज उनका मूड पूरी तरह से बदला हुआ लग रहा था। अब स्कूल टाइम के बाद एक्स्ट्रा क्लास शुरू हुई।आज मै खाली क्लासरूम में सबसे पीछे अकेला बैठ गया। अब कल्पना मैडम हमें पढ़ाने लगी। मैं फिर से उन्हें ताड़ने लगा। आज वो बैकलेस ब्लाउज पहनकर नहीं आई थी।फिर मैडम सबका वर्क चेक करने लगी।तभी मैंने मौका देखकर लंड बाहर निकाल लिया। अब जैसे ही मैडम मेरे पास वर्क चेक करने के लिए आई तो मैंने उन्हें मेरे खड़े हुए लंड के दर्शन करा दिए। मेरे लन्ड को देखते हुए मैडम भौचक्की रह गई।एकपल के लिए तो मैडम की नजरे मेरे लन्ड पर टिक गई।फिर वो होश में आकर मेरा वर्क चेक करने लगी।
अब मैंने सोचा यही सही मौका है मैडम को पटाने का।सभी स्टूडेंट्स अपने वर्क में बिजी थे।तभी मैंने मैडम का हाथ पकड़ा और उन्हें मेरा लन्ड मैडम को पकड़ा दिया।
मैडम धीरे से बोली– ये क्या कर रहा है।पागल हो गया क्या तू।
मैं– हां मैडम आपके सेक्सी  जिस्म ने मुझे पागल कर दिया है।
मैडम–प्रिंसिपल मेम को बुलाऊं क्या?
मैं–तो बुला लो ना। मैं प्रिंसिपल मेम से डरता नहीं हूं।

अब मेरी बात सुनकर कल्पना मैडम ठंडी पड़ गई।फिर वो हाथ छुड़ाकर चली गई और हमे पढ़ाने लगी।उनके चेहरे के हाव भाव से ऐसा लग रहा था कि मैडम के ऊपर मेरे लन्ड का नशा चढ चुका था।उनकी चूत में हलचल होने सी लग गई थी।तभी मैडम टॉयलेट करने चली है। मैं समझ चुका था मैडम की चूत पानी पानी हो चुकी है।
अब क्लास ख़तम होने के बाद मैडम ने  आज मुझे फिर से रोक लिया। अब मैंने सोच लिया था कि आज तो मैडम को पस्त करके ही रहूंगा।जैसे ही सभी स्टूडेंट्स बाहर निकले तो मैडम मुझसे कुछ कहने वाली थी उससे पहले ही मैंने कल्पना मैडम को बाहों में कस लिया और उनके गुलाबी रसीले होठों पर टूट पड़ा। मैं जल्दी जल्दी मैडम के होंठो को पीने लगा।मैडम मुझे हटाने की कोशिश करने लगी लेकिन वो इतना ज़ोर नहीं लगा पा रही थी कि जैसे मै दूर हट जाऊ। मैं पूरे जोश में आकर मैडम के होंठो को खाने लगा। मैंने मैडम की पूरी लिपस्टिक चूस डाली। पूरे क्लासरूम में होंठो को चूसने की आवाज़ गूंजने लगी।पूरा क्लासरूम पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ की आवाज़ से गूंज उठा। तभी मैंने फटाफट मैडम के पेटीकोट में हाथ डालकर उनकी चूत में उंगली घुसा दी।मैडम की चूत बहुत ज्यादा गर्म और गीली हो रही थी। अब मै होंठो को चूसते हुए मैडम की चूत में उंगली किए जा रहा था।मैडम मेरे हाथ को पेटीकोट में से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी।तभी प्रिंसिपल मेम की आवाज़ आई– कल्पना मैडम प्लीज यहां आना।

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अब कल्पना मैडम ने मुझे ज़ोर से धक्का देकर हटा दिया और खुद को ठीक करके,लिपस्टिक पोछकर प्रिंसिपल मेम के पास पहुंच गई। अब मेरी गांड़ फटने लगी अगर कल्पना मैडम ने प्रिंसिपल मेम को सब कुछ बता दिया तो।तभी मै तुंरत पीछे से मेरे होंठो पर लगी लिपस्टिक को साफ कर, बुक लेकर पहुंच गया– मेम ये समझ में नहीं आ रहा है?
प्रिंसिपल मेम– थोड़ी देर रुक,कल्पना मैडम वहीं आ रही है।

अब मैं भी प्रिंसिपल मेम के रूम के बाहर ही खड़ा रहा।प्रिंसिपल मेम कल्पना मैडम को कुछ बताने लगी।फिर थोड़ी देर बाद कल्पना  मैडम आई तब जाकर मेरी जान में जान आई। वो कुछ नहीं बोल पा रही थी। अब मेरा डर पूरी तरह से गायब हो चुका था। मैं समझ चुका था कि अब कल्पना मैडम मेरा लन्ड चूत में ठुकवाने के लिए तैयार है।तभी मैंने कल्पना मैडम को फिर से बाहों में कस लिया और उनके होंठो की बची हुई लिपस्टिक को चूस डाला। अब मैंने मैडम के साडी के पल्लू को तुरंत नीचे गिर दिया और उनके मस्त मुलायम बड़े बड़े बूब्स को मसलने लगा।मैडम मेरे हाथो को पकड़ने लगी लेकिन अब तो मैडम भी समझ चुकी थी कि अब नाटक करने से कोई फायदा नहीं फिर भी मैडम विरोध करने की कोशिश कर रही थी। मैं जल्दी जल्दी मैडम के सेक्सी जिस्म को मसलने लगा।मुझे मैडम के जिस्म को सहलाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।धीरे धीरे मैडम ने हथियार डाल दिए। अब मैं मैडम को अच्छी तरह से रौंदने लगा।

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अब तक मैडम बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।वो तेज़ तेज सांसें लेने लगी। तभी मै हाथ पीछे ले जाकर मैडम के ब्लाऊज के हुक को खोलने लगा।तो मैडम ने ब्लाउज्ज नहीं खोलने दिया। लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था।मैंने दो पल में ही मैडम के ब्लाउज के हुक खोलकर ढीला कर दिया। अब मैंने ब्लाउज को मैडम के कंधो से नीचे उतार दिया और फिर ब्रा को भी पीछे से खोलकर ढीला कर दिया। अब मैं मैडम के बड़े बड़े मुलायम बूब्स पर टूट पड़ा और मैडम के नंगे मस्त बूब्स को पीने लगा।मैडम तेज़ तेज सिसकारियां भरती हुई पागल सी होने लगी। मैं पागल कुत्ते की तरह मैडम के बूब्स चूसने लगा। अब मैडम ने मुझे बाहों में कस लिया। इधर मेरा लन्ड मैडम की चूत में घुसने के लिए उतावला होने लगा।

तभी कल्पना मैडम होश में आई और उन्होंने ज़ोर से धक्का लगाकर मुझे उनसे दूर कर दिया।मैंने फिर से मैडम को मेरी बाहों में दबोच लिया। कल्पना मैडम  ने कहा– रोहित, प्रिंसिपल मेम आ जाएगी।
मैं–मेम आज तो मै आपको चोदे बिना घर नहीं जाने दूंगा।
मैडम– प्लीज अभी यहां मत कर।
तभी मैंने मैडम के शानदार बूब्स को कसकर डाला।मैडम धीरे से चीख पड़ी।
मैं– तो फिर बताओ ना मैडम आपको कहां चोदु?
मैडम– चल पहले यहां से चलते है।
तभी मैंने मैडम की चूत को उंगली डालकर कुरेद डाला।
अब मैडम ने ब्रा और ब्लाउज के हुक लगाए और  साड़ी का पल्लू ठीक किया और बेग उठा लिया। अब मैंने मैडम को बाइक पर बैठा लिया और हम चुदाई का कार्यक्रम करने के लिए चल पड़े।
मैं– बताओ मैडम कहां चल चलना है?
मैडम– घर पर चलने दे।
मैं– ठीक है मैडम।

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मेरा लन्ड मैडम की चूत में उतरने के लिए ज़ोर ज़ोर से हिल रहा था। मैं घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।इधर कल्पना मैडम भी चुदाने के लिए तड़प रही थी।दोनो तरफ बराबर आग लगी हुई थी।फिर थोड़ी देर बाद हम मैडम के घर पर पहुंचे।मैडम के घर उनकी 15 साल की लड़की और 12 साल का लड़का था। अब मैंने मैडम से पूछा– मेम बच्चे तो यहां है फिर हमारा काम कैसे हो पाएगा?
मैडम– अभी ये थोड़ी देर बाद मैथस की ट्यूशन जाने वाले है। अब मैं लंड पकड़कर मसलता रहा।फिर मैडम ने चाय बनाकर मुझे पिलाई।फिर थोड़ी देर बाद मेम ने बच्चो को ट्यूशन पर भेज दिया। अब मेम की चुदाई का रास्ता साफ हो चुका था।
कहानी जारी है……..

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