मैडम को चोदकर लंड की प्यास बुझाई– 3

Madam Ko Chod kar lund ki pyas bujhai- 3

कहानी के पहले के भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से कल्पना मैडम को देख देखकर मेरा लन्ड ही हिचकोले खाने लगा था।फिर मैंने एक्स्ट्रा क्लास में मैडम को लंड दिखाकर पूरा गर्म कर दिया था।फिर मैं मैडम को चोदने के लिए उनके घर पर लेकर पहुंच गया था।अब कहानी आगे………

बच्चो के घर बाहर निकलते ही मैडम

गेट बंद करने के लिए गई।जैसे ही मैडम ने गेट बंद किया तो मैंने मैडम को पीछे से कस के दबा लिया और आगे से उनके मस्त मुलायम बूब्स को पकड़ लिया।मैडम ने लंबी सांस ली। अब मैं धड़ाधड़ मैडम के मुलायम बूब्स को दबाने लगा।मुझे मैडम के बूब्स को दबाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। अब मैं   पीछे से उनके लंबे लंबे बालों को हटाकर उनकी गर्दन के पीछे किस करने लगा।इधर मेरा लन्ड मैडम की शानदार जानदार कसी हुई गांड़ को रगड़ने लगा।मैडम के सेक्सी हॉट जिस्म की महक मुझे पागल करने लगी। मैडम के सेक्सी हॉट जिस्म की खुशबू ने मेरे लन्ड को तंनतना दिया। अब मैं मैडम के कानों को काटने लगा।कानों को काटते ही मैडम एकदम से सिहर उठी। अब वो तेज़ तेज आहे भरने लगी।
मैं– आह आह उह आह ओह मैडम।आह।

तभी मैंने मैडम के ब्लाऊज और ब्रा को पीछे से खोल दिया और कंधो से नीचे उतार दिया। अब मैं मैडम के गौरे चिकने कंधो पर किस करता हुआ मैडम की पीठ पर किस करने लगा। अब मैडम तेज सिसकारियां भरती हुई आइसक्रीम की तरह पिघलने लगी।थोड़ी ही देर में मैंने उनकी नंगी चिकनी पीठ को किस कर करके थूक से गीली कर दिया।
अजब गजब नज़ारा था यारो जिस मैडम को चोदने के लिए मै इतने दिनों से तड़प रहा था आज उसी मैडम को मै उन्हीं के घर में चोदने के लिए उनके सेक्सी हॉट जिस्म को सहला रहा था।मैडम चुपचाप खड़ी होकर मेरे सब कुछ करवा रही थी।मैडम पर मै तीनों तरफ से हमला कर रहा था।एक ओर मेरा लन्ड उनकी गांड़ को सहला रहा था तो दूसरी ओर मेरे हाथ उनके बड़े बड़े बूब्स को दबा रहे थे और तीसरी ओर मै उनकी चिकनी पीठ पर चुम्बन की बारिश किए जा रहा था।
तभी मैंने मैडम को पलटकर गेट के सहारे सीधा खड़ा कर दिया।मैडम का ब्लाउज और ब्रा उनकी बाजुओं में अटकी हुई थी।तभी मै मैडम के पूरे ब्लाउज को खोलने लगा लेकिन मैडम ने ब्लाउज को पूरा नहीं खोलने दिया।

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उन्होंने ब्लाउज को बूब्स से चिपका लिया। अब मैंने ब्लाउज और ब्रा को नीचे खिसका कर बूब्स को बाहर निकाल लिया। आह क्या मस्त गौरे चिकने बूब्स थे मैडम थे।कसम से मैडम के बूब्स देखते ही मेरे मुंह में पानी आ गया। मैडम बहुत ज्यादा शरमाने लगी। तभी मै मैडम के मस्त मुलायम बूब्स को आगे से मसलते हुए मैडम के रसीले होंठों को चूसने लगा। अब मैडम भी पूरी गरम होकर,ब्लाउज को पकड़े हुए मेरे होंठो को पीने लगी। अब हम दोनों ही एक दूसरे के होंठो को चूस चूसकर प्यास बुझा रहे थे। अब वहां पर आउच पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ की आवाज़ आने लगी । इधर मेरे लन्ड महाराज मैडम की चूत के ठीक सामने खड़े होकर तूफान मचा रहे थे। तभी मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर मैडम की चूत में उंगली घुसा दी।चूत में उंगली घुसते ही मैडम ज़ोर से सिहर उठी।मेरी पूरी उंगली मेडम की चूत की चासनी में भीग चुकी थी।मैडम की चूत भट्टी की तरह तप रही थी।

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अब बहुत देर तक चूमा चाटी करने के बाद मैंने मेडम को बाहों में उठाया और उन्हें बेडरूम में ले जाकर बेड पर पटक दिया। अब मैं फटाफट मेरे कपड़े खोलने लगा तो मेडम मेरी ओर चुदासी नज़रों से देखने लगी। मैं समझ गया कि मैडम की चूत में बहुत ज्यादा आग लगी हुई है।तभी मैंने मेरी यूनिफॉर्म उतार कर फेंक दी। अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में ही था।अंडरवियर में मेरा लन्ड तूफान बनकर खड़ा था। तभी मै मैडम के ऊपर चढ गया और साड़ी के ऊपर से उनकी चूत पर किस करने लगा।फिर मैंने मैडम के मखमलेे रवादार पेट को चूमना शुरु कर दिया। मुझे उनके नरम मुलायम पेट पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था । मैडम धीरे धीरे गर्म होने लगी। अब मैडम खुद के   होंठो को काटती हुई मेरे बालो को नोचने लगी।मेरे चुंबनों से धीरे धीरे मैडम की गांड फटने लगी।मैंने थोड़ी ही देर में मेडम के पेट को चूम चूमकर गीला कर दिया।मैडम की बैचेनी बढ़ती जा रही थी।

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अब मैं मैडम के गले पर किस करने लगा।मैडम ने अब मुझे बाहों में भरकर मेरी पीठ को प्यार करना शुरू कर दिया। अब मैडम तेज सिसकारियां भरने लगी।वो पागल सी होने लगी।मेडम का चेहरा पसीने में भीगने लगा। तभी मेडम ने मुझे छाती से चिपका लिया। अब मैं समझ गया था कि मैडम की चूत पानी पानी हो चुकी है। लेकिन मैं उनके गले पर लगातार चुंबनों की बारिश करता रहा ।
फिर मैंने मैडम के  रसीले होंठों को भींच लिया। मैं लपालप मैडम के होंठो को चूसने लगा। अब मैडम बहुत ज्यादा मदहोश होने लगी।तभी वो मेरे होंठो को चूसते हुए मेरी पीठ को नाखूनों से कुरेदने लगी।हम दोनों चुदाई के नशे में बुरी तरह से डूब चुके थे। मैं बुरी तरह से मैडम के होंठो को खा रहा था तभी मैडम ने मेरी अंडरवियर को नीचे सरकाकर मेरे लन्ड को बाहर निकाल लिया और लंड को मसलने लगी।

मैडम के कोमल कोमल हाथो का स्पर्श पाकर मेरा लन्ड और ज्यादा तन गया। अब मैंने भी एक ही झटके में मैडम के ब्लाऊज और ब्रा को निकालकर मैडम के मुंह पर पटक दिया। अब तक मैडम चुदाई की आग में तपकर बुरी तरह से गरम हो चुकी थी। अब मैं मैडम के नंगे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से निचोड़ने लगा। मैडम आह आह ओह उह करते हुए कसमसाने लगी।
मैडम– ओह रोहित, प्लीज धीरे धीरे दबाओ ना।
मैं– मैडम धीरे धीरे दबाने में मज़ा नहीं आता है।
मैडम– तुम बहुत ज़ोर से दबा रहे हो।
मैं– तो दबाने दो ना मैडम,आज बहुत दिनों के इंतजार के बाद तो आपके बूब्स को दबाने का मौका मिला है।
मैं मैडम के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से कसता रहा।मैडम आह आज ओह आह करती रही।
मैडम– आह ओह रोहित, प्लीज प्लीज,आह ओह।
थोड़ी ही देर में मैंने मैडम के मुलायम बूब्स को कसकर लाल कर दिया। क्या मैंने मैडम के बूब्स को मुंह में दबा लिया और भूखे कुत्ते की तरह मस्त मुलायम बूब्स को पीने लगा।आह! मैं तो मैडम के बूब्स को चूस चूसकर पागल हुआ जा रहा था। वाकई में बूब्स को चूसने में कितना मज़ा आता है ये मैंने आज जाना।
मैडम ज़ोर ज़ोर से मादक सिसकारियां भरने लगी।वो चेहरे को इधर उधर पटकते हुए बेड की मखमली चादर को मुट्ठियों में भीचनें लगी। मैं लगातार मैडम के बूब्स पर मुंह से वार किए जा रहा था।मैंने कुछ ही देर में मैडम के बूब्स को चूस चूसकर पूरा गीला कर दिया।मैडम बुरी तरह से पसीने में लथपथ हो चुकी थी।

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