माधुरी के मधुरस का स्वाद-3

Madhuri bhabhi ki chudai ki kahani-3

मेरे हर झटके में मधु के मुंह से सिसकारी निकल रही थी- चोद ले साले अपनी रंडी बना ले मुझे… फाड़ दे मेरा भोसड़ा… क्या खाकर आया है बहनचोद… आह आह ह ह उम्म आह मार दिया।
इस आसन में भी उसकी चुत पानी छोड़ चुकी थी। मधु की चुत फूल कर और ज्यादा गुलाबी हो गई थी।
‘मैं हार गई जान तू जीत गया… अब जिद मत कर, छुड़ा ले अपना पानी! भर दे मेरी चुत को अपने पानी से!’
मैंने कहा- ठीक है लेकिन मैं पानी चुत में नहीं तुम्हारे मुंह में निकालूंगा।
‘भोसड़ी के… पहले क्यूँ नहीं निकाला? मैं तो खुद प्यासी हूँ। ले बुझा दे मेरी प्यास!’

वो उठी और घुटने के बल बैठ कर मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी, बहुत तेजी से मेरे लंड को वो आगे पीछे कर रही थी।
अब मैंने भी फैसला कर लिया था कि इसे ओर न तड़पाया जाए।
यह सोचकर मैंने अपनी इच्छाशक्ति से अपना पानी उसके मुंह में छोड़ दिया। वो गपागप मेरा सारा पानी पी गई और चाट चाट कर मेरे लंड को साफ कर दिया।
अब वो उठी और मेरे गले से लिपट गई- तुमने मुझे मेरे जीवन का सबसे हसीन सुख दिया है। मैं बरसों से अपने शरीर की आग में जल रही थी। तुम सच में मास्टर हो चुदाई के!

अब हम दोनों ही थक चुके थे, हमने आराम करने का फैसला किया, दोनों बेड पर एक दूसरे से चिपक कर सो गए।
मधु ने किसी छोटे बच्चे की तरह अपना सिर मेरी छाती में दुबका लिया। मुझे एहसास हुआ कि मधु को सेक्स से ज्यादा अपनेपन की जरूरत है।
लेकिन मैं सेक्स के अलावा कुछ और किसी को नहीं दे सकता हूँ। मेरा काम ही ऐसा है कि मुझे भावनाओं में कभी नहीं बहना! यह मेरे और मेरे क्लाइंट दोनों के लिए नुकसानदायक है।
मधु के बदन की गर्मी से में कब नींद के आगोश में आ गया पता ही नहीं चला।
शाम को 5 बजे मधु ने मुझे जगाया, बोली- आप फ्रेश हो लो, मैं चाय मंगवा लेती हूं फोन कर के।

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मैंने कहा- मुझे एक बार और प्यार करना है!
उसने मुस्कुरा कर अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया।
मेरा लंड भी तैयार था मधु को चोदने के लिए।
इस बार हमने सिंपल स्टाइल में चुदाई की, मधु मेरे नीचे थी और मैं मधु के ऊपर!
मधु मुझे ऐसे प्यार कर रही थी जैसे मैं उसका पति हूँ।
इस बार की चुदाई बहुत मस्त रही। आधे घंटे की चुदाई के बाद मैंने अपना सारा माल मधु की चुत में निकाल दिया। परम संतुष्टि के भाव उसके चेहरे पर दिखाई दे रहे थे, उसने मेरे माथे पर किस किया और बोली- चलो फ्रेश हो लो।
मुझे भी जाना था, मैं उठा और बाथरूम में चला गया, वहाँ से सीधा नहा कर ही में बाहर निकला। इतनी देर में चाय भी आगई और हम दोनों ने साथ चाय पी। मेने मधु से कहा एक राउंड और मारना है तुम्हारे गांड में जो बहुत सेक्सी है।
बोली बोली- दर्द होगा… पर तुम्हारे लिए सब हाजिर है! मधु बोली- आज तुम कर के ही मानोगे करलो अपनी तमन्ना पूरी!
मैं बोला- मधु मर्जी तुम्हारी!

मधु बोली- ठीक है, इस छेद को भी खोल ले! मैंने मधु को कहा- पेट के बल लेट जा और गांड ढीली छोड़ दे!
मधु पेट के बल लेट गई और गांड ढीली छोड़ दी। अब मैंने मधु की गांड के सुराख को थोड़ा खोला और दिये से तेल डालने लगा, मधु को कहा- गांड को खोल बंद करो!
मधु के ऐसा करने से तेल मधु की गांड के अन्दर चला गया।
ऐसा दो बार करके मधु की गांड को तेल से लबालब कर दिया और मैं उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा अब उंगली अच्छे से अन्दर बाहर हो रही थी।

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फिर मैंने लंड को खूब तेल लगाया और मधु को खड़ी होने को कहा.
मधु खड़ी हुई, मैंने उन्हें झुक कर बेड पकड़ने को कहा, मधु झुकी और एक हाथ से मेरी शर्ट मुंह में ठूँस ली।

ये देखकर मुझे मधु पर बहुत प्यार आ रहा था, मन कर रहा था कि गांड ना मारूं!
मगर मेरा भी ईगो बिज में आगया था कि कमीनी की सारी अकड मेरे लंड से निकाल दूँगा।
फिर मधु ने इशारा किया- डाल!
मैंने कहा- मधु, गांड ढीली छोड़ दो।
मधु ने गांड ढीली छोड़ दी, मैंने लंड गांड पर लगाया पर लंड अन्दर नहीं जा रहा था. मैं फिर गांड में तेल की उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा।
अब मैंने कहा- जान, तैयार हो जा, अब डाल रहा हूँ!

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मधु ने गर्दन हिला कर हाँ का इशारा दिया. अब मैंने दोबारा मधु की गांड पर लंड का दबाव बढ़ाया तो लंड का बस अगला हिस्सा ही अन्दर गया, मधु ने अपने शरीर को थोड़ा अकडा़ लिया।
मैंने कहा- मधु थोड़ा ढीला छोडो और खुद को सम्भालना!

मधु ने शरीर ढीला छोड़ा, मैंने फिर दबाव बनाया, लंड और थोड़ा अन्दर गया, मैं रुका और मधु की चुची दबाने लगा।
मधु अब अपने चूतड़ों को हिलाने लगी.
मैंने और दबाव बनाया, ऐसा करते करते मैंने पूरा लंड मधु की गांड में पेल दिया।

मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और मधु की चुचियों की घुंडी भी मसलने लगा। मधु ने अब मेरी शर्ट मुंह से निकाल दी.
अब मैं झटके तेज करने लगा, मधु भी मस्त हो गई सारा दर्द भूल कर!

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मैंने लगभग 10 मिनट मधु की गांड चोदी और सारा माल उनकी गांड में ही छोड़ दिया मैंने!
लंड निकालते ही मधु बेड पर लेट गई।

मधु थोड़ी देर बाद बोली- पीछे बहुत दर्द हो रहा है, अब और नहीं कर सकती तुम तो कोई सेक्स मशीन हो जो कभी थकते ही नही मेने मधु से कहा ये ही तो मेरा काम है कि आप जैसी भाभी को को खुश करना अब तो आप मोहित का पॉवर जान ही गई होंगी या और जानना है मधु ने कहा आज के लिए बस इतना ही फिर मिलेंगे तो तब कर लेना मेरे जान।
मैंने सहारा देकर मधुको उठाया, मधु अपने घर चली गई।
और में भी उसी दिन अपने घर चला आया।
आप लोगो को मधु सेक्सी भाभी की सेक्सी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें!
भाभी,गर्ल,आंटी।

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