मैंने चूत चुदाई करवा ली अपने पड़ोसी से

(Maine Apni Chut Chudai Karwa Li Apne Padosi Se)

मेरा नाम मीना है। मैं 39 साल की खूबसूरत अध्यपिका हूँ और मेरी फ़ीगर सेक्सी है। मैं आपको यह बताना चाहती हूँ कि पिछली गर्मियों की छुट्टी में क्या हुआ था।

परिवार के सभी लोग बाहर गये हुए थे और किसी वज़ह से मैं नहीं जा सकी थी।

रविवार का दिन था और मैं दोपहर को सोने जा रही थी। मेरे घर में एक और परिवार अलग पोर्शन में किरायेदार था। केवल एक दरवाजा ही था जो दोनों पोर्शन को अलग करता था इसलिए अपनी प्राइवेसी बरकरार रखने के लिए दरवाजा हमेशा बंद ही रहता था।

अचानक मैंने हल्की सी आवाज़ सुनी, कोई मुझे बुला रहा था- मीना आह्हह आह्हह… ओ मीना.. इ लव यू ओह या ओह या मीनाआआअ…
मैं स्तब्ध थी।
किरायेदार के परिवार के भी सभी लोग बाहर गये हुए थे केवल धीरज को छोड़ कर… इसका मतलब यह धीरज था।

मैंने दरवाजा खटखटाया, उसने दरवाजा खोला.
‘क्या तुमने मुझे बुलाया?’ मैंने पूछा।
धीरज का चेहरा लाल हो गया था।

लेकिन मैं जानती थी कि वो मुठ मार रहा था। अचानक मैंने पूछा- धीरज, तुम मेरा नाम लेकर मुठ मार रहे थे?
वो घबरा गया।
मैंने कहा- कोई बात नहीं, तुम भी मेच्योर हो, 32-33 साल के हो और मैं भी मेच्योर हूँ। आओ एंजोय करते हैं।
धीरज ने लुंगी पहनी हुई थी, वो अभी डिस्चार्ज नहीं हुआ था इसलिये उसका खड़ा लंड लुंगी में साफ नज़र आ रहा था।

मैंने आगे बढ़कर उसकी लुंगी में हाथ डाल दिया- ओ माई गॉड! इतना बड़ा लंड, लगभग 8 इंच का होगा।
मैंने मुट्ठी में लेने की कोशिश की तो मेरी उंगलियाँ आपस में मिल न सकी।
‘बहुत मोटा और लम्बा लंड है तुम्हारा!’ मैं बोली।
‘आपका फ़ीगर भी तो कमाल का है। आपकी मोटी गांड को याद करके तो मैं न जाने कितनी बार मुठ मार चुका हूँ।’

मैंने धीरज की लुंगी उतार दी और उसे बेड पर ले गई।
उसका लंड मैंने अपने होंठों पर लगा लिया। उसका सुपारा बहुत मोटा था, मेरे मुँह में बड़ी मुश्किल से जा रहा था।

धीरज सी सी सी करने लगा, धीरज ने मेरे सिर को पकड़ कर जोर से अपने मोटे लंड पर मारा, आधा लंड मेरे मुँह में चला गया।

मैंने अपने कपड़े उतार दिये और धीरज को भी पूरा नंगा कर दिया। अपनी दोनों टांगें मैंने धीरज के मुँह के दोनों तरफ़ कर दी ताकि वो मेरी चूत को चाट सके।
अब हम 69 के पोज में आ गये थे। मैं धीरज के लम्बे मोटे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। आज तक मैंने इतना लम्बा लंड नहीं देखा था। मेरे पति का इससे आधा भी नहीं है।

धीरज मेरी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा, मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था, मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी- स्सीईई अहह्ह ओहह आहह्ह स्सीईईइ… ऐसे ही चाटते रहो… शाबाश… ओहह यस ओह्हह यस्सस चाटो जोर से प्लीज यस अहह म्मम्म!

धीरज ने अपनी पूरी जीभ मेरी चूत में घुसेड़ दी और लगा उसे अन्दर बाहर करने बिल्कुल वैसे ही जैसे लंड अन्दर बाहर किया जाता है। उंगली से मेरे क्लाइटोरिस को रगड़ने लगा।
मैं तो होश खो बैठी- आहह म्मम्म… याआ सीईइ चाट कुत्ते चाट… यस ऐसे ही लगा रह… तेरी बहन की चूत… साले चाट चूत को चाट… जीभ का लंड बना के चोद मुझे भोसड़ी के… सीई सीइ अहह म्मम्म तेरे मूसल जैसे लंड को भी अभी डालूंगी अपनी गुलाबी चूत में, शाबाश चाट चाट चाट ओह यस… तेरी बहन को चोदूं अपनी जीभ का लंड बना के चाट।

मैं पागल सी हो गई, पता नहीं क्या क्या बके जा रही थी।

मैंने कहा- धीरज, बस अब और नहीं सहा जा रहा, जल्दी से अपना 8 इंच का लंड मेरी चूत में डाल दो नहीं तो तुम्हारे मुँह में ही झड़ जाऊँगी।
मैं जल्दी से सीधी लेट गई और टांगें चौड़ी कर दी, मेरी गांड बहुत मोटी है, इसलिये मेरी चूत ऊपर उठ गई, धीरज मेरी टांगों के बीच आ गया।
जैसे ही उसने अपना मोटा सुपारा मेरी चूत पे लगाया, मुझे लगा जैसे अंगारा रख दिया हो… मैंने अपनी दोनों टांगें उसकी कमर पे लपेट दी और जोर से अपनी गांड ऊपर उठा दी, पूरा सुपारा अन्दर चला गया।

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धीरज ने धक्का मारा आधा लंड अन्दर घुस गया।
मैं बोली- धीरज तुम्हारा लंड बहुत मोटा है, कसा कसा सा लग रहा, बहुत मजा आ रहा है। हाय धीरज पूरा डाल के चोदो।
धीरज ने जोर से धक्का मारा, पूरे का पूरा 8 इंच का मोटा लंड मेरी चूत में समा गया। इतना टाइट कि लग रहा था कि ये बना ही मेरी चूत के लिये है।

धीरज धीरे धीरे धक्के मारने लगा, मैं स्वर्ग की सैर करने लगी, बहुत मजा आने लगा- आहह ऊऊ आहह्ह… म्मम्मम सीईईइ… आआअ चोदो अपने मोटे लंड से मुझे… बहुत मजा आ रहा है…
मैं अपनी गांड ऊपर उछालने लगी जिससे कि हर बार पूरा 8 इंच का लंड अन्दर जाये, धीरज जोर जोर से धक्के मारने लगा…

मैं पागल सी हो गई, मुख से बक बक करने लगी- ओ बहन के लौड़े.. जोर जोर से चोद चोद चोद… फ़क मी बास्टर्ड… जोर से अहह म्मम्मम सीईइ यस यस चोद चोद… तेरी बहन को भी मैं ऐसे ही चोदूंगी… तेरी बहन की चूत साले जोर लगा… तेरे मूसल जैसे लंड की अकड़ ढीली करूंगी… अह्हह यस आह्हह… बस बस धीरज मैं जाने वाली हूँ… बस गयी बस बस… ऊओ माआअ गयी मैं गयी!
धीरज ने अपनी स्पीड बढ़ा दी, फ़ुल स्पीड पे मुझे चोदने लगा, कुछ सेकन्ड्स में उसने गर्म गर्म ढेर सारा वीर्य मेरी चूत में उड़ेल दिया।
मेरी आंखें बंद हो गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… सीईइ याआ अहह्हह’ मैं उसकी छाती से जोर से चिपक गई।

काफ़ी देर बाद हम अलग हुए तो धीरज मेरे होंठ चूम कर बोला- मीना, मैंने आज तक इतना मजा नहीं लिया चूत चोदने में।
एक घंटे बाद धीरज कहने लगा- मीना, एक बार पीछे से चूत चोदने दो।
मैं तैयार हो गई।

धीरज का लंड फिर चोदने के लिये खड़ा हो गया, मैं कुतिया की तरह हो गई, मेरी मोटी गांड को देखते ही धीरज गांड पे जोर जोर से किस करने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैं अपनी गांड मटकाने लगी।
धीरज ने मेरी चूत चौड़ी की और अपना लंड टिका कर जोर से धक्का मारा, पूरा लंड सट से अंदर घुस गया। धीरज ने मेरी मोटी मोटी चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलते हुए धक्के मारने लगा- मीना, इतनी बड़ी चूचियों की मालकिन हो तुम, बहुत अच्छी लगती हैं।

लंड कभी अंदर कभी बाहर आ जा रहा था। उसने मेरे मोटे मोटे मम्मों को छोड़कर मेरी 28 इंच की कमर पकड़ ली और जोर जोर से चोदने लगा। सच में इतना लम्बा और मोटा लंड जब अंदर बाहर जा रहा था तो मुझे नशा सा हो गया- साले चोद… चोद जोर से चोद… सीईईए आहह्ह हैईइ अहह अहह अहह…

मेरी मोटी गांड मटक रही थी- आह्हह शाबाश धीरज… चोद चोद… तू साले बहुत बड़ा भोसड़ी चोद है… चोद साले चोद मुझे… ओये तेरी बहन की चूत… भोसड़ी के आहह आहह है है आहह आहह्ह शाबाश जोर से, पूरा 8 इंच का लंड डाल कर चोद, फाड़ डाल मेरी गुलाबी चूत को… आहह अहह म्मम्म सीई है है है मैं गयी बस बस बस गयी जल्दी से लंड की पिचकारी छोड़ साले तेरी बहन की चूत में मेरा लंड जल्दी कर आहह आहह मैं गयी!

धीरज ने जोर से वीर्य की पिचकारी मेरी चूत में मार दी, मुझे जन्नत नजर आने लगी।