मामी का दुःख दूर किया-2

Mami Ka Dukh Door Kiya-2

अब मैं गर्म हो रहा था और बर्दाश्त करना मुश्किल था, मैंने उन्हें सीधा किया और उनके माथे को चूमा तो वो और सिहर गई और फिर चिपक गई और रोते रोते कहने लगी- तुम्हारे मामा एक कामयाब इंसान हैं, उन्होंने मुझे दुनियावी सुख तो दिया, हर ऐश और आराम की चीज़ भी दी, पर वो नहीं दे पाए जो हर औरत का सपना होता है … एक तो वो मेरे से 17 साल बड़े हैं, घर वालों ने उनकी नौकरी और खानदान देखकर मेरी शादी करवा दी। मैंने भी घर वालों के फ़ैसलों को अपनी किस्मत समझा पर पहले ही दिन से वो मुझे औरत का सुख नहीं दे पाए और आज तक मैं अधूरी ज़िंदगी जी रही हूँ… जब तुमने यह कहा कि तुम्हें मुझ जैसी बीवी चाहिए तो मुझे भी तो तुम जैसा ही लड़का चाहिये था जो मुझे प्यार कर सके ! मैं शादी के बाद जब तुम से मिली तो मुझे अपने सपनों में देखे जवान को सामने पाकर बेहद खुशी हुई पर अफ़सोस भी हुआ कि क्यूँ तुम मेरे शौहर नहीं हो पर एक अच्छी तहजीब वाली लड़की की तरह मैंने अपने शौहर की सेवा की पर कुछ हासिल नहीं हुआ, अभी भी वो अमेरिका में हैं, तब भी मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, मैं तो उनके रहते भी अकेली ही थी… वो मुझे आज तक माँ नहीं बना पाए जिससे मैं कितने ताने सुनती हूँ बाँझ होने के ! किसी को क्या पता कि मेरे खाविन्द में मुझे माँ बनाने की क़ाबलियत नहीं है…

और यह बताकर फिर रोने लगी।

मैं समझ गया था कि आज मामी चुद कर ही रहेगी। मैंने उन्हें सीधा किया और कहा- मैं भी आपको बहुत पसंद करता हूँ, जो हो गया भूल जाओ, आज मैं आपको इतना प्यार दूँगा कि आप सब भूल जाओगी !

और यह कहकर मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसना शुरू किया। मामी ने मुझे कस के पकड़ लिया और मेरा साथ देने लगी। हमारी जुबान एक दूसरे की जुबान को चाट रही थी और मेरा लंड हिलौरे मार रहा था। यह कहानी आप HotSexStory.xyz पर पढ़ रहे हैं।

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मैंने मामी को खड़ा किया और उनकी गर्दन पर बोसे लेना शुरू किया जिससे वो और गर्म होने लगी। फिर धीरे धीरे मैंने उनकी नाइटी उतार दी उन्होंने गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, उनका संमरमर जैसा सफेद बदन मेरा जोश बढ़ा रहा था।

मैंने उन्हें लिटा दिया और पागलों की तरह उनको चूम रहा था और ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध काट रहा था जिससे वो और उत्तेजित हो रही थी। फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक खोला तो उनके दूध आज़ाद हो गये !

क्या दूध क्या मस्त थे, बिल्कुल सफेद गोल गोल ! उनके निप्पल हल्के भूरे रंग के थे !

मेरा जोश दोगुना हो गया, मैं उनके दूध दबा दबा कर पीने लगा, वो भी अपने हाथों से अपने दूध मेरे मुँह में डालने लगी और साथ में उनके मुख से मादक आवाज़ें निकल रही थी- उफ़्फ़ म्हआहहह !

फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी, उफ्फ ! क्या चूत थी उनकी ! बिल्कुल चिकनी और एक भी बाल नहीं बिल्कुल गुलाबी अन्छुई चूत थी ! मैंने अपनी जुबान से उसे चाटना शुरू किया तो वो एकदम पागल हो गई और उनकी मादक आवाजों से कमरा गूंज उठा- आअह्ह्ह उफ्फ्फ ! और वो चिल्ला चिल्ला कर बोलने लगी- जावेद, मेरी जान ! और करो ! और ! उफफ्फ आअह्ह और करो उफ्फ्फ्फ़ !

मैं भी कुत्ते की तरह उनकी चूत चाट रहा था और वो भी खूब मज़ा उठा रही थी। फिर उन्होंने मेरे बाल कस के पकड़ लिए, मैं समझ गया कि ये झड़ने वाली हैं, मैं भी चूत चाटता रहा और वो झड़ गई, उनका शरीर ढीला पड़ गया।

“उफ़ जावेद ! मेरी जान ! मज़ा आ गया !” वो हँसते हुए बोली, फिर मुझे पागलों की तरह चूमने लगी और मेरा कच्छा उतार कर अंडरवियर में मेरे तने हुए 7″ लम्बे लंड को देखकर उसे सहलाने लगी और फिर मेरा अंडरवियर उतार दिया।

मेरा लंड एकदम से सीधा तना हुआ उनकी आँखों के सामने था, वो मेरा लंड देखकर पागल हो गई- वाह जावेद, मेरी जान ! क्या हथियार है तुम्हारा ! इसके लिए तो मैं कब से तड़प रही थी ! मेरी बुर कब से एक जवां लंड को तरस रही है ! आज मेरी आग और प्यास दोनों बुझा दो !

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कहते हुए मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब बारी मेरी थी पागल होने की, वाकयी, क्या चूस रही थी मामी मेरा लौड़ा बिल्कुल किसी अंग्रेजी राण्ड की तरह !

“उफ्फ ! वाह मामी, क्या लौड़ा चूसती हो ! आह्ह्ह… क्या बात है… वाह… और चूसो मेरी कैटरीना कैफ़, अपने सलमान का लौड़ा चूसो ! लो अपनी प्यास बुझाओ ! अआह्ह्ह और चूसो मेरी जान ! वाह उम्मम्ह्ह्हह !

कभी वो मेरा लंड अपनी ज़बान से चाटती तो कभी के बीच ले जा कर हिलाती। मैं पागल हो रहा था और झड़ने को था।

मैंने कहा- मामी, मैं झड़ने वाला पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी, वो सारा रस पी गई !

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फिर हम दोनों बेड पर लेट गए और वो मेरे लौड़े के साथ खेलने लगी और बोली- जावेद मेरी जान, तुम्हारा हथियार वाकयी में मस्त है बिल्कुल पोर्न फ़िल्म के हीरो जैसा !

मैंने हैरानी से पूछा- तुम्हें कैसे पता मेरी जान?

वो बोली- अकेले में मैं पोर्न फिल्म देखकर अपनी प्यास बुझाती हूँ और अपनी बुर में उंगली डालकर अपने की तसल्ली करती हूँ !

मैंने कहा- तभी तो तुम लंड इतना मस्त चूसती हो… वाह !

तो वो मुस्कुरा कर बोली- हाँ मेरी जान, जब से पोर्न फिल्म में मोटे मोटे लंड देखे हैं, तब से मोटे लंड को चूसने का मन था और चुदवाने का भी ! आज तुम मेरी बुर की प्यास बुझा दो…

मैंने कहा- क्यों नहीं मेरी मामीजान ! आओ मेरे लौड़े को चूसो !

उन्होंने फिर मेरा लंड चूसना शुरू किया तो मेरा लंड फिर तैयार हो गया, मैंने अपनी मामी शबनम सीधा लिटाया, पैर खोल दिए और उसकी कोमल चूत पर अपना 7″ का लंड रखा और बाहर से चूत की फांकों पर अपना लंड रगड़ना शुरू किया तो वो पागल हो गई और कहने लगी- अब मत तड़पाओ मेरी जान ! डाल दो अन्दर ! आअह प्लीज़ डाल दो ! उफ्फ !

मैंने अब अपना लंड उसकी चूत पर रखा और झटका दिया तो मेरा लंड आधा अन्दर चला गया और मामी की चीख निकल गई- आअह्ह अआह्ह्ह !

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मैंने जल्दी से अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और उनकी चीख मेरे मुँह में दब गई पर आँखों से आँसू बहने लगे। मैंने मामी को चूम चाटना चालू रखा और कोई हरकत नहीं की, मेरा लंड आधा चूत में था। जब मैंने देखा कि मामी अब बिल्कुल नहीं चीख रही तो मैंने एक और धक्का लगाया और मेरा लंड पूरा अन्दर चला गया। अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किये और मामी को मज़ा आने लगा, अब वो पागलों की तरह मेरी पीठ पर नाख़ून गड़ा रही थी और मेरा कान काट रही थी, कभी मेरे गले पर काट रही थी। अब वो आनन्द के सातवें आसमान पर थी और अपने चूतड़ उठा उठा कर मुझसे चुद रही थी और मादक आवाजों में बोल रही थी- और चोदो मेरी जान ! और चोदो ! आह्ह्ह्हह… मेरी चूत बहुत प्यासी है… उफ्फ्फ… उफ्फ्फ.. और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… बहुत तड़पाया है इसने… उफ्फ्फ… और जोर से… और… उफ्फ्फ… और… अआह्ह्ह…

मैं जोश से मामी को चोदता रहा और वो 3-4 बार झड़ गई। मैं भी झड़ने वाला था, मैंने उन्हें बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो वो बोली- अपना पानी मेरी चूत में डाल दो, मैं भी माँ बनना चाहती हूँ। आह्ह्ह !

मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया, उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और हम दोनों का शरीर ढीला हो गया।

उस रात मैंने मामी को 2 बार और चोदा और उनकी प्यास बुझाई…

आज उनकी एक औलाद भी है जो मेरी ही है… आज भी वो हिन्दुस्तान में ही हैं मैं काम के बहाने हर महीने जाता हूँ और उन्हें चोदता हूँ…

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताना !

आपके मेल का इंतज़ार रहेगा मुझे !

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