मेरिड बहन की खुली हुई चूत-1

Married bahan ki khuli hui chut-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुमित है और मेरी उम्र 18 साल और में बड़ोदा में अपनी मम्मी, पापा के साथ रहता हूँ. दोस्तों आज में आप सभी को जो आपबीती सुनाने जा रहा हूँ, इसको में पिछले कुछ समय से आप लोगों तक पहुँचाने के बारे में विचार बना रहा था, लेकिन डरता था. वैसे इसमें मुझे बहुत मज़ा आया, क्योंकि इस चुदाई में मेरी दीदी ने मुझे वो सब बताया और में उनके कहने से उस काम वैसे ही करता रहा और में उम्मीद करूंगा कि आप सभी सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों को मेरी यह घटना जरुर पसंद आएगी

दोस्तों में अपने साथ में पढ़ने वाले दोस्तों के साथ एक इंटरनेट कैफे पर जाने लगा था और में अपने एक बहुत पक्के दोस्त जिसका नाम निखिल है, में उसके साथ हर एक बात करता और उसको में अपनी हर एक बात बताता था, निखिल मुझसे इंटरनेट के बारे में कुछ ज्यादा ही जानता था, इसलिए वो ही ज़्यादा करके साईट खोलता देखता था. एक दिन में उस इंटरनेट केफे पर थोड़ा देर से पहुंचा, तो मैंने देखा कि निखिल कुर्सी पर बैठा हुआ था और वो इंडियन सेक्स कहानियाँ पढ़ रहा था और फिर मैंने ध्यान देकर देखा कि वो ज़्यादातर बहन भाई के बीच सेक्स सम्बंधो की कहानियाँ पढ़ रहा था और फिर उसी समय में निखिल को बोला कि यार तू अब यह सब बंद कर ले, मुझे तेरा यह काम अच्छा नहीं लगा.

फिर निखिल मुझसे बोला कि यार अभी तुझे उसके बारे में बिल्कुल भी मालूम नहीं और तू इसलिए मुझसे यह बात कह रहा है, तू भी कभी एक बार अपनी दीदी को ऐसी ही गंदी नजर से देख, उनके लिए अपने मन में ऐसे ही गंदे विचार लेकर आ. फिर देख तुझे भी इस काम में बड़ा मज़ा आएगा. फिर में उसके मुहं से यह बात सुनते ही उससे बोला कि नहीं यह सब गलत काम है, में ऐसा कभी भी नहीं सोच सकता, करना तो बहुत दूर की बात है, चल अब यार में अपने घर जाता हूँ.

निखिल मुझसे बोला कि बैठ ना यार कुछ देर बाद चला जाना, तू अभी तो आया है और तुझे ऐसा कौन सा जरूरी काम याद आ गया है, जो तू इतनी जल्दी लगा रहा है? तो में उससे बोला कि नहीं यार ऐसा कुछ भी काम नहीं है और वैसे हाँ आज शाम को मेरी दीदी मुम्बई से आने वाली है और वो उनकी शादी के बाद पहली बार हमारे घर पर आ रही है.

अब वो मुझसे कहने लगा कि तू इस बार अपनी दीदी के बारे में एक बार जैसा मैंने तुझसे कहा है, वैसे ही सोचकर जरुर देखना और फिर में उसके मुहं से वो बात सुनकर उसको पागल कहते हुए वहां से अपने घर की तरफ निकल पड़ा और में जैसे ही अपने घर पहुंचा. तब मैंने एक बड़ा सा बेग अपने कमरे में रखा हुआ देखा और मुझे मेरे कमरे के बाथरूम से पानी के टपकने गिरने की आवाज़ भी आ रही थी और उस समय मेरी मम्मी किचन में हमारे लिए शाम का खाना बना रही थी और मेरे पापा उस समय कहीं बाहर गये हुए थे.

अब में तुरंत किचन में चला गया और मैंने मम्मी से पूछा, क्या दीदी आई है? तो मम्मी बोली कि हाँ वो आ चुकी है. दोस्तों में आप लोगों को अपनी दीदी के बारे में भी थोड़ा विस्तार से बता देता हूँ. मेरी दीदी का नाम सेजल है और उनकी उम्र 28 साल उनका रंग गोरा, दिखने में बड़ी ही सुंदर लगती है. वैसे मेरी दीदी की शादी आठ महीने पहले ही हुई थी और दीदी उनकी शादी के बाद उस दिन पहली बार बड़ोदा आई थी. तभी अचानक से किसी ने पीछे से मुझे हग कर लिया और मेरे गालो को चूमा.

मैंने तुरंत पीछे मुड़कर देखा तो वो मेरी सेजल दीदी थी, जो अपने भीगे हुए बालों पर टावल को लपेटे हुए हरे रंग की मेक्सी पहने हुए वो बिल्कुल एक औरत की तरह दिख रही थी, उनके बूब्स, उनके कूल्हे, शरीर का हर एक हिस्सा पहले से ज्यादा भरा हुआ उभरा हुआ बड़ा सेक्सी नजर आ रहा था, जिसको देखकर में बड़ा चकित था.

मैंने अपनी दीदी से कहा कि दीदी तुम तो बिल्कुल बदल चुकी हो, जब हम मिले थे तब आप कैसी थी और आज कैसी हो गई हो, इतना बदलाव परिवर्तन कैसे आया? और फिर मैंने दीदी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारे पेपर कैसे रहे और अब हम दोनों इधर उधर की अपनी बातें करने लगे और जब में दीदी के साथ हंस हंसकर बातें कर रहा था, तभी मुझे मेरे दोस्त निखिल की बातें याद आने लगी, जिसकी वजह से मुझे बड़ा ही अजीब सा महसूस होने लगा था और मेरे ना चाहते हुए भी में अब अपनी दीदी के उभरे हुए गोरे गोलमटोल बूब्स को घूर घूरकर देखने लगा, ऐसा करने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

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उसी समय बाहर से मेरे पापा आ गए और वो भी हमारे पास बैठकर मेरी दीदी के साथ बातें करने लगे और उनके हालचाल पूछने लगे. फिर में उनको बातें करता हुआ देखकर वहां से चुपचाप सरकते हुए फोन करने बाहर चला गया. फिर मैंने तुरंत अपने उसी दोस्त निखिल को फोन करके मेरे साथ घटी घटना (अपनी दीदी के बूब्स को देखकर जो मेरी हालत थी) मैंने अपने दोस्त को बताई.

फिर निखिल मेरी पूरी बात को सुनकर मुझसे बोला कि में तुझसे कहता था कि ऐसा ही मेरे साथ भी पहले हुआ था और सुन ऐसा सबके साथ होता है, क्योंकि हम पहले इंसान है. उसके बाद में हमारे सारे रिश्ते होते है, तुम तो लगे रहो इसी का नाम जिंदगी है और फिर मैंने फोन रख दिया. अब में कुछ देर बाद अपनी दीदी, मम्मी, पापा हम सभी लोग खाना खाने बैठ गए और खाना खाते समय मैंने देखा कि मेरी दीदी बिल्कुल टी.वी. सीरियल की हिरोइन जैसी दिख रही थी.

दोस्तों पहले दीदी बहुत पतली थी, लेकिन अब तो सेजल दीदी की गांड पूरी तरह से कुर्सी के दोनों तरफ से बाहर निकल रही थी और मेरी दीदी के वो दोनों बूब्स बड़े आकार के आम की तरह थे, जिनको देखकर में बिल्कुल पागल हो चुका था और वैसे मुझे नहीं पता कि मेरे जीजू ने मेरी दीदी के साथ ऐसा क्या किया था कि जिसकी वजह से मेरी दीदी इतनी भरी भरी हो गयी? फिर हम लोग खाना खाने के बाद टी.वी. देखने लगे. में और मेरी दीदी उस समय सोफे पर बैठे हुए थे और हमारे मम्मी, पापा पास के सोफे पर बैठे हुए थे, तब रात के करीब दस बज चुके थे.

कुछ देर टी.वी. देखने के बाद मम्मी और पापा अपने कमरे में सोने के लिए चले गये. फिर दीदी ने अपने आपको सोफे के एक तरफ अपने सर को सोफे के तकिये के ऊपर रखकर उन्होंने अपने दोनों पैरों को मोड़कर वो सोफे पर लेट गई और अब दीदी ने मुझसे कहा कि सुमित मेरे पैर बहुत ज़ोर से दर्द कर रहे है, प्लीज़ तुम इनको दबा दो.

मैंने उनसे कहा कि जी दीदी में अभी दबा देता हूँ और फिर दीदी ने अपने दोनों पैरों को मेरी गोद में रख दिया. उसके बाद मैंने दीदी के पैर दबाना शूरू किया. दोस्तों अपनी दीदी के नरम भरे हुए पैरों को दबाते हुए में अब गरम हो रहा था और अब मेरा उनको देखने छूने का नज़रिया बिल्कुल ही बदल चुका था. मेरे मन में उनके लिए कुछ गलत विचार अब आने लगे थे.