मौसी की चूत में झटका लगाया-2

Mausi ki chut me zatka lagaya-2

दोस्तों वो मेरी यह बात सुनकर शरारती तरीके से मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी. फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर से टी.वी. देखने लगे, लेकिन अब हम एक दूसरे से आँख नहीं मिला रहे थे, लेकिन हमारे मन में कुछ और ही था और शायद वो भी अपने सेक्सी जिस्म की आग में तड़प रही थी, लेकिन मुझसे छुपाने की कोशिश कर रही थी. फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि अब 10:30 बज चुके है और में अब सोने जा रहा हूँ. तभी मौसी ने तुरंत मुझसे कहा कि मुझे यहाँ पर अकेले में बहुत डर लग रहा है, तुम जब तक तुम्हारे मम्मी, पापा वापस नहीं आ जाए तब तक तुम यहीं पर मेरे पास बैठे रहो और मुझसे बातें करो प्लीज.

फिर मैंने कहा कि ठीक है, आप कहती है तो में आपके पास बैठ जाता हूँ, लेकिन दोस्तों उसे क्या पता कि मेरे दिल में अब एक शैतान था, जो अपनी नींद से उठ चुका था और उनको अपने सामने देखकर मुझसे अब बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, मेरा लंड अभी भी तनकर खड़ा था और मेरे धीरे धीरे झटके दे रहा था, जिसकी वजह से मुझे एक बहुत अजीब सा असहनीए दर्द हो रहा था, जिसको में अपने किसी भी शब्दों में नहीं बता सकता कि मुझे वो कैसा दर्द हुआ था? दोस्तों मौसी भी अब बार बार मेरे लंड को देख रही थी.

फिर मैंने थोड़ी हिम्मत की और उनसे कहा कि मौसी आप बहुत सुंदर हो और सेक्सी भी, लेकिन मौसी मुझसे कुछ नहीं बोली और वो अपने सर को झुकाकर शरमाने लगी और फिर मुझे पूरा यकीन हो गया कि मौसी भी शायद अब तैयार है, मुझसे अब ज्यादा कंट्रोल नहीं हो रहा था और आख़िर मैंने मौसी को ज़ोर से अपनी बाहों में भर लिया और उनके होंठो पर किस करने लगा.

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फिर मौसी ने मुझे अपने से अलग करने की बहुत बार नाकाम कोशिश की, लेकिन वो जैसा चाहती थी वैसा नहीं कर पाई. मैंने उनको ज़ोर से पकड़ा और होंठो पर किस के साथ साथ उनके सुंदर बूब्स को दबाने लगा और धीरे धीरे सहलाने लगा. मेरे ऐसा करने के कुछ देर बाद उन्होंने विरोध करना बिल्कुल बंद कर दिया, वो अब धीरे धीरे गरम होने लगी थी और अब उनको भी मेरे साथ बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन वो कहने लगी कि यह सब बहुत ग़लत काम है, यह एक पाप है, प्लीज छोड़ दो, मुझे जाने दो प्लीज, लेकिन दोस्तों में तो एकदम पागल सा हो गया था, जिसकी वजह से मुझे कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था, में बस ज़ोर ज़ोर से बूब्स को दबाकर निचोड़ रहा था और उनके मुहं से जोश के साथ आह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ की आवाज निकल रही थी, लेकिन वो अब भी मुझे अपने आपसे दूर करने की लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन दूर नहीं कर पाई. फिर में तुरंत अपने एक हाथ उनकी सलवार के ऊपर से उनकी चूत को सहलाने लगा और एक हाथ से बूब्स को भी दबाने लगा.

अब मैंने अपना एक हाथ उनकी सलवार के नाड़े पर लगा दिया तो उन्होंने झट से मेरा हाथ पकड़कर मुझे रोक दिया और कहने लगी कि में तुम्हें अपने साथ यह सब नहीं करने दूंगी, प्लीज अब छोड़ दो मुझे. फिर मैंने उनके कान में धीरे से उसे समझाते हुए कहा कि प्लीज मुझे आज मत रोको, अगर तुम्हारे साथ ऐसी कुछ भी समस्या हुई तो में तुमसे शादी जरुर करूँगा और वैसे भी तुम मेरी मम्मी की बहुत दूर की बहन हो, हमारी शादी से शायद किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. फिर मौसी ने मुझसे कहा कि वो अब तक वर्जिन है और उसने कभी सेक्स नहीं किया, इसलिए यह सब करने से उन्हें बहुत डर लग रहा है.

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फिर मैंने उनसे कहा कि तुम मुझ पर विश्वास करो, में ऐसा कुछ भी तुम्हें नहीं होने दूंगा, में बहुत धीरे धीरे करूंगा, एक बार थोड़ा दर्द जरुर होगा, लेकिन फिर उतना ही मज़ा भी तुम्हें जरुर आएगा और अब अपने सभी कपड़े उतारो. फिर मौसी ने बहुत डरते हुए एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिए. दोस्तों में तो उनके झूलते हुए बूब्स और कामुक चूत को अपने सामने देखकर बिल्कुल पागल सा हो गया और अब में उनको गोद में उठाकर अपने रूम में ले गया, उनको मैंने अपने बेड पर लेटा दिया और फिर एक भूखे जानवर की तरह की में उन पर टूट पड़ा. दोस्तों मैंने भी कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन सेक्स वीडियो बहुत बार देखे थे.

मैंने उनको अब होंठो पर किस करना शुरू कर दिया और फिर बूब्स पर, गर्दन के नीचे पूरे बदन पर, उनके बूब्स को चूसने लगा, वाह क्या बूब्स थे एकदम मुलायम, लेकिन ज़्यादा मोटे नहीं थे, गोल गोल थे और में उनको देखकर पागल सा हो गया था, उनकी चूत के ऊपर थोड़े बाल थे. मैंने अब उनकी चूत को घिसना और अंदर ऊँगली करना शुरू किया, वो अब भी डर रही थी और आह्ह्ह्ह स्स्सीईईइ भी कर रही थी. फिर मैंने ज्यादा देर ना करते हुए जल्दी से उनके दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया और अब में नीचे झुककर उनकी कुंवारी चूत पर किस करने लगा, सूंघने लगा और अब मैंने उनकी चूत को अपने एक हाथ से थोड़ा सा खोल दिया, वो आकार में बहुत छोटी, लेकिन अंदर से बिल्कुल लाल थी और उस चूत के ऊपर एक सुंदर छोटा सा हल्का गुलाबी रंग का दाना मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगा और फिर मैंने जल्दी से उसके अंदर अपनी एक उंगली डालकर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा.

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दोस्तों मेरे कुछ देर ऐसा करने के बाद वो थोड़ी ही देर में धीरे धीरे गरम होने लगी और अब उनका डर भी दूर हो गया. फिर मैंने दोबारा किस करना शुरू किया, में अपने एक हाथ से चूत में उंगली कर रहा था और एक हाथ से बूब्स को ज़ोर से दबाकर निचोड़ रहा था, लेकिन दोस्तों मैंने ऊँगली को अंदर डालकर महसूस किया कि मौसी की चूत अंदर से ज़्यादा टाईट नहीं थी, शायद वो अपनी चूत में कुछ ज्यादा ही उंगली किया करती थी. फिर मैंने उनसे पूछा कि आप अपनी चूत में कितनी बार उंगली डालती हो?

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