मौसी के साथ वेलेंटाइन डे मनाया-2

Mausi ne apni chut marwai valentine day par-2

में : मौसी में जब 10th में था, तब से ही में आपको पसंद करता हूँ और में यह नहीं जानता हूँ कि में जो कुछ भी सोच रहा हूँ वो सही है या ग़लत, लेकिन मेरा दिल हमेशा से तुम्हे ही चाहता आया है और अब तक कई लड़कियाँ मेरी ज़िंदगी में आई और चली गयी, लेकिन आप आज भी मेरे लिए बहुत ही ख़ास हो.

मौसी : चुप करो यह सब, तुम पागल हो गये हो और ऐसा कभी भी नहीं हो सकता.

में : प्लीज मौसी ऐसा मत कहो में सच में आपको बहुत प्यार करता हूँ.

मौसी : प्लीज चुप हो जाओ.

में : मौसी सच में, में आज भी आपके ही सपनो में डूबा रहता हूँ.

मौसी : प्लीज अब बस करो.

में : मौसी में चुप हो जाऊंगा, लेकिन पहले आप मेरे सवाल का जवाब दो.

मौसी : कैसा सवाल?

में : में जब भी आपसे फोन पर बात करता तो हमेशा आपसे फ्लर्ट करता था, लेकिन तब भी आपने कभी मुझे क्यों नहीं रोका?

मौसी : वो तो तुम मुझसे मज़ाक करते थे इसलिए में भी.

में : पहले अपने दिल से पूछो कि में जब भी फ्लर्ट करता था तो तुम्हारे चेहरे पर जो मुस्कान आती थी, क्या वो झूठी थी? तो मौसी का कोई जवाब नहीं आया और वो बिल्कुल चुपचाप हो गई.

में : में हमेशा आपके एक बुलावे पर हाज़िर हो जाता था और आप भी यह जानती थी कि में आपको पसंद करता हूँ फिर आप ही बताओ कि क्या आपने अपने काम के लिए मेरा फायदा नहीं उठाया?

तो अब भी मौसी को कोई जवाब नहीं आया. तो मैंने थोड़ी देर इंतजार किया और फिर में बोला, सॉरी मौसी में यह सब नहीं कहना चाहता था, लेकिन मुझसे रहा नहीं गया क्योंकि आज वेलेंटाइन डे है और आज सबसे पहले मैंने जब आपका कॉल देखा तो बस दिल में एक ही ख्याल आया कि शायद आज में आपसे यह बात कर लूँ तो मैंने ऐसा ही किया, लेकिन मेरी किस्मत ही खराब है. में फिर से दरवाज़े पर खड़ा हुआ और बोला कि में सिर्फ़ आप से एक ही बात पूछना चाहूँगा निशा क्या तुम मेरा वेलेंटाइन बनना चाहोगी?

में कुछ और मिनट वहीं पर खड़ा रहा और फिर में निराश होकर बाहर हॉल की तरफ जाने लगा. तभी पीछे से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई और मौसी सामने ही खड़ी हुई थी और वो भी रो रही थी. तो मुझसे देखा नहीं गया और में फिर से घूमकर हॉल की तरफ जाने लगा तो तभी पीछे से आवाज़ आई हाँ और में चौंक कर रुक गया और मैंने घूमकर मौसी की तरफ देखा तो वो तभी हल्की सी मुस्कुराई और फिर से बोली कि हाँ में बनना चाहती हूँ. में बस उनकी तरफ दौड़ा और उन्हे कसकर गले लगा लिया और एक टाईट किस लिया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और करीब 10 मिनट के किस के बाद वो बोली कि मुझे माफ़ कर दो. तो मैंने फिर से किस लिया और कहा कि लेकिन में एक शर्त पर माफ़ करूँगा वो मुस्कुराई और बोली कि वो कौन सी शर्त?

में : मेरे गिफ्ट को अपनाना होगा?

मौसी : बस इतनी सी बात, में अभी ट्राई करती हूँ.

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तो वो मेरा हाथ पकड़कर हॉल में चली आई और वो मेरे गिफ्ट को उठाने के लिए झुकी तो मैंने सीधा पीछे से उनके बूब्स को पकड़ लिया और बहुत ज़ोर से दबा दिया.

मौसी : अह्ह्ह प्लीज छोड़ो पहले तुम्हारे गिफ्ट को तो ट्राई करने दो.

में तो उन्हे देख रहा था, वो उस वक्त पूरी शरारत से भरी हुई थी.

में : निशा मेरे सामने ही बदलना.

मौसी : ठीक है मेरी जानू.

पहली बार मौसी के मुहं से जानू शब्द सुनकर में सातवें आसमान पर सैर करने लगा और मैंने फिर से उन्हे मेरी तरफ खींचा और ज़ोर से स्मूच कर लिया और जैसे ही उन्हे छोड़ा तो वो बोली कि तुम बहुत शरारती हो.

में : इतने सालों से में आज के दिन का ही इंतजार कर रहा था.

मौसी : तो अब थोड़ा और इंतजार करो.

में : नहीं होता जानेमन, लेकिन तुम कहती हो तो में मेहनत ज़रूर करूँगा.

फिर हम दोनों अंदर के रूम में चले गये और मौसी ने अपनी साड़ी को उतार दिया में बस देख ही रहा था, वाह निशा तुम्हारा बहुत कमाल का फिगर है.

मौसी : तुम यूँ समझो कि यह तुम्हारे लिए ही है और उन्होंने मेरी तरफ आँख मारी.

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फिर वो अपने ब्लाउज को धीरे धीरे खोलने लगी. मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था और मेरी जीन्स के ऊपर से उभरकर साफ नज़र आ रहा था.

मौसी : क्या में तुम्हारी जीन्स उतारने में मदद करूं?

तो में मुस्कुराया और कहा कि शोक से जानेमन. मौसी फिर से मेरी तरफ आई और उसने मेरी जीन्स को धीरे धीरे करके नीचे उतार दिया. मेरा लंड अंडरवियर में तंबू की तरह खड़ा हुआ था. मौसी अंडरवियर के ऊपर से ही लंड को छूकर बोली कि यह बहुत परेशान नज़र आ रहा है.

में : हाँ आपकी वजह से.

तो उन्होंने मेरी जीन्स को दूर फेंक दिया और बोली कि जब तक में तुम्हारा गिफ्ट ट्राई ना कर लूँ, इसे छूना मत और इतना कहकर उन्होंने मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से हल्का सा किस किया. में कुर्सी पर अंडरवियर में बैठा हुआ था और फिर मौसी ने धीरे धीरे अपना पेटीकोट उतार दिया और वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा पेंटी में थी और मेरा लंड बस फूंकार भर रहा था. दिल कर रहा था कि उन्हे अभी चोद दूँ फिर वो मुझे चिढ़ाते हुए पीछे मुड़ी और अपनी ब्रा और पेंटी को उतार दिया और वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. उनकी झांटे भी साफ थी और चूत बिल्कुल दूध की तरह नज़र आ रही थी. गोरा बदन, बड़े बड़े बूब्स और उस पर हल्के भूरे कलर की निप्पल.

मौसी : अब तुम बताओ कि में क्या ट्राई करूं यह ब्रा या पेंटी?

में : अब कुछ ट्राई नहीं भी करोगी तो भी चलेगा.

मौसी : अगर यह बात है तो तुम्हारा गिफ्ट खराब हो जाएगा.

में : निशा प्लीज थोड़ा इधर आओगी.

तो मौसी मेरी तरफ चलते हुए आई और मेरे चेहरे के सामने घूमकर पूछा कि कहो क्या चाहिए? मैंने बस मेरे हाथों से उनका चेहरा पकड़ा और स्मूच करने लगा, वो भी मस्त होकर स्मूच करने लगी. जब उसने भी मेरा चेहरा पकड़कर स्मूच लगातार किया तो में अपने हाथों को उसके बूब्स पर ले गया और दबाने लगा और ज़ोर से निप्पल पर दबा दिया जिससे उनकी हल्की सी चीख निकल गयी और स्मूच टूट गया.

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मौसी : प्लीज, थोड़ा आराम से करो, में कहीं भागी नहीं जा रही हूँ.

में : यह हुई ना बात.

तो में खड़ा हो गया और उन्हे दीवार की तरफ खड़ा किया और में ज़ोर ज़ोर से स्मूच करने लगा. वाह क्या मज़ा आ रहा था? में उनके बूब्स को और ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था, लेकिन मेरे स्मूच करने की वजह से उनकी कोई भी आवाज नहीं निकली और फिर में उनकी गर्दन पर किस करते हुए उनके बूब्स पर पहुंच गया. मैंने उनके निप्पल को काटना शुरू किया और वो पागलों की तरह मोन करने लगी और में अपना दूसरा हाथ नीचे उनकी चूत पर ले गया और धीरे धीरे सहलाने लगा.

मैंने महसूस किया कि उनकी चूत अब तक बहुत गीली हो चुकी थी और फिर में अपनी उंगली उनकी चूत में घुसाकर अंदर बाहर करने लगा और इस बीच उन्होंने मेरा सर पकड़कर जमकर किस लिया और कहा कि प्लीज अब रहा नहीं जाता, बस छोड़ दो मुझे. तो में तभी अपनी उंगली को चूत से बाहर निकालकर खड़ा हो गया और कहा कि तुम्हे मेरे कपड़े उतारने होंगे और वो मेरी तरफ बढ़ी और मेरा अंडरवियर निकालने लगी.

में एक बार अपने अंडरवियर में झड़ चुका था जिसकी वजह से वो गीली नज़र आ रही थी. तो मैंने कहा कि पहले ऊपर से मेरे कपड़े उतारो और फिर अंडरवियर. उसने फिर से नीचे से ऊपर आते हुए मेरी टी-शर्ट को खींचा और उतारकर फेंक दिया और फिर मुझे बेड पर गिरा दिया और मेरे अंडरवियर को उतार दिया और अब में भी नंगा हो गया था और मेरा लंड पूरी तरह जोश में तनकर खड़ा हुआ था.

मौसी बोली कि इतने सालों के बाद आज में लंड देख रही हूँ काश तुम आज की तरह पहले मुझसे मिले होते और उन्होंने सीधा मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया, में खुशी से पागल हो रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. क्योंकि मौसी बहुत ज़ोर से चूस रही थी. में समझ गया कि में ज़्यादा देर तक संभाल नहीं सकूँगा और कुछ देर के बाद मैंने मेरा पूरा वीर्य उनके मुहं में डाल दिया और वो पूरा पी गयी, उन्होंने फिर से मेरे लंड को चाट चाटकर साफ किया. जिसकी वजह से मेरा लंड फिर से तन गया और वो फिर से मेरे ऊपर आई और उसने फिर से स्मूच किया और हम दोनों फिर से बिस्तर पर थे. एक दूसरे को स्मूच करते हुए हमे जन्नत का अहसास महसूस हो रहा था. तो मैंने कहा कि मौसी अब मुझे आपकी चूत के अंदर लंड डालना है.

मौसी : में अब तुम्हारी निशा हूँ, मौसी नहीं और अकेले में आज के बाद बस मेरा नाम लेना.

तो मैंने उनको फिर से एक किया और कहा कि ठीक है निशा. मैंने अपने लंड के सुपाड़े को उनकी चूत के दरवाजे पर रखकर धीरे धीरे घिसते हुए ऊपर उनके होठों का रस पी रहा था, लेकिन मौसी जैसे लंड लेने के लिए तड़प रही हो ऐसे सिसकियाँ ले रही थी और वो लंड को पकड़कर उनकी चूत में डालने की कोशिश करने लगी. तो में समझ गया कि अब वक़्त आ गया है उनकी चूत को चोदने का.

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मैंने उनके रसीले होंठो को छोड़ा और खड़ा होते हुए उन्हे बेड पर आधा लेटाया, जिससे उनका पैर ज़मीन पर था और फिर मैंने उनके पैरों को उठाकर मेरे कंधे पर रखा और मेरे लंड को धीरे से उनकी चूत के मुहं पर दबाने लगा. वो बस चीख पड़ी अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्हह्ह् रोहन आईईइ कितना बड़ा है तुम्हारा लंड बस अंदर से अब बाहर मत निकलना और बस फाड़ दे आज मेरी प्यासी चूत को, यह बहुत तड़पती है. मेरी चूत ने इतने साल में लंड लिया है.

मैंने मुस्कुराकर उन्हे देखा और फिर से एक ज़ोर का झटका दिया जिससे मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया और वो बस बेड पर एकदम उछल सी पड़ी, लेकिन उनके पैर मेरे कंधे पर होने की वजह से वो ज़्यादा कुछ ना कर सकी. फिर मैंने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया और मैंने देखा कि मौसी भी अपनी गांड को उछाल रही थी और मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर था, लेकिन दोस्तों मौसी की चूत क्या ग़ज़ब की टाईट थी. मेरा लंड हर एक धक्के पर उसकी चूत की दीवार से रगड़ खाकर अंदर बहर हो रहा था, जिसका मुझे अब धीरे धीरे अहसास होने लगा था.

में : निशा तेरी चूत इतनी टाईट है, क्या तुम्हारा पति तुम्हे चोदता नहीं था?

मौसी : उन्हे गुज़रे हुए 15 साल हो गये है और उनके छोटे से लंड से शायद ही कभी मेरी चूत फटी होगी.

में : ठीक है आज से में ख्याल रखूँगा और अब में तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना दूँगा.

तो मैंने उनके ऊपर आकर एक स्मूच ली, मौसी बहुत गीली हो चुकी थी और पूरे रूम में मेरे हर धक्के पर फकच फकच की आवाज़ आ रही थी और आवाज़ से में और भी उत्साहित हो रहा था. करीब 15 मिनट के बाद में भी अब झड़ने वाला था तो मैंने मौसी से बोला कि निशा अब में भी झड़ने वाला हूँ, बोलो अब में क्या करूं और यह वीर्य कहाँ निकालूं?

मौसी : प्लीज मेरे अंदर ही गिराना, में बहुत सालों से प्यासी हूँ, प्लीज रोहन.

फिर क्या था? मैंने भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किये और कुछ ही पल में मैंने मेरा सारा माल मौसी की चूत में डाल दिया और में उनके ऊपर कुछ देर तक लेटा रहा और हम दोनों ज़ोर ज़ोर से सांसे ले रहे थे और मौसी भी अब झड़ चुकी थी और वो भी हांफ रही थी. मैंने फिर से उनका स्मूच लिया और उन्हे कहा कि “हैप्पी वेलेंटाइन डे” तो वो भी मुस्कुराई और बोली कि हमारे पास वेलेंटाइन डे मनाने के लिए रात 8 बजे तक का वक़्त है इसलिए में आज पूरी रात मनाना चाहूँगी. तो मैंने फिर से मौसी को चूमा और उसके बाद मैंने मौसी को दो बार और चोदा.

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