मेघा आंटी की चूत तो चुदी ही नहीं थी-3

(Megha Aunty Ki Choot To Chudi Hi Nahi Thi- Part 3)

मैंने भी कहा- आई लव यू टू.. आंटी जी।

मेघा हँस पड़ी.. फिर वो मुझे अपने कमरे में ले गईं।

वहाँ पहुँचते ही मैं मेघा की बाँहों में कैद हो गया, मेघा ने मुझे और मैंने मेघा को चूमना शुरू कर दिया। मेरे होंठ उसकी गर्दन पर थे और वो मेरे चुम्बन का मजा ले रही थी।

मेघा- आआअह्हह्हह.. लव…

मैंने अपना मुँह खोल दिया और मेघा की गर्दन को चूसना शुरू कर दिया।

वो मुझे में खो चुकी थी और उनकी मादक सीत्कार ‘आह्हह’ निकाल रही थी।

तभी मैंने उनके गोल और मोटे चूचों पर हाथ रख दिया और सहलाना शुरू किया।

अब वो जैसे कांप उठी और कहा- लव बहुत अच्छा लग रहा है.. प्लीज सहलाते रहो और दबाओ भी।

मैंने वैसे ही किया, कभी उनके होंठों को चुम्बन करता, कभी गर्दन पर चूमता और मेरा हाथ उनके मम्मों को दबाने में लगे रहे।

मेघा तो जैसे यही चाहती थी वो सिर्फ ‘आआह्ह ऊओह्ह… लव लव…’ की आवाजें निकाले जा रही थी।
उनकी आवाज आज मुझे बहुत कामुक लग रही थी।

मैंने अपने दोनों हाथ उनके मम्मों के बगल से होते हुए नीचे लाने शुरू किए और उनको चूमता हुआ उनके मम्मों पर आ गया।

मैंने अपने मुँह से उनका एक दूध दबा दिया और मैक्सी के ऊपर से ही चूमना शुरू कर दिया।

अब उनका हाथ मेरे सर में बालों पर था और वो मेरे सर पर हाथ फेर रही थी।

मेरे हाथ धीरे-धीरे नीचे जाते रहे और मैं उनकी जाँघों तक पहुँच गया, मैं उनकी जाँघों पर हाथ फेरने लगा, फिर मैंने उनकी मैक्सी ऊपर कर दी और अब मेरे हाथ उनकी नंगी जाँघों पर थे।

वो बारिश के मौसम में मेरे ठण्डे हाथों का स्पर्श अपनी जांघ पर पा कर सिहर उठी।

उनके मुँह से ‘ऊऊह्ह्ह’ की सिसकी निकल पड़ी।

फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी जाँघों पर से मैक्सी हटा दी।

आह्ह.. उनकी गोरी-गोरी कदली सी जांघें बहुत मादक थीं, मैंने बिना रुके उनको चूमना शुरू कर दिया।

उनकी सिसकारियाँ और तेज हो चुकी थीं।
‘आअह्ह्ह… ऊऊह्ह्हह.. क्या कर रहे हो लव.. ये मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.. करते रहो।’

मैं उनकी जाँघों को चूसता रहा, तभी मैंने उनकी लाल पैन्टी की ओर देखा और उनकी पैन्टी को देख मेरे मुँह में पानी आ गया।

उनकी फूली हुई चूत पैन्टी के अन्दर खिली-खिली सी नजर आ रही थी और उनके गीलेपन से उसकी पैन्टी बहुत कामुक लग रही थी।

तभी मैंने वहाँ अपना मुँह पूरी जोर से दबा कर वहाँ चूम लिया।

उनको मेरे इस हमले से झटका सा लगा और वो जोर से चिहुंक पड़ी.. जोर से बोली- लव क्या कर रहे हो.. ऊह्ह्ह।

मैंने पूछा- क्या हुआ.. अच्छा नहीं लगा क्या आपको?
तो उन्होंने कहा- अच्छा तो बहुत लगा मगर तुमने अचानक से इतनी जोर से चूम लिया।
मैंने कहा- आपने इतनी मस्त चीज छिपा रखी हुई है कि रहा ही नहीं गया।
तो वो शरमा गई और कहा- हट गन्दे!

हम दोनों हँस पड़े।

मैंने अब उनकी मैक्सी को उतार दिया और उनके नंगे बदन को देख मेरा बुरा हाल था।

वो पूरी गोरी थी और ऊपर से लाल रंग की ब्रा और पैन्टी उनकी मादकता को और बढ़ा रहे थे।

मैंने भी टीशर्ट उतार दी, अब मैं सिर्फ पजामे में था और जैसे ही मैंने आंटी को चुम्बन करने के लिए ऊपर उठा, तभी आंटी ने मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया, पर मेरा लंड खड़े रहने के कारण से वो नीचे नहीं उतरा।

अब मैंने उनको जोरदार चूमा, तभी मेघा ने मेरा पजामा नीचे किया और मेरे लंड पर हाथ रख दिया और मेरे लंड पर हाथ फेरा, जैसे महसूस कर रही हों कि कितना बड़ा है।

फिर अचानक उन्होंने मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया और मुझसे कहा- मुझे तुम्हारा खड़ा हुआ लंड देखना है।

तो मैंने कहा- देखा लेना..

तो उन्होंने कहा- अभी देखना है.. शायद मैंने कभी लंड को खड़ा हुआ नहीं देखा, मेरे पति का तो खड़े होते ही पेशाब निकल जाता है और फिर उनका लंड सो जाता है।

मैंने उनकी बात को समझा और मैं उन पर से उतर कर बिस्तर पर खड़ा हो गया और उससे कहा- खुद मेरा अंडरवियर नीचे करके मेरा लंड देख लो।

तभी उन्होंने एकदम से अंडरवियर खींच लिया और मेरा लंड अंडरवियर के इलास्टिक से नीचे तक गया और फिर उछल कर बाहर आया और ऊपर-नीचे हिलने लगा.. जैसे उसमें स्प्रिंग लगा हो।

फिर उन्होंने मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया और उस पर चुम्बन किया और बोली- यार, यह तो लोहे की रॉड की तरह खड़ा है.. मुझे तो लगता था कि खड़ा होने पर भी मुलायम ही रहता होगा.. मगर ये तो बहुत सख्त है।

मैंने कहा- मेघा.. जब यह सख्त होगा तभी तो मज़े देगा।

तो उन्होंने कुछ नहीं कहा, बस मेरे लंड को सहलाती और दबाती रही।

मैंने बोला- मुँह में ले लो।

बस जैसे मेरे कहने भर की देर थी, उन्होंने मेरे लंड के अगले हिस्से पर जोर से चुम्बन लिया और लंड को चूसना शुरू कर दिया।

मुझे तो जैसे आनन्द का सागर मिल गया था।
मेघा के नरम होंठों के बीच मेरा लंड था और वो बहुत अच्छे से चूस रही थी। मैं तो सिर्फ आँखें बंद करके मजे ले रहा था और मेरे मुँह से ‘आह्ह मेघा आआआह्ह’ किए जा रहा था।

मैंने उनको देखा वो मस्ती से चूस रही थी।
मैंने उनके बाल चेहरे से हटाए और उन्होंने मेरी आँखों में देखा।
जैसे ही हमारी आँखें मिलीं और मेघा ने मुझे एक मुस्कान दी। उन्हें देख कर मैं भी मुस्कुरा दिया, तभी मैंने उनका चेहरा पकड़ा और अपने लंड को उनके मुँह के अन्दर-बाहर करने लग गया।

मेघा समझ गई कि मैं उनका मुँह चोद रहा हूँ इसलिए उसने मुँह नहीं खोला… पूरा मजा लेती रही।

पूरे एक मिनट बाद मैं थक कर रुक गया।

तभी उन्होंने जोर से मेरा लंड अपने मुँह में लेना शुरू कर दिया उससे मेरे मुँह से जोर-जोर से सिसकारियाँ निकलने लगीं।

मैं जोरों से ‘आह्ह आह्ह्ह’ करने लगा।

मैंने बोला- बस करो.. नहीं तो मेरा अभी ही निकल जाएगा।

वो एकदम से रुकी अभी मैंने राहत की साँस ली ही थी कि उन्होंने फिर से मेरा लंड मुँह में डाला और पहले से दुगनी तेजी से लंड को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया।

मेरी तो जैसे जान ही निकल गई, मैं खुद को रोक नहीं पाया और उनके मुँह में ही पूरा पानी छोड़ दिया।

वो शायद पूरा पानी पी गई, मैंने तो आँखें बंद कर ली थीं और बिस्तर पर सीधा गिर गया।
पर उन्होंने मेरा लंड नहीं छोड़ा, वो तब तक उसको चूसती रही, जब तक उन्हें यह नहीं लगा कि उसमें से सब निकल चुका है।

मैं तो निढाल होकर बिस्तर पर लेटा हुआ था। अब वो मेरे ऊपर आ गई और उसने मेरी छाती पर चुम्बन करना और फिर चूसना शुरू कर दिया।

वो मेरे चूचकों को मुँह में लेकर चूस रही थी, मैं लाश की तरह उनसे चुसवा रहा था। अचानक उसने मुझे मेरे होंठों पर चुम्बन किया मेरी तो जैसे नींद टूट गई।

उनके होंठों से मेरे लंड के माल की और उनके होंठों का स्वाद आ रहा था जो पहले वाले चुम्बन से अलग था।

मैं भी अब उठ चुका था और उनके होंठों का मजा अपने शरीर पर महसूस कर रहा था।
वो मेरे पूरे शरीर पर चुम्बन कर रही थी।

फिर वो मुझसे चिपक गई, तो मैं समझ गया था कि अब मेरी बारी है।

मैंने अपनी बाजुओं से उनको पलट दिया अब वो मेरे नीचे थी और मैं उनके ऊपर।

पहले मैंने उनके चेहरे पर चुम्बन किया, फिर जम कर उनके होंठ चूसे।

अब मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और जैसे ही उनकी ब्रा को निकाला, मेरा मुँह खुला का खुला रह गया। अभी भी ये सब लिखते हुए मुझे उनके 34″ के बड़े गोल मम्मों का ध्यान आ गया और मेरा लंड खड़ा हो गया है।

वो शायद अभी तक देखे गए सब मम्मों से मस्त और मस्त मम्मों में से एक थे।

मैं आपको कैसे बताऊँ वो एकदम गोरे थे, पूरे 34″ के एकदम गोल और पूरे सख्त थे, बिल्कुल भी ढलके हुए नहीं थे।
उनको देख कर लग रहा था जैसे कभी किसी ने छुआ भी ना हो।
मेरी आँखों के सामने ऐसी चीज थी जो मेरे लिए सबसे खूबसूरत थी।

समय तो जैसे रुक गया था, पर मेघा ने अपना एक दूध मेरे होंठों को जैसे ही छुआया तभी समय फिर से चल पड़ा।
उनका गुलाबी रंग का चूचुक मेरे मुँह में था और मैं उसे मजे से चूस रहा था।
मेघा के मुँह से सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गईं।
उनके निप्पल बहुत मजेदार थे, मैं ‘म्म्म्म्म् उउऊआआ आआ’ करता हुआ बहुत मजे से चूस रहा था।

मेघा भी ‘आह्ह्ह’ करते हुए मजे ले रही थी।
‘आह्ह्हह.. लव तुम तो बहुत खूब हो चूसते रहो.. आह्हह्ह.. तुम मुझे बहुत मजा दे रहे हो।’

‘मुझे भी बहुत मजे आ रहे हैं आपके मीठे गुलाबी दूध.. आआहह्ह।’

हम दोनों ऐसे ही एक-दूसरे से बात करते हुए एक-दूसरे को प्यार कर रहे थे। वो मेरे सर पर हाथ फेर रही थी और मैं उनके दूध चूस रहा था।

फिर मैं उसके पेट पर चुम्बन करने लगा उनकी नाभि में मैंने जीभ घुसा दी, वो पेट को अन्दर की ओर खींचने लगी।

‘आअहह्हह लव बहुत ही मस्त कर रहे हो यार.. करते रहो।’

मैं उनको प्यार करता रहा, उनकी नागिन सी लहराती कमर को मैंने पकड़ लिया और मैंने उनको गले से लगाया, फिर नीचे उसकी टाँगों के बीच आ गया मैंने देखा उसकी लाल पैन्टी अब बिल्कुल गीली थी।
मैंने देरी ना करते हुए उस पर चुम्बन किया और उनकी पैन्टी खींच दी ‘आआहह्हह..’

काश मैं आपको दिखा पाता उनकी एकदम गोरी और गुलाबी चूत को।
वो एकदम गोरी थी और थोड़ी पाव सी उठी हुई.. बाल भी थे.. मगर देख कर लग रहा था कि कुछ दिन पहले ही साफ़ किए हुए हों और चूत पूरी गीली पड़ी हुई थी।

मैंने अपना मुँह आगे किया और बहुत प्यार से उसकी चूत पर चुम्बन कर लिया।

‘उउउम्म म्ह्ह्ह्ह्आ आ..’ और वो भी चिहुंक उठी- आह्ह्ह लव ऊह्ह वाआअऊऊ लव…’

मैंने उनकी चूत के दोनों होंठों को खोला और उसमें जीभ डाल दी और उन्हें जैसे झटका लगा वो पीछे एकदम पीछे को हो गई।

कहानी जारी रहेगी।
आपके विचारों को मुझे अवश्य मेल करें।

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