मेरी सेक्सी बहन शालिनी की चुदाई-3

(Meri Sexy Bahan Shalini ki chudai-3)

फिर वो एक पत्थर के पीछे जाकर चेंज करके आई और वो एक बहुत ही सेक्सी काले कलर की ड्रेस में आई में तो उसे देखता ही रह गया और मेरे मुहं से निकल गया कि सेक्सी और वो हल्के से मुस्कुराते हुए पानी में आने लगी.. उसके गोरे गोरे पैरों के ऊपर काली कलर की पेंटी गजब ढा रही थी और उसकी सेक्सी सफेद बूब्स पर काली कलर की ब्रा तो ऐसे लग रही थी कि जैसे कोई मॉडल उतर आई हो.. मेरे दिमाग़ में फिर वही उसकी नंगी फोटो सामने आ गयी और मुझे नशा छाने लगा और लंड एकदम से खड़ा हो गया. फिर पानी में उतर कर मुस्कुराते हुए उसने बोला.

शालिनी : इतने ध्यान से क्या देख रहा है? कभी कोई लड़की नहीं देखी क्या?

में : देखी तो है.. लेकिन इतनी सेक्सी आज तक नहीं.

शालिनी : तू अपनी बहन को सेक्सी बोलता है क्या शरम नहीं आती तुझे?

में : काश में तुम्हारा बॉयफ्रेंड होता.

शालिनी : होता तो क्या होता?

में : वो तो जब होता तब ही बताता.

फिर एकदम से अचानक से मेरे पास आकर उसने मुझे पानी में धक्का दे दिया और पीछे की तरफ भागने लगी. फिर में भी सम्भल कर उसे पीछे से पकड़ने लगा और मेरा लंड उसकी गांड से सट गया और उसके मुहं से एक सिसकी निकल गयी. तो मैंने बोला कि क्या हुआ? फिर वो बहुत जोर की आवाज़ में बोली कि कुछ नहीं.. तो मैंने बोला कि क्यों कैसा लग रहा है यह मौसम? फिर उसने कहा कि बहुत अच्छा और तब तक में उसे पीछे से बहुत अच्छे से पकड़ चुका था और पानी के अंदर से उसके पेट को अपने हाथों से सहला रहा था और मेरा लंड एकदम से उसकी गांड से चिपका हुआ था..

उसने अपना सर पीछे की तरफ करके मेरे कंधे पर रख दिया और फिर मैंने धीरे से उसकी गर्दन पर अपने होंठ को रख दिया और उसने एकदम से अपना हाथ अपने पीछे करते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया जो कि बहुत तना हुआ था और फिर में अपने दोनों हाथ उसके दूध जैसे सफेद बूब्स पर ले गया और धीरे धीरे दबाने लगा और अब हम दोनों हवस में पागल होते जा रहे थे और हम सब कुछ भूल चुके थे और बस खुली हवा में पानी के अंदर एक दूसरे के शरीर से लिपटे हुए थे.

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फिर ऐसे ही करते करते मैंने उसके एक कंधे से उसकी ड्रेस को नीचे कर दिया और उसका एकदम सफेद बूब्स आधे से ज्यादा बाहर आ गया और उसने मेरे लंड को और जोर से पकड़ लिया. मैंने उसके एक बूब्स को एक हाथ में लिया और दूसरा हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और उसकी चूत को पहली बार छूने लगा और फिर छूते ही वो पागल हो गयी और उसने पलट कर मेरी अंडरवियर में हाथ डाल दिया और मुझे लिप किस करने लगी और सिसिकियाँ लेने लगी.

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मैंने भी पीछे हाथ डालकर उसकी ड्रेस ऊपर निकाल दी और वो मेरे सामने ऊपर से एकदम नंगी खड़ी थी.. दोस्तों वो क्या नज़ारा था? गोल गोल सफेद बूब्स जिसके गुलाबी कलर के चैरी जैसे निप्पल.. में तो अपने होश खो बैठा था और एक एक करके उसके निप्पल को मुहं में लेकर चूसने लगा और वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी और आवाज़ें निकालने लगी.

फिर उसने धीरे से मेरे कान में बाहर चलने के लिए बोला और हम ऐसे ही बाहर निकल कर एक पत्थर के पीछे जाने लगे. फिर वहाँ पर पहुंचते ही जैसे वो पागल हो गयी हो और उसने एक झटके में मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकाल कर मुहं में लेकर चूसने लगी. सोचो दोस्तों एक इतनी सेक्सी लड़की जिसकी इतने प्यारे गुलाबी गुलाबी हाथों ने तुम्हारे लंड को पकड़ रखा हो और तुम्हारे लंड को आगे पीछे कर रही हो तो आपका क्या हाल हो सकता है और वही मेरा हाल था. में तो अपने आप को रोक ही नहीं पा रहा था और फिर मैंने उसको टावल बिछाकर जमीन पर लेटाया और उसकी पेंटी उतारी.. !

क्या मस्त चूत थी शालिनी की? हल्के हल्के से बाल और अंदर से एकदम गुलाबी.. मैंने भी झट से उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और उसने मेरे सर को अपनी दोनों जांघो के बीच में दबा लिया और अपने कूल्हों को धीरे धीरे ऊपर उठाने लगी और फिर वो थोड़ी देर में झड़ गयी और मुस्कराते हुए वो बड़ी संतुष्ट लगी.. लेकिन में अभी ठंडा नहीं हुआ था और मैंने हल्का सा उसके ऊपर आकर अपना लंड उसके दोनों बूब्स के बीच में दबा लिया और आगे पीछे करने लगा और जब लंड आगे जाता तो वो मुहं खोल कर उसे अंदर ले लेती. फिर खुले आसमान में यह मेरा पहला सेक्स अनुभव मेरे होश उड़ा रहा था. हमे किसी का डर नहीं था और ना किसी के देखने की चिंता.. बस हम तो अपनी मस्ती में मस्त थे. फिर शालिनी ने बोला कि में और नहीं रह सकती प्लीज़ इसे नीचे डालो. तो मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए अपने लंड को हाथ में लिया और शालिनी की चूत पर रगड़ने लगा.. वो फिर से बिना पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और मुझसे लंड चूत के अंदर डालने की भीख माँगने लगी.

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मैंने फिर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर डाला तो उसकी आखें फट गयी और में थोड़ा सा अच्छा महसूस करने लगा और फिर एक झटके में लंड को अंदर की तरफ पहुंचा दिया. उसके मुहं से चीख निकल पड़ी और आँखो से आँसू. में फिर नीचे होकर उसके होंठ को चूसने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा और मैंने मौका पाकर एक बार फिर धक्का मार दिया और अब लंड बहुत अंदर जा चुका था और वो बार बार मुझसे लंड को बाहर निकालने को बोलने लगी.. लेकिन जिस जगह पर आज मेरा लंड पहुंच चूका था.. में वहाँ से वापस नहीं लौट सकता था. फिर थोड़ा रुक कर मैंने फिर एक आखरी धक्के में अपना लंड जड़ तक शालिनी की चूत में डाल दिया और वो छटपटाने लगी और में फिर से नीचे झुककर उसको स्मूच करने लगा और बूब्स दबाने लगा. फिर थोड़ी देर बाद उसको भी जोश आ गया और हल्का सा कूल्हों को हिलाने लगी.. में समझ गया कि अब उसे मज़ा आने लगा है और फिर मैंने भी हल्के हल्के झटके लगाने शुरू कर दिए.

फिर वो दर्द में कभी मुस्कुराती तो कभी एक रांड की तरह लंड का मज़ा लेते हुए मुस्कुराती देती. फिर मेरे भी धक्को की स्पीड तेज हो चुकी थी और लंड पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था और अब मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है. तो मैंने धक्के और तेज कर दिए ताकि उसे और मजा मिले और फिर शालिनी का शरीर अकड़ने लगा और मेरी बहन मेरे लंड की वजह से बहुत खुश हो गई. फिर मैंने और स्पीड बढ़ा दी और गीलापन महसूस होने की वजह से पच पच की आवाजें आने लगी और फिर मुझे भी लगने लगा कि में भी झड़ने वाला हूँ. तो मैंने धक्के और तेज कर दिया 15-20 धक्को के बाद में और शालिनी एक साथ झड़ गये और थोड़ी देर एक साथ लेटे रहे और एक दूसरे को देखकर मुस्कुराते रहे. फिर मैंने ध्यान से देखा कि शालिनी के बूब्स एकदम लाल हो चुके थे और उस पर मेरे हाथों के निशान भी साफ नज़र आ रहे थे.

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फिर हम ऐसे ही नंगे फिर से एक बार पानी में आ गये और एक दूसरे से सांप की तरह लिपट गये और मेरा लंड एक बार फिर उसकी टॅंगो के बीच दस्तक देने लगा और मेरी बहन मुस्कुरा रही थी और मेरा लंड पकड़ कर एक बार फिर बाहर ले आई और मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी.

फिर जब मैंने उसे लेटने के लिए कहा तो उसने कहा कि नीचे के लिए आज इतना ही बहुत है.. बाकी बाद में और फिर अपने गुलाबी होंठ मेरे लंड पर जकड़ दिए और चूसने लगी और में उसके बालों को पकड़ कर पीछे करके उसको देखने लगा.. वो बड़े मज़े से चूस रही थी और कभी कभी एक हाथ से अपने बूब्स भी दबाती.. उसके बूब्स बॉल की तरह उछल रहे थे. फिर में यह सीन देखकर मदहोश सा होने लगा और फिर मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ और वो मुझे अपने बूब्स पर झड़वाना चाहती थी.. लेकिन में उसके मुहं में झड़ना चाहता था और मेरे बहुत कहने के बाद वो मान गयी और मैंने कुछ झटको के साथ सारा वीर्य अपनी बड़ी बहन के मुहं में छोड़ दिया.

तो दोस्तों वो दिन में कभी नहीं भूल सकता जिस दिन मैंने अपनी पहली चुदाई अपनी बड़ी बहन के साथ की और उस दिन के बाद हम दोनों का बस चुदाई का ही काम था.

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