मम्मी की चूत का भोसड़ा बनवाया-4

Mummy ki choot ka bhosda banwaya-4

फिर राज ने कहा कि वाह आंटी क्या सेक्सी जिस्म है आपका और अब राजीव बोला चूम लो इस गहरी नाभि को, तो बाबा बोला दोस्तों यह जवानी का मदहोश कर देने वाला जाम आज शाम तक आप लोगों के लिए और वो सभी हंस दिए.

उसके बाद उन सभी ने ठंडी बियर पी. उसके कुछ देर बाद कुमार ने मम्मी के गोरे जिस्म से उनकी साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज को उनके गरम जिस्म से अलग कर दिया और अब दिनेश ब्रा के ऊपर से ही मम्मी के बूब्स को दबाने, चूसने लगा और उसके बाद वो सभी आगे बढ़कर एक एक करके माँ के नंगे जिस्म से खेलने लगे और फिर धीरे धीरे माँ बिल्कुल नंगी हो गई. अब उन पाँचो ने माँ को एक गोल सेंटर टेबल पर लेटा दिया और वो खुद उसके चारो तरफ खड़े हो गये और उनके अपने सामने पटककर घूर घूरकर देखने लगे.

फिर बाबा ने उसकी नाभि में भरी बियर को अपने होंठो से चूस लिया और कुमार माँ की नाभि से खेलने लगा, बाबा मम्मी के एक बूब्स को और दिनेश उनके दूसरे बूब्स को चूसने लगा और राज माँ की चूत को और राजीव ने अपना लंड माँ के मुहं में दे दिया.

दोस्तों इस तरह से उन लोगों की वजह से मम्मी के पूरे जिस्म को आनंद की प्राप्ति हो रही थी. बाबा और दिनेश मम्मी के बूब्स को बुरी तरह से मसल रहे थे, वो कभी बूब्स पर दाँत गढ़ा देते तो कभी बूब्स की निप्पल को उंगलियों से मसल देते और उधर राज माँ की चूत के होंठो की पप्पी ले रहा था तो कभी वो उनकी चूत में अपनी एक उंगली को पूरा अंदर डाल देता और फिर वो अपनी जीभ से चूत को कुत्ते की तरह चाट रहा था और राजीव का लंड भी माँ बहुत मज़े से पूरे जोश से चूस रही थी और कुमार माँ की नाभि को बुरी तरह से चूस रहा था.

अब राज ने अपना लंड माँ की चूत से सटा दिया और उसने एक ज़ोर से धक्का देकर अपने लंड को चूत के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से मम्मी के भी मुहं से आउुुउउईईईई माँ मर गई की सिसकियाँ निकलने लगी और वो दर्द से एकदम मचल उठी और अब राज ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए, लेकिन उसने कुछ ही देर बाद अचानक से अपने धक्कों की स्पीड को बढ़ा दिया, जिसकी वजह से अब मम्मी की आअहह उहह्ह्ह्ह ऊईईईईइ माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो मुझ पर थोड़ा सा तरस खाओ की आवाज बढ़ती ही जा रही थी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद राज के लंड का पानी माँ की चूत में निकल गया और अब राजीव ने उसके हटते ही माँ के दोनों पैरों को पकड़कर अपनी तरफ कर लिया.

अब दिनेश और कुमार ने माँ के एक एक पैर को अपनी तरफ खींचकर पूरा खोल दिया, जिसकी वजह से अब माँ की फूली हुई चूत कुमार के लंड से पूरी सट गई और उसने पहले ही बार में एक जोरदार धक्का देकर अपना लंड पूरा का पूरा माँ की चूत में ठोक दिया और अब वो अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा. फिर मम्मी जोश में आकर उससे कह रही थी, उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह्ह हाँ फाड़ दे मेरी चूत को आईईईई मेरी चूत को अपने लंड की ताकत दिखा, ऊउईईईईईईइ माँ हाँ पूरा अंदर तक जाने दे. अब बाबा और दिनेश माँ के बूब्स को अपने दोनों हाथों से मसलने लगे, जिसकी वजह से माँ अब सातवें आसमान पर थी और वो अपनी मस्त चुदाई का आनंद ले रही थी, शशसीईईई आह्ह्ह्हह क्या बात है हाँ और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाओ, वाह मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा है.

अब कुमार भी उनकी बातें सुनकर जोश में आकर अपनी पूरी ताक़त से लंड को भीतर ठोकने लगा, वो चुदाई पूरी स्पीड पर थी और कुछ देर बाद कुमार भी माँ की चूत में ही झड़ गया और कुमार के झड़ते ही राजीव ने अपना लंड हाथ में लेकर मम्मी की गीली गरम चूत पर सटा दिया और उसने जैसे ही उनकी चूत में अपना लंड डालना शुरू किया तो उन्होंने ज़ोर से चीखना शुरू कर दिया, ओह्ह्ह्हहह अहह्ह्ह्हह्ह नहीं प्लीज मुझको अब छोड़ दो, लेकिन बाबा कह रहा था राजीव घुसा दे पूरा लंड अंदर तुझे फिर कभी यह मौका मिले ना मिले, तू तो जमकर चुदाई कर और अब वो ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चोदे जा रहा था.

अब उसकी धक्के देने की स्पीड बहुत तेज हो गयी थी और माँ की आवाज़े भी तेज आ रही थी, उनकी योनि में ऐसा लग रहा था जैसे कि कोई थप्पड़ मार रहा हो और उनकी गांड पूरी तरह से कांप रही थी, वो आगे पीछे हो रही थी, म्‍म्म्ममममममम ओह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्हहह और फिर उसने माँ को कसकर पकड़ लिया और माँ उससे बोल रही थी, ओह्ह्ह्हह्ह में मर गयी, वो ज़ोर से चिल्लाई ऊओउउउइई रे मार दिया ओफफफ्फ़ और राजीव ने थोड़ी देर धक्के देने के बाद में अपना वीर्य माँ की चूत में डाल दिया. तभी तुरंत ही दिनेश ने माँ के पैरों को अपनी तरफ खींच लिया.

फिर माँ बोली प्लीज थोड़ी देर रुक जाओ, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन दिनेश बोला बस आंटी दस मिनट और सहन कर लो, उसके बाद आपको भी बड़ा मज़ा आएगा और इतना कहते हुए उसने माँ के दोनों पैरों को ऊपर हवा में उठा दिया और बाबा ने पैरों को पकड़ लिया, इससे माँ की फूली हुई गीली चूत उनके दोनों पैरों के बीच में सिकुड़ गई और दिनेश ने अपना मोटा लंड माँ की चूत पर सटा दिया. अभी भी माँ की चूत बहुत टाईट थी, जिसकी वजह से बड़ी मुश्किल से दिनेश ने अपना लंड माँ की चूत में डाला और उसका लंड माँ की चूत की खाल को जकड़ते हुए अंदर घुस रहा था और माँ भी चूत को टाईट कर रही थी, लेकिन एक ही तगड़े झटके में पूरा लंड माँ की चूत में घुस गया. उसके बाद दिनेश ने अपने लंड को माँ की चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.

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फिर मम्मी बोल रही थी ऊऊओह्ह्ह्ह ष्हह्ह्ह्हह बड़ा दर्द हो रहा है उफ्फ्फ्फफ् तुम बड़े बेरहम हो, आज तुम लोगों ने एक एक करके मेरी चूत का बेंड बजा दिया, लेकिन अब मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, हाँ थोड़ा और ज़ोर से चोद और ज़ोर से फाड़ दे फाड़ दे मेरी चूत को ऊऊऊ हहाऐईयईईईईई उूुउउइईई ऊओहअहह्ा ईइसस्सस्स और कुछ देर बाद दिनेश का भी पानी निकल गया और वो भी मेरी माँ की चूत में झड़ गया था.

अब बाबा बोला कि आंटी अब में आपको चोदूंगा तो माँ बोली कि हाँ चल तू भी चोद ले और फिर बाबा ने कुमार से माँ के दोनों पैर पकड़ने के लिए कहा और कुमार ने माँ के पैरों को मम्मी के सर की तरफ करके फैला दिया, इससे माँ की चूत पूरी तरह से खुल गई और उनकी चूत सूजकर फूल गई थी और वो पूरी लाल भी पड़ गई थी, चूत से बहुत सारा वीर्य बहकर बाहर निकल रहा था. अब बाबा ने भी अपना लंड मम्मी की गीली चूत पर सटा दिया और वो अपने लंड से चूत को रगड़ने लगा, जिसकी वजह से माँ कुछ ही देर में एक बार फिर से उत्तेजित हो गई और अब वो बाबा से बोली कि डाल दे मेरी चूत में अपना लंड, अब तू किसका इंतजार करता है?

फिर बाबा ने अपना लंड एक जोरदार धक्का देकर माँ की चूत में डाल दिया और उसका लंड माँ की भोसड़ी में अंदर बाहर होने लगा. कुछ देर बाद माँ भी नीचे से अपने कूल्हों को उछाल उछालकर बाबा के लंड को अपनी चूत में निगल रही थी और वो अपनी चुदाई का पूरा पूरा मज़ा ले रही थी, आह्ह्ह्ह उुह्ह्ह्ह प्लीज सस्ससस्स धीरे में मर गई, आह्ह्ह्हह्ह और धीरे आईईईईई मज़ा आ रहा है. फिर माँ बोली ऊऊऊहह आआहह अब मज़ा आ रहा है और ज़ोर से धक्के देकर चोदो, ज़ोर से चोद, फाड़ दे इस हसीन चूत को कसम से तूने मुझे बड़ा मस्त कर दिया है, वाह क्या मज़ा आया, ऐसा मुझे आज तक कभी नहीं आया.

फिर बाबा अब और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था और फिर बाबा का भी पानी निकल गया और फिर माँ नहाने चली गई और रात का खाना खाकर जल्दी 7 बजे ही सो गई और अगले दिन जब 11 बजे उठी तो बाबा का कज़िन और उसके कुछ दोस्त तब तक कॉलेज जा चुके थे और फिर वो उठी और उठकर फ्रेश होने के बाद वो लोग घर के लिए चल दिए और रास्ते में उन्होंने नाश्ता किया और फिर घर पर पहुंचकर 1 बजे वो दोबारा से सो गई.

फिर बाबा जीतू से बोला कि हमने कल आंटी की चूत को फाड़ दिया और यह सब हुआ इन दो दिनों में और कल से वो बस आराम ही कर रही है, इस बैचारी की चूत में बहुत दर्द हो रहा है, इसलिए वो आराम कर रही और मैंने देखा कि माँ हमारी बातें सुन रही थी और वो भी कुछ देर बाद नीचे आ गई और वो बोली क्या इसलिए तुम सब यहाँ पर आए थे?

मैंने बोला कि मम्मी में तुम्हारी चूत को ऐसे तड़पते हुए नहीं देख सकता, इसलिए में अपने सारे दोस्तों के साथ यहाँ पर आ गया और इनको भी आपको चोदने का मौका मिला और आपको भी अपनी चूत को शांत करने का सही सामान मिल गया, जिसकी हम सभी को बहुत ज्यादा जरूरत थी, वो अब पूरी हो चुकी है. फिर मम्मी कहने लगी कि कल तुम सभी को दोबारा चूत मिलेगी और वो इतना कहकर उठकर फ्रेश होने चली गई. हम लोग भी उनकी बात सुनकर बहुत खुश थे, लेकिन थक भी बहुत गये थे, इसलिए हम फ्रेश होकर लंच करके सो गये.