ऑनलाइन दोस्ती से चुदाई तक का सफर-1

Online dosti se chudai tak ka safar-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कुनाल शर्मा है। मेरी उम्र 26 साल है और में दिखने में गोरा और क्यूट हूँ। मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है। में जयपुर का रहने वाला हूँ अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह बात आज से सात साल पहले की है जब में जयपुर के ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता था । मैं उस समय first ईयर का स्टूडेंट था । अब first ईयर होने के कारण मैं अधिकतर समय फ्री रहता था, चूँकि मेरे पास कंप्यूटर था इसलिए जब मैं बोर होता तो मैं इंटरनेट पर चैटिंग करता था । फिर एक दिन मुझे चैटिंग करते वक्त एक लड़की मिली, उसने अपना नाम कृति बताया था। वो मुंबई की रहने वाली थी, लेकिन फिलहाल जयपुर से एम.बी.बी.एस कर रही थी। अब रात को चैटिंग करना हमारी रोज की आदत हो गई थी । फिर धीरे-धीरे हम लोग मोबाईल पर बातें भी करने लगे और अब देखते ही देखते हम दोनों अच्छे फ़्रेंड बन गये थे ।

अब हम दोनों के बीच हर तरह की बातें होने लगी थी, लेकिन मैंने कभी भी लिमिट क्रॉस करने की कोशिश नहीं की, उसकी बातें बहुत ही प्यारी हुआ करती थी । खैर फिर जल्द ही मेरा एग्जॉम स्टार्ट हो गया और फिर हमारी बातें भी कम होने लगी थी । फिर थोड़े दिनों के बाद मेरे एग्जॉम ख़त्म हो गये और मैं अजमेर अपने मामा के चला गया

अब मेरी छुट्टियाँ ख़त्म हो गई थी और अब मुझे वापस जयपुर आने था। अब जब में ट्रेन में था, तो तब मैंने देखा कि मुझे कृति का कॉल आ रहा है। उसने बताया कि वो मुझसे मिलना चाहती है । फिर तब बातों ही बातों में मैंने उसे बताया कि में थोड़ी ही देर में जयपुर स्टेशन पर उतरने वाला हूँ। तो ये सुनकर वो बहुत खुश हो गई और बोली कि वो मुझसे मिलने स्टेशन पर आ रही है । तब मैंने भी सोचा कि चलो इससे भी मिल लेते है वरना इसकी खटपट सुननी पड़ेगी और फिर मैंने उसे अपना ट्रेन नम्बर और कोच नम्बर बता दिया। फिर जब ट्रेन जयपुर पहुँची तो तब उस समय सुबह के 10 बज रहे थे। अब मैं अपना सामान लेकर प्लेटफॉर्म पर ही कृति का इंतज़ार करने लगा था।

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तभी वहीं पास में खड़ी एक लड़की पर मेरा ध्यान गया। वो हरे कलर की बिल्कुल टाईट टॉप और ब्लू कलर की जीन्स पहने हुए थी, उसका कद करीब 5 फुट 4 इंच होगा, बिल्कुल गोरी, सुनहरे बाल और उसके बूब्स का साईज़ 34 होगा और वो भी शायद किसी का इंतज़ार कर रही थी, वो सच में गजब की खूबसूरत थी।

खैर फिर मैंने सोचा कि ये चूत मेरे लंड के लिए नहीं है और फिर मैंने कृति को कॉल किया। तब उसने मुझे बताया कि वो प्लेटफॉर्म पर ही है, लेकिन मुझे पहचान नहीं पा रही है। तब मैंने उसे बताया कि में ब्लेक कलर की टी-शर्ट और ब्लू कलर की जीन्स पहने हूँ और मेरे हाथ में एक ब्लू कलर का ट्रॉली वाला बैग है। अभी मैंने फोन रखा भी नहीं था कि मैंने देखा कि जिस लड़की की खूबसूरती का में चोरी से रसपान कर रहा था, वो मेरे सामने खड़ी होकर मुस्कुरा रही है। अब मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था। तब उसने मुझसे बोला कि एक्सक्यूज मी आर यू कुनाल ? तो तब मैंने कहा कि या आई एम बट? फिर उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाते हुए अपने आपका परिचय दिया कि दिस इज फूलन देवी और जोर से हंस पड़ी। अब में हैरान था। फिर जब उसकी हंसी रुकी तो तब उसने कहा कि ऑफ कोर्स आई एम कृति और मुझे हग किया। उसने बहुत ही लाइट पर्फ्यूम यूज़ किया था और उसके बाल बहुत ही प्यारे थे और फिर हग करते वक्त मैंने ये महसूस किया की उसके बूब्स बहुत ही सॉफ्ट थे।

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अब वो मुझसे पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी? और में कही और उसकी खूबसूरती निहारने में मशगूल था। अब उसने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था और अब वो मुझे स्टेशन के बाहर ले जा रही थी। अब मुझे उसकी कोई भी बात सुनाई नहीं दे रही थी। अब में बस उसकी अदाओं में खोया हुआ था। अब वो बोल रही थी, हंस रही थी और बीच-बीच में अपने चेहरे से बालों को हटा रही थी और में बस उसे ये सब करते हुए देख रहा था। फिर थोड़ी ही देर में हम एक बड़े से रेस्टोरेंट के सामने खड़े थे । फिर हम अंदर गये और फिर एक कॉर्नर वाली टेबल पर बैठ गये। फिर कृति ने मुझसे पूछा कि कुनाल आर यू ऑलराइट? में तब से तुम्हें देख रही हूँ कि तुम बहुत शांत हो, कोई परेशानी है क्या? तो तब में बोला कि अरे नहीं, बस मुझे थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा है, में थोड़ा फ्रेश होकर आता हूँ और ये कहकर में वॉशरूम में चला गया। फिर जब में अपना फेस धोकर और बाल सवारकर जब वापस आया तो तब मैंने पाया कि टेबल पर मेरी पसंद की चीज़े लगी हुई है। तब में हैरान होकर कृति को देखने लगा।

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फिर तब कृति हंसकर मुझसे बोली कि अब तुम हैरान मत हो, तुमने ही मुझे बताया था कि तुम्हें ये सब चीज़े बहुत पसंद है, वैसे कुनाल में एक बात बोलूँ? तो तब में बोला कि बोलो। तो तब वो बोली कि गीले बालों में तुम बहुत ही हॉट दिख रहे हो और उफफ्फ फिर से उसकी झरने जैसी खिल-खिलाती हंसी। अब मुझ ऐसा लग रहा था मानो वो मुझ पर काला जादू कर रही हो। खैर फिर हम खाना खाने लगे और अब हम आपस में काफ़ी मज़ाक कर रहे थे। फिर में बातों ही बातों मैंने बोला कि में आज रात की बस पकड़कर जोधपुर अपनी मोसी के जा रहा हूँ। तब उसने मुझसे कहा कि में आज उसके फ्लेट पर रुक जाऊं और अगले दिन चला जाऊं । लेकिन में नहीं माना और बहाना बनाया की मेरा जाना जरूरी है। फिर कृति ने कहा कि कुनाल ये भी मिलना कोई मिलना हुआ क्या? तुम आज ही आए और आज ही वापस जा रहे हो, ओके चले जाना, लेकिन तुम मुझसे वादा करो कि तुम आज पूरा दिन मेरे साथ रहोगे और मेरे साथ मूवी भी देखने चलोगे । तब में मान गया।

अब प्रोब्लम ये थी कि मेरे पास सामान था और वो लेकर में घूम नहीं सकता था। अब में थका हुआ भी था इसलिए मैंने डिसाइड किया कि में एक होटल में रूम ले लेता हूँ और वहीं सामान भी रख दूँगा और साथ में बाथ भी ले लूँगा । फिर जब में रूम के अंदर पहुँचा तो मैंने पाया की वो रूम बहुत साफ और बहुत ही आलीशान था, होता भी क्यों नहीं? कृति को इंप्रेस करने के लिए सबसे महँगा वाला ए.सी रूम जो लिया था। फिर में रूम के अंदर आते ही बिस्तर पर लेट गया। फिर कृति मुझे जल्दी फ्रेश होने की ज़िद करने लगी । तो तब में उठा और टावल लेकर बाथरूम में शॉवर लेने को चला गया । अब कृति वही टी.वी देखने लगी थी । फिर जब में वापस आया तो तब मैंने देखा कि कृति मुझे एक टक देखकर मुस्कुरा रही थी । में उस वक्त सिर्फ़ टावल और टी-शर्ट पहने हुआ था । तो तभी अचानक से कृति उठी और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स लॉक कर दिए ।

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अब वो मुझे पागलों की तरह स्मूच कर रही थी, उसके लिप्स बहुत ही सॉफ्ट थे । अब तक में भी गर्म हो चुका था और अब मैंने ज़ोर से उसे अपनी बाहों में कस लिया था और इधर उधर चूमने लगा था। अब इस हलचल में पता ही नहीं चला था कि मेरा टावल कब खुल गया और अब में नीचे से बिल्कुल नंगा था।

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