पड़ोसन आंटी की बदबूदार चूत

(Padosan Aunty Ki Badbudar Chut)

नमस्कार दोस्तो कैसे है आप लोग मै सिवेश। इलाहाबाद से दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है उम्मीद करता हूं आप को जरूर पसंद आएगी ।
तो चलिए कहानी शुरू करते है। ये कहानी 6 महीने पहले की है।
आंटी का नाम अपर्णा और उनकी उम्र 45 साल है लेकिन वो कहीं से भी इतने साल की नहीं लगती ऐसी लगती है। जैसे कोई 30 साल की हो दोस्तो मेरी उम्र 20 साल है और मै क्रिकेट में फेमस हूं और भी मै एक्टिंग भी करता हूं और जब से मेरा लौड़ा खड़ा होना शुरू हुआ है तब से में केवल आंटी और भैभियो में भी रुचि रखता हूं। आंटी का एक लड़का है। अरनब और वो भी मेरे साथ क्रिकेट खेलने जाता है। मै रोज उनके घर जाता था और आंटी को घूर-घूर के उनकी गान्ड देखता था। आंटी को पता था लेकिन कहती कुछ नहीं थीं आंटी बहुत ही सांत सुभाव की थी। एक दिन की बात है मै रोज की तरह अरनब को बुलाने उसके घर गया गेट खुला था मैं रोज की तरह सीधा उसके रूम में गया वो नहीं था। फिर आंटी अपने रूम थी। मै सीधा अंदर चला गया। आंटी को देख के मेरा तो होस ही उड़ गया उस टाइम वो सो रही थी और उसकी साड़ी उसकी जांघो तक थी और उसकी चूत साफ दिख रही बड़े झाटो से भरी मेरा 8इंच लंबा और 3इंच मोटा लौड़ा खड़ा हो गया पर मै कुछ देर देख के वापस आ गया। अपने रूम में और आंटी के बारे में सोच के मुठ मेरी फिर भी आराम नहीं मिला उस दिन मै मैच खेलने नहीं गया। शाम को अपनी छत कपड़े लेने आयी और मै भी छत में टहल रहा था । तभी आंटी दिखी और मै ने अरनब के बारे में पूछा तब आंटी ने बताया कि वो 5 दिनों के लिए अपने नानी के घर गया है उनकी तबियत ठीक नहीं है। मै बोला तभी ऑटी मै गया था पर वो दिखा नहीं आंटी को सक हुआ लेकिन कुछ नहीं कहा बस कपड़े ली और चली गई कुछ देर बाद आंटी का फोन आया। क्युकी कोई काम होता था तो आंटी फोन कर देती थी।

Aunty- बेटा क्या खाली हो ।
मै – जी आंटी कहिए ।
आंटी – बेटा मुझे मार्केट जाना था ।
मै – ओके आंटी मै आता हूं ।
और मै ताय्यार होकर चला गया सायद आंटी को लगा नहीं था मै इतनी जल्दी आ जाऊंगा गया तो आंटी पेटीकोट और ब्रा में थी मै सीधा उनके रूम में गया उन्हें देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया आंटी को भी पता चल गया और मै तुरंत बाहर आ गया आॅंटी जब आई तो जैसे कोई अप्सरा आ गई हो ऐसी लग रही थी । लगा तुरंत पकड़ के चोद डालो साली को लेकिन अपने ऊपर कंट्रोल रखा और उनको लेके चला गया और रास्ते में खूब मज़े लिए और वो समान वगैरह ली और हम वापस आ गए आंटी को छोड़ने के बाद जाने लगा तो आंटी बोली कहा जा रहे हो अंदर आ जाओ मै भी तो अकेली बोर हो रही हूं। मै भी यही चाहता था । और हम अंदर गए आंटी बोली बैठो मै चाय ले आती हूं। मै बोला ओके और मै बाथरूम गया बाथरूम करने तो वहां आंटी की रेड कलर की पैंटी और ब्रा थी। मै ब्रा को हाथ में लेके और पैंटी को चाटने लगा और सुघने लगा उसने से मुझे बड़ी गंदी स्मेल आई फिर भी मै चाटने लगा और ब्रा को हाथ में लेके मुठ मारने लगा तभी आंटी की आवाज आई और मै बाहर आ गया मेरा लन्ड बिल्कुल खड़ा था। आंटी समझ गई की मै अंदर क्या के रहा था। आंटी और मै चाय पीने लगे और इधर उधर की बात करने लगे आटी का ध्यान मेरे खड़े लन्ड पर है था ।
फिर आंटी ने पूछा।

आंटी – शिवेश वो एक बात पुछू।
मै – जी आंटी बोलिए
आंटी – तुम मुझे इस तरह हमेशा क्यों घूरते रहते हो।
क्या तुम्हे पता नहीं की मै एक विधवा हूं और तुम जानते हो कि a
अंकल की डेथ 5 साल पहले हो चुकी है ।
मै – मै एकदम सोक आंटी,,,, ऐसी बात नहीं है ।
आंटी – बेटा मै सब जानती हूं तुम्हारी अभी पढ़ने की उम्र है और तुम अपने घर से इतनी दूर था पढ़ने आए हो ।
मै – चुप था और सोचा साली को तो आज चोदना ही है। और मै बिना डरे बोला आंटी मै आपको पसंद करता हूं और प्यार भी ।

आंटी – गुस्से से एकदम लाल और मुझे खीच के एक थप्पड़ जड़ा तुम्हे सर्म नहीं आती ऐसी बात करते हुए ।
मै – सीधा आंटी को पकड़ के किस करने लगा 10 मिनट तक उसे नहीं छोड़ा वों नाकाम कोशिश करती रही लेकिन मेरे आगे एक ना चली धीरे – धीरे मै उनकी चूचियों को दबाने लगा और वो भी धीरे – धीरे विरोध कम कर दिया और मेरे किस का जवाब देने लगी अब वो मुझे अलग करती हुई बोली
ये गलत है मै बोला कुछ नहीं गलत है आंटी मै आपसे बहुत प्यार करता हूं आप मेरे लाइफ की पहली लड़की है । आंटी बोली फिर भी ।
जब मै नहीं माना तो आंटी मान गई और मुझसे लिपट गई और हम फिर से किस करने लगे।
क्या बताऊं दोस्तो आज भी याद कर के मुठ मारना पड़ रहा है।

धीरे धीरे मै उनकी चूचियों को दबाने लगा ब्लाऊज के उपर से ही । और फिर हम लोग बेडरूम में आ गए । आंटी और मै अपने कपड़े उतार दिए आंटी अब बस ब्रा और पेंटी में मेरे सामने लेटी थी । और मै भी अंडरवीयर में लेट गया और किस करने लगे। अब मै उनके बड़े बड़े चूचों को आजाद कर दिया और मुंह में लेके चूसने लगा आंटी लगातार बोले जा रही थी चूस साले मादर चोद मिटा दे मेरी सारी गर्मी को और खा जा मेरी चूत को आह,,,,,आहहह,,,,स्सीस
चूस ,,,,,,,। अब मै धीरे धीरे उनकी चूत की तरफ गया और पेंटी के उपर से ही चूत को चाटने और सूघने लगा दोस्तो मुझे चूत चाटना बहुत ही अच्छा लगता है लेकिन साली रण्डी की चूत ऐसी बदबूदार थी कि क्या बताऊं और उपर से उस पर बड़ी बड़ी झांटे उसकी पैंटी उतार कर चूत को ढूंढने लगा उसकी जैसे है मुंह ले गया लगा की उलटी हो जायगी लेकिन सास को रोक के चाटने लगा उसका पानी नमकीन खट्टा चाटने में मजा इतना आया मानो जन्नत हो ।
आंटी – चाट आज तक इतना मज़ा कभी नहीं आया आह्,,, एसईई,,आऊऊऊऊऊऊ सस्सीस,,,चाट खा जा मेरी चूत 5 सालो से प्यासी हूं।

मै – आह रण्डी तुझे अपनी रण्डी बना के चोदूंगा मेरी जान ।
फिर वह उठी और मेरी चड्डी खोल कर देखी तो दंग रह गई । बोली इतना बड़ा मै आज तक नहीं देखी और चूसने लगी ।
मै – चूस रण्डी आह्ह,,,, बहुत मज़ा आ रहा था ।
फिर हम 69 की पोजिशन में आ गए।
मै उसकी बदबूदार चूत को जीभ घुसा कर चाटने लगा कुछ देर बाद वह अकड़ने लगी और मेरे मुंह में है झड गई ।
अब वो मेरे लन्ड को जोर जोर चूसने लगी और मै उसके मुंह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गई ।
फिर भी मेरा लन्ड चूसती रही । और कुछ देर बाद मेरा लन्ड दोबारा खड़ा हो गया और मै उसे लिटा कर उसके पैर की उठा लिया और लंड्ड को उसकी चूत में रगड़ने लगा ।
अब वो तड़पने लगी बोली चोद ना साले भड़वे गुसा दे राजा अब नहीं सहा जाता मै ने दो इंच है अंदर गया और वो चीखने लगी ।

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अब मै उसे किस करने लगा और जोर लगा के एक ही झटके में पूरा लन्ड उसके अंदर डाल दिया बस वो मेरे मुंह के अंदर चीख के रह गई ।
उसकी आंखो से आंसू बहने लगे ।
मै कुछ देर रुका रहा और उसे किस करता रहा जब उसका दर्द कम हुआ तो वह नीचे से झटके लगाने लगी ।
और मै भी अब उसे झटके दे दे कर चोदने लगा।
अब पूरे कमरे में बस हमारी सिसकारियां गुजने लगी अब वो मुझे बोलने लगी मादरचोद साले भड़वे और जोर लगा के मेरी चूत का भोसड़ा बना दे रण्डी बना दे मुझे चोद आह राजा तू मेरा साय्या बन जा ।
सस्स्ई आह्हह ,,,,,,ओह्हह
लगातार मै उसे 25 मिनट चोदने के बाद अब वो झड़ने वाली थी बोली और तेज आह राजा अब वो मुझे कस के पकड़ के झड गई ।

अब मेरा भी होने वाला था मै बोला आंटी मेरा भी होने वाला हैं कहा निकालू बोली अंदर ही निकाल दे चार पाच धक्कों के बाद मेरा पानी निकल गया और हम दोनों लेटकर वहीं नंगे है एक दूसरे से लिपटकर सो गए उस रात हम दोनों ने 5 बार चुदाई की और सुबह उसने मुझे किस किया और फिर हमने । सादी भी कर ली और उसके बेटे के सामने आंटी और मेरे सामने मेरी बीबी बन के रहती है । Padosan aunty ki badboodar chut.

तो दोस्तों कैसी लगी मेरी आंटी की चुदाई यह एक सच्ची घटना है। अब मै पढ़ाई करने के लिए लखनउ आ गया अब जब भी इलाहाबाद जाता हूं तो अपनी आंटी को जरूर चोदता हूं।कोई भी आंटी और भाभी को भी मुझसे सीक्रेट लव और रिलेशन रखना चाहती है ईमेल कर सकती है ।
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