पड़ोसी भाभियों को जमकर बजाया–3

Padosi bhabhiyo ko jamkar bajaya-3

कहानी के दूसरे दिन में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैने संगीता भाभी को बुरी तरह से चोद डाला था। अब कहानी आगे…………
मेरा लन्ड संगीता भाभी की चूत फाड़ रहा था।अर्पिता भाभी मुझे घुरकर देख रही थी।
मैं– भाभी चिंता मत करो।आपका भी नंबर आने वाला है।
अर्पिता भाभी– हां आज तो तू सबकी जमकर बजा डालेगा।
मैं– क्या करू आपने इतने दिनों तक मुझे तड़पाया है तो आज पूरी कसर निकाल लूंगा।
अब तक मेरा लन्ड संगीता भाभी की चूत का भोसड़ा बना चुका था। अब मैंने संगीता भाभी से घोड़ी बनने के लिए कहा तो वो ना नुकुर करने लगी।
मैं– भाभी आप चुपचाप घोड़ी बन रही हो या मै बनाऊ?

अब संगीता भाभी मजबूत होकर चुपचाप बेड पर घोड़ी बन गई। अब मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट को गांड़ से हटाकर उनकी पीठ पर उलेट दिया। अब संगीता भाभी की गांड और चूत मेरे लन्ड के सामने थी। तभी मैंने संगीता भाभी की चूत में लंड सेट कर दिया और अब मैं संगीता भाभी को घोड़ी बनाकर ठोकने लग गया।भाभी फिर से आह आह ऊंह करने लगी।
संगीता भाभी– आह आह ऊंह आह ओह आह आह।
मैं– वाह भाभी बहुत मस्त चूतड़ है आपके तो।
मैं संगीता भाभी की गांड पकड़कर उनको बुरी तरह से पेल रहा था। आज तो संगीता भाभी की लंका लूट चुकी थी। मैं ताबड़तोड़ तरीके से भाभी को बजा रहा था।मुझे भाभी को पीछे से बजाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
संगीता भाभी– ऊंह आह ऊंह आह आह ओह ओह आह ओह रोहित।
मैं– अब आया ना भाभी मज़ा आह।
फिर मैंने संगीता भाभी को बहुत देर तक पेला।इसी बीच संगीता भाभी की नदी फिर से बह गई। अब मैं रुक गया और उनकी गांड़ के सुराख में उंगली डालने लगा।मेरी उंगली आराम से संगीता भाभी की गांड में घुस गई।इसका मतलब संगीता भाभी की गांड को पहले से ही किसी ने बजा रखा था।

अब मैं संगीता भाभी की गांड में उंगली करने लगा।मुझे संगीता भाभी की गांड में उंगली करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।शालिनी भाभी खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी।
शालिनी भाभी– रोहित, बैचारी की आज तो तू जान निकाल कर ही मानेगा।
मैं– हां भाभी,,फिर आपका भी तो नंबर लेना है।
शालिनी भाभी– हां तो लेे लेना,,वैसे भी तू नहीं मानेगा।
शालू भाभी– इसे तो बिना मेहनत किए हम सबको चोदने का मौका मिल गया।
अर्पिता भाभी– हां यार,बहुत कमिना है ये।
इधर मै संगीता भाभी की गांड में उंगली घुसा रहा था। अब तक मै संगीता भाभी की गांड के छेद को ढीला कर चुका था। अब संगीता भाभी की गांड मारने की बारी थी।तभी मैंने शालिनी भाभी से तेल और मक्खन लाने को कहा तो शालिनी भाभी किचन में जाकर तुरंत तेल और मक्खन लेे आई।
संगीता भाभी– यार प्लीज गांड़ तो मत मार।
मैं– गांड़ तो मै मारूंगा ही भाभी।
संगीता भाभी– बहुत दर्द होगा यार।
मैं– दर्द होगा तो सहन कर लेना साली।
तभी मै संगीता भाभी की गांड पर तेल लगाने लगा। तभी मैंने शालू भाभी से मेरे लन्ड की तेल से मालिश करने के लिए कहा। अब शालू भाभी तेल लेकर मेरे लन्ड की मालिश करने लगी और मैं संगीता भाभी की गांड की गहराई को तेल से भिगोने लगा।संगीता भाभी चुपचाप बेड पर घोड़ी बनकर पड़ी थी शालू भाभी बहुत अच्छी तरह से मेरे लन्ड की मालिश कर रही थी।फिर शालू भाभी ने मक्खन लगाकर मेरे लन्ड को अच्छी तरह से गांड़ मारने के लिए तैयार कर दिया ।फिर मैंने भी संगीता भाभी की गांड में तेल लगाकर गांड़ के सुराख में मक्खन लगा दिया।

अब मैंने संगीता भाभी की गांड के सुराख में लंड रखा और ज़ोर से दबा कर धक्का लगा दिया।मेरा मोटा तगड़ा लंड एक ही बार में दन दनाता हुआ संगीता भाभी की गांड की गहराई में जा पहुंचा।तभी संगीता भाभी बुरी तरह से बिलख उठी।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई।
मेरा लन्ड बुरी तरह से संगीता भाभी की गांड में फंस चुका था।तभी मैंने लंड बाहर निकाला और फिर से ज़ोर से भाभी की गांड में लंड ठोक दिया।भाभी की फिर से चीखे निकल गई।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आह आह।
अब मैं दे दना दन संगीता भाभी की गांड मारने लगा।मुझे भाभी की गांड में लंड ठोकने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। संगीता भाभी बुरी तरह से दर्द से झल्ला रही थी। सभी भाभियां गांड़ और लंड का ये नज़ारा खुद अपने सामने देख रही थी।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आह आह ओह ओह ओह आह।
मैं– आहा बहुत टाइट गांड़ है साली हरामजादी तेरी। आहा बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई ओह ओह आह आह कमिने कुत्ते साले थोड़ा धीरे धीरे तो कर।
मैं– साली, मां की लौड़ी आज तो तेरी गांड़ फाड़ दुनिया। हाय क्या गांड़ है तेरी।कसम से मज़ा आ गया आज तो।
संगीता भाभी– ऊंह आह आह आईईईई आईईईई,,साली रण्डी अर्पिता कहां मर गई, देख ये कुत्ता कैसे मेरी गांड मार रहा है।
अर्पिता भाभी– तो गांड़ मरवा ले ना रण्डी,, वैसे अब ये कुत्ता किसी को नहीं छोड़ेगा।सबकी चूत और गांड़ मारेगा ही।
संगीता भाभी– आह आह आह ओह आईईईई आई आज तो कामिना मेरी जान ही निकाल देगा।
मैं– हां साली रण्डी आज तो तेरी जान ही निकाल दूंगा।

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मैं खचाखच गांड़ हिला हिलाकर संगीता भाभी की गांड की बखिया उधेड़ रहा था।संगीता भाभी बहुत बुरी तरह से हिल रही थी। मेरा लन्ड आज भाभी की गांड फाड़ने को तैयार हो रहा था। मैं ज़ोर ज़ोर से भाभी की गांड पेल रहा था।
शालिनी भाभी– और संगीता कितना मज़ा आ रहा है गांड़ मरवाने में।तुझे तो गांड़ मरवाने का बहुत शौक था ना,, अब क्यो डर रही हो?
संगीता भाभी– जिससे गांड़ मरवाती थी तो उसका लंड इतना बड़ा नहीं था जितना इस कुत्ते का है। ये तो मेरी जान ही निकाल रहा है।
शालू भाभी– अब जितना बड़ा लौड़ा उतना ही ज्यादा मज़ा,, तो खूब गांड़ मरवाओ भाभीजी।
मैं– हां देखो,, मै तो इस रण्डी को पूरा मज़ा दे रहा हूं।अब ये ही नखरे कर रही है।
अर्पिता भाभी– अब जब सबको चूदना ही है तो खुलकर चुदो,,शरमाओ मत।
संगीता भाभी– ऊंह आह आह ओह आईईईई। हां साली रण्डी जब ये कामीना तेरी गांड़ मारेगा ना तब देखना ,,कितना मज़ा आता है।
अर्पिता भाभी– हां मै भी देखती हूं आज इसके लौड़े में कितना दम है।
तभी संगीता भाभी बुरी तरह से कांपने लगी और कुछ ही देर में उनकी चूत में से गरमा गर्म लावा बहने लगा।तभी संगीता भाभी बुरी तरह से पस्त हो गई।
संगीता भाभी– हाय! आह आह ओह आह आह ओह कुत्ते। अब तो छोड़ दे।
मैं– ओह साली हरामजादी अभी कैसे छोड़ दू तुझे,,अभी तो तुझे जमकर बजाना है।
मैं अभी भी झमाझम संगीता भाभी की गांड मार रहा था। अब तक मेरा लन्ड संगीता भाभी की गांड को लाल कर चुका था। अब संगीता भाभी की दर्द भरी सिसकारियां कामुक माहौल में बदल चुकी थी। अब वो आराम से गांड़ मरवा रही थी।
संगीता भाभी– आह आह ओह आह आह आह आह ओह ओह ऊंह ऊंह आह।

मैं– आह ओह भाभी,,, बहुत मस्त गांड़ है तेरी।
फिर मैंने बहुत देर तक संगीता भाभी की गांड को बजा बजा कर उनकी गांड़ का गोदाम बना दिया। अब मैंने उनके फिर से पलटकर सीधा कर लिया। अब संगीता भाभी का चेहरा देखने लायक था।वो बुरी तरह से थक चुकी थी।तभी मैंने उनकी चूत में फिर से लंड ठोक दिया और उनके फिर से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए बजाने लगा।
संगीता भाभी– ऊंह आह आह आह आह ओह ऊंह आह आह।
मैं– आह बहुत मज़ा आ रहा है भाभी आपकी मारने में।
संगीता भाभी– हां लेे लेे बेटा पूरा मज़ा।
मैं जल्दी जल्दी संगीता भाभी को चोदने में लगा हुआ था। संगीता भाभी वाकई में कमाल की माल थी।तो उन्हें चोदने में भी उतना ही मज़ा आ रहा था जितनी वो कमाल की है। अब मैं थोड़ा सा रुका और संगीता भाभी के जिस्म पर से उनकी साडी और पेटीकोट निकाल फेंकी। अब मैंने तुरंत उनके जिस्म में अटके हुए ब्लाउज को भी खोल फेंका।
अब संगीता भाभी पूरी नंगी हो चुकी थी।उनका गोरा चिकना जिस्म मेरे लन्ड के सामने था।
मैं– वाह! भाभी ,,बहुत कातिल जिस्म है आपका तो।मज़ा आ गया आपके जिस्म को देखकर।
अब मैंने संगीता भाभी की टांगे पकड़कर उन्हें फोल्ड कर दिया। अब मैंने फिर से उनकी चूत में लंड टांग दिया और दे दना दन संगीता भाभी का संगीत बजाने लगा।
संगीता भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह आह आह आह।

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संगीता भाभी को फोल्ड करके चोदने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा। मैं जल्दी जल्दी संगीता भाभी की चूत को ठोक रहा था।
शालिनी भाभी – यार कुछ भी कहो,,लेकिन रोहित चुदाई बहुत अच्छी तरह से करता है।देखो कैसे संगीता को चोद रहा है।
शालू भाभी– हां भाभी बात तो सही है। आज पहली बार मेरी चूत में जड़ तक लंड पहुंचा है।दर्द तो बहुत हुआ लेकिन मज़ा भी बहुत आया।
अर्पिता भाभी– हां ये बात तो सही है जितना बड़ा लौड़ा होगा मज़ा उतना ही ज्यादा आता है।
शालिनी भाभी– हा यार।
तभी संगीता भाभी फिर से कांप उठी और उनके गरम गरम लावा में मेरा लन्ड फिर से भीग गया।फिर से बेडरूम में खाछ कच्छ पच्छ पच्छ पच्छ की ज़ोर ज़ोर से आवाज़ गूंजने लगी।
अब मेरा लन्ड भी बहने वाला था तभी मैंने संगीता भाभी को कसकर दबा लिया और लंड का सारा माल संगीता भाभी की चूत में भर दिया। अब मैं पसीने में लथपथ होकर संगीता भाभी के जिस्म पर ही पड़ गया।फिर थोड़ी देर बाद मैं उठा तो देखा संगीता भाभी की चूत का आज भोसड़ा बन चुका था।
मैं– संगीता भाभी आज तो आपकी चूत भोसड़ा बन चुकी।
संगीता भाभी– हां साले,,तूने ही बनाया है इसे भोसड़ा।
मैं– अगर चूत को चोदकर भोसड़ा नहीं बनाया तो फिर चुदाई ही क्या हुई। समझी मेरी रण्डी।
संगीता भाभी– हां समझ गई,,साले कुत्ते।

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अब मैं फिर से शालू भाभी पर चढ़ गया और उनके रसीले होंठों को चूसने लगा।मै भूखे कुत्ते की तरह शालू भाभी पर टूट पड़ा और ताबड़तोड़ तरीके से उनके होंठो को खाने लगा।बेडरूम में फिर से आउच पुच्छ पुच्छ आउच पुच्छ पुच्छ आउच पुच्छ की आवाजे गूंजने लगी। मैं पूरा नंगा होकर शालू भाभी पर चढ़ा हुआ था।शालू भाभी के रसीले होंठों को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा।
मैंने कसकर शालू भाभी को दबा कर रखा था। मैं जल्दी जल्दी भाभी के होंठो की ज़ोरदार चुसाई कर रहा था।कुछ ही देर में मैंने शालू भाभी को पागल कर दिया।मैंने उनके होंठों को रगड़कर चूस डाला।
अब मैं थोड़ा नीचे सरका और भाभी के गौरे चिकने गले को चूमने लगा।तभी शालू भाभी ने आतुर होकर मुझे बाहों में भर लिया और मेरी पीठ पर नाखून रगड़ने लगी। मैं किस कर करके भाभी के गले को रगड़े जा रहा था।मुझे शालू भाभी के चिकने गले पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मैंने शालू भाभी के गले पर बहुत देर तक किस किए।
अब मैंने शालू भाभी के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया।आह! शालू भाभी के क्या मस्त बूब्स थे।एकदम बड़े बड़े आम।शालू भाभी धीरे धीरे कसमसाने लगी।
शालू भाभी– ऊंह आह आहा ओह ओह ऊंह आह आह।

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मैने दोनो हाथो में शालू भाभी के बूब्स को दबा रखा था और उनके ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था।तभी मैंने शालू भाभी का ब्लाउज और ब्रा खोल फेंकी और उनके बड़े बड़े सेक्सी हॉट बूब्स को नंगा कर दिया। अब भाभी के बड़े बड़े सेक्सी हॉट बूब्स मेरे हाथो में नंगे थे।
मैं तो शालू भाभी के नंगे बूब्स को देखकर पागल हो उठा।
मैं– ओह भाभी क्या मस्त माल है आपके पास।
शालू भाभी– हूं।
अब मैंने शालू भाभी के नंगे बूब्स को हाथो में थाम लिया और उन्हें ज़ोर ज़ोर से कसने लगा।तभी शालू भाभी की गांड फटकर हाथ में आ गई।वो दर्द से करहती हुई इधर उधर उछलने लगी।
शालू भाभी– ऊंह आह आह आईईईई आईईईई आऊ आह धीरे धीरे दबाओ यार।
मैं– भाभी,,बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है आपके इन पपीतों को दबाने में। अब दबाने भी दो ना।
शालू भाभी– ऊंह आह आहा ओह ऊंह आह बहुत दर्द हो रहा है यार।
मैं– कोई बात नहीं भाभी,,,,दर्द में ही तो मज़ा आता है।
भाभी दर्द से तड़प रही थी और मैं शालू भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से दबा रहा था।भाभी के बड़े बड़े बूब्स को दबाने में बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मैंने थोड़ी देर में ही शालू भाभी के बूब्स को दबा दबाकर लाल कर दिया।
अब मैं फिर से शालू भाभी के कातिल जिस्म पर फिसल गया और उनके रसीले पपीतों को अच्छी तरह से दबाकर चूसने लगा।मुझे शालू भाभी के पपीतों को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं बड़ी शिद्दत से भाभी के बूब्स को दबा दबा कर चूस रहा था।

मैं– ऊंह आह ओह भाभी, बहुत मस्त पपीते है आपके।
शालू भाभी– ऊंह,,
मैं जल्दी जल्दी भाभी के बूब्स को मुंह में दबा रहा था। तभी मैंने बीच में भाभी के बूब्स को काट लिया तो भाभी एकदम से हचक गई।
भाभी– आईईईई।
मैं लगातार भाभी के बूब्स को मेरे मुंह में ले रहा था।बीच बीच में भाभी के बूब्स के निप्पल को मुंह में दबाकर खींच डालता था।शालू भाभी सारे नखरों को ताक पर रखकर मुझे अच्छी तरह से बूब्स चुसवा रही थी। तभी संगीता भाभी की गांड में मिर्ची लगी।
संगीता भाभी– शालू तू इस कुत्ते को इतने प्यार से क्यो तेरा दूध पिला रही हैं?
शालू भाभी– क्या करू भाभी? पीने दो बैचारे को।बहुत दिनों से प्यासा है।
संगीता भाभी– ये तो हमेशा ही प्यासा रहता है।पता नहीं पूरी कॉलोनी में किन किन का दूध पीता रहता है।
शालू भाभी– क्या करे ये,,इसको प्यास ही इतनी लगती है कि एक से तो इसकी प्यास बुझती ही नहीं है।
अर्पिता भाभी– हां प्यासा कुत्ता है ये।

मैं सब भाभियों की बाते सुनता हुआ चुपचाप शालू भाभी के बूब्स चूसने में लगा हुआ था ।फिर थोड़ी देर में ही मैंने उनके बूब्स को रगड़कर चूस डाला।
अब मैंने थोड़ी देर शालू भाभी के शानदार गौरे चिकने पेट पर बहुत सारे किस किए। अब मैंने तुरंत भाभी की साड़ी को उनके पेटीकोट में से निकाल फेंका और पेटीकोट का नाड़ा खोल ,,पेटीकोट को भी उनके जिस्म से अलग कर दिया। अब शालू भाभी मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो चुकी थी।
संगीता भाभी– ये देखो शालू को भी पूरी नंगी कर दिया।

कहानी जारी रहेगी …………….
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