पति के दोस्तों की अनोखी रंडी

Pati ke dosto ki anokhi randi

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शालिनी है, में 26 साल की हूँ और मेरी शादी एक मर्चेंट नेवी ऑफीसर से 3 साल पहले हुई थी. मेरा रंग गोरा, बाल लंबे कमर तक और आँखे भूरी है. मेरा फिगर किसी भी मर्द का लंड खड़ा करने के काबिल है, मेरी चूचियाँ गोल और बड़ी है और निपल्स काले और बहुत उभरे हुए है, जो ब्रा और ब्लाउज से भी नहीं छिपते है. मेरी गांड को हिलते देखकर किसी भी लंड का पानी छूट जाए, मेरी चूत के होंठ एकदम रसीले और मोटे है. मेरी चूत के होंठ इतने मोटे है कि पेंटी में तो टिक ही नहीं पाते है, मेरी चूत का रंग अंदर से एकदम गुलाबी है. ये तो हुई मेरे दिखने की बात, अब में सीधी कहानी पर आती हूँ.

मेरे पति काम के सिलसिले में आधे साल तो बाहर ही रहते है. मेरी शादी की शुरुआत में तो सब सही था, कभी हम फेसबुक पर सेक्स चैट भी कर लिया करते थे. लेकिन कुछ दिनों के बाद मेरी चूत की प्यास बुझती नहीं थी, इतने सालों में वो जब छुट्टियों में वापस आते, तो तब ही मुझे चोदते है. में इतने सालों में अपने पति से जितनी बार चुदी हूँ, उससे कहीं ज़्यादा तो मेरे रंडी बनने के बाद अलग-अलग मर्दो से चुद चुकी हूँ.

शुरुआत की बात है जब में बिल्कुल सीधी साधी थी, मुझे चुदाई का बहुत मन होता था, लेकिन क्या करती? मेरा पॉर्न देखकर भी जी नहीं भरता था और में गैर मर्द से चुदाई के सपने देखकर काम चला लिया करती थी, लेकिन अब मेरी चूत से सहन नहीं हो रहा था और में चुदने के लिए मरी जा रही थी, बस मुझे ख्वाइश थी तो मेरी चूत में एक लंड की. फिर एक दिन की बात है मेरे पति का दोस्त अनीश मेरे घर पर एक ज़रूरी कागज देने आया था, मुझे मालूम था कि वो मेरे बदन पर मरता था.

फिर मैंने सोचा कि क्यों ना इसके लंड के पानी से मेरी चूत की प्यास बुझाई जाए? फिर मैंने उसे इशारे देना शुरू किया और पानी देते वक़्त उसे मेरी चूचीयों का मज़ा लेने दिया. फिर में बात-बात पर उसको छूने लगी, अब वो भी मेरे करीब आने लगा और मेरी जाँघो पर अपना हाथ फैरने लगा था. फिर मैंने उसे एक स्माइल दी और वो समझ गया. फिर उसने मेरी साड़ी एक झटके में खींचकर उतार दी और ब्लाउज के हुक तोड़ दिए. अब वो मेरी ब्रा के ऊपर से मेरी चूचीयों को अपने दातों में दबाने लगा था, हायययययी क्या बताऊँ कितना मजा आ रहा था? अब में अपना हाथ उसके लंड पर उसकी पेंट के ऊपर से ही फैरने लगी थी. उसका लंड बहुत ही बड़ा था, इस मोटे लंड से मेरी चूत को चुदना था. ऊफ, अब मेरी रंडी चूत को रुकना ही नहीं था.

फिर मैंने उसके भी कपड़े उतार दिए और में उसके लंड को देखती ही रह गयी और उसे अपने हाथ से सहलाने लगी, मुझे इस मोटे लंड से चुदना है, प्लीज़ इसे मेरी चूत में घुसा दो और चोदने लगो ना प्लीज. अब ये सुनकर वो हँसने लगा और मेरे बालों को ज़ोर से पकड़कर मुझे पीछे किया और बोला कि रंडी आज तो तुझे ऐसा चोदूंगा कि इस शहर की टॉप की रंडी की चूत भी तेरे आगे शर्मा जाए, तुझे तो में तेरी सुहागरात से चोदना चाहता था.

फिर उसने मुझे एक थप्पड़ मारकर गिरा दिया और मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरे पूरे नंगे बदन को चाटने और काटने लगा. फिर वो मेरी चूत का पानी चाटने लगा और अपनी उंगलियां मेरी चूत के अंदर डालकर अंदर बाहर करने लगा. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, अब कई महीनो के बाद मेरी चूत को मर्द का एहसास हो रहा था. अब में सिसकियां लेने लगी थी, आह आहह ह उम्म्म एमम आअहह एयेए आहह हह एसस्सस्स और करो ना बहुत अच्छा लग रहा है, प्लीज़ और करो ना उम्म्म एम्म्म एम्म्म यअहह आअहहहह.

अब वो और ज़ोर-जोर से करने लगा था, अया आहहहहहह. फिर वो अचानक से 69 पोज़िशन में आ गया और उसने अपना मोटा लंड झटके से मेरे मुँह में डाल दिया. अब मेरी तो साँस ही रुक गयी थी, लेकिन जो मज़ा आ रहा था ऊम्‍म्म्ममहहह. अब में उसके लंड को पूरा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी और उसके बॉल्स को अपने हाथों से सहलाने लगी थी. अब वो मेरी चूत को चाट रहा था, क्या मज़ा आ रहा था उम्म एमम एमम? अब वो काफी देर तक मेरी चूत को चाटता रहा और में उसके लंड को चूसती रही उम्म्म. अब वो मेरी चूत में अपनी जीभ डालकर अंदर बाहर करने लगा था आअहह हह उम्म्म एमम. अब में झड़ने वाली थी, लेकिन उसने मुझे झड़ने नहीं दिया और उठ गया. अब मुझे चुदना था, अब में बेताब हो रही थी मुझे चोदो प्लीज़ मेरी रंडी चूत में अपना लंड डालो ना, आज फाड़ दो मेरी रंडी चूत को प्लीज़.

अब ये सुनकर वो हरामजादा हँसने लगा और उसने मुझे झटके से उल्टा कर दिया और बड़ी बेरहमी से उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया ह उम्म्म आह आह ऑश हह उम्म मज़ा आ रहा था उम्म्म. अब वो मुझे एक कुतिया की तरह चोदने लगा था, अब मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था उम्म अहह चोदो मुझे रंडी की तरह उम्म्म अहह और ज़ोर से अहह फाड़ दो मेरी चूत को आआआआहह उम्म्म्मम. फिर वो मुझे ऐसे ही आधे घंटे तक चोदता रहा, फिर उसने मुझे ऊपर आने के लिए कहा तो में झट से ऊपर आ गई और उसके लंड को अपनी चूत में डाल लिया उम्म्म्म मज़ा आ गया.

फिर में उछलने लगी आह क्या मज़ा आ रहा था? अब वो मेरी चूचीयों को दबाने लगा था और मेरी उछलने की स्पीड कम हो जाए इसलिए मेरी गांड पर ज़ोर जोर से थप्पड़ मारने लगा था. अब में और ज़ोर जोर से उछलने लगी थी अहह उम्म्म एस्स उम्म्म. अब में झड़ने वाली हूँ आआहह एस्स आअहह अया आहह फुक्ककक मी आहह हहह और फिर कुछ देर के बाद में झड़ गई.

फिर भी वो कमीना ऐसे ही काफ़ी देर तक मुझे चोदता रहा. फिर बहुत देर तक ऐसे ही चोदने के बाद उसने मुझे लेटा दिया और मेरी दोनों टाँगे एक साईड में करके फिर से चोदना शुरू किया. अब मेरी चूत का चुद-चुदकर बुरा हाल हो गया था, लेकिन ऐसा मजा मुझे कभी नहीं आया था. अब वो मुझे ऐसे ही ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था और अपने एक हाथ से मेरी चूत पर मसाज करने लगा था, आह क्या मजा आ रहा था उम्म? मुझे फिर झड़ना है आअहह और ज़ोर से करो, मेरी चूत को फाड़ दो आहह उम्म्म बहुत मजा आ रहा है आआहहह, मेरी चूत चाट, मेरी रंडी चूत को जोर-जोर से चाट आआ आहहह. अब वो और ज़ोर-जोर से करने लगा था, उम्म अब में झड़ रही हूँ तुम भी मेरी चूत में अपना पानी छोड़ो ना, मेरी चूत की प्यास बुझा दो उम्म्म आहह. अब वो भी झड़ने वाला था तो उसने चुदाई और तेज़ कर दी.

अब में चीखने लगी थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था आहह आह एस्स फुक्कक मी आहह अहह उम्म और में फिर से झड़ गई और उसने भी मेरी चूत में अपना पूरा पानी छोड़ दिया. फिर उसने ऐसे ही मुझे जाने से पहले 3 बार और चोदा.

फिर जाते वक़्त उसने दरवाज़े पर पूछा कि क्यों प्यास बुझ गई? तो मैंने कहा कि हाँ अब तक कि तो बुझ गई, लेकिन आगे का ध्यान रख लेना और हंस पड़ी. दोस्तों अनीश ने मेरी ऐसी जबरदस्त चुदाई की जिससे मेरी चूत को तो लंड का चस्का लग गया, वो मेरे घर किसी ना किसी बहाने से आता और घंटो तक मेरी चुदाई करता और ऐसा काफ़ी दिनों तक चला.

फिर एक दोपहर की बात है जब अनीश ने मुझे कॉल किया और बोला कि भाभी जी कैसी हो? आज आपके लिए खास तोहफा ला रहा हूँ, आप तैयार रहना. फिर मैंने हंसकर उससे पूछा कि अच्छा, ऐसा क्या ला रहे हो? वो बोला कि देखकर आप दंग रह जाएँगी, बस आप इंतज़ार करिए और फोन रख दिया. मुझे तो सर्प्राइज़ का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार था. मुझे ये तो मालूम था कि मेरी आज तो जबरदस्त चुदाई होगी, लेकिन कैसे वो तो उसके आने के बाद ही पता चलेगा, इसलिये ज़्यादा सोचना छोड़कर में तैयार होने लगी. मैंने मेहरून कलर की सेक्सी ब्रा पहनी, लेकिन पेंटी नहीं पहनी और काली साड़ी पहनकर तैयार हो गई.

तभी डोर बेल की आवाज़ आई तो में दरवाज़ा खोलने गई और अनीश को देखकर में एकदम रांड की तरह पोज़ में आ गई और उसे अंदर बुलाया, लेकिन में ये देखकर चौंक गई कि वो अकेला नहीं था, उसके साथ उसके तीन दोस्त और थे, करण, रवि और प्रतीक. सब मेरे पति के बहुत अच्छे दोस्त थे और में कुछ समझ सकती उससे पहले तो सब दरवाज़ा बंद करके अंदर आ गये. फिर मैने कपड़े ठीक करते हुए अनीश के सामने देखा, अरे वहां कहाँ देख रही हो भाभी जी, हम भी आए है आज आपकी खिदमत में, बहुत किस्से सुने है आपके रंडीपन के और हम भी आपकी चूत का रस पीने आए है और ये कहकर रवि ने मेरी साड़ी खींच ली और सब लोग हंसने लगे.

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में घबरा गई और गिड़गिड़ाने लगी, प्लीज़ मुझे छोढ़ दो, ऐसा मत करो और तभी अनीश ने ज़ोर से एक थप्पड़ मार दिया मुझे और मेरे बाल पकड़ लिए और कहने लगा कि साली रंडी अब तू मेरी रांड है रांड. अब में जिससे चाहूँ उससे तू चुदेगी वरना तेरे पति को सब बता दूँगा. अब आ जा औकात पर और नाटक बंद कर और नंगी हो जा चल साली रांड.

दोस्तों पति को पता ना चले उस डर से में चुप हो गई और अपनी साड़ी उतारने लगी तो कारण आ गया और पीछे से मेरी चूचियां हाथ में लेकर मसलने लगा हाय भाभी जी क्या बदन है आपका? हम सब तो आपके कब से दीवाने है. फिर अजय आया और मेरे पूरे बदन पर हाथ घुमाने लगा. रवि और अनीश ये देख रहे थे और अपना अपना लंड हिला रहे थे.

तभी कारण ने मेरे ब्लाउज और ब्रा को उतारकर फेंक दिया और मेरे निपल्स को काटने लगा और चूचियों को पूरा मुहं मे लेने लगा. प्रतीक ने मेरा पेटिकोट उतार दिया और उनसे देखा की मैंने पेंटी नहीं पहनी थी तो वो बोला कि साली रंडी चुदने के लिए इतनी बेकरार है कि चूत भी ढकना भूल गई और बेमतलब का नाटक करती है कि मुझे जाने दो. आज तो तेरा ऐसा भोसड़ा बनाएँगे कि आज के बाद सिर्फ़ एक लंड से तेरा रंडीपना कभी शांत नहीं होगा.

ये कहकर उसने मुझे घुटनों पर बिठाया और अपने मोटे लंड को झटके से मेरे मुहं मे डाल दिया. चूस साली, बाहर निकाला तो तेरी खैर नहीं, साली पूरा ले उम्म्म अहजझ उम्म्म्म मुझे मज़ा आने लगा था और में मज़े से प्रतीक का लंड चूसने लगी. तभी करण ने भी अपना लंड मेरे मुहं मे घुसाया और दो लंड को चूसने से मेरी हालत खराब हो गई. मेरा साँस लेना मुश्किल हो रहा था तो मैने लंड को मुहं से बाहर निकाला.

तभी ज़ोर से अनीश ने मेरी गांड पर थप्पड़ मारा और बोला कि साली रांड सुना नहीं क्या कहा गया है तुझसे, लंड बाहर नहीं निकलना है. अब सज़ा मिलेगी तुझे और यह कहते ही उसने मेरी गांड को बेरहमी से उपर उठाया और अपने मोटे लंड को घुसा दिया मेरी गांड मे, आहह आह नहीं. अब में दर्द के मारे चीखने लगी आआहह आहह आआहह, लेकिन फिर डर के मारे लंड चूसने लगी उम्म्म आआहह. अब अनीश मेरी गांड मार रहा था और में प्रतीक और कारण का लंड चूस रही थी. अब मुझे मज़ा आने लगा था उम्म्म आह आहह और रवि मेरी चूचियों को दबा रह था और में एक हाथ से उसके लंड को मसलने लगी. में एक साथ चार लंड का मज़ा ले रही थी और ये तो मैंने कभी सपने मे भी नहीं सोचा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

तभी अनीश ने अपना लंड मेरी गांड से निकाला और करण और प्रतीक ने मेरे मुहं से लंड बाहर निकाला. कुतिया बहुत मज़ा आ रहा है ना तुझे, ये तो बस शुरुआत है रंडी और ये कहकर करण बेड पर लेट गया और मुझे अपने लंड पर बिठा लिया. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था उम्म्म आआअहह आआहह. फिर तभी रवि ने ज़ोर से मेरे गांड पर थप्पड़ मारा और चूतड़ो को खोला और मेरी गांड मे अपना मोटा लंड डाल दिया.

मेरी तो जान ही निकल गई, मानो मेरी गांड और चूत दोनों को एक साथ दो लंड पेल रहे थे. मुझे ऐसा मजा कभी नहीं आया था और में भी दोनों का साथ देने लगी उम्म्म उम्म आहह और चोदो, में तुम्हारी रांड हूँ, मेरा भोसड़ा बना दो प्लीज़, आ आअहह ऐसा मजा मुझे आज से पहले कभी नहीं आया आआ सस्स, फाड़ दो मेरी गांड और चूत. ये सुनकर सब हँसने लगे और बोले लंड घुसते ही आ गयी रांड औकात पर और ये कहकर अनीश ने अपना लंड मेरे मुहं मे घुसेड़ा. फिर तभी प्रतीक ने भी अपने लंड को मेरी गांड मे घुसाने की कोशिश की और में दर्द के मारे चिल्ला रही थी. अब मेरे बदन मे चार लंड घुसे हुए थे और ऐसी रंडियो वाली चुदाई तो में कभी सपने में भी नहीं सोच सकती थी. फिर वो मुझे ऐसे ही बहुत देर तक चोदते रहे.

तभी रवि ने भी अपना पानी छोड़ा और दोनों काफ़ी देर तक लगे रहे. फिर करण भी मेरी गांड में झड़ गया और कुछ देर बाद प्रतीक ने भी मेरे पूरे बदन पर अपना पानी छोड़ दिया.

मेरा चुदाई से हाल बेहाल था और फिर भी हरामजादों ने मुझे अलग अलग पोज़िशन मे रात भर चोदा और सुबह उठकर कब चले गये मुझे पता ही नहीं लगा. मेरा पूरा बदन दर्द से चूर हो रहा था, लेकिन रांड बनकर एक अलग एहसास हो रहा था.

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