पति के दोस्तों के साथ मनायी सुहागरात-3

(Pati Ke doston Ke Sath Manayi Suhagrat-3)

उन तीनों के मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगी थी और मेरी चूत से कामरस निकलना शुरू हो गया था. एलेक्स अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर मेरी गर्दन आगे-पीछे कर रहा था. थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाल दिया और रोहन ने अपना लौड़ा अंदर डाल दिया. मैंने एलेक्स का लंड अपने हाथ में ले लिया और हिलाने लगी. रोहन अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर हिला रहे थे.

अब नीचे से जॉन ने अपना हाथ मेरी चूत पर रख दिया. उसका हाथ लगते ही मैं मचल उठी. मेरे मुंह से कामुक सिसकारियाँ निकलने लगीं. फिर थोड़ी देर बाद जॉन ने भी अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया. अब मेरे मुँह में दो लंड थे. मैं दोनों लंड को एक साथ संभाल नहीं पा रही थी.

एलेक्स जाकर बेड पर लेट गया. फिर रोहन और जॉन ने भी अपना लंड मेरे मुंह से निकाला और मुझे छोड़ दिया. मेरी सांसें फूलने लगी थीं. मैं हाँफ रही थी. एलेक्स ने मुझे अपने पास आने का इशारा किया तो मैं बेड पर उसके पास चली गई. ऊपर जाने के बाद उसने मुझे अपने ऊपर बिठा लिया. मेरी चूत एलेक्स के होंठों के ऊपर जा लगी.
उसने अपनी जीभ मेरी चूत में डाल दी और मेरी चूत चाटने लगा. मैं तो जैसे पागल सी होने लगी थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन इतनी उत्तेजना को मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी. लग रहा था जैसे मेरे अंदर से कुछ निकलने वाला है. मैंने अपने एक हाथ से एलेक्स को रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं रुक रहा था.
फिर रोहन और जॉन भी बेड पर आ गये और मेरे मुंह में दोनों ने फिर से एक साथ लंड डाल दिये. नीचे मेरी चूत में जीभ का मजा आ रहा था और ऊपर मेरे मुंह में दो लंड आ फंसे थे. मैं कुछ बोल भी नहीं पा रही थी. एक घंटे तक ऐसे ही चलता रहा. फिर जॉन ने मुझे लेटा दिया और तीनों मेरे जिस्म को चाटने लगे.

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रोहन मेरे बूब्स चूस रहा था तो एलेक्स मेरे होंठ. जॉन मेरी चूत चाटने लगा. मैं उत्तेजना में बह सी गई थी. इतना मजा मुझे पहले कभी नहीं आया था. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओ माय गॉड … उफ्फ … अम्म … आह्हा … स्स्श… मैं तो जैसे आनंद में बहने सी लगी. वो तीनों मेरे जिस्म के साथ खेल रहे थे. मैं उत्तेजना में चिल्ला रही थी और उन तीनों में से कोई भी रुक नहीं रहा था.
कुछ ही देर में मेरी चूत ने फव्वारा छोड़ दिया. जॉन ने अपनी पूरी जीभ मेरी चूत में घुसा दी. फिर थोड़ी देर बाद रोहन ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और एलेक्स का लंड फिर से मेरे हाथ में आ गया था!

काफी देर तक चुसाई होने के बाद एलेक्स ने मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा. चूंकि उसका लंड बहुत ही ज्यादा बड़ा था इसलिए वो अंदर नहीं जा रहा था. फिर उसने मेरी चूत पर थूक लगाया और फिर से लंड को चूत पर रखा. लंड को सेट करने के बाद उसने जोर से धक्का मारा तो उसके लंड का सुपाड़ा अंदर चला गया. मेरी चीख निकल गयी. फिर उसने अपना लंड धीरे धीरे करके पूरा का पूरा अंदर डाल दिया और धक्के लगाने लगा.
दर्द के मारे मैं चिल्ला रही थी- एलेक्स धीरे! … आह्ह … धीरे बेबी … आह्ह … आह्ह … जान … आराम से … ओह्ह दर्द हो रहा है डार्लिंग!

मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ ही था कि जॉन ने भी अपना लंड मेरी गांड के पास रखा और अंदर डाल दिया.
मेरी गांड में लंड डालने के बाद उसने भी धक्के लगाना शुरू कर दिया. मैं दर्द से फिर चीख पड़ी- रुक जाओ जल्लादो! मेरी चूत और गांड फट जायेगी. आह्ह … उईई … माँ … आह्ह … आहह … ओह्ह!
दर्द के साथ-साथ मैं तीनों लंड एक साथ लेने का अहसास भी कर रही थी जो मुझे मजा भी दे रहा था.

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एलेक्स और जॉन की स्पीड हर पल तेज हो रही थी. उन दोनों के मुंह से आह्ह … आह्ह … की आवाजें तेजी से आने लगी थीं. मैंने रोहन के लंड को अपने हाथ में लेकर रगड़ना शुरू कर दिया था. कुछ देर के बाद मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा. तीन लंड मेरे जिस्म को भोग रहे थे. मुझे सेक्स का असली मजा आज ही आया था. तीन मर्दों से एक साथ चुदने में इतना मजा हो सकता है मैंने कभी सोचा नहीं था.

एलेक्स ने लगभग 15 मिनट तक मेरी चूत की ठुकाई की और फिर वो रुक गया. उसके बाद मेरे पति रोहन आए और उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. एलेक्स का लंड मेरे हाथ में था. रोहन और जॉन दोनों धक्के मार रहे थे. थोड़ी देर बाद जॉन झड़ गया और फिर एलेक्स वापस मेरी गांड की चुदाई करने के लिए आ गया और धक्के लगाने लगा.

एलेक्स का मोटा लंड गांड में घुसा तो दर्द से मैं फिर चीख पड़ी. एलेक्स ने लंड को पूरा गांड में घुसा दिया और मेरी गांड की गहराई में उतर कर उसकी चुदाई करने लगा. उधर रोहन मेरी चूत को चोद रहा था.

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कुछ मिनट के बाद रोहन भी झड़ गए. रोहन ने अपना लंड मेरी चूत में खाली कर दिया और एलेक्स ने मेरी गांड में. वो तीनों एक बार शांत हो गये.

थोड़ी देर का विराम देने के बाद एलेक्स ने अपना लंड फिर से मेरे मुंह में दे दिया. साथ ही रोहन ने भी अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और मेरे सिर को पकड़ कर मेरे मुंह को आगे पीछे करने लगे. जॉन ने अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया और मैं उसको हिलाने लगी. दस मिनट में ही तीनों के लंड फिर से खड़े हो गये.

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जॉन ने मुझे लेटा दिया. अब रोहन का लंड मेरी गांड में था और जॉन का लंड मेरी चूत में और एलेक्स का मेरे मुँह में. तीनों फिर से धक्के लगाने लगे. लम्बी चुदाई के बाद तीनों थोड़ी-थोड़ी देर के अंतर के बाद झड़ गए.

मेरी हालत खराब हो गयी थी लेकिन उन तीनों ने मुझे नहीं छोड़ा. उस रात रोहन, एलेक्स और जॉन ने मिलकर मुझे कई घंटे चोदा. उन तीनों ने मिलकर मेरी चूत सुजा दी.

मैं लगभग बेहोशी की हालत में पहुंच गई थी. सुबह होने को थी और सब एक बिस्तर पर नंगे बदन गिर कर एक-दूसरे से लिपट कर सो गये. मेरा बदन इतना दुख रहा था कि कोई मेरी चूत में तीन लंड भी डाल दे तब भी मुझे पता न चले.

इस तरह मेरे पति ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर मेरे जिस्म को जमकर भोगा और मैंने भी उन तीनों के लंडों का स्वाद एक साथ चखा.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, इसके बारे प्लीज कमेंट करके जरूर बतायें और अगर आप मुझसे मैसेज पर बात करना चाहते हैं तो मेल करें. मेरी मेल आई-डी मैंने नीचे दी हुई है. मैं जल्दी ही अपनी अगली गर्मा-गर्म कहानी के साथ लौटूंगी. तब तक सभी अपने लंडों को हिलाते रहें. धन्यवाद!

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