पति के साथ ब्रूटल सेक्स-3

Pati Ke Sath Sex Hot-3

अब उसकी जोरदार चीख मेरी पेंटी पर अपना मुँह होने के कारण अंदर ही घुट कर रह गयी थी. अब वो मुझे धक्का देने लगा और ज़ोर-ज़ोर से अपने हाथ-पैर पटकने लगा था. फिर मैंने तुरंत बेल्ट उठाई और कस-कसकर उसकी पीठ और चूतड़ों पर मारने लगी. फिर में पूरी उसकी पीठ पर सो गयी और ज़ोर से उसके कंधे पर अपने दाँत से काटा.

अब वो भयंकर दर्द से बिलबिलाने लगा और मुझसे हाथ जोड़कर दया की भीख माँगने लगा, लेकिन में आज किसी भी कीमत पर मानने वाली नहीं थी, अब में उसके चूतड़ों पर बैठ गयी और एक और जोरदार शॉट मारा तो अब उसकी गांड से खून निकलने लगा था. अब वो लगभग बेहोश सा हो गया था, अब में भी काफ़ी थक गयी थी. फिर में अपना रबड़ का लंड उनकी गांड में घुसाकर उनके चूतड़ों पर ही बैठ गयी और थोड़ी देर आराम करने लगी.

अब वो लगातार रोए जा रहे थे, अब मुझे भी उन पर दया आने लगी थी, लेकिन मैंने तुरंत ही अपने मन को संभाला, क्योंकि अगर आज मैंने ज़रा सी भी दया दिखाई तो शायद फिर सारी ज़िंदगी अपना खोया प्यार दुबारा नहीं पा सकूँगी. फिर थोड़ी देर तक आराम करने के बाद मैंने फिर से उनकी गांड मारना शुरू किया. अब में धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाती जा रही थी.

फिर काफ़ी देर तक उनकी गांड मारने के बाद मैंने अपनी पोज़िशन चेंज की और उन्हें कुत्ता बनाकर चोदने लगी और साथ ही उनके चूतड़ों पर ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ भी मारने लगी और अपने नाखूनों से उसकी पीठ नोचने लगी. अब उन्हें बहुत दर्द हो रहा था और वो रोते जा रहे थे. फिर धीरे-धीरे उनका रोना कम होता गया. फिर मैंने उन्हें पीठ के बल सुला दिया और उनके ऊपर लेट गयी और जोरदार तरीके से चुदाई करने लगी. अब में साथ ही उनके पूरे बदन को अपने हाथों से सहला रही थी और उनके निप्पल को और होंठो को चूसती जा रही थी. अब इस पोज़िशन में और मेरे प्यार से अब उनका दर्द काफ़ी कम हो रहा था.

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फिर मैंने उनको पीठ के बल ही थोड़ा नीचे खींचा और में बेड के नीचे खड़ी हो गयी. फिर मैंने दुबारा से खड़े-खड़े ही उनकी गांड में पूरी ताक़त से एक ही बार में अपना पूरा रबड़ का लंड जड़ तक डाल दिया. अब वो इतनी ज़ोर से चिल्लाए कि बताना मुश्क़िल है, लेकिन मैंने उन पर ज़रा सा भी रहम ना करते हुए इस बार अपनी पूरी ताक़त से भयंकर चुदाई शुरू कर दी. यह इतना जबरदस्त था कि पूरा बेड ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा था और साथ ही में उन्हें अपने हाथों से मारती भी जा रही थी और उन्हें गालियाँ भी देती जा रही थी.

फिर में उनका लंड सहलाने लगी, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली. अब में भी बहुत ज़्यादा थक चुकी थी, क्योंकि हमने यह सब रात में 8 बजे शुरू किया था और अब 1 बज चुके थे. फिर में उनके ऊपर 69 की पोज़िशन में आ गयी और उनका लंड चूसने लगी और अपनी गांड उनके मुँह में घुसेड़ दी और ज़बरदस्ती उनसे अपनी गांड चटवाने लगी. अब में उनका लंड चूसती रही और उनसे अपनी गांड चटवाती रही.

फिर जब उनका वीर्य निकला, तो मैंने वो सारा स्पर्म अपने मुँह में भरकर उनके मुँह में डालकर ज़बरदस्ती उनको पिला दिया. फिर मैंने उनको बेड से नीचे उतार दिया और उनके ऊपर चढ़कर उनके मुँह और सारे बदन पर मूतने लगी.

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अब उनका पूरा बदन मेरे पेशाब से भर गया था. फिर मैंने ज़बरदस्ती उन्हें बाथरूम में ले जाकर नहलाया और बेड पर सुला दिया. अब उनकी हालत काफ़ी खराब हो गयी थी, वो अभी भी सिसक रहे थे और रो रहे थे. सच ही है अगर 4 घंटे तक लगातार किसी की गांड मारी जाए तो सोचिए उसका क्या होगा? अब मुझे भी अपनी चूत चुदवाने की ज़रूरत थी, लेकिन उनकी हालत इतनी खराब थी कि फिलहाल यह संभव नहीं था, वैसे भी रात के 1 बज गये थे. फिर मैंने भी रूम में फैले अपने पेशाब को साफ किया और सुबह 5 बजे का अलार्म सेट करके सो गयी. फिर सुबह 5 बजे मेरी नींद खुल गयी तो मैंने देखा कि मेरे पति नंगे ही सोए हुए है और अब में भी नंगी ही थी.

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फिर में उठी और अपनी ज़रूरत का सारा सामान बेड पर ले आई. अब वो एकदम बेहोशी में सोए हुए थे. फिर मैंने नींद में ही उनकी गांड और चूतड़ों की क्रीम और तेल से खूब मसाज की, अब उन्हें होश ही नहीं था. फिर उसके बाद मैंने एक दवा और क्रीम बहुत सारी उनकी गांड में घुसेड़ दी. इस क्रीम की ख़ासियत यह है कि इसे स्किन में जहाँ भी लगाया जाता है, वहाँ की स्किन 3-4 घंटे के लिए सुन्न हो जाती है, बस इस क्रीम को ठीक से लगाकर 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है. फिर में क्रीम लगाकर टॉयलेट में चली गयी. फिर मैंने वो रबड़ का लंड दुबारा से पहना और उस पर कंडोम लगाया और बहुत सारी क्रीम लगाई और उन्हें ठीक से पेट के बल सुलाया. फिर मैंने उनके चूतड़ पूरे फैलाए और अपना लंड उनकी गांड के छेद पर ठीक से लगाया और फिर उनकी गांड में घुसेड़ दिया.

अब वो नींद में ही थोड़ा सा झटपटाए, लेकिन क्रीम लगाने के कारण शायद उन्हें ज़्यादा एहसास नहीं हुआ था, अभी मेरा रबड़ का लंड ज़रा सा ही अंदर घुसा था. फिर मैंने अपनी पूरी ताक़त से एक ही झटके में पूरा लंड उनकी गांड में जड़ तक घुसेड़ दिया. अब उनकी गांड से खून की धार बहने लगी थी और अब एक झटके में उनकी आँख खुल गयी और वो चीख उठे थे. हालांकि मैंने उनकी गांड पर क्रीम लगाई थी. फिर भी इतनी बेरहमी से एक झटके में इतना मोटा लंड घुसने पर कुछ तो दर्द होना ही था. अब वो चीखने लगे और अपनी पूरी ताक़त से मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटा दिया. अब मुझे इतना गुस्सा आया कि मैंने तुरंत बेल्ट उठाई और उन्हें बेल्ट से मारना शुरू कर दिया. अब उनके चूतड़ एकदम लाल हो गये थे और वो रोने लगे थे.

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फिर मैंने उनके गालों पर 3-4 थप्पड़ मारे और उन्हें फिर से बेड पर पटक दिया और उनके ऊपर चढ़कर दुबारा से अपने लंड को पूरा उनकी गांड में घुसेड़ दिया. हालांकि वो मुझसे ताक़त में काफ़ी ज़्यादा थे, लेकिन फिर भी वो अपनी ताक़त प्रयोग नहीं कर रहे थे. इसी से में समझ गयी थी कि अगर ये ताक़त का प्रयोग करते तो में कभी भी यह सब नहीं कर पाती, लेकिन वो भी कई सालों से यही सब करवाना चाहते थे, इसलिए वो अपनी ताक़त का प्रयोग नहीं कर रहे थे.

कहानी अगले भाग में समाप्त-

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