पुणे में अपनी कॉलेज दोस्त की ठुकाई-2

Pune me college dost ki thukai-2

फिर उससे यह बात कहते हुए मैंने अचानक से उसका हाथ छोड़ दिया और अब मैंने उसको अपने करीब खींचते हुए उसके एक हाथ को अपने कंधे पर हाथ डाल लिया और वो भी अब हंसते हुए मेरे साथ चलने लगी. फिर कुछ देर चलने के बाद दोस्तों मैंने उस सही मौके का पूरा पूरा फ़ायदा उठाते हुए तुरंत उसकी मटकती हुई कमर को पकड़ लिया और अपनी तरफ खींचकर अपने पास जिस टेबल पर में बैठा हुआ था. मैंने उसे भी बैठा दिया और वो लड़खड़ाती हुई मुझ पर आ गिरी और मैंने उसको अपना सहारा देकर बैठा दिया.

दोस्तों मैंने उसके साथ इतना सब कुछ आज पहली बार किया था, इसलिए में उस समय बहुत उत्साहित था और फिर से मैंने उसके कंधे पर अपना एक हाथ रख दिया और अब मैंने जानबूझ कर अपने हाथ को थोड़ा नीचे की तरफ सरका दिया, जिसकी वजह से अब मेरा हाथ उसके एक बूब्स पर था और माँ कसम दोस्तों में उसके बूब्स के निप्पल को भी उस समय महसूस कर रहा था. तभी मैंने धीरे से उसके बूब्स को छूकर सहला दिया तो उसने मेरे हाथ पर थप्पड़ मारा और शांत रह गई, लेकिन में अब थोड़ी ना शांत बैठने वाला था.

मैंने अपना काम जारी रखा तो वो अब मुझसे बोली कि चुपचाप बैठो ना क्या पागलों जैसी हरकते कर रहे हो? तब मैंने उससे कहा कि तुम बहुत सुंदर लग रही हो, तुमसे मेरी नज़र हट नहीं रही है, तुझे देखकर मेरे अंदर आग लग गयी है और अब उसे बुझाने के लिए थोड़ा सा तो करना चाहिए ना और तभी उसने मुझे दोबारा पागल कह दिया और वो एक बार फिर से हंसने लगी.

दोस्तों मुझे अब मेरी मंज़िल बहुत नज़दीक दिखाई दे रही थी. मैंने फिर से उसके कंधे पर अपना एक हाथ रखकर उसके बूब्स पर हाथ रखते हुए उससे कहा कि मनीषा तेरे बूब्स तो बड़े मस्त है यार, उन्हें एक दिन बहुत जमकर चूसना है और में उस दिन तेरा सारा दूध पी जाऊंगा और अब उसके तने हुए निप्पल को मैंने अपने अंगूठे से थोड़ा ज़ोर से दबा दिया, जिसकी वजह से उसने अचानक से अपने मुहं से आहहह की आवाज़ निकाली और अब वो मुझसे कहने लगी कि तुम चुपचाप बैठो, यह कोई मस्ती करने की जगह नहीं है, यहाँ पर सभी लोग आसपास घूम रहे है, थोड़ी तो शर्म करो.

फिर मैंने बूब्स का हाथ उठाकर नीचे उसकी जाँघ पर रख दिया और धीरे धीरे से उसे सहलाता गया और फिर मैंने सही मौका देखकर उसकी चूत पर कपड़ो के ऊपर से अपना हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा, जिसकी वजह से उसकी सांसे फूल गयी थी, उसने मुझे मना किया. फिर में भी बिल्कुल शांत रह गया और तभी अचानक से उसने मुझसे कहा कि हम ग़लत कर रहे है, में यह सब नहीं कर सकती, मेरी इस दोस्ती का तुम आज बहुत ग़लत फ़ायदा उठा रहे हो और में तुमसे कुछ भी नहीं बोल रही हूँ तो तुम मेरे साथ कुछ भी करोगे क्या? तुझे तो सिर्फ़ मुझे चोदना ही है ना, तेरी दोस्ती देखने के लिए ही मैंने यह सब नाटक किया था.

दोस्तों उसके मुहं से यह सब कुछ सुनते ही मेरा माथा सटक गया और मैंने भी उससे सच सच कहा कि मुझे तो तू बहुत पहले से ही पसंद थी और मैंने कभी तुझे दोस्त जैसा नहीं समझा, क्योंकि तू माल ही ऐसी है तो तुझे चोदने वाला ही अहसास तो मुझे क्या हर किसी को आएगा ही ना, इसमें मेरी ग़लती क्या है? चल अब जाने दे और अब में भी चलता हूँ और मैंने उसे हमारे कॉलेज के दरवाजे पर छोड़ दिया और फिर मैंने उससे सॉरी बोलकर में वहां से निकल आया.

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फिर उसके बाद में दो तीन दिन तक अपने कॉलेज ही नहीं गया. उसके बाद एक दिन उसने मुझे कॉल करके मुझसे पूछा कि तुम कॉलेज क्यों नहीं आ रहे हो? तो मैंने भी उससे झूठ कह दिया कि मेरी तबियत खराब है और में अगले दिन भी कॉलेज नहीं गया, वैसे भी वो मेरे एग्जाम के बाद का टाईम चल रहा था तो इसलिए कॉलेज में जाने में इतना मज़ा नहीं था और उसे मुझे किसी भी हाल में उसको एक बार जरुर चोदना था तो इसलिए मुझे थोड़ा सा नखरा तो दिखाना ही पड़ेगा ना और में करीब एक सप्ताह के बाद में अपने कॉलेज चला गया.

फिर उसने मुझसे हाए कहा, लेकिन मैंने जानबूझ कर उसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और अब में अपने दूसरे दोस्तों से बहुत हंस हंसकर बातें करने लगा. फिर वो कुछ देर बाद मेरे पास आकर खड़ी हो गई और उसने मुझसे कहा कि मुझे तुमसे कुछ बात करनी है और तुम अभी इसी वक्त मेरे साथ चलो. फिर में उसके साथ चला गया और हम दोनों पास ही की एक बेंच पर बैठ गये. तभी उसने मुझसे कहा कि प्लीज तुम मुझे माफ़ कर दो, मुझे तुम्हारा इस तरह से दिन नहीं दुखाना चाहिए था, लेकिन में बहुत मजबूर हूँ, हम ऐसे कभी नहीं कर सकते, क्योंकि मेरा एक बॉयफ्रेंड है.

फिर मैंने भी तुरंत उससे कहा कि अब जब तक तू मुझे अपना बॉयफ्रेंड नहीं कहती, में तब तक तुझ से बात नहीं करूँगा और फिर में वहां से निकल आया. उसी रात को उसने व्हाट्सअप पर हाए मेरे जानू क्या तुम अपनी गर्लफ्रेंड से बात नहीं करोगे? यह सब लिखकर मेरे एक मैसेज भेज दिया. मैंने उसे देखा जरुर, लेकिन मैंने उसका कोई भी जवाब नहीं दिया. फिर कुछ देर बाद उसने एक बार फिर से मैसेज किया कि मुझे बहुत बोर लग रहा है, प्लीज जानू तुम मुझसे बात करो ना.

फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन पहले हम कल कॉलेज में मिलते है बाय और में ऑफलाइन चला गया. फिर दूसरे दिन में अपने कॉलेज पहुंचकर अपने दोस्तों से बातें करने लगा. तभी उसने मुझे देख लिया और वो तुरंत मेरे पास आ गई और उसने मुझसे हाए कहा और मैंने भी उससे हैल्लो कहा. फिर वो मुझसे बोली कि चलो ना हम कोई फिल्म देखने चलते है, शायद उससे हम दोनों का मूड बिल्कुल ठीक हो जाएगा. अब मैंने भी कुछ देर सोचकर उससे कहा कि ठीक है और हम फिल्म देखने चले गये और हम दोनों वहां पर चले गये.