सेक्सी फ्रेश माल की सील तोडी–4

Sexy fresh maal ki sheel todi-4

अब मैंने उसकी टांगों को अच्छी तरह से पकड़ा और फिर ज़ोरदार पॉवर बटन दबाकर मिसाइल हर्षिता की चूत में दाग दी।मिसाइल चूत में घुसते ही हर्षिता बुरी तरह से चीख पड़ी।मेरा लन्ड अभी तो पूरा भी चूत में नहीं घुसा था लेकिन हर्षिता की चूत बहुत ज्यादा टाइट और छोटी होने की वजह से हर्षिता को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।
अब मैंने लंड को बाहर निकाला और फिर से जोरदार धक्के के साथ लंड हर्षिता की चूत में पेल दिया।अबकी बार मेरा लन्ड हर्षिता की चूत के सभी अस्थि पंजर को तोड़ता हुआ सीधा चूत के पाताल लोक में जा पहुंचा।पूरा लन्ड अन्दर घुसते ही हर्षिता बुरी तरह से बिफर पड़ी।उसकी आंखो में से आंसू निकल आए।वो ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी।
हर्षिता–आईईईई आईईईई आईईईई मर गई।
मेरा लन्ड हर्षिता की चूत में फंस छका चुका था।कुछ ही पल में हर्षिता की चूत खून से लबालब भर गई। मैं समझ चुका था कि हर्षिता की चूत की सील टूट चुकी है। अब मैंने फिर से तीन चार ज़ोरदार झटके देकर हर्षिता की चूत को तहस नहस कर दिया।हर्षिता बुरी तरह से दर्द से तड़प रही थी।
हर्षिता– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आईईईई।
अब मैं हर्षिता की टांगो को पकड़ कर ,अच्छी तरह से गांड़ हिला हिलाकर हर्षिता को चोदने लगा।मुझे हर्षिता की टाइट चूत को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मेरा पूरा लन्ड हर्षिता की चूत की बखिया उधेड़ रहा था।हर्षिता दर्द से तड़पी जा रही थी।
हर्षिता– आईईईई आईईईई आईईईई आह आह आह ओह आह आह आईईईई।
मैं दे दना दन हर्षिता को चोद रहा था।हर्षिता को चोदने में मुझे अलग ही मज़ा मिल रहा था। अब तक मेरा लन्ड हर्षिता की चूत की बखिया उधेड़ चुका था।मेरा लन्ड लगातार हर्षिता की चूत के पाताल लोक में डंका बजा रहा था।हर्षिता दर्द से बुरी तरह से झल्ला रही थी।

हिंदी सेक्स स्टोरी :  गर्लफ्रेंड की चुदाई की

हर्षिता– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह ओह आह आह।
मैं– आह बहुत मज़ा आ रहा है जान तुझे चोदने में।
हर्षिता– आईईईई मेरी जान निकल रही है यार।बहुत दर्द हो रहा है।आईईईई आह।
मैं– पहली बार चुदाई में तो दर्द होता ही है यार। अगली बार तुझे कोई दर्द नहीं होगा जान।
मेरा लन्ड लगातार हर्षिता के चूत के छेद को गहरा और चौड़ा करता हुआ जा रहा था।हर्षिता बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी।तभी हर्षिता बुरी तरह से कांप उठी और उसकी चूत ने गर्म गरम माल में मेरे लन्ड को नहला दिया।मेरा लन्ड अच्छी तरह से हर्षिता की चूत के माल में भीग चुका था।
माल बाहर निकलने की वजह से हर्षिता पसीने पसीने होकर ढीली पड़ चुकी थी। अब बेडरूम में भयंकर ठुकाई के साथ पाच्छ पछ पाछ पचच की आवाजे गूंजने लगी। अब हर्षिता का दर्द कम हो चुका था। अब तक मेरा लन्ड उसकी चूत में अच्छी तरह से जगह बना चुका था। मैं हर्षिता की अच्छी तरह से ठुकाई कर रहा था।मेरा लन्ड अच्छी तरह से हर्षिता की चूत में मस्ती से गोते लगा रहा था।
अब हर्षिता की दर्द भरी चीखे मादक सिसकारियों में बदल चुकी थी। अब वो आराम से चूत की ठुकाई करवा रही थी। मैं आज हर्षिता की अच्छी तरह से चुदाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था। मैं हर्षिता को अच्छी तरह से रगड़ रहा था।तभी हर्षिता एक बार और झड़ गई।
हर्षिता– आह आह आह ऊंह आह आह ओह।आह आह।
मैं– अब बताओ कैसा लग रहा है जान?
हर्षिता– जान निकाल दी तूने तो।
मैं– एक बार तो जान निकलती ही है मेरी जान।फिर तो बस मज़े ही मज़े है।
हर्षिता– बस यार अब जल्दी से ख़तम कर दे। अब मम्मी किसी भी टाइम आ सकती है।
मैं– हां मेरी जान।
अब मैं फिर से फूल स्पीड से आकर धमा धम हर्षिता की चूत को बजाने लगा।हर्षिता अच्छी तरह से लंड चूत में डलवा रही थी। अब मेरा लन्ड भी लास्ट गियर में पहुच चुका था। अब मैंने हर्षिता को बाहों में कस लिया और लंड का पूरा रस निचोड़ कर हर्षिता की चूत में भर दिया।
फिर मै थोड़ी देर तक हर्षिता के जिस्म पर ही पड़ा रहा।आज मै हर्षिता की टाइट चूत चोदकर बहुत ज्यादा खुश था।इतने दिनों बाद आज मेरे लन्ड को फ्रेश चूत मिली थी।
हर्षिता– रोहित अब फटाफट कपड़े पहन लो।
अब मैं हर्षिता के जिस्म पर से हट गया। अब हर्षिता ने उठकर तुरंत कपड़े पहन लिए। मैं अभी भी नंगा होकर बेड पर ही पड़ा था।
हर्षिता– रोहित,कपड़े पहनो यार,जल्दी।
मैं– जान ,अभी तो मेरे लंड की प्यास ही नहीं बुझी है।
हर्षिता– सब बुझ गई प्यास।अब जल्दी से उठो।
मैं– नहीं,अभी तो मुझे लंड की प्यास बुझानी है।
हर्षिता– यार मम्मी आने वाली है।
मैं– अभी मम्मी आई नहीं है।
हर्षिता– नहीं,अब तुम रहने दो।
मैं– नहीं,मै तो प्यास बुझा कर ही मानूंगा।
तभी मैंने हर्षिता को खींचकर फिर से बेड पर पटक दिया और तुरंत उसके लोवर को खोल फेंका। अब हर्षिता नीचे से पूरी नंगी हो चुकी थी। अब मैंने फिर से उसकी टांगो को हवा में लहरा दिया और जल्दी से उसकी चूत में लंड डालकर वापस हर्षिता को चोदना शुरू कर दिया। हर्षिता फिर से मेरे लन्ड को झेलने लगी।
हर्षिता– आईईईई आईईईई आह आह आह।
मैं गांड़ हिला हिलाकर हर्षिता को चोद रहा था।अबकी बार मैंने हर्षिता की टांगो को छोड़ दिया और उसको अच्छी तरह से कसकर चोदने लगा।मेरा लन्ड फिर से हर्षिता की चूत में धमाल मचाने लगा।
हर्षिता मेरा लन्ड के हर एक धक्के के साथ बहुत ज्यादा मचक रही थी।फिर बहुत देर की ठुकाई के बाद मैंने फिर से हर्षिता की चूत को लंड रस में लबालब कर दिया।
थोड़ी देर तक हम दोनों पसीने में लथपथ होकर पड़े रहे।हर्षिता मुझसे चूत चुदवाकर बहुत ज्यादा खुश लग रही थी।
हर्षिता– मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई मेरी इतनी जल्दी सील तोड़ देगा।
मैं– तुम्हारी सील तोडना ज़रूरी था।
हर्षिता– क्यो?
मैं– क्योंकि मेरा लन्ड तुम्हारी चूत के लिए बहुत ज्यादा तड़प रहा था।
हर्षिता– थैंक्स रोहित,मेरी सील तोड़ने के लिए। अब मैं कुंवारी नहीं रही। अब मेरी फ्रेंड को बताऊंगी कि अब मै कुंवारी नहीं रही।
मैं– बता देना।वैसे तुम्हारी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी। अब मैंने उसे बहुत अच्छे से ढीला कर दिया है।
हर्षिता–अच्छा किया यार।तुम्हारे लंड ने मुझे आज बहुत खुश कर दिया।
मैं– तुम्हारी चूत ने भी आज मुझे बहुत ज्यादा मज़ा दिया है।
कुछ देर बाद हम दोनो उठ गए और हमने तुरंत कपड़े पहन लिए।आज मै हर्षिता की चूत चोदकर बहुत ज्यादा खुश था।
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