शादी मे चुदाई

(Shadi Me Chudai)

मेरे प्यारे दोस्त मैं रविश मुंबई से का रहने वाला हू  ये मेरी दूसरी घटना है जो मैं आप सब को बताने जा रहा हूँ पहले मैं अपने बारे में बता दूं मेरी हाइट 5,8 है और मैं 25 साल का हूँ और मेरा लंड 6,5 इंच का है और चुदाई करने मे बहुत एक्सपायर्ट हूँ. अब स्टोरी पर आता हूँ ये बात आज से कुछ महीनो पहले की है एक दिन मेरी आंटी ने मुझे शाम को कॉल किया और बोला के उनकी बेस्ट फ्रेंड की बेटी की शादी है और आज मेहन्दी की रसम है और तुम्हारे आंकल आज बाहर जा रहे है क्या तुम मेरे साथ चलोगे प्ल्ज़ क्यूँ के शादी मे जाने के लिए कोई और नही है. मैं रेडी हो गया और शाम को अपनी बाइक पर आंटी के घर पहुँच गया और आंटी को ले कर निकल पड़ा और कुछ देर बाद हम पहुँच गये.

वहाँ पहुँचने पर आंटी की बेस्ट फ्रेंड ने हुमारा वेल कम किया और उनके साथ एक आंटी और थी जो बहुत टाइट कपड़ों मे अपने बूब्स को टाइट कर के हम से मिली बहुत बड़े बड़े बूब्स थे और जब वो पलटी तो उनकी गांद बाप रे बाप बहुत ही मस्त थी बहुत ज़्यादा बाहर निकली थी. मैने उनटी से पूछा ये कौन है तो वो बोली ये सपना है मैं बार बार उनको ही देख रहा था. वो भी मुझे नोटीस कर चुकी थी फिर वो मेरे पास आई और हम गेँरली बात करने लगी जब बात कर रहे थे तब भी मैं उनके बड़े बड़े बूब्स को ही देख रहा था फिर हुमें आंटी ने आवाज़ दे कर बुलाया क्यूँ के दुल्हन की मेहन्दी दिखाई जा रही थी और सब एक के पीछे एक खड़े होकर देख रहे थे.

मैं सपना आंटी के पीछे खड़ा था और उनकी बाहर निकली हुई गॅंड देख कर दिल मचलने लगा मैने सोचा क्यूँ ना चान्स मारा जाए. मैं ने अपना लंड जो के आधा खड़ा था को आंटी के गंद पर टच कर दिया और वो झट से पीछे पलट कर देखने लगी. मैं डर गया लेकिन आंटी ने एक नॉटी स्माइल दे कर फिर आगे देखने लगी मुझे ग्रीन सिग्नल मिक चुका था अब मैं और आगे होकर लंड को गंद पर फील करने लगा और भी गॅंड पीछे कर के लंड को प्रेस करने लगी मैने इधर उधर देखा हमे कोई नही देख रहा था. मैने अब अपना एक हाथ आंटी की गॅंड पर रख कर आगे झुक कर देखने लगा और फिर धीरे धीरे गॅंड सहलाने लगा.

फिर सब वाहा से हटने लगे और मैं थोड़ा दूर हट कर खड़ा हो गया आंटी मेरे पास आई और मुस्कुराते हुए बोली, मज़ा आया, मैं बोला अभी कहाँ मज़ा आया वो बोली जब रात मे सब सो जाएँगे तो पीछे स्टोर रूम मे अजाना मैं तो बहुत खुश हो गया और सब के सोने का वेट करने लगा. फिर रात के 2 बजे मैं चूपते हुए स्टोर रूम मे गया और कोई आधे घंटे बाद सपना आंटी अंदर आई वाऊ आंटी रेड नाइटी मे थी बहुत सेक्सी लग रही थी मैने झट से आंटी को हग कर लिया और अपने लिप्स उनके लिप्स पर रख कर फ़्रेच किस करने लगा और एक हाथ से बूब्स और दूसरे हाथ से उनकी गॅंड दबाने लगा वी सिसकारी निकालने लगी ऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह रविश कम ओं मैं भी जोश मे आगेया. अब मैने आंटी के मुँह मे अपनी जीभ दल दी और आंटी आइस क्रीम की तरह चूसने लगी बहुत मज़ा आरहा था.

मैने उनकी नाइटी उतार दी वो ब्लॅक ब्रा और ब्लॅक पनटी मे थी मैं ब्रा के उपर से ही उनके बड़े बड़े बूब्स दबाने लगा वो मेरा लंड पेंट से निकल कर सहलाने लगी. फिर मैने उनकी ब्रा भी उतार दी और ज़मीन पर लिटा कर बूब्स के एक निपल को मुँह मे भर लिया वो मेरा हेड अपने बूब्स पर दबाने लगी मैं दोनो बूब्स चूस चूस कर निचोड़ डाला. फिर मैं किस करते हुए नीचे सरकने लगा वो मौन कर रही थी फिर मैने पनटी के उपर से ही किस कर ने लगा वो अब बहुत गरम हो चुकी थी अब उन्होने मुझे उठा कर एक जोरदार किस करते हुए. मेरे पूरे कपड़े निकल दिए और नीचे बैठ कर मेरा लंड बड़ी कामुकता से चूसने लगी अब मेरे मुँह से सिसकारी निकल रही आंटी बहुत ही अछा ब्लोवजोब दे रही थी मेरा लंड एक दूं कड़क हो चुका था वो मेरे लंड के आयेज वेल हिस्से पर अपनी जीभ बहुत मस्त घुमा रही थी.

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फिर आंटी बोली, अब मुझे छोड़ो प्ल्ज़, मैने उन्हे डॉगी पोज़ मे किया और पीछे से लंड एक बार ही मे पूरा डाल दिया वो बोली, आराम से, मैं तेज़ तेज़ छोड़ने लगा और दोनो हाथों से बूब्स भी दबा रहा था वो भी गॅंड आगे पीछे कर के चुड़वा रही थी वो बहुत ही एक्षपीरेआंसे वाली लग रही थी क्यूँ के वो लंड को बहुत अंदर तक ले रही थी अब उन्होने मुझे नीचे लेता कर मेरा लंड छूट मे ले लिया और दोनो हाथ मेरे पैरों पर रख कर बहुत स्पीड मे गॅंड उछाल उछाल कर चुड रही थी. मैं बहुत मज़ा ले रहा था. फिर मैने उन्हे खड़ा कर के दीवार के सहारे खड़ा कर उनकी एक लेग हाथ मे पकड़ कर लंड चूत मे डाल दिया और छोड़ने लगा वो बस याहह एस्स एस्स बोले जराही थी हम दोनो पसीना पसीना हो चुके थे और बार बार वो लंड को निकलती फिर दोबारा छूट मे डालती जिससे और भी मज़ा आरहा था अब मैने उनको ज़मीन पर लिटा कर उनकी डॉनी लेग्स अपने सॉडर पर रख कर छोड़ने लगा और अपने हाथ से बूब्स को निचोड़ भी रहा था उनकी छूट पूरी गीली हो कर बहने लगी थी शाएेद वो दो बार झाड़ चुकी थी मगर अभी भी मज़े से छुड़वा रही थी. मेरा लंड भी हार नही मान रहा था बस ज़ोर ज़ोर से धक्के मारे जेया रहा था आंटी ने फिर मुझे नीचे कर के लंड पर सवार हो गयई मैने उनके बूब्स मुँह ले कर चूस भी रहा और वो उपर से मैं नीचे से धक्के लगा रहा था और फिर मेरा पानी निकल गया उनकी छूट मे ही और भी साथ मे ही झाड़ गई और झट से मेरा लंड मुँह ले कर चाटने लगी वो मेरा पानी ऐसे छत रही थी जैसे उनकी शहेड का मज़ा मिल रहा हो और छत छत कर लंड पूरा चिकना कर दिया और मुझे किस कर के बोली, तूने तो आज बहुत मज़ा दिया रविश मैं बोला मज़ा तो आप ने मुझे दिया थॅंक योउ.

उसके बाद हम अपने अपने जगह पर जाकर सो गये तब से दोबारा कोई और आंटी नही मिली जो चुदाई का मज़ा दे अगर आपको मेरे कहानी अच्छी ल्गी हो तो फ़ेसबुक पे शेर और लीके ज़रूर.