मैने अपने भोपाल वाले टूर पर एक बड़ी ही मस्त जवान तलाकशुदा भाभी को चोदा

हैलो दोस्तो मैं पवन मैं वैसे नागपुर महाराट्र के पास का रहने वाला हु, मेरी उम्र 25 साल है ,मै दिखने में ठीक ठाक हु मेरे लंड का साइज गिना तो नही लेकिन औरतों को खुश कर सकता हु , आज की कहानी मेरे जीवन की पहली चुदाई की घटना है एक बार मुझे किसी काम से कुछ दिन के लिए भोपाल जाना पड़ा और मै भोपाल आ गया रूम किराए पर लिया एक दिन सुबह के 7 बजे थे कि में बहार निकला तो मेरी नजर के सामने के मकान की बालकनी पर खड़ी एक खूबसूरत औरत वहा खड़ी थी जो शायद किसी का इंतजार कर रही थी.

उसकी उम्र 31 साल रही थीं जो मुझे बाद में मालूम पडा दिखने में एक दम मस्त माल लग रही थी उसके लंबे बाल उसके खूबसूरत जिस्म की सुंदरता को और बड़ा रहे थे। मैने इससे पहले उसे कभी नहीं देखा था। काम पर जाने के लिए में लेट न हो इसके लिए में तैयार होने चला गया। रात को आने के बाद मै बाजार से दूध लेके आया और खाना खाने के बाद पलंग पर लेटे हुए उसके बारे में सोचने लगा उस औरत को देखने के बाद मेरी आंखो की नींद ना जाने कहा खो गई थी। करीब रात 10 बजे थे तभी किसी ने दरवाजे पर दस्तखत दी तो मैने दरवाजा खोला और देखा कि जिसके ख्यालों में मेरी नींद उड़ा रखी थी वह औरत मेरे सामने खड़ी थी और वह बोली क्या आप के पास थोड़ा सा दुथ मिलेगा मेरी नजर सीथे उसके कप गई और मन में बोला आप के पास तो दूध है तो फिर दूसरे दूध की क्या जरूरत पड़ गई वो मेरी नजर देखकर हसी और कहा दूध तो मेरे घर पर था मगर खराब हो गया है जिसके कारण वो दूध अपनी बेटी को नहीं पिला सकती और दुकान भी बंद हो गई है

मैने उसे हा कहा कि मेरे पास दूध रखा है आप आकर लेलो वो मेरे कमरे में बेखौफ अंदर आगाई और कहने लगी रसोई कहा है। मेरे इशारा करते ही वो रसोई में चली गई और उसके पीछे में भी रसोई में गया तब तक उसने पतीले में से दूध गिलास में डालकर उसने मुझे थैंक्यू कहा फिर चली गई उसके बाद मैने उसके बारे में पता करा तो पता चला कि वह महिला अपनी बेटी के साथ यहां किराए पर रह रही है और यही कही प्जॉब्स करके अपना गुजारा कर रही है एक दिन में घर पर ऑफिस का काम कर रहा था कि रात के 10 बजे थे तभी किसी ने मेरे घर के दरवाजे पर आकर आवाज लगाई मैने जाकर देखा तो सामने वहीं महिला खड़ी थी तब मैने कहा इतनी रात को यहां क्या कर रही है। तब उसने कहा बहुत देर से नींद नहीं आरही थी

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तो सोचा कि क्या किया जाए तो आपके कमरे की लाईट जलते देख मैने सोचा कि चलो आप ही के साथ बैठ कर कुछ बाते कर के टाइम पास किया जाए तब मैने कहा बहुत अच्छा किया और मुझे देखने लगी और फिर मैने कहा कि उस दिन जल्दी में आप का नाम ही नहीं पूछ पाया तब उसने कहा मेरा नाम रुबी है तब मैने अपना नाम बताते हुए कहा मेरा नाम पवन है रात की 2 बज चुकी थी तब मैने उससे कहा कि चलो में आप के लिए चाय बनाकर लाता हूं फिर में रसोई में चाय बनाने का सामान निकाल ही रहा था कि वह मेरे पीछे रसोई में आग्ई और कहने लगी आप हटिए में आप के लिए चाय बनाकर पिलाती हूं उसने मेरे हाथ से सामान ले लिया उसके थोड़ी देर बाद ही हम चाय की चुस्की लेने लगे उसके बदन पर ब्ल्यू कलर की स्कर्ट और शार्ट कमीज़ होने की वजह से वह काफी सुंदर लग रही थी।

चाय पीते पीते उसने अपने कमीज़ के ऊपर के बटन इतनी सर्दी होने के बाद भी यह कह कर खोल दिया कि उफ़ गर्मी लग रही है। उसके ऊपर के दो बटन खुलने की वजह से मेरी नजर उसके आधे दिख रहे बूब्स पर बार बार जा रही थी। यह देख कर वह बोली क्या देख रहे हो तब में कहा आप बहुत सुंदर हो तब उसने वहां से उठी और मेरा चाय का गिलास उठा कर बड़ी मस्ती भरे अंदाज में बोली बर्तन साफ करने का सामान कहा है मैने कहा रसोई में और वो रसोई में चली गई और बड़ी अनोखे अदा से बोली अजी कहा है सामान मैने कहा ऊपर वाली रैक पर रखा है और में रसोई की तरफ चल दिया तब मैने देखा कि दोनों हाथ उठाकर स्लेप पर लटक रही थी।

उसके दोनों हाथ ऊपर उठते ही उसकी शार्ट कमीज़ इतनी ऊपर उठ गई की उसकी मस्त कमर देख कर मेरे कोमल मन में सितार बजने लगे और मेर से रहा नहीं गया तो मैने उसकी कमर पकड़ उस ऊपर उठाने के बहाने से छू लिया मेरे छूते ही वह घूमी और मेरे ऊपर ही गिर पड़ी मेरे सीने पर ही उसका सीना था और मेरे होठों पर उसके होठ थे इससे पहले में कुछ समझ पाता कि हम दोनों की गरम सासो का मिलन होते ही उसने अपने आप को संभाला और उठ कर कमरे में चली गई मैने उससे उस कि जिंदगी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसने लव मैरिज की थी लेकिन उसका पति साला हरामि निकला और उसे छोड़ कर कोई दूसरी ले आया,

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यह बात सुनकर मेरी जिंदगी में भूचाल आगया साथ ही मैने कल्पना भी नहीं की थी कि वो ऐसा करेगा मेरे साथ मैने उससे कोई बात नहीं की और अपनी बेटी को लेकर घर छोर कर मेहनत करके अपनी बेटी को पालने लगी जिससे उस बेवफ़ा सनम कि कभी याद ही नहीं आई नहीं उसने मेरी कोई खबर ली तब मैने उससे कहा रात बहुत हो चुकी है कई आप कि बेटी उठ न जाए तब रुबी ने कहा मुस्कान सुबह से पहले उठने वाली नहीं है कोई चिंता नहीं उसकी ये सारी बाते सुनकर मैने उससे कहा कि वह बड़ा बदनसीब है जो आप जैसी खूबसूरत वाइफ को यूंही छोड़कर कर दूसरी लेकर आ गया रुबी जी एक बात कहूं कि आप बहुत सुंदर है।

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एक बच्ची कि मां होने के बाद भी इतना गठीला तन और खूबसूरत बदन ने तथा आप के गोरे चेहरे के दाए गाल पर लगे तिल से आप की सुंदरता में और भी चार चांद लगा दिए है।जब मैने उसकी सुंदरता की तारीफ की तो वह बहुत कसमसाई और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया उसके हाथ लगते ही मेरे बदन में बिजली सी दौड़ गई मैने उसे अपनी बाहों में भर लिया मुझे ऐसा लगा जैसे वह तन की आग में जल रही है। उसने मेरे होठों पर अपने गुलाबी होठों से चुबन जड़ दिया उसने ऊपर से नीचे मुझे चूमना शुरू कर दिया।

मैने कहा हम बिस्तर पर चलते हैं। मैंने उन्हें किस करते हुए बिस्तर पर लेटा दिया और उनकी शार्ट कमीज़ को निकाल दिया, अब वो सिर्फ ब्रा और पेन्टी में थी। मैं अपनी शर्ट और पैन्ट निकाल कर उनके ऊपर आ गया। मै किसी औरत के उरोजो को पहली बार छूने जा रहा था फिर मैंने रूबी की ब्रा को पीछे से खोलकर मैं रुबी के बूब्स को जैसे ही छुआ बहुत ही मुलायम बूब्स थे और उनको चूसने लगा जैसे एक बच्चा मां के चूसता है एक चूसता तो एक दबाता कर सही बताऊं तो पहली बार बूब्स चूसने का मजा ही कुछ और होता हैं धीरे धीरे मैंने उनकी नाभि को किस करते हुए उसकी पेंटी भी निकाल दी और उनकी चूत पर हल्का सा किस किया जिस पर वो आह भर के रह गई उसके बाद मैने उसकी रसीली और गोरी चूत को चाटना चालू किया सही बताऊं तो मुझे चूत का रस बड़ा ही अच्छा लग रहा था मैंने उसकी चूत तो 20 मिनिट तक चाटा और उसके चूत का सारा रस पी गया उसके बाद मैं उनको सारे बदन को जी भर कर चूम रहा था। वो मुझे कह रही थीं की अब डाल भी दो, और कितना तड़पाओगे

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मैंने अपना लंड निकालकर लंड रूबी की चूत पर रगड़ रहा था जिससे वो और गरम होते गई और बड़बड़ाने लगी डाल दो बहुत दिन से प्यासी हूं प्लीज डाल तो मत तड़पाओ दो जैसे ही मैंने अपना लन्ड डालने लगा तो उसकी चूत से जो कामरस आ रहा था उसके इससे मेरा लंड फिसल रहा था मुझे चोदने का कोई आइडिया नही था क्योंकि मेरा पहली टाइम था फिर वह उठी और मुझे किस करके मेरे लंड पर तेल की शीशी से तेल लगाया और खुद लेट कर पैर ऊपर किए और बोली अब डालो और आराम से डालना क्योंकिबहुत दिनों से कोई लंड नही गया हैं और जैसे ही मैंने उसके चूत पर लंड रख कर धक्का दिया वो कराह उठी और कहने लगी आराम से करो मुझे दर्द हो रहा हैं और रूबी ने तड़प कर मेरे बालों को कसकर पकड़ लिया, जैसे ही वह शांत हुई दूसरा धक्का दिया जिससे मेरा पूरा लंड रूबी की चूत में उतर गया , अब मैं उसे जोर से धक्के लगा रहा था, जिस पर वो सिसकारियाँ लेकर आहें उम्म्ह… अहह… हय… याह… भर रही थी। मैं अपना लंड पूरा बाहर निकाल कर आयशा की चूत में जड़ तक पेल देता था।

करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद मैं रूबी की चूत में ही झटके देकर झड़ गया मगर रूबी को सालो बाद खुशी का एहसास हुआ था जैसे सावन में मुरझाए हुए फूल खिल जाते है मै 8 दिन रहा वहा और और 3 बार चोदा अलग लग पोज में किया .

8 दिन बाद मैं वहा से जा रहा था तब अपना सामान पेक कर रहा था कि तभी पीछे से उसने मेरे कंधे पर अपना हाथ रखकर कहा कि कहा की तैयारी हो रही है। तब मैने हिम्मत जुटा कर उससे कहा रूबी कोई अच्छा सा अपने समाज का लड़का देखकर अपना घर बसा लो ये कह कर में चल दिया कोई 6 महीने बाद उसका मेसेज आया उसने अपने ही समाज के एक अच्छे से पैसे वाले से निकाह कर लिया है यह जान कर मेरे दिल को बहुत खुशी हुई उसके बाद ना ही मैने कभी उसकी मेसेज किया ना ही उसका कोई मेसेज आया में उसकी लाईफ को डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था। दोस्तो यह चुदाई आपको कैसी लगी, मुझे ई मेल करके बताएँ।

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