10 दोस्तो के प्यास का खेल

(10 Dosto ke pyas ka khel)

हेल्लो दोस्तो मैं [email protected]
एक बार फिर आ गया आपके लिए एक और हसीन कहानी लेकर। मेरी पिछली कहानी
चार दोस्तो का हसीन खेल
में आपने ऋषि और उसके दोस्तो के बीच की अदला बदली की कहानी पढ़ी आपने। उस अदला बदली के बाद धीरे धीरे ऋषि और सम्राट ने बाकी दोस्तो को भी अपने साथ मिला लिया।

एक था सचिन हट्टा कट्टा शरीर उसकी सहेली का नाम है लक्ष्या भरे हुए बदन की मालकिन 38-32-38 का नाप बादामी रंग और खुला स्वभाव।
दूसरा था पुनित दुबला पतला लेकिन पैसे वाला उसकी जान वैशाली हल्की सी मोटी 36-34-38 सावला रंग लेकिन सुना था सेक्स की खिलाड़ी।
तीसरी थी मिस्टी 32-26-32 की गेहुंआ रंग। उसका कोई बीएफ नहीं था लेकिन वो ऋषि की दोस्त थी और ऋषि उसको कई बार चोद चुका था।
एक लड़का था जिसकी जीएफ नहीं थी पर वो भी ऋषि के साथ आया था जिसका नाम था रोहन। रोहन उसका बचपन का दोस्त था। शर्मिला सा लड़का जिसने आजतक किसी की जवानी का रसपान नहीं किया था।

ऋषि की रिचा को आप जानते ही हैं अब उसका बदन थोड़ा और निखर गया 34 26 36।
सम्राट की सुहानी की हमेशा से बेदर्द चुदाई हुई तो वो तो अब चलते हुए भी आग लगती है 38-28-38।

अब कहानी पर आते है। ऋषि ने सभी दोस्तो के लिए 5 कमरे अपने दोस्त के होटल में ले लिए और वहां जाने का प्लान बन गया। लकड़ियों को पहले ही वहां भेज दिया था । तय ये हुआ था कि लड़कियां एक एक कमरे में चली जाएगी और हमे बताया नहीं जाएगा कौन कौनसे कमरे में है। उसके बाद हमे एक एक चाबी दी जाएगी जिसके पास जो लड़की आएगी उसको उसके साथ 3 घंटे मिलेंगे और उसके बाद लड़कियों को मौका मिलेगा ऐसे ही चाबी चुनने का। किसी को पता नहीं होगा कौन किस कमरे में है। चाबी के नंबर 201,202,203,204,205 थे और साथ में एक बड़ा कमरा भी यह 206 जिसमे अभी कोई लड़की नहीं थी।
दिमाग ऋषि का था तो सबसे पहले उसने 203 लिया। सम्राट ने 205, पुनित ने 201, सचिन को मिला 202 और नए खिलाड़ी को मिला 204। रोहन थोड़ा झिझक रहा था तभी हमने उससे समझाया और तैयार कर लिया। अब हम अपने अपने रूम की तरफ जाने लगे।

मै (ऋषि) मन ही मन सोच रहा था मैं रिचा सुहानी और मिस्टी को पहले ही भोग चुका था तो चाहता था मुझे वैशाली या लक्ष्या मिले। और किस्मत ने भी मेरा साथ दिया जैसे ही मैंने रूम खोला अंदर रूम में वैशाली बेड पर एक बिकिनी पहने बैठी थी। मैंने उसे देखते ही अपनी किस्मत को ध्यनवाद किया और उसकी और चल दिया। पुनित ने हमे कई बार बताया था कि वैशाली को जबरदस्ती कोई चोदे तो ज्यादा मज़ा आता है। वो दोनो अक्सर ऐसे खेल खेलते थे जिसमे वो सोचते थे कि वैशाली को कोई और चोद रहा है। मै जैसे ही उसके पास गया तो वो आंख मारते हुए बोली ऋषि आज चुदने का मन नहीं है। मैं उसका इशारा समझ गया कि वो चाहती है में उसके साथ जबरदस्ती करू। मैंने भी यही किया और अपनी पैंट उतार दी और लंड बाहर निकाल लिया। उसने अपना मुंह दूसरी तरफ कर लिया। मेरा लंड तो उसे देखकर पहले ही खड़ा था। मैंने उसके पास जाकर उसके बाल खींच उसने दर्द में मुंह खोला और मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और अन्दर बाहर करने लगा। कुछ देर बाद उसने मुझे चार रस्सी दी और कहा ऋषि कुछ भी कर लो बांधना मत । मैंने ऐसा ही किया और जबरदस्ती उसके हाथ पैर उसको घोड़ी बना बेड पर बांध दिए। वो एक खेल का पूरा मज़ा ले रही थी। मेरे को एक सरारत सूझी। मैंने उसकी चूत की जगह उसकी गांड में एकदम से लंड डाल दिया उसने अपनी गांड मराई थी लेकिन बहुत कम बार । इस झटके से उसे बहुत दर्द हुआ वो मुझे पीछे हटने लगी लेकिन मै रुक गया और उसे आराम करने का मौका दिया। कुछ मिनट बाद उसे मज़ा आने लगा और वो चिलाने लगी वाह मेरी जान लगे रहो और ज़ोर से मज़ा आ रहा है। थोड़ी देर गांड मारने के बाद मैंने उसकी चूत में लंड डाल दिया और चूत मारी। एक एक बार ही मारी थी क्योंकि 4 लड़कियां और भी थी। फिर हमने एक दूसरे को किस किया। मैंने उसके मुंह में लंड दिया और उसकी चूत चाटने लगा। 69 में कई देर तक मज़ा लेने के बाद जब हमारा फिर से मूड बना इतने में अलार्म बजा क्योंकि 3 घंटे पूरे हो चुके थे।

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हम 206 में जाने लगे वहां सबसे मिलने का प्लान बनाया था। जब हम वहां गए तो सुहानी और रोहन थे। रोहन थका हुआ लग था । मैंने मजाक में सुहानी से क्या बात रोहन को खा ही गई क्या? क्या हालत कर दी है बेचारे की। तभी सुहानी बोली कि यार नया लड़का था सब मुझे ही करना पड़ा। रोहन बोला थैंक्यू ऋषि यार इतनी तकड़ी माल की चूत का स्वाद लेने के लिए। मैं बोला अभी तो सारी रात बाकी है तेरे लंड में जान रही तो और मजा आएगा। इतने में रिचा और पुनित भी आ गए। रिचा बोली पुनित बहुत अच्छा चोदता है यार। मज़ा आ गया आज तो। सम्राट लक्ष्या के साथ आया लेकिन यहां सम्राट की हालत खराब थी । सम्राट बोला कि इसके साथ और नहीं जाना खा जाएगी ये। लक्ष्या बहुत गर्म थी और उसकी प्यास बुझानी हर किसी के बस की बात नहीं थी। तभी सचिन मिस्टी को गोद में उठा कर लाया। उसका वजन बहुत सिर्फ 42 किलो था। उसके बाद सबने खाना खाया। तभी लड़कियां बोली कि अब हमारी बारी। तभी में बोला कि एक नया उपाय आया है दिमाग में अगर आप मानो तो।
सभी ने बोला आइडिया बताओ देर देखते है। मैं बोला कि अभी कमरे कि सारी लाईट बन्द कर देंगे फिर सब डांस करेंगे जब गाना बंद होगा तब जो जिसके साथ होगा उसके साथ की आगे की रात बिताएगा। लेकिन एक नयापन होगा। एक जगह पर तीन लड़के 2 लड़की जाएगी और एक रूम में 3 लड़की और 2 लड़के। लेकिन उसका फैसला ऐसे होगा की जिस तरफ सबसे बड़ी चूची वाली लड़की होगी वहां 3 लड़कियां जाएगी और जहां सबसे बड़े लंड वाला लड़का होगा वहां दो। अगर दोनों एक जगह निकले तो दूसरे नंबर वाले से फैसला हो गया। सब मान गए।
तभी मैंने लाईट बंद की और डांस शुरू किया। हम डांस कर रहे थे और कभी किसी को पकड़ कर किस कर रहे थे चूचे दबा रहे थे। गांड पर थपड़ मार रहे थे। कुछ देर डांस करने के बाद मैंने गाना बंद कर दिया और लाईट जला दी। मेरे साथ मिस्टी थी। सम्राट साथ रिचा। रोहन साथ लक्ष्या। पुनित साथ सुहानी। सचिन साथ वैशाली।
सबसे बड़ा लंड था नए खिलाड़ी रोहन का उसने मुझे अपने साथ लिया। रोहन साथ अाई लक्ष्या। मेरे साथ अाई मिस्टी और रोहन ने वैशाली को और मांग लिया। दूसरी तरफ थे रिचा सुहानी पुनित सचिन और सम्राट। उन भूखी लड़कियों को तीन मिलने थे और हमको तीन माल।

उसके बाद हम अपने कमरे में गए। मैं और रोहन बेड पर बैठ गए और लड़कियों को नंगा होकर नाचने को बोला। सबने अपने कपड़े निकाले और निचने लगी। सब एक से बढ़कर एक रंडी लग रही थी। मैंने रोहन को बोला कि सबसे पहले मिस्टी की लेंगे वो जल्दी थी थक जाएगी और लक्ष्या बहुत हवसी है उसके ऊपर बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। हमने मिस्टी को पकड़ लिया और उससे गोद में उठा लिया। वो बहुत हल्की थी। वैशाली और लक्ष्या एक दूसरे को चूमने लगी चाटने लगी। हमारा जोश और बढ़ गया। मैंने खड़े होकर मिस्टी को उठा लिया और उसकी गांड में लंड डाल दिया वो चिलाई इतने में रोहन ने चूत में लंड दाल दिया। वो हम दोनों जानवरो के बीच फसी एक बच्ची लग रही थी। जल्दी ही वो थक गई उसकी गांड और चूत में जलन होने लगी। हमने उससे चोद चोद कर रुला दिया। लक्ष्या को उसपे दया आ गई और उससे हमसे दूर कर दिया। लक्ष्या की लंबाई 5 फूट 9 इचं थी। 65 किलो का भारी भरा हुआ बदन । हमने उससे पकड़ लिया और उसकी मारने लगे। उसकी बहुत मज़ा आ रहा था। मै उसकी चूत मारने लगा और रोहन उसकी गांड। वैशाली ने अपनी चूत उसकी मुंह पर लगा दी और मिस्टी उसके चूचों को काटने लगी। 2 घण्टे की दमदार चुदाई और जगह बदल बदल कर हम लोगो ने लक्ष्या को चोदा। यहां तक कि बीच में उसकी चूत में 2 लंड डाल दिए। 2 घंटे बाद वो थक चुकी थी और हाथ जोड़ने लगी। उसके बाद हमने वैशाली को भी बेदर्दी से चोदा और सभी थक गए। थोड़ी देर बाद हम उठे और 206 में चले गए। बाकी काफी टाइम पहले से हमारा इंतज़ार कर रहे थे।
सब थके हुए लग रहे थे। सबके मिस्टी सचिन पुनित का बुरा हाल था।
वहां हमने सबसे पूछा कि कोई और कुछ करना चाहता हैं या किसी का मन ना भरा हो तो बता दो। तभी सचिन ने लक्ष्या की तरफ देखा और बोला कि लक्ष्या का सपना है कि उससे कई लड़के चोदे अगर तुम लोग तैयार हो तो इसकी फर लेते है। रिचा बोली हमे तो लेस्बियन करने का मन है मै और सुहानी 201 में का रहे है किसी और लड़की को चलना है तो चलो। वैशाली का हमेशा से मन यह तो उसने हां भर दी। मिस्टी भी चली गई क्योंकि उसे पता था वो 5 लंड नहीं संभाल पाएगी। हम सबने मिल कर लक्ष्या की प्यास भुजाने का फैसला किया। उस रात लक्ष्या को पांच लंड लेके मज़ा आ गया।
सुबह तक सब थक चुके थे सबने एक दूसरे को किस किया और वहां से निकल आए।
मेरी कहानी कैसी है दोस्तो बताना जरूर [email protected] पर मेल करके