बस में मिली खूबसूरत आंटी

(Bus me mili khubsurat aunty)

हाई फ्रेंड्स
वैसे तो ये मेरी पहली स्टोरी है इस लिए कोई भूल हो तो माफ़ कर देना।
मेरे बारे में बात करूं तो में 21 साल का नौ जवान लड़का हूं। और भावनगर(गुजरात) में रेहता हूं। ये कहानी लिखने का मेरा वैसे तो मन नहीं था पर ये आंटी अभी अभी मुझे मजा देके गई तो मैने सोचा क्यूं ना में इस बारे में सब को मजा कराऊ।
वैसे तो मेरी उनसे मुलाकात 2 साल पहले हुई थी। मेरा अहमदाबाद (गुजरात) में एक एग्जाम थी तो में वो देने के लिए जा रहा था। मैने एक वोल्वो में टिकट बुक करवा रखी थी। और रात के 11:30 बजे की बस थी तो में 11 बजे ही बस स्टैण्ड पर पहोच गया था। तभी कुछ 5 मिनिट बाद एक आंटी वहां पर आ कर खड़ी हुई।
मैने जब उन्हें देखा तो देखता ही रह गया। क्या कमाल का फिगर था। 36 32 38 का फिगर था। उन्होंने पिंक कलर की साड़ी और वैसे ही कलर का बैंक लैस ब्लाउज़ पहना हुआ था। उसमें आंटी के चूतड़ और बूब्स काफ़ी मस्त और उभरे हुए थे।

में उनको एक ही नजर देखे जा रहा था। उन्होंने भी 1-2 बार मुझे देखा पर कुछ बोली नहीं और बस का इंतजार कर रही थी। 11: 45 के आसपास बस आ गई। बस स्टैंड पर हम दोनों ही थे। वो आंटी पहले बस में चड गई और बाद में में चड़ा। मैने बस में जाकर देखा तो आगे की 2-3 सीट ही भरी हुई थी।
फ़िर में अपनी सीट ढूंढने लगा तो वो एकदम पीछे थी। मैने सीट पे जाकर देखा तो में देखता ही रह गया। वो आंटी की सीट भी मेरी बाजू में ही थी। मेरी विंडो सीट थी और उनकी मेरे बाजू में थी। पर वो मेरी सीट पर बेठ गई थी तो में बाजू में खाली सीट पर बैठ गया।

आंटी एक दम गोरी थी और बस की हल्की रोशनी में उनका गोरा रंग मानो चमक रहा था। बस चलने लगी आंटी हेडफोन पहन कर सोंग सुनने लगी और फोन में वीडियो देख रही थी। मैने भी हेडफोन पहन लिए पर मेरा ध्यान तो आंटी के ऊपर ही था। उन्होंने हल्का सा मेकअप किया था।
कुछ 1 घंटे बाद आंटी ने हेडफोन निकाल लिए और फोन अपने पर्स में डालके सोने लगी। बस तो वोल्वो थी तो एसी की धीमी धीमी हवा आ रही थी। आंटी ने विंडो के पड़ादे बन्ध कर दिए और सोने लगी। कुछ 15 मिनिट जैसा हुवा था।
आंटी शायद सो गई थी और उनका पल्लू नीचे गिर गया। उनके आधे से ज्यादा बूब्स बाहर दिख रहे थे में तो उन्हें देखकर एक दम पागल हो गया था और मेरा लुंड भी खड़ा हो गया था। मैने आजतक किसी के साथ सेक्स नहीं किया था।

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फिर मैने हिम्मत कर के अपना हाथ आंटी के बूब्स पर रख दिया । आंटी का कोई विरोध नहीं हुआ। वो नींद में थी तो में उनके बूब्स पर हाथ फिराने लगा। क्या सॉफ्ट बूब्स थे। बहोत ही मजा आ रहा था। पर तभी बस एक होटल पे रुकी तो मैने जल्दी से अपना हाथ हटा लिया। वो आंटी सो रही थी तो में नीचे नाश्ता करने के लिए उतर गया।
1-2 मिनिट बाद आंटी भी नीचे उतरी और थोड़ी देर बाद मेरे पास आकर बाते करने लगी। उन्होंने बताया कि वो अहमदाबाद किसी शादी में जा रही है। वो शादी शुदा है। उसकी एक बेटी भी है। उसकी एग्जाम के कारण बेटी नहीं आ पाई। और उसके पति बिजनेस में व्यस्त है इस लिए नहीं आए।

उसने बताया कि वो भी भावनगर से ही है। और मेरे घर से थोड़ी दूर ही रहती है। और उसकी फ्रेंड की शादी है इस लिए वो वहा जा रही है। और फिर रात को वो वहा से निकाल जाएगी। आंटी मेरे सामने हस रही थी। मैने थान लिया था आज तो आंटी की जम के चूदाई करूंगा।
बाद में बस शुरू हुई तो हम दोनों बस में चढ़ गए। आंटी 5 मिनिट बाद फिर अपना पल्लू साइट में करके सो गई। मुझे तो ऐसा लगा जैसे वो मुझे ग्रीन सिग्नल दे रही हो। थोड़ी देर देखने के बाद मैने आंटी के बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया। क्या मस्त गोरे गोरे बूब्स थे। फिर में उनके कंधों पर सिर रखकर सोने की एक्टिंग करने लगा और एक हाथ उनके बूब्स पर रखके उसे धीरे धीरे दबाने लगा तभी आंटी के मुंह से एक आह निकल गई में समझ गया आंटी सोने की एक्टिंग कर रही हैं। ।

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फिर मेरी हिम्मत बढ़ गई मैने दोनो हाथो से उनके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और मेरी जीभ को उनके गले पड़ फेरने लगा। आंटी अपने मुंह से सिसकियां निकल रही थी और उनकी आंखे बन्ध थी। मैने आंटी को ब्लाउज़ खोलने का कहा तो वो मना करने लगी।
फिर मैने उनके होठ पर अपने होठ रख दिए और उन्हें लिप किस करने लगा। आंटी मानो प्यासी थी। मेरे होठ को अच्छे से चूस रही थी। और में भी उन्हें चूसा जा रहा था। फिर मैने अपनी जीभ उनके मुंह में डाल दी। तो वो उसे भी चूसने लगी और में उनके दोनो बूब्स को ब्लाउज़ के अंदर हाथ डालकर दबाए जा रहा था। फिर मैने उन्हे ब्लाउज़ खोलने के लिए कहा तो उन्होंने तुरंत उसे खोल दिया उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी।

उसके दोनों बड़े और गोरे बूब्स मेरे सामने थे। क्या बूब्स थे? में तो उन्हे देखकर ही पागल हो गया था। में तो फिर उन्हे चूसने और दबाने लगा। आह्ह क्या मजा आ रहा था। आंटी को भी मजा आ रहा था वो भी धीरे धीरे सिसकियां भर रही थी। में एक हाथ से उसके बूब्स को दबाता और दूसरे बूब्स को चूसता था। फिर मैने अपना एक हाथ उनकी साड़ी के अंदर डाल दिया और उनकी पैंटी के ऊपर हाथ फेरने लगा।

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आंटी सिसकियां भर रही थी। फिर मैने आंटी को सीट पर लेटा दिया और उनकी साड़ी ऊपर करदी। फिर में पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा। उनकी चूत एकदम क्लीन थी। मैने पैंटी के ऊपर से ही चूत को चाटना शुरू कर दिया। उन्होंने पिंक कलर की पैंटी पहनी थी। वो उनकी पिंक चूत पर एकदम मस्त लग रही थी। में पैंटी के ऊपर से ही चूत को चाट रहा था और आंटी सिसकियां ले रही थी।
फिर 5 मिनिट बाद मैने आंटी की पैंटी निकाल दी और उनकी नंगी चूत पर अपनी उंगलियां सहलाने लगा। फिर मैने अपनी जीभ उनकी चूत पर रखी और उसको चाटने लगा। कुछ देर उसकी चूत चाटने के बाद उसका पानी निकला तो में सारा पानी पी गया।

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फिर मैने अपनी पैंट थोड़ी नीचे करली। और उसके हाथ में लंड दे दिया। थोड़ी देर सहलाने के बाद उसने लंड को मुंह में लेना शुरू कर दिया। वो ऐसे लंड चूस रही थी मानो एक्सपर्ट हो। एकदम रिच पॉर्न स्टार लग रही थी।
मैने वही उसको चोद ने के लिए कहा पर उसने मना किया। उसने कहा यही से उतर कर होटल में जाके करेंगे। मैने उसकी बात मान ली । करीब आधे घंटे बाद हम अहमदाबाद पहुंच गए। बस स्टैंड के पास ही एक होटल में जाकर मैने रूम बुक किया और हम दोनों अंदर चले गए।
अंदर जाते ही उसने मुझे हग कर किया और लिप किस करने लगी। मैने भि उसे जॉइन करते हुए लिप किस करना शुरू किया। किस करते करते उसने मेरा शर्ट निकाल दिया और मेरे सीने पर हाथ फेरने लगी। मैने उसकी साड हटा दी ओर ब्लाउज़ के ऊपर से उस उसके बूब्स को दबाने लगा।।

फिर मैने उसको नंगा करके बेड पर सुलाया और फिर उसकी चूत को चाटने लगा। वो एकदम तड़प ने लगी। 15 मिनिट उसकी चूत चाटने के बाद वो झड़ गई और उसने अपना पानी निकला मैने सारा पानी पी गया। क्या कमाल का पानी था। पहली बार किसी औरत के साथ में ये मजा ले रहा था। मानो मुझे जन्नत मिल गई थी। फिर मैने उसके पैरो को फैला दिया और अपना लंड सेट किया और एक जोर का धक्का मारा।

मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया। और वो तड़पने लगी। मुझे पहली बार था इस लिए थोड़ा दर्द हो रहा था। आधा धंटे जितना चोदने के बाद उसने मुझे कस कर पकड़ लिया में समाज गया मेरा भी पानी निकलने वाला था कुछ 10 धक्के के बाद हम दोनों साथ में ही पानी निकाल दिया।

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