धोबी ने मेरी बहन को चोदकर छिनाल बनाया-2

Dhobhi ne bahan ko chodkar chhinal banaya-2

अगले दिन दीदी कॉलेज से आई और आते ही वो खाना ख़ाकर दिन में सोती है और मैंने उस बात का फायदा उठाते हुए चुपचाप उसके मोबाईल का कार्ड निकाल लिया और धोबी को जाकर दे दिया.

में उससे बोला कि जो करना है जल्दी से करो और उसने कार्ड से सब कुछ कॉपी करके मुझे वापस दे दिया. फिर मैंने उससे पूछा कि अपने यह सब क्यों किया. फिर वो मुझसे गाली गलोच करने लगा वो मुझसे बोला कि बहनचोद तेरे काम से मतलब रख समझा ना चूतिए. फिर में वहां से निकल गया और फिर उसी रात को मैंने करीब दो बजे उठकर मेरी दीदी का फोन चेक किया तो मैंने देखा कि व्हाटसप पर उस धोबी के बहुत सारे मैसेज पड़े हुए थे

धोबी : हाए.

दीदी : तुम कौन हो?

धोबी : मेरी जान में तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, जब से मैंने तुम्हे देखा है में तुम्हारा बिल्कुल दीवाना हो गया हूँ.

दीदी : चुप करो अपनी यह बकवास, क्या तुम पागल हो.

धोबी : एक मिनट रूको, फिर तुम चाहो तो जरुर बंद कर देना.

अब उस धोबी ने दीदी को दीदी की फोटो जो उसके पास थी और बहुत सारी सेक्सी फोटो भी भेजी और उन सभी फोटो में मेरी दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी.

दीदी : क्यों यह फोटो तुम्हारे पास कहाँ से आई?

धोबी : जानेमन में तेरे प्यार में सब कुछ कर सकता हूँ, अब अगर तूने मुझसे बात नहीं की या मुझे हटा दिया तो में यह सभी फोटो सबको भेज दूंगा और तुझे एक रंडी बना दूंगा, इसलिए अब तू सबसे पहले तेरे घर वालो की इज्जत के बारे में भी थोड़ा सोच लेना.

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दीदी : प्लीज तुम ऐसा मत करो, मुझे बताओ कि तुम्हे क्या चाहिए?

धोबी : में तुझे सही समय आने पर वो सब एक दिन जरुर बता दूंगा.

दीदी : हाँ ठीक है, लेकिन प्लीज किसी को वो फोटो मत भेज देना.

धोबी : हाँ ठीक है जानेमन, तुम कहती हो तो में रुक जाता हूँ, लेकिन तुम्हे अब वो सब करना होगा जो में तुमसे करवाना चाहता हूँ वरना ना करने का अंजाम तुम बहुत अच्छी तरह से जानती हो.

फिर उसके अगले दिन धोबी हमारे घर पर दोबारा आ गया और फिर दीदी उसे देखकर उससे कपड़े लेने चली गई और जैसे ही दीदी कपड़े लेकर पीछे की तरफ मुड़ी तो उसने सही मौका देखकर दीदी के चूतड़ को दबा दिया.

दीदी कहने लगी कि अंकल यह क्या बत्तमीजी है और आप मेरे साथ यह क्या कर रहे हो क्या आपको बिल्कुल भी शरम नहीं आती? तो मुस्कुराते हुए बोला कि जानेमन अभी तो मुझे तेरे साथ बहुत कुछ करना है, अभी तो मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे तू मुझसे इतना नाराज हो रही है. दोस्तों दीदी उसके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल चकित हो गई और अब वो समझ गई कि धोबी ही वो इंसान है जिसने कल रात को उनके नंबर पर वो मैसेज किए थे.

दीदी : प्लीज बताओ ना अंकल आप मेरे साथ ऐसा क्यों करे हो, मैंने आपका क्या बिगाड़ा है?

धोबी : क्योंकि में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ.

दीदी : क्या अपने आपकी मेरी उम्र देखी है? और आप तो मुझसे उम्र में भी बहुत बड़े हो.

धोबी : हाँ जानेमन देखी है, लेकिन कभी भी जिस्म की भूख में उम्र नहीं देखी जाती और में सिर्फ़ तुझसे प्यार करना चाहता हूँ, शादी नहीं.

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दीदी : अंकल में इन सब चीज़ो में नहीं पड़ना चाहती हूँ और मुझे इसमे बहुत डर भी लगता है, प्लीज आप मुझे मेरा कार्ड दे दीजिए प्लीज.

धोबी : अब ज्यादा फालतू की बातें मत कर, बहुत मज़ा आएगा और कल में दोपहर को तेरे घर पर आ जाऊंगा, तू एकदम तैयार रहना मेरी जानेमन.

दीदी : अंकल नहीं प्लीज, मेरा भाई भी दिन में घर पर ही होगा.

धोबी : में सब संभाल लूँगा और वो दीदी के बूब्स दबाकर मुस्कुराता हुआ वहां से चला गया.

फिर जब शाम को में मेरे एक दोस्त के घर पर जा रहा था तब उस धोबी ने मुझे रोककर अपनी पूरी बात मुझे बताई और फिर वो मुझसे बोला कि तू कल दिन में घर पर मत रहना, दोपहर के दो बजे से चार बजे के बीच में. अब मैंने उससे कहा कि अगर मेरी बहन इस काम को तुम्हारे साथ करने के लिए राज़ी है तो मुझे इसमे कोई भी आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर उसकी बिल्कुल भी इच्छा नहीं है तो प्लीज तुम उसे कुछ मत करना.

फिर धोबी ने मुझसे कहा कि तेरी बहन की मेरे साथ सेक्स करने की बहुत ज़्यादा इच्छा है, लेकिन वो बता नहीं रही और अगर ऐसा भी है तो तू खुद वहां पर आकर अपनी आखों से देख लेना. फिर मैंने कहा कि ठीक है दरवाजा बंद मत करना, दोस्तों मुझे उसकी बातें सुनकर उस पर गुस्सा तो बहुत आया, लेकिन में मज़बूर भी बहुत था और एक तरफ जोश में भी था.

फिर अगले दिन में दोपहर को करीब 1:30 पर ही अपने घर से बाहर निकल गया और करीब आधे घंटे बाद 2 बजे घर के पीछे पहुंच गया और देखने लगा. धोबी के घर के अंदर घुसने के बाद में भी चुपचाप अंदर चला गया. अब मैंने देखा कि दीदी उस समय बहुत डरी हुई थी. धोबी ने दीदी को अपनी गोद में उठाया और सीधा बेडरूम में ले गया और उसने मेरे लिए बेडरूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला रखा, जिससे में बाहर से ही वो सब कुछ देख लूँ जो अंदर मेरी दीदी और उस धोबी के बीच होने वाला था.

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धोबी : क्या हुआ जानेमन तुम मुझसे इतना क्यों डर रही हो?

दीदी : वो इसलिए क्योंकि मैंने इससे पहले कभी भी ऐसा कुछ नहीं किया है.

धोबी : वाह फिर तो हमे सेक्स करने में बहुत मज़ा आएगा, काश में तेरा पति बन सकता?

दीदी : अंकल प्लीज यह सब रहने दीजिए, प्लीज आप मुझे छोड़ दो.

धोबी : में तुझ जैसी परी को कैसे छोड़ दूँ? हाँ, लेकिन तुझे में चोद तो ज़रूर सकता हूँ.

दीदी : ठीक है अंकल आपको जो कुछ मेरे साथ करना है करो, लेकिन थोड़ा जल्दी करो और मेरे भाई के आने से पहले मुझे मेरा कार्ड देकर आप प्लीज यहाँ से चले जाओ.

धोबी : तुमने क्या इससे पहले कभी किसी को किस किया है या फिर किसी के साथ सेक्स किया है?

दीदी : मैंने ऐसा कुछ भी अभी तक नहीं किया.

धोबी : वाह इसका मतलब तेरी चूत पूरी तरह से सील पेक है.

दीदी : क्या मतलब?

धोबी : थोड़ा सा रुक, में अभी तुझे सब कुछ समझाता हूँ.

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