दोस्त से कराई बहन की चुदाई-2

Dost se karai bahen ki chudai-2

कुछ समय बाद मैंने जाकर देखा, वो सो चुकी थी, उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था, स्कर्ट छोटा होने के कारण उसकी जांघें दिख रही थी।

मैंने सचिन से कहा- तू कमरे में चला जा, मैं बाहर संभालता हूँ, कुछ भी होगा तो मैं देख लूँगा।

वो कमरे में चला गया, मैं खिड़की से सब देख रहा था।

वो डर रहा था, डरते डरते उसने शशि की जांघों पर हाथ रख दिया, फिर सहलाने लगा। वो अभी भी डर रहा था। फिर वो स्कर्ट के अंदर हाथ डालने लगा।

तभी मेरी बहन जाग गई।

शशि- सचिन भैया आप?

सचिन- हाँ मैं !

शशि- आप यहाँ क्या कर रहे हो?

सचिन- शशि, मैं तुम्हें प्यार करता हूँ और तुम्हें चूमना चाहता हूँ।

तभी शशि ने उसे थप्पड़ मार दिया और मुझे आवाज़ लगाते हुए बाहर आई, पर मैं छुप गया।

तभी सचिन बोला- वो किसी काम से बाहर गया है, एक घण्टे में आएगा।

शशि के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा। शशि ने उसे जाने को कहा।

सचिन- बस मुझे एक किस करने दो, मैं चला जाऊँगा।

शशि- ठीक है, पर गाल पर ! उसके बाद तुम चले जाओगे।

फिर सचिन ने उसे चूमना शुरु किया और चूमता ही चला गया।

शशि बोली- कितने देर करोगे?

सचिन- मैं बस एक ही किस कर रहा हूँ न ! चाहे कितने भी देर तक करूँ !

शशि हंसते हुए- तुम बड़े चालाक हो।

सचिन ने फिर उसे चूमना शुरु किया और 5 मिनट तक चूमता रहा। अब शशि को मजा आने लगा था और वो भी उसे चूमने लगी। मुझे भी यह देख कर अच्छा लग रहा था।

धीरे-धीरे उन्होंने अपने कपड़े उतारने शुरू किये, थोड़ी ही देर में वो पूरे नंगे हो गए।

शशि को मैंने पहली बार नंगा देखा था और मैं उसे देखता ही रह गया। मैं बाहर ही मुट्ठी मार रहा था। वो दोनों पागलों की तरह चुम्बन कर रहे थे। सचिन ने उसे लौड़ा चूसने को कहा और वो तो चाहती ही यही थी।

वो पागलों की तरह चूस रही थी, सचिन उसके मुँह को चोदे जा रहा था। अब मैं भी चुदना चाहता था। तभी मैंने सचिन के दोस्तों को बुला लिया जो मुझे चोदते थे, उनके नाम रवि और राजू हैं।

उनके साथ में दूसरे कमरे में जाने लगा कि उन्होंने सचिन और शशि की आवाज़ सुन ली। वो बोले- हम तुझे तभी चोदेंगे जब तू हमसे भी अपनी बहन चुदवायेगा।

और मुझे मानना ही था, हम तीनों मेरी बहन के कमरे में चले गए तो हमें देख कर मेरी बहन डर गई।

मैं बोला- डर मत शशि ! ये भी मेरे ही दोस्त हैं।

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फिर शशि की जान में जान आई, शशि फिर से उसका लौड़ा चूसने लगी।

रवि और राजू बोले- हम पहले तेरी बहन को चोदेंगे।

मैंने कहा- ठीक है।

और राजू शशि की चूचियाँ दबाने और चूसने लगा और रवि शशि की चूत चाट रहा था। मैं वहीं बैठ कर यह सब देख रहा था। तीनों ने मेरी बहन को बिस्तर पर डाला और एक एक कर के मुँह चोदने लगे। अब सचिन नीचे लेट गया और शशि को अपने ऊपर लेटा लिया। धीरे धीरे सचिन का लंड शशि के अंदर जा रहा था, शशि सिसकारियाँ ले रही थी और आखिर पूरा लौड़ा चला ही गया।

रवि ने उसकी गाण्ड में तेल लगाया और अपना लौड़ा घुसाने लगा। शशि चिल्ला रही थी पर खुश थी।

अब दोनों लौड़े उसमें समां चुके थे और बड़ी जोरों से चोद रहे थे। राजू अभी भी चूचियों से खेल रहा था।

तभी शशि बोली- भैया, इधर आओ !

मैं उसके पास खड़ा हो गया। उसने मेरा लौड़ा पकड़ा और चूसने लगी, मैं ख़ुशी से पागल हुए जा रहा था। फिर पीछे से रवि हट गया और मैं अपनी बहन चोदने लगा। हम चारों ने शशि को हर तरह से चोदा। उससे अब चला भी नहीं जा रहा था पर सचिन अब भी उसे नहीं चोद रहा था, सचिन ने उसे घोड़ी बनाया हुआ था।

रवि ने मुझसे भी घोड़ा बनने को कहा तो मैं खुश हो गया। अब मैं और मेरी बहन घोड़ी बने हुए थे और वो तीनों बदल बदल कर हमें चोद रहे थे। फिर से उन्होंने अपने लौड़े हमें चुसवाए।

रवि ने थप्पड़ मार मार कर मेरी गाण्ड लाल कर दी पर मुझे मजा आ रहा था।

फिर तीनों ने मुझे और मेरी बहन को नीचे बिठाया और एक एक कर के अपना सारा रस हमारे ऊपर डाल दिया। हम सब खुश थे, मैं और मेरी बहन बाथरूम नहाने चले गए कि तभी वो तीनों बाथरूम में आ गए।

उन्होंने हमें फिर से नीचे बिठाया। मैं हैरान था।

फिर वो तीनों एक साथ हमारे ऊपर पेशाब करने लगे। हम दोनों पेशाब में नहा चुके थे।

फिर वो तीनों चले गए।

तब से वो तीनों हमें चोद रहें हैं और हम अपने जीवन का मजा ले रहे हैं।

//कहानी समाप्त//