Bhabhi Sexपड़ोसी की चुदाई

किरायेदार की बीवी को मस्ती से ठोका-2

Kirayedaar ki biwi ko masti se thoka-2

फिर ऐसे ही लगभग 5 मिनट तक चुसाई का कार्यक्रम चला और अब भाभी की चूत से पानी की धारा बह निकली थी. अब उधर मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने भाभी से कहा कि मेरा निकल जायेगा. फिर उन्होंने कहा कि छोड़ दे में मुँह में ही ले लूँगी.

फिर मेरे लंड ने उनके मुँह में ही पिचकारी छोड़ दी और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी. अब वो उठी और मेरे बगल में लेट गयी. अब वो मुझे सहला रही थी और में भी उन्हें मसल रहा था. अब इसी तरह से मुश्किल से 10 मिनट बीते थे कि मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया और भाभी भी पूरी गर्म हो गयी. अब उन्होंने अपनी चूत फैलाते हुए कहा कि ले अब अंदर डाल दे. फिर में उनके ऊपर आ गया और अपने लंड का सुपाड़ा उनकी चूत के ऊपर रखा और अंदर डाल दिया और उनकी चुदाई शुरू कर दी.

अब लगभग 7-8 मिनट की चुदाई के बाद भाभी ने मुझे बुरी तरह से कस लिया और बोली कि थोड़ी सी रफ़्तार और तेज करो, तो मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी. अब भाभी की साँसे रुक गयी थी, अब उनका जिस्म बुरी तरह से अकड़ा और वो झड़ गयी, लेकिन दो बार वीर्य निकलने की वजह से मैंने उनकी चुदाई जारी रखी और में उन्हें चोदता रहा.

10 मिनट के बाद भाभी फिर अकड़ गयी और फिर से झड़ गयी. अब वो मुझे अपने ऊपर से उतरने के लिए कहने लगी थी. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उन्हें घोड़ी बनाकर फिर से उनकी चूत में अपना लंड पेल दिया. फिर मैंने करीब 10 मिनट तक उन्हें चोदा. इस बार हम दोनों साथ-साथ झड़े और एक दूसरे के बगल में लेट गये. अब भाभी पूर्ण संतुष्ट हो चुकी थी. फिर उन्होंने कहा कि आज असली मज़ा आया है तुम्हारे भैया तो ढंग से चुदाई ही नहीं करते है.

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फिर एक घंटे के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तैयार था, तो इस बार भाभी मेरे ऊपर बैठ गयी और उछल-उछलकर मुझे चोदने लगी, यह राउंड भी 30 मिनट तक चला और वो दो बार झड़ी, लेकिन अब हमें थकान होने लगी थी, खासतौर से भाभी को ज्यादा थकान हो गयी थी. अब में उनके कमरे से जाना नहीं चाहता था, लेकिन उन्होंने कहा कि थोड़ी देर अपने कमरे में जाकर सो जाओ.

फिर में उदास मन से अपने कमरे में आकर सो गया, लेकिन फिर ज़ोर से पेशाब लगने के कारण मेरी आँख 3 बजे फिर से खुल गयी और में टायलेट में चला गया. फिर मैंने देखा कि भाभी ने अपना कमरा अंदर से बंद नहीं किया था. तफिर मैंने उत्सुकतावश अंदर देखा, तो भाभी बिस्तर पर नाईटी पहने हुए सो रही थी. अब मेरा मन फिर से खराब हो गया था. फिर मेरे लंड ने फिर से सल्यूट मारा और में धीरे से अंदर घुस गया और उनको जगा दिया.

फिर मैंने कहा कि भाभी एक और बार, तो वो फिर से अपनी नाईटी उतार कर नीचे वाले बिस्तर पर आ गयी और बोली कि राज तुममें बड़ी जबरदस्त जवानी है. फिर मैंने कहा कि भाभी ये उम्र ही ऐसी है. अब वो रंडी की तरह मुस्कुराई और उसने लेटकर अपनी चूत फैला दी. फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब में पीछे से करना चाहता हूँ, तो वो बोली कि आज तुमने मुझे जो सुख दिया है, उसके लिए तुम कही भी अपना लंड डाल सकते हो, लेकिन धीरे से करना. फिर वो उठकर रसोई से तेल की शीशी ले आई और मुझे दे दी.

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फिर मैंने अपनी उंगली से उनकी गांड में जहाँ तक हो सकता था तेल डाल दिया और अपने लंड पर भी तेल लगा लिया. अब में उनको घोड़ी बनाकर उनकी गांड में अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा था, लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरा सुपाड़ा ही अंदर गया कि भाभी मना करने लगी और बोली कि बहुत दर्द हो रहा है, तो में सिर्फ़ अपना सुपाड़ा डालकर ही रुक गया. अब में भाभी की चूचियों से खेलने लगा था. फिर कुछ ही पलो में भाभी भी उत्तेजित हो गयी थी.

फिर उन्होंने धीरे-धीरे अपनी गांड को मेरे लंड की तरफ सरकया और धीरे-धीरे पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया. सच में दोस्तो गांड में लंड डालकर ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे लंड को बुरी तरह से भींच लिया हो. फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए और फिर अपनी रफ़्तार तेज करते चला गया, लेकिन उनकी गांड बहुत कसी हुई थी.

अब मैंने अपने एक हाथ से भाभी की चूची पकड़ रखी थी और एक हाथ की उंगली उनकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था, हाय क्या मस्त नज़ारा था? अब भाभी सिसकारियाँ ले रही थी, लेकिन बहुत धीमी आवाज़ में. अब भाभी का जिस्म फिर से अकड़ा और अब वो फिर से झड़ गयी थी. फिर 2 मिनट के बाद मैंने भी अपना सारा वीर्य भाभी की गांड में ही भर दिया, पता नहीं उनकी चूत झड़ी थी कि गांड फटी थी, लेकिन मुझे बहुत ही ज़्यादा मज़ा आया था. उसके बाद में अपने कमरे में आ गया और सो गया.

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फिर जब सुबह मेरा भाभी से सामना हुआ तो उन्होंने मुस्कुराकर मुझे आँख मारी और हमारा ये सिलसिला 3 साल तक चला. फिर कुछ दिन के बाद उनके पति का तबादला भी कहीं और हो गया और वो लोग शहर से बाहर चले गये, लेकिन भाभी की वो मस्त चुदाई में आज तक नहीं भूल पाया हूँ.

//समाप्त//