कुंवारी चूत का गिफ्ट-2

Kunwari choot ka gift-2

फिर उसने मुझसे कॉफी के लिए पूछा और कॉफी बनाने किचन में चली गयी, तो तब मैंने उनका ड्राइंग रूम देखा, उसमें उनके पूर्वजो की पेंटिंग लगी हुई थी, जो शायद सीकर आदि की थी. फिर जब में किचन में गया तो उसकी पीठ मेरी तरफ थी. अब मुझको उसकी पेंटी साफ-साफ नजर आ रही थी, जिससे मेरा लंड हार्ड हो गया था और बार-बार नेहा को चोदने की ज़िद करने लगा था. अब में उसको सभांल नहीं पा रहा था और बड़ी मुश्किल से उसको काबू में करने की कोशिश कर रहा था. फिर मैंने नेहा के करीब जाकर उसके कान में कहा कि नेहा आई लव यू. अब मेरा लंड नेहा के हिप्स पर टच करने लगा था, तो वो और ज्यादा कड़क हो गया. अब में नेहा के बालों में अपना एक हाथ फैरने लगा था और उसे किस करने लगा था. अब में उसके बूब्स पर अपना एक हाथ फैरने लगा था. फिर मैंने उसके कान को अपने दातों से हल्का सा काटा, तो नेहा ने इन बातों का हल्का सा विरोध किया, लेकिन अब धीरे-धीरे वो भी उत्तेजित होने लगी थी.

फिर नेहा ने मुझसे कहा कि लो में आपको अपना घर दिखाती हूँ. फिर मैंने कहा कि पहले अपना रूम दिखा दो, जो मुझे पहले से पता था कि ऊपर है. फिर उसने गेट अच्छी तरह से बंद किया और आने लगी, तो मैंने उसको अपनी बाँहों में उठा लिया और उसके रूम में ले गया. अब में उसको किस पर किस कर रहा था. अब वो तो गर्म हो चुकी थी, तो मैंने कहा कि नेहा तुम मेरे गिफ्ट को पहनकर दिखाओ. तो उसने पहले तो मना किया, लेकिन मैंने ज़िद की तो मान गयी और बाथरूम में जाकर अपने पहले वाले अंडरगार्मेंट्स को उतारकर मेरे वाले गिफ्ट को पहनकर आई. फिर मैंने कहा कि आओ और उसको बेड पर लेटा दिया और किस करने लगा.

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अब में उसके बूब्स दबाने लगा था और उसके ऊपर लेट गया था. अब उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी और मेरे किस का मज़ा लेने लगी थी. फिर मैंने उसके टॉप को उतार दिया तो में उसके बूब्स को देखता ही रह गया, वाउ ब्लेक ब्रा में गजब ढा रहे थे. फिर मैंने अपनी शर्ट उतारी और नेहा के बगल में लेटते हुए कहा कि नेहा आई वॉंट फुक यू, यही मेरा बर्थ-डे गिफ्ट है, मुझे इसी की जरूरत है और फिर मैंने उसकी बॉडी पर किस की बौछार कर दी. अब उसके मुँह से सस्स्स्स्सस्स की आवाजे आने लगी थी. फिर में उसकी नाभि पर किस करता हुआ नीचे गया, तो उसने मना किया नहीं अनिल. तो मैंने उससे कहा कि क्यों नेहा? ये मेरा गिफ्ट है और अपनी पेंट उतार दी और उसकी स्कर्ट को ऊँचा उठा दिया. तो मुझे मेरा खजाना उसकी पेंटी नीचे बहुत ही पास नजर आई जिसे अब में खोना नहीं चाहता था. अब मेरा 7 इंच का लंड नेहा की चूत से मिलने के लिए उतावला हो रहा था. फिर में उसकी पेंटी को नीचे खींचने लगा. तो नेहा ने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को छुपाने का असफल प्रयास किया, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था? फिर मैंने उसके हाथ हटाकर उसकी शेव छोटी सी चूत को देखा तो मेरी पागल जैसी हालत हो गयी.

अब वो पूरी तरह से गीली थी और मेरे लंड का स्वाद चखने को तैयार थी. फिर मैंने उसकी चूत पर किस किया और अपना लंड उस पर फैरकर नेहा के ऊपर लेट गया. फिर मैंने नेहा से कहा कि नेहा क्या बात है? तुम नाराज हो क्या? तो उसने मेरा कोई जवाब नहीं दिया. फिर मैंने कहा कि नेहा मुझे अपना गिफ्ट खुश होकर दो तो में लूँगा, नहीं तो रहने दो. फिर मैंने उससे कहा कि शादी के बाद तो वैसे भी होगा, तो फिर आज क्यों नहीं? अपनी आँखे खोलो और प्यार से अपना गिफ्ट दो. फिर नेहा ने कहा कि मुझको शर्म आती है. तो मैंने कहा कि इसमें शर्म की क्या बात है? और नेहा को किस करने लगा और उसके बूब्स पर अपना हाथ फैरने लगा. फिर उसने अपनी मदहोश आँखे खोली और फिर में उसकी जांघो पर अपना हाथ फैरने लगा तो वो उूउऊ, आआहस्सस्स की आवाज़े निकालने लगी. फिर में मौका देखकर उसकी दोनों टांगो के बीच में आ गया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के दाने पर फैरने लगा.

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फिर मैंने नेहा से पूछा कि नेहा तैयार हो तो डाल दूँ? तो उसने कुछ नहीं कहा और हम्म्मम्म्म्म की आवाज निकाली. अब मेरा लंड नेहा की फ्रेश चूत को देखकर दीवाना होकर घुसने के लिए तैयार था. फिर मैंने अपने लंड के टॉप को नेहा की चूत पर रखकर हल्का सा दबाव डाला तो नेहा चिल्ला उठी आह, हाईईईई, लेकिन तब तक मेरे लंड का टोपा अंदर जा चुका था. फिर मैंने कहा कि नेहा प्लीज थोड़ा सा दर्द बर्दाश्त करो, अब ज्यादा दर्द नहीं होगा. फिर उसने कहा कि नहीं-नहीं अनिल प्लीज बाहर निकालो, अब मेरी शक्ति नहीं है, अब में सहन नहीं कर सकती. फिर मैंने कहा कि नेहा प्लीज अब नहीं होगा ना, जितना ज्यादा होना था वो तो हो गया, प्लीज और अपने लंड को अंदर ही अंदर घुमाने लगा तो उसका भी दर्द कुछ कम हुआ और अब उसे भी धीरे-धीरे मज़ा आने लगा था.

फिर मैंने हल्का सा दबाव बनाया और अपने लंड को करीब 6 इंच अंदर डाल दिया. अब नेहा चिल्लाती, लेकिन मैंने पहले ही नेहा के होंठो को अपने मुँह में लेकर दबा लिया था. अब वो हमम्म्म्म की आवाज के अलावा कुछ नहीं बोल पा रही थी. अब वो दर्द के मारे पागल हो गयी थी. अब में यह मौका नहीं छोड़ना चाहता था तो मैंने अपना पूरा लंड नेहा की चूत में घुसा दिया. अब वो रोने लगी थी. फिर में धीरे-धीरे उसको सहलाता रहा और फिर जब उसका मूड बनने लगा तो तब में अपने लंड को हल्के-हल्के अंदर बाहर करने लगा. अब मुझे धीरे-धीरे ऐसा लगने लगा था कि में ज़्यादा नहीं रुक सकता हूँ तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब नेहा भी मेरा हल्का-हल्का साथ देने लगी थी. अब उसे भी दर्द नहीं हो रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये और शांत होकर ऐसे ही पड़े रहे. फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों ने अपने-अपने कपड़े पहने और फिर में अपने घर चला आया. फिर उसके बाद हमें जब कभी भी कोई मौका मिला, तो हमने खूब चुदाई की और खूब मजा किया.

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