कुंवारी नौकरानी को साहब ने चोदा-2

Kunwari naukrani ko sahab ne choda-2

दोस्तों सब कुछ मेरे प्लान के मुताबिक चल रहा था और मैंने टावल से अपना पूरा गीला बदन साफ जरुर किया, लेकिन जानबूझ कर मैंने वो टावल नहीं पहना और मैंने नीलू को दोबारा से पुकारा, तो वो तुरंत दौड़कर मेरे पास आ गई और अब वो मुझसे बोली कि अब क्या है? तुम मुझे आज बहुत परेशान कर रहे हो मैंने ध्यान दिया कि मुझसे बातें करते समय उसकी निगाह मेरे लंड पर थी जो कि अभी तक तनकर खड़ा था और उसकी चूत को सलामी दे रहा था.

अब मैंने उससे कहा कि में अंडरवियर भी अपने साथ लाना भूल गया हूँ प्लीज तुम मुझे मेरी अंडरवियर भी लाकर दे दो और फिर वो अंडरवियर लेने चली गयी. फिर कुछ देर बाद उसने मुझे मेरी अंडरवियर लाकर दी और अब वो वहीं पर खड़ी होकर बहुत ध्यान से मेरे लंड को देखती रही और उसकी आँखें गुलाबी सी होने लगी उसमे मुझसे एक अजीब सी शरारत नजर आने लगी थी, जिसको देखकर में तुरंत समझ गया कि अब उसे भी कुछ कुछ होने लगा है उसके ऊपर सेक्स का नशा चढने लगा था और में चुपचाप खड़ा रहा.

थोड़ी देर तक बहुत ध्यान से मेरा लंड देखने के बाद वो मुझसे कहने लगी क्यों तुम्हे अब कुछ और तो नहीं चाहिए? मैंने कहा कि नहीं अब मुझे तुमसे कुछ भी नहीं चाहिए. फिर मेरा जवाब सुनकर वो दोबारा किचन में चली गयी.

अब मैंने अपनी अंडरवियर को थोड़ा सा फाड़ दिया और में टावल पहन कर ड्रॉयिंग रूम में आकर सोफे पर बैठ गया. मेरा लंड अभी तक खड़ा हुआ था और टावल के ऊपर से साफ साफ महसूस हो रहा था वो कुछ देर बाद मेरे लिए चाय लेकर आ गई और उसने चाय को सामने वाली टेबल पर रख दिया और फिर वो खुद ठीक मेरे सामने वाले सोफे पर बैठकर चाय बनाने लगी, लेकिन उसकी नजर अब भी मेरे लंड पर टिकी हुई थी. उसने मुझे चाय बनाकर दी और में चाय पीने लगा और वो अभी भी मेरे लंड की तरफ ही देख रही थी.

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चाय खत्म होने के बाद उसने मुझसे पूछा क्यों तुमने अंडरवियर क्यों नहीं पहनी? तभी मैंने उसको अपना टावल हटाकर अंडरवियर दिखाते हुए उससे कहा कि देखे मैंने पहनी तो है, लेकिन यह तो फटी हुई है. अब वो मुझसे कहने लगी कि लाओ में ठीक कर देती हूँ. मैंने उससे कहा कि अभी तुम रहने दो पहले तुम नहा लो उसके बाद सब कुछ ठीक कर देना, वो बोली कि हाँ ठीक है और वो उठकर सीधी बाथरूम में नहाने चली गई.

दोस्तों मुझे भी बहुत अच्छी तरह से पता था कि नीलू छिपकली से बहुत डरती है मैंने इस बात का फायदा उठाने का विचार पहले से ही बना लिया था और जब वो नहाने के लिए बाथरूम में चली गयी तो में अपने बेडरूम में गया और में वहां से एक प्लास्टिक की छिपकली ले आया और अब में बाथरूम के दरवाज़े के बाहर खड़ा हो गया और मैंने एक छोटे से छेद से अंदर देखा तो वो अपने पूरे कपड़े उतारकर नहा रही थी उसका जवान और गोरा बदन देखकर मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो गया.

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मैंने देखा कि उसकी चूत भी एकदम बहुत चमकदार साफ थी और उस पर एक भी बाल नहीं थे जब वो अपने बदन पर साबुन लगाने लगी तो मैंने दरवाज़े के नीचे से उस छिपकली को अंदर की तरफ धकेल दिया. वो अपने बदन पर साबुन लगा रही थी और थोड़ी देर बाद जैसे ही उसकी नज़र उस छिपकली पर पड़ी तो वो ज़ोर से चिल्लाते हुए एकदम नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गई और बाथरूम से बाहर आते ही उसने मुझे देखा तो वो मुझसे एकदम लिपट गयी.

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मैंने तब महसूस किया कि उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थी और उसके दोनों बूब्स मेरी छाती से सटे हुए थे उसने मुझे अपनी बाहों में ज़ोर से जकड़ लिया था में उसकी नंगी गीली पीठ को अपने एक सहलाने लगा और तब तक मेरा टावल अपने आप खुलकर नीचे गिर चुका था और अब मेरा लंड उसकी चूत के पास एकदम सटा हुआ था. फिर थोड़ी देर तक वो मुझसे लिपटी रही और में उसकी पीठ सहलाता हुआ उसको शांत करवाता रहा.

फिर थोड़ी देर बाद वो थोड़ा शांत हो गई और उसे अपने नंगे मेरी बाहों में लिपटे हुए होने का एहसास हुआ. उसने शरमाते हुए मुझसे कहा प्लीज अब तुम मुझे छोड़ दो. तो मैंने उसे अपनी बाहों में ही जकड़े हुए उससे पूछा कि तुम ऐसे क्यों चिल्ला रही थी? अब वो हकलाते हुए कहने लगी कि वो बाथरूम में एक बहुत मोटी छिपकली थी, मैंने उसकी बात को सुनकर उसको अपनी बाहों से आज़ाद कर दिया और उसका हाथ पकड़कर बाथरूम में ले गया और मैंने उससे पूछा कि बताओ मुझे कहाँ है वो छिपकली?

उसने एक कोने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वो वहाँ पर है और छिपकली को दोबारा देखते ही वो फिर से मुझसे लिपट गयी और में उसकी पीठ को सहलाने लगा और वो मुझसे एकदम चिपकी रही. मेरा लंड उसकी चूत के पास एकदम सटा हुआ था और उसकी साँसें अभी भी बहुत तेज चल रही थी मुझे उसकी दिल की धड़कने तक सुनाई दे रही थी और उसके सारे बदन पर साबुन लगा हुआ था.

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अब में उसकी पीठ को सहलाता रहा और थोड़ी देर बाद मैंने अपना हाथ धीरे धीरे नीचे ले जाना शुरू कर दिया. पहले मैंने उसकी कमर को सहलाया और उसके बाद में उसके चूतड़ को सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो भी धीरे धीरे थोड़ा सा जोश में आ गयी और वो भी अपने हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी. वो मुझसे कुछ बोल नहीं रही थी और ना ही उसने मुझसे अलग होने की कोई कोशिश की और उस वजह से में तुरंत समझ गया कि मेरा काम बन चुका है, वो मेरे जाल में पूरी तरह से फंस चुकी थी और अब मैंने अपने होंठो को उसके होठों पर रख दिए.

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