कुंवारी रंडी के साथ दो लोड़े-2

Kunwari randi ke saath do lode-2

अब में रोकी के पीछे आ गया और मैंने उससे कहा कि रोकी आज प्रिया की छोड़ में तेरी ही गांड मार लेता हूँ, वैसे भी मैंने आज तक किसी लड़के की गांड नहीं मारी और मेरी यह बात सुनते ही प्रिया भी ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी.

रोकी ने कहा कि साले चूतिए प्रिया की मार मेरी गांड में ऐसा क्या रखा है? इसकी गांड में तुझे बड़ा मज़ा आनंद मिलेगा. मैंने उससे गाली देते हुए कहा कि बहनचोद क्यों बिना मतलब ऐसे चिल्ला रहा है, में तो बस तुझसे मज़ाक ही कर रहा था और मैंने उससे कहा कि यार वैसे भी मुझे सूखे सूखे में धक्के देने में इतना मज़ा नहीं आता. अब उसने मुझसे कहा कि तुझे जो भी करना है तू बाद में कर लेना, तुझे आज कोई भी मना नहीं करेगा.

मैंने उससे कहा कि ठीक है यार तू कहता है तो में बाद में ही कर लूँगा और उससे इतना कहकर मैंने अपने कपड़े उठाए और पहन लिए. अब रोकी ने प्रिया को जोरदार धक्के देकर चोदना शुरू किया, तो में समझ चुका था कि अब उसके झड़ने का समय पास आ चुका है और प्रिया बड़े आराम से उसके लंड के मज़े लेती रही, वो बस इस बीच बीच में हल्की हल्की सिसकियाँ जरुर ले रही थी.

कुछ देर बाद रोकी झड़ गया, लेकिन प्रिया के चेहरे को देखकर मुझे लग रहा था कि वो अभी भी और ज्यादा मज़े लेना चाहती थी और उसको उस चुदाई की वजह से वो संतुष्टि नहीं मिली है, जिसके लिए वो अब भी तरस रही है, लेकिन वो कहकर बता ना सकी. रोकी ने ही अपना लंड प्रिया की चूत से बाहर निकाला और उसने भी अपने कपड़े पहन लिए. मैंने उससे कहा कि भाई दो बियर की बोतल मंगवा दे, आज इस नशे के साथ साथ उस नशे के भी मज़े ले लिए जाए.

उसने मुझसे कहा कि तू रुक में खुद ही अभी लेकर आ जाता हूँ. मैंने उसे अपने पास से पैसे दिए और वो बियर लेने चला गया, दारू का ठेका वहाँ से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर ही था. अब प्रिया मुझे देख रही थी. मैंने उससे पूछा क्यों तुम रोकी से खुश नहीं होना? तो उसने कहा कि नहीं ऐसी बात नहीं है, तो मैंने कहा कि प्रिया यह सब मुझे तुम्हारी इन नशीली आँखों में साफ साफ नजर आ रहा है, लेकिन शायद तुम मुझे बताना नहीं चाहती और मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं, में तुम्हें किसी और दिन अपने जलवे दिखा दूंगा. अब वो मुझसे पूछने लगी कि अभी क्यों नहीं? तो मैंने उसको कहा कि हमारे उस मज़े मस्ती को देखकर रोकी की गांड में मिर्ची लगेगी और कोई बात नहीं है और वो मेरी बात का मतलब जल्दी ही समझकर मान गयी और मैंने उसको कल एक बार  इसी रूम पर आने के लिए कहा और अब रोकी भी हमारी बातें खत्म होने के दो मिनट के बाद बियर लेकर आ गया.

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उसके बाद हम तीनो ने साथ में बैठकर बियर पी और हम सभी कुछ देर रुककर अपने अपने घर चले गये. दोस्तों मैंने तो अपने घर पर जाते ही प्रिया के नाम की मुठ मार ली, क्योंकि मेरे लंड को शांत करना बहुत जरूरी हो गया था और आज उसको चूत मिलते मिलते रह गई, लेकिन मुझे दूसरे दिन की उस होने वाली चुदाई की बहुत ख़ुशी थी और अब में बड़ी ही बेताबी से अगले दिन के बारे में सोचने लगा और प्रिया के साथ अपनी उस चुदाई के में सपने देखने लगा, में बहुत खुश था और उसी सोचविचार में मुझे पता ही नहीं चला कि में कब सो गया. अगले दिन में उठकर अपने सभी काम पूरे करके जल्दी से तैयार होकर में उसी रूम पर ठीक समय से पहले ही पर पहुँच गया, मेरे वहां पर आने के करीब 30 मिनट के बाद प्रिया भी आ गयी.

उसने घंटी बजाई और मैंने उठकर दरवाजा खोल दिया, हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे और मैंने उससे दरवाजे को बंद करने के लिए कह दिया. अब वो दरवाजा बंद करके मेरे पास आकर बैठ गई. कुछ देर बातें करने के बाद मैंने चार ताक़त की गोली निकाली और खुद भी खा ली और चार गोली उसको भी खाने को कहा और उसने भी खा ली. बस में बेड की एक कोने पर बैठ गया और मैंने प्रिया को अपनी गोद में बैठा लिया और अपनी बाहों में मैंने उसको कसकर जकड़ लिया, जिसकी वजह से उसके होंठ मेरे होंठो के पास थे और उसके बूब्स मेरी छाती से छू रहे थे.

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अब उसने भी मुझे अपनी बाहों में भर लिया और में उसे अच्छी तरह प्यार करने लगा और उसको स्मूच करने लगा, जिसमें वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, में अब लगातार अपनी जीभ को उसके मुहं में घुमा रहा था और वो मेरी जीभ को अपने मुहं में पकड़ने की कोशिश कर रही थी और में धीरे धीरे अपने हाथ उसके कूल्हों की तरफ ले गया और में धीरे धीरे उनको सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो तो और भी गरम हो गयी और वो जोश में आकर छटपटाने लगी. उसी समय मैंने उसका टॉप भी उतार दिया. तब मैंने देखा कि उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और टॉप को खोलते ही उसके बूब्स लटकते हुए मेरे सामने आकर झूल गए, जिनको देखकर में पागल हो गया.

मैंने अब उसको बेड पर लेटा दिया और में भी उसके साथ में लेट गया. लेटने के बाद में उसके बूब्स को अपने एक हाथ से मसल रहा था और साथ ही साथ में उनको चूस भी रहा था. तभी कुछ देर बाद उसने मेरे सर को अपने दोनों हाथों से पकड़ और वो अपने बूब्स पर मेरा मुहं दबाने लगी. अब में भी अपनी पूरी जान से उसके बूब्स को दबा रहा था और चूम रहा था, उस काम को करते हुए मैंने उसकी जीन्स को भी उतार दिया और अब में उसकी पेंटी में उंगलियाँ डालकर उसकी चूत तक पहुंच गया.

मैंने अपनी उंगलियाँ उसकी चूत में घुमाना शुरू कर दिया, लेकिन अब मुझसे भी नहीं रहा गया, इसलिए तुरंत मैंने भी उसकी पेंटी को उतारकर उससे दूर फेंक दिया और मैंने उसकी मुलायम, गुलाबी चूत पर अपने दोनों होंठ रख दिए, जिसकी वजह से वो एकदम से छटपटा गयी, में अब उसकी चूत में अपनी जीभ को इधर उधर घुमा रहा था. मैंने उसकी खुली चूत को चूसना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेती रही और में उसी तरह से उसकी चूत में अपनी जीभ को अंदर बाहर चलाता रहा.

में कुछ देर बाद उसके ऊपर लेट गया और में उसकी चूत में अपना लंड डालकर धीरे धीरे धक्के देने लगा और ऊपर से में उसके दोनों बूब्स को भी दबाता रहा, वो तो बस इस नशे के साथ मेरे लंड का स्वाद चख रही थी और वो सिर्फ़ सिसकियाँ ले रही थी और कुछ देर बाद वो बहुत जोश में आ गई, इसलिए वो भी धीरे धीरे अपने कूल्हों को उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी और में ऊपर से धक्के लगा रहा और वो नीचे से अपनी गांड को उठाकर बराबरी से मेरा साथ दे रही थी और अब मैंने  अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिये और नीचे नीचे धक्के देता रहा. मैंने उसे अपने उपर बैठा दिया और उसके मुहं को करके पकड़कर में उसको किस करता रहा और वो अपनी गांड को उठा उठाकर मेरे लंड पर पटक रही थी, जिससे मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराईयों में जा रहा था, में तो उसी तरह पड़ा रहा और थोड़ी देर बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये.

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कुछ देर धक्के देना बंद करके में शांत हो गया और वो भी मेरे साथ में ऐसे ही लेट गयी, हम दोनों आराम करने लगे. तभी मैंने उससे पूछा क्यों जान मेरे साथ तुम्हें यह सब करके कैसा लगा, तुम्हें मज़ा आया कि नहीं? तब वो मुझसे कहने लगी कि इससे अच्छी चुदाई आज तक मेरे जीवन में मैंने कभी नहीं करवाई, इतनी मस्त जमकर चुदाई मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरी आज तक कभी नहीं की और मुझे ऐसा चुदाई का मज़ा पहली बार मिला है, तुमने आज मुझे चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है, में और तुम्हारे साथ जब भी मुझे मौका मिलेगा, में ऐसे ही सेक्स करूंगी. हम दोनों ने कुछ देर ऐसे ही लेटे हुए बातें करने के बाद अपने अपने कपड़े पहन लिए. उसके बाद वो मेरे गले से लगी और कुछ देर के बाद हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे. वो बहुत खुश थी और हम दोनों होटल से बाहर निकलकर अपने अपने घर की तरफ चल दिए.

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