मस्त और सेक्सी भाभी

Mast aur sexy bhabhi

सर्वप्रथम, आप सभी को मेरी और से प्यार भरा नमस्कार।

मेरा नाम अवि है और मेरी उम्र 28 वर्ष है। मैं सुरत का रहने वाला हूँ।

मैं अपना बिजनेस कर रहा हूँ।

एम… एस… एस… पर यह मेरी पहली कहानी है, अगर कोई गलती हो तो मैं क्षमा चाहता हूँ।

मुझे विवाहिता स्त्री बहुत पसंद है क्यूंकी विवाह के बाद स्त्री और भी सुंदर हो जाती है और जल्दी पट भी जाती है।

यह कहानी भी एक विवाहिता स्त्री की ही है।

मैं सुरत में रहता हूँ और साल भर में 2-3 बार गाँव जाता हूँ।

इस बार जब मैं गांव गया तब मुझे मेरे दोस्तो से मालूम हुआ कि मेरा एक दोस्त है, जिसकी बीवी पराए मर्द से चुदवाती है और वो बहुत चालू चीज है।

तब से मुझे भी उसको चोदने का मन होने लगा पर मैं मजबूर था क्यूंकी मैं गांव में 2-3 दिन ही रुकता।

एक दिन की बात है, जब मुझे मालुम हुआ कि मेरा वो दोस्त सुरत में रहने आ रहा है और उसकी पूरी फेमीली भी साथ आ रही है तो मेरे मन मे लड्डू फूटने लगे।

मैंने सोचा अब शायद वो मेरे पटाने से पट जाये और मुझे उसे चोदने का मौका मिल जाये।

मैं कई बार उसके घर गया, मगर कुछ बात नहीं बनी।

एक दिन की बात है, सुबह-सवेरे ही मेरे दोस्त की बीवी का फोन आय़ा।

उसे घर में कुछ काम था, तभी मेरे दिमाग में एक शैतानी विचार आया कि आज कुछ तो सेटींग कर सकता हूँ।

जब मैं उसके घर पहुँचा तो मालुम हुआ कि मेरे दोस्त की माताजी और पिताजी गाँव गये थे और मेरा दोस्त रोज सुबह घर से जाता है और देर रात को ही वापिस आता है।

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पहले तो मैंने जल्दी से मेरा काम पूरा किया ताकि बाद में आऱाम से भाभी से बात कर सकूँ। करीब साढ़े तीन बजे अचानक ही घने काले बादल छाने लगे और जोरों की बारिश शुरू हो गई।

मुझे लगा कि अब तो मेरा दोस्त वापिस नहीं आ सकता। मैंने भाभी से कहा – भाभी, आपको तो पार्टी देनी पडेगी, गांव से आप शहर आये और नया मकान भी ले लिया।

तो भाभी बोलीं – आप, क्या चाहते हैं?

तो मैंने कहा – मुझे कुछ खास चाहिए पार्टी में।

वो बोलीं – पहले बताईये तो सही तो मैंने सीधे बोल दिया – आपको मुझे वो सीखना होगा।

वो बोलीं – क्या?

मैंने कहा – वो रात को जो आप दोनों करते है वो सिखा देना।

वो हंस कर बोलीं – तुम को नहीं आता क्या?

मैंने कहा – नहीं भाभी, इतना नहीं।

सबसे पहले मैं भाभी के बारे में बता दूँ, मेरी भाभी बहुत सेक्सी है, उनका रंग ऐसा है जैसे किसी ने दूध में थोडा सा रूह-अफज़ा मिला दिया हो।

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उनकी बदन का नाप है 36-34-36, भाभी बहुत सुन्दर हैं, एकदम मस्त माल है।

क्या कहूँ, मस्त चूचे मोटे-मोटे, बड़ी गाण्ड जो बाहर को निकली हुई है, जो देखे उसका लण्ड खड़ा हो जाए।

भाभी एकदम चुप बैठी थीं और मैं अचानक उनके पास जाकर बैठ गया।

वो मुझे देखने लगीं, मगर वो वहां से हिली नहीं तो मेरा जोश चढ़ने लगा और मैं उन्हें किस करने लगा। बाद में मैं भाभी को अपनी बाँहों में भर कर चूमना शुरू कर दिया।

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दोनों की साँसें बहुत तेज़ हो गई।

अब भाभी अपने असली रूप में आ गईं और मेरे पजामे को निकाल दिया, अब मैं सिर्फ नेकर में था और नेकर का अगला हिस्सा उठ चुका था।

मैंने भी भाभी के कपड़े उतार दिए। अब भाभी मेरे सामने काली ब्रा और पैंटी में थीं। बाप रे… वो बहुत ज़्यादा खूबसूरत लग रहीं थीं, उनका गोरा बदन, बिल्कुल दूध जैसा लग रहा था।

फिर मैंने भाभी की गर्दन और पेट को बहुत चूमा, भाभी बहुत ही गर्म हो चुकी थीं, उनकी सांसें बहुत गर्म और तेज़ निकल रहीं थीं और मैं भी पूरे जोश में आ चुका था, मेरा लण्ड बाहर आने को बेचैन था और लग रहा था कि नेकर को फाड़ कर बाहर आ जाएगा।

फिर मैंने भाभी की ब्रा खोल दी, भाभी के कबूतरों को आजाद कर दिया। भाभी बहुत मस्त और सेक्सी लग रहीं थीं और फिर मैं एक छोटा बच्चा बन गया और उनके दूध को चूसने लगा।

मैं एक को चूसता, और दूसरे को दबाता, फिर दूसरा चूसता और पहले को दबाता।

फिर भाभी ने मदहोशी की हालत में मेरा नेकर निकाल दिया, ऐसा लगा कि जैसे कोई सांप फुंकार मारता हुआ खड़ा हो गया हो और भाभी मेरे लण्ड को हाथ में लेकर सहलाने लगीं।

मैं और जोर से दूध दबाने लगा।

भाभी और मेरा जोश लगातार बढ़ता जा रहा था, फिर मैंने भाभी की पैंटी भी उतार दी। भाभी की चूत एकदम गुलाबी और क्लीनशेव थी।

भाभी की चूत में से रस निकल रहा था और भाभी जोश में अपनी टांगे एक-दूसरे से चिपका रहीं थीं और मैं अब भाभी की चूत सहलाने लगा, भाभी के मुँह से बहुत सेक्सी आवाज़ निकल रहीं थीं।

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फिर भाभी मेरे लण्ड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगीं। मैंने भाभी को लिटाया और उनकी टाँगें फैला कर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लण्ड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा।

भाभी तड़पने लगीं, भाभी बोलीं – ज्यादा तड़पाओ मत, अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो।

फिर भाभी ने मेरे लण्ड को अपने हाथों से ठीक कर झटके से अपने अन्दर ले लिया।

मैं अब पूरी ताक़त से धक्के लगाने लगा।

पूरे कमरे में हमारी सांसों की और सेक्सी सीत्कारों की आवाज़ गूंज रहीं थीं और चूत से फच… फच… की आवाज़ आ रहीं थीं।

5 मिनट के बाद भाभी मेरे ऊपर आ गई और मैं नीचे हो गया।

अब भाभी अपने चूतड़ हिला-हिला कर चुदने लगीं और भाभी के मुंह से बहुत सेक्सी आवाज़ निकल रहीं थीं- आआआआआ… ईईईए… हम्हम… ह्ह्ह… भाभी जरा मुस्कुराते हुए मेरे कान को अपने दांतों से हल्के दबा कर धीरे से बोलीं- देखो जी, मैंने आपको सीखा दिया।

मैं और जोर से धक्के मारने लगा, हम लोगों ने खूब मजा लिया सेक्स का और फिर मैं भी झड़ गया।

मेरी तो दिल की मुराद पूरी हो गई, उस दिन हमने दो बार चुदाई की। फिर शाम को मैं घर आ गया…

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