मेरी बेटी का ट्यूटर

(Meri Beti Ka Tutor)

मैं एक 36 साल की शादी शुदा औरत हूँ। दिल्ली कैलाश कॉलोनी में हम रहते हैं। लोग मुझे सिमरन बोल के पुकारते हैं। मैं बहुत ही सेक्सी और हॉट पंजाबी औरत हूँ। जब मैं कॉलेज में थी तब सारे लड़के मेरे पीछे पागल थे। मेरे 2/3 बॉयफ्रेंड भी थे।
लेकिन शादी के बाद मुझे दिल्ली आना पड़ा। मेरा हज़्बेंड बहुत ही बिज़ी टाइप के आदमी हैं। अपनी खूबसूरत और सेक्सी बीबी से उसको अपना बिज़्नेस ज़्यादा पसंद है। हफ्ते में मुश्किल से 2 बार हम बिस्तर पे मिलते थे।

मेरी एक 12 साल की लड़की है, नाम हैं रिया… वो जब क्लास सेवेन में पहुँची तो हमने उसकी पढ़ाई के लिए एक हाउस ट्यूटर रखने को ठान ली।
मैंने अपने सहेलियों से पूछा तो उन्होंने रवि नाम के एक ब्रिलियेंट ट्यूटर का नंबर दिया।

शाम को मैंने उसे फोन किया- हेलो, नमस्ते.. क्या मैं रवि से बात कर सकती हूं?’
‘हाँ जी, कहिए?’
‘जी मैं सिमरन बोल रही हूँ, कैलाश कोलोनी से, मुझे आपकी ज़रूरत है.’
‘जी?? मैं समझा नहीं?’
‘मेरी एक बेटी है.. अगर आप उसे पढ़ा दें… तो मेहरबानी होगी!’
‘क्यूँ नहीं .. ज़रूर!’

‘आपकी फीस क्या है?’
वो तो आप पहले चीज़ देख लीजिए.. सिमरन जी.. फिर फीस तय करेंगे..’
‘ओके, आप कल शाम को 4 बजे आ जाओ!’
‘ओके!’

अगले दिन.. मैंने एक रेड डीप नेक टॉप और टाइट ब्लू जीन्स पहनी.. गुलाबी होंठो पे डीप चॉक्लेट लिपस्टिक भी… 4 बजते ही रिया खेलने चली गई..
4.15 पे बेल बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो एक 30 साल की हैंडसम युवक खड़ा था…
‘नमस्ते.. सिमरन जी?’
‘हाँ जी आइए ना..’
‘थॅंक यू!’
वो अंदर आया और सोफे पे बैठ गया… मैं फ्रंट के सोफे पे बैठ गई…
‘रवि जी!’ मैंने कहा- आप तो बिल्कुल यंग हैं.. मैंने सोच रही थी कोई बुड्ढा सा टीचर आयेगा!
उसने कहा- सो तो है… मैं सत्ताईस साल का हूँ, वैसे.. आपको देख कर भी नहीं लगता कि आप एक 12 साल की लड़की की माँ हो..
देखने में लगता है… आप कॉलेज की स्टूडेंट हो…और मैं आपको पढ़ाने आया हूँ..’

‘ओ थॅंक्स..’ मुझे उनका स्टाइल अच्छा लगा… ‘ चाहो तो आप मुझे भी कभी पढ़ा लेना…मुझे भी शौक है… पढ़ने का!’
‘जी क्यूँ नहीं!’
वो मुझे स्माइल देते हुए देख रहे थे… मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दे दी.

‘आप कोल्ड ड्रिंक्स लेंगे या कॉफी?
‘कोल्ड ड्रिंक्स’
मैं किचन गई और दो ग्लास में पेप्सी ले आई…
‘ये लीजिए..’
‘सिमरन जी, स्टूडेंट कहाँ है?’
‘ओह, वो तो खेलने चली गई.. बड़ी नॉटी है…’
‘मतलब… आज मुझे आपको ही पढ़ाना होगा?’
‘जी..’ मैं खिलखिलाकर खिल पड़ी..

उसने मुझे गौर से देखते हुए कहा- आपकी हँसी बहुत ही सेक्सी और कातिलाना है.
मैंने कहा- अच्छा?
‘कसम से!’ सिमरन जी… आप कोई फिल्म एक्ट्रेस से कम नहीं है..’

मुझे रवि का स्टाइल अच्छा लगा… मैंने और सेक्सी स्माइल दी और कहा- अब आपकी फीस तो बताइए?
‘फीस का क्या है सिमरन मैडम, डेली आपकी 2/3 हँसी देखने को मिल जाए तो काफ़ी है..’
‘ओह.. तुम तो बड़े फ्लर्ट हो.. जी’
‘सच्ची, आप से क्या फीस लेना??’

‘तो क्या लोगे?’
उसने मेरे उभारों की तरफ देखते हुए कहा- जो आप प्यार से दे दो.. सिमरन..
मैं खिलखिला उठी… बहुत दिनों बाद कोई हैंडसम लड़का मुझे फ्लर्ट कर रहा था… अंदर से मैं बिल्कुल हॉर्नी फील कर रही थी…
मैंने कहा- सोच लो जी.. सिर्फ़ हँसी से काम चला लोगे न??
उसने देखा कि मैं सेक्सी स्माइल दे रही हूँ… उसने कहा- आपकी खूबसूरती की कसम सिमरन जी!

‘तुम मुझे जी मत कहो, सिर्फ़ सिमरन कहो’
‘ओके… सिमरन… सिमरन… कितना स्वीट नाम हैं..’
‘सच?’
‘हाँ… आपका नाम और सब कुछ बेहद खूबसूरत है…’

मैंने मुस्करा दी… वो धीरे से आगे आया.. और कहा…एक बात कहूँ?
मैं भी आगे झुक गई.. और.. पूछा- क्या बात है?

उसने मेरे कान के पास फुसफुसा कर कहा- मैंने आज तक तुम जैसी सेक्सी हाउस वाइफ नहीं देखी.. सिमरन…
कहते ही कहते उसने फटाक से मेरी लेफ्ट गाल पर एक किस दे दिया…
‘आउच’ मैंने नाटक किया- तुम बड़े नॉटी हो..

‘सच में’ रवि ने कहा और धीरे से उठ कर मेरे साथ एक ही सोफे पर बैठ गया.
मैं समझ नहीं पा रही थी कि क्या करूँ… एक तो रवि मेरे लिए स्ट्रेंजर था.. लेकिन मुझे फ्लर्टिंग और नॉटी चीज़े बहुत पसंद थी..

मैं मंद मंद मुस्कुरा रही थी… उसी वक़्त रवि बिल्कुल मेरे बगल पर आ चुका था… वो मेरी दाईं ओर बैठ गया और मेरे हाथ को अपने हाथों में ले लिया- सिमरन…
‘जी??’ मैं मुस्करा रही थी.

उसने मेरी हाथों की ऊँगलियों को सहलाते हुए कहा- तुम्हारे ये लंबे नाख़ून, ये डीप रेड नैल पोलिश इन गोरी गोरी ऊँगलियों में कितनी सेक्सी लग रही है!

मुझे रवि का सहलाना.. और बातें बहुत ही अच्छा लग रहा था…

‘सिमरन, तुम अपनी ब्यूटी की बहुत ध्यान रखती हो न??’..रवि का हाथ धीरे धीरे अब मेरी पूरे हाथ और कलाई पर रेंग रहा था…
‘हाँ.. मैं हफ्ते में 2 बार ब्यूटी पार्लर जाती हूँ… और घर पे भी मेक अप करती हूँ…’
मुझे अब सहलाना.. और अच्छा लग रहा था.

‘तभी तो तुम इतनी सेक्सी हो… सिमरन… तुम्हारे पति बहुत लकी हैं…’
‘वो क्यूँ.?’ मैं हंस कर पूछा!!!
‘ये रेड नैल पोलिश, सेक्सी फिगर, सेक्सी होंठ… तुम्हारे पति के तो ऐश ही ऐश हैं…’
‘उन्हें फुर्सत कहाँ जी? सिर्फ़ बिजनेस.. और पैसा…’ मैं कह उठी..

अब रवि ने अपना दायें हाथ से मेरे हाथ को सहलाते हुए अपना लेफ्ट हॅंड मेरी शोल्डर्स के ऊपर से ले गया और मेरी बाएँ आर्म को पकड़ लिया..’ तुम पंजाबी औरतों की बात ही कुछ और है… सिमरन, पता नहीं कैसे इतनी सेक्सी होती हो… करीना कपूर को ही देख लो…
तुम तो उस से भी बढ़ कर हो…’
मैं सेक्सी स्माइल देते हुए कहा- मैं जवानी में मॉडेलिंग किया करती थी..
‘जवानी मतलब?? तुम तो अब भी जवान और लाजवाब हो सिमरन…’ कहते हुए रवि ने आहिस्ता अपने लेफ्ट हॅंड से मेरी लेफ्ट बूब को दबा दिया… ‘सी… ई ई…’ मेरी मुँह से आवाज़ निकल गई- रवि… ये.. क्या…??’

जब रवि ने देखा कि मैंने उसे ऐतराज़ नहीं किया तो उसने धीरे से अपनी दायाँ हाथ भी मेरी दाई मुम्मे पर रख दिया और होले से दबा दिया.
‘आ आ ह ह रवि…’
‘उम्म म म म… कितनी सेक्सी है… ये…’
रवि की बातें कंप्लीट होने से पहले ही बेल बज उठी..

डींग डींग डोंग…

हड़बड़ा कर रवि अपने सीट पर चला गया… मैं दरवाज़ा खोलने गई.
बाहर.. रिया थी…
‘मम्मी, पता है… आज ईशा ने..’
रिया कुछ बोलने ही वाली थी कि रवि को देख कर वो चुप हो गई.

‘रिया… नमस्ते करो… ये तुम्हारे सर हैं…बहुत ही अच्छे सर है…’ मैंने मुस्करा कर कहा.
‘हाय सर… आई एम रिया…’
‘औ.. आई एम युवर रवि सर…’

मैंने कहा..’ बेटा, जाओ अपनी बुक्स ले कर आओ… रवि सर से थोड़ा पढ़ लो…’

पाँच मिनट बाद हमारी डाइनिंग टेबल पे रिया और रवि पढ़ रहे थे… मैं पास ही सोफे पर बैठी देख रही थी…
‘सिमरन जी आज पहली क्लास है… आप भी यहाँ आके बैठ जाओ…’ रवि ने मुस्कराते हुए कहा…
मुझे पता चल गया उसके दिमाग़ मैं क्या चल रहा है… लेकिन.. मैं अपने आप ही उठ कर रवि के दाईं और बैठ गई.
अब बाएं ओर रिया थी.. और दाई ओर.. सेक्सी मम्मी.. मतलब मैं थी.

थोड़ी देर बाद मुझे लगा कोई चीज़ मुझे मेरी लेफ्ट थाई जांघ पर टच कर रहा है.. जल्द ही मुझे पता चला… ये रवि का दायँ हाथ था…वो बड़े आराम से रिया को पढ़ा रहा था, और नीचे उसकी माँ की जाँघो को छू रहा था.
मुझे हल्की सी गुदगुदी हो रही थी.. ये लड़का बहुत ही नॉटी था.

उसने रिया को एक सम करने दिया… और धीरे से टेबल के नीचे से ही मेरे सपाट पेट पर अपना हाथ रख दिया.
उई माँ… मैं तो अब गर्म होने लगी थी… रवि मुझे देख कर मुस्कराया, मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दी.
अचानक उसने अपने शरारती हाथ को ऊपर ले जाकर मेरी लेफ्ट उभार को दबा दिया.
‘उउउहह..’ मेरी मुँह से आवाज़ निकली.

‘क्या हुआ माँ?’ रिया ने पूछा.
‘कुछ नहीं बेटा… बस ऐसे ही.. शायद कोई कीड़ा होगा…’ मैं सेक्सी स्माइल देकर रवि को घूर रही थी.
उसने कहा- मैडम… कहीं कीड़ा ज़हरीला न हो… मैं देखूं?’
‘नहीं ठीक है!’ मैंने कहा.
‘नहीं मैडम, आप घबरायें मत… रिया.. जाओ एक ग्लास पानी लेके आना मम्मी के लिए…’ रवि ने कहा.

रिया जैसे ही अंदर गई, रवि ने मुझे पास खींच कर मेरे लेफ्ट उरोज़ को दबाना शुरू किया…
‘आह… आह रवि छोड़ो न… कोई देख लेगा!’
‘सिमरन.. जी कर रहा है तुम्हें… अच्छी तरह प्यार दूं…लेकिन…’

तभी रिया आ गई पानी के साथ… पानी पीते हुए मैंने रिया को कहा- रिया.. ज़रा जाकर अंदर से एक पेन किलर ले आना..

जैसे ही वो गई, मैंने कहा- रवि, यहाँ प्लीज़ कुछ मत करना, मैं फँस जाऊँगी, तुम मुझे वसंत विहार में आर. पी. एम. पब में मिलना… आज रात को सात बजे…
कह कर मैं अंदर चली गई.

बीस मिनट बाद रिया ने आकर कहा- रवि सर चले गये हैं.

मैंने रिया को पास ही मीना के घर खेलने भेज दिया और तैयार होने लगी.

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