मेरी कज़िन का आकर्षण-2

Meri cousin ka aakarshan-2

तो उस लड़की से ज़्यादा सुंदर लड़की मैंने आज तक नहीं देखी थी और आज में उसके होंठो को चूमते हुए उसके बूब्स को छू रहा था. तो मैंने हाथ को और भी आगे की तरफ बढ़ाया और उसके मिल्की बूब्स पर अपना हाथ रख दिया. मुझे ऐसा लगा कि जैसे उसे भी अचानक मेरी तरह करंट का झटका लगा हो और वो करवट से हटकर एकदम सीधी लेट गई और एक बार तो मुझे ऐसा लगा कि कहीं वो सच में सो तो नहीं रही थी.

लेकिन उसके बूब्स अभी भी मेरे हाथ में थे और अब तक उसने और कोई भी विरोध नहीं किया था. तो मुझे पूरा पक्का विश्वास हो गया कि वो जाग रही है और आनंद ले रही है और अब मैंने उसके बूब्स को बिल्कुल धीरे धीरे से दबाना, सहलाना शुरू किया और फिर उसकी टी-शर्ट को उसकी ब्रा के साथ में ऊपर उठाया और फिर जो नज़ारा मेरे सामने था में अपनी आँखो पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं कर पा रहा था. उन्हे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे दो मिल्की बूब्स पर स्ट्राबेरी रखी हो, क्योंकि उसके बूब्स बहुत गोरे और निप्पल हल्के गुलाबी रंग के थे.

दोस्तों आहना के बूब्स बहुत बड़े नहीं थे. लेकिन वो बिल्कुल गोल और टाईट थे और उसकी निप्पल एकदम गुलाबी कलर की थी, जैसे किसी 16 साल की लड़की के हो. उसकी उम्र भी 20 साल ही थी. तो मैंने बिना इंतजार किए अपने होंठो को उसके एक बूब्स पर रख दिया और फिर उसके मुहं से हल्की हल्की सिसकियाँ निकलने लगी.

फिर तो मुझे विश्वास हो गया कि उसे यह सब पता है और अब उसे भी मज़ा आ रहा है और में बिना डर के उसका बूब्स चूसने लगा. में उसके इतने प्यारे से बूब्स को देखकर एकदम पागल सा हो गया था और में दूसरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अब मैंने अपना एक पैर भी उसके पैर पर रख दिया और अपने घुटने को उसके निचले हिस्से पर मतलब की उसकी चूत पर धीरे धीरे घिसने लगा और फिर करीब 20 मिनट तक बारी बारी से दोनों बूब्स को बुरी तरह से चूसने के बाद जब वो दोनों पूरी तरह से एकदम लाल हो गये, तब मेरा ध्यान अचानक से आहना के लोवर की तरफ गया. तो आहना अभी भी सोने का ही नाटक कर रही थी. लेकिन में अब पूरी तरह से निडर हो चुका था और मैंने अपना एक हाथ उसकी नाभि से होते हुए उसके लोवर में डालकर सीधा उसकी पेंटी पर रख दिया.

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तब मैंने महसूस किया कि उसकी पेंटी तो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. तो मैंने कुछ देर पेंटी पर हाथ सहलाने के बाद अपना हाथ धीरे से उसकी पेंटी में डाल ही दिया. दोस्तों मुझे उस वक्त एक बार ज़रूर थोड़ी सी घबराहट हुई कि में अपनी कज़िन के घर पर उसी के रूम में उसी की पेंटी में हाथ डाल रहा हूँ. लेकिन फिर मुझे जन्नत का अहसास हुआ और उसकी मखमल जैसी मुलायम छोटी सी चूत मेरी की गिरफ़्त में थी. दोस्तों आहना के उस समय अपने झांट के बाल कटे हुए नहीं थे और उसकी झांटे, पेंटी चूत के रस में एकदम गीली हो गई थी. तो उसकी चूत पर हाथ लगने के बाद मेरा ध्यान उसके बूब्स से बिल्कुल हट गया और मैंने नीचे की तरफ जाकर उसका लोवर, पेंटी के साथ ही घुटनो तक ले आया और में मन ही मन सोचने लगा कि कल तो जिस सुंदर लड़की को देखकर में आहें भरता था, में आज उसके बूब्स को चूस चुका हूँ और झांट के बालों से होते हुए चूत को अपनी उँगलियों में क़ैद कर चुका हूँ.

फिर आहना की गरम और तेज तेज चलती साँसे बता रही थी कि उसे कितना मज़ा आ रहा है. लेकिन शायद वो यह सब काम मुझसे आँख मिलाकर नहीं कर सकती थी और फिर मेरी आँखो के सामने उसकी बिल्कुल गुलाबी चूत थी जिस पर काले घुँगराले झांट के बाल उगे हुए थे. तो मैंने अपनी उंगलियों से उन बालों को थोड़ा साईड में किया और उसकी चूत के होंठो को फैलाकर देखा तो मुझे अंदर बिल्कुल लाल छोटा सा छेद दिखाई दिया. जिसमे से सफेद सफेद पानी निकल रहा था और मैंने बिना देर किए उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और आहना के मुहं से ज़ोर की चीख निकल गई और उसने मेरे सर के बालों को ज़ोर से पकड़ लिया. मेरे होंठ उसकी गीली चूत को चूम रहे थे. फिर मैंने मुहं खोला और अपनी जीभ को बाहर निकालकर ज़ोर से उसकी चूत को चाटा. उसकी चूत का सारा रस मेरी जीभ पर आ गया और में उसे निगल गया और आहना की सिसकियाँ अब लगातार निकल रही थी. लेकिन वो धीरे धीरे से सिसकियाँ ले रही थी कि नीचे घर में किसी और को ना सुनाई दे.

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फिर कुछ देर तक उसकी चूत का रस चाटने के बाद मैंने अपनी जीभ से उसके छेद को खोलने की कोशिश की. लेकिन उसका छेद एकदम टाइट था क्योंकि वो अब तक वर्जिन थी इसलिए और इधर मेरा लंड मेरी अंडरवियर को फाड़कर बाहर निकलने को तैयार था. अब में बहुत मज़े से आहना की चूत चाट रहा था और दोनों हाथ से एक एक बूब्स को दबा रहा था.

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कुछ देर के बाद आहना का एक बार और झड़ना हुआ और बहुत तेज़ी से उसकी चूत का पानी मेरे मुहं में आ गया और मैंने वो सारा पानी पी लिया और अब मैंने अपने दूसरे हाथ से अपनी आधी पेंट को अंडरवियर के साथ ही उतार दिया और ज़मीन पर आकर खड़ा हो गया. बड़े बड़े झांटो के बीच में मेरा 8 इंच का काला, मोटा लंड जिसका टोपा लाल है, में उसे आहना के मुहं की तरफ ले आया और उसके माथे पर मैंने अपना लंड रख दिया. तो सोए रहने के नाटक के कारण आहना ने अपनी आँखे नहीं खोली. लेकिन उसने लंड की खुश्बू लेने के लिए एक गहरी सांस ज़रूर ली और फिर मैंने आहना को अपनी तरफ करवट पर कर लिया.

फिर मैंने अपने काले, मोटे, लंबे लंड को आहना के बूब्स, चेहरे और गले पर घुमाया और उसका एक हाथ उठाकर उसमे अपने लंड को पकड़ा दिया. तो उसने अपने हाथ से लंड को पकड़ लिया. लेकिन शायद वो हाथ से टटोल कर मेरे लंड और आंडो का साइज़ महसूस कर रही थी. तो मैंने भी सभी मौका देखकर देर ना करते हुए अपने लंड का सुपाड़ा उसके होंठो पर रख दिया. आहना ने मुहं बंद कर लिया. लेकिन मैंने ज़ोर से लंड को दबाकर उसका मुहं खोला और उसमे अपना काला, मोटा, लंड डाल दिया.

लेकिन शायद आहना ने पहली बार ही कोई लंड इतने करीब से महससू किया होगा और वो भी यह बात सोच रही होगी कि कल तक एक शरीफ सा दिखने वाला लड़का जो उसके साथ पढ़ता था, वो आज उसका 8 इंच का लंबा काला लंड उसके मुहं में है और फिर कुछ देर छटपटाने के बाद आहना को लंड का स्वाद आया. लंड के मोटा होने के कारण आहना का पूरा का पूरा मुहं खुला हुआ था और उसने अंदर ही अंदर लंड के टोपे पर जीभ घुमानी शुरू कर दी और फिर कुछ ही देर बाद चूसना भी शुरू कर दिया. तो में भी अपने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा. लेकिन जब में बीच बीच में झटका मारकर पूरा लंड अंदर डालता तो वो उसके गले में ज्यादा अंदर तक चला जाता, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होती. लेकिन आहना बेचारी सिर्फ़ अपनी गांड को उछालकर ही रह जाती.

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फिर दस ही मिनट में आहना ने मेरे लंड को चूस चूसकर एकदम लाल कर दिया और अब मेरा भी पानी निकलने वाला था. लेकिन में चाहता था कि कम से कम इतनी सुंदर लड़की को अपने लंड का पानी तो पिलाया जाए ताकि वो अपनी सारी उम्र खुश रहे और फिर मैंने अपना लंड उसके मुहं से बाहर नहीं निकाला और जैसे ही लंड से वीर्य निकलना शुरू हुआ आहना ने लंड को बाहर निकालने की बहुत कोशिश की लेकिन मैंने उसे जबरदस्ती कुछ देर और अंदर ही रखा और शायद मैंने बहुत टाईम से मुठ नहीं मारी थी या पिछले एक घंटे से मेरा लंड तनकर खड़ा हुआ था इसलिए मेरे लंड से बहुत सारा वीर्य निकला जो सीधे आहना के गले में गया और उसका पूरा मुहं भी भर गया.

मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन आहना को एकदम से उबकाई आकर उल्टी आने को हो गई और उसे अपनी नींद का नाटक बंद करना पड़ा और वो उठकर सीधी बाथरूम की तरफ भागकर चली गई और दस मिनट तक लगातार उसको खाँसी आती रही और वो बाथरूम से निकलकर जब आई तब तक मैंने अपने ऊपर एक चादर को डाल लिया था. फिर उसने अपने कपड़े लेकर पहने और मुझसे बिना एक शब्द कहे चुपचाप नीचे चली गई. दोस्तों वैसे यह सब काम उसकी जानकारी में हुआ था फिर भी उसने ऐसा जताया कि जैसे मैंने उसका चुदाई किया हो और फिर मुझे भी बहुत शरम महसूस हो रही थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है और आहना तो अब मुझसे जमकर चुदवाती है.

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