पड़ोसी भाभियों को जमकर बजाया–6

Padosi bhabhiyo ko jamkar bajaya-6

कहानी के पांचवे भाव में आपने पढ़ा कि किस तरह मैंने शालिनी और अर्पिता भाभी के बूब्स चूसकर उनकी चूत और गान्ड को हिला डाला। अब कहानी आगे………….
अब मैंने अर्पिता भाभी को मेरा लन्ड चूसने के लिए कहा। अब अर्पिता भाभी नीचे बैठ गई और मेरे लन्ड को पकड़कर अपने मुंह में लेने लगी। अब अर्पिता भाभी आराम आराम से मेरा लन्ड चूसने लगी।मुझे भाभी को लंड चुसवाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मैं– आह आह ओह भाभी बहुत अच्छा लग रहा है।आह आह।
अर्पिता भाभी लपालाप लंड को चूस रही थी।भाभी की लंड चूसने की स्टाइल मुझे बहुत अच्छी लग रही थी।
संगीता भाभी– देख रण्डी कैसे लंड को चूस रही है। जैसे तो इसका कसम हो।
मैं– भैन की लौड़ी अब मैं इसका ही कसम नहीं तुम सब का कसम हूं।
संगीता भाभी– अच्छा! मादर चोद।
मैं– हां साली रण्डी।

अर्पिता भाभी कसकर मेरे लन्ड को चूस रही थी। अब तक मेरा लन्ड उनके थूक से गीला हो चुका था।
मैं– ओह ओह आह आह ओह भाभी।आप तो गजब की खिलाड़ी हो। और चूसो मेरे लन्ड को।आह आह।
अर्पिता भाभी लगातार मेरे लन्ड को चूस रही थी। मैं भाभी के बालो में हाथ डालकर उन्हें सहला रहा था।भाभी बड़ी मस्त होकर मेरे लन्ड को अच्छी तरह से मुंह में डाल रही थी।भाभी को लंड चूसते हुए बहुत देर हो गई थी।
अब मैंने भाभी के मुंह को पकड़ा और उसमें लंड डालकर अर्पिता भाभी के मुंह को चोदने लगा। मैं भाभी का सिर पकड़कर अच्छी तरह से भाभी के मुंह में लंड अंदर बाहर कर रहा था।मुझे भाभी के मुंह को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मैं– आह ओह आह आह ओह भाभी।बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।
शालू भाभी– हाय! क्या मस्त नज़ारा है।
शालिनी भाभी– तू भी चूस ले लंड।
शालू भाभी– नहीं भाभी,मेरी तो पहले ही हालत खराब हो चुकी है अब मैं मेरी हालत और ज्यादा खराब नहीं करवाना चाहती।
शालिनी भाभी– नहीं, नहीं,लंड तो तो तू चूस ही लेे फिर से।
शालू भाभी– नहीं भाभी।चूत और गान्ड में लंड लेे लिया वो ही बहुत है।

मैं घापाघप अर्पिता भाभी के मुंह में लंड अंदर बाहर कर रहा था।आज तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था।आज मुझे इतनी मस्त माल चोदने को मिल रही थी।तभी मैंने भाभी के मुंह में अंदर तक लंड घुसा दिया। अब अर्पिता भाभी की जान हलक में गई।वो हिचकने लगी।उनसे सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।फिर मैंने थोड़ी देर बाद लंड बाहर निकाला तब जाकर उनकी जान में जान आई।
अर्पिता भाभी– हाय! मर गई आज तो।
मैं– भाभी अभी कहां मेरी हो।असली मज़ा तो अब आयेगा।
अब मेरा लन्ड अर्पिता भाभी की चूत की सैर करने के लिए बेकरार हो रहा था।तभी मैंने अर्पिता भाभी को वहीं बेड के पास में फर्श पर पटक दिया और जल्दी से उनकी साड़ी और पेटीकोट को कमर तक खिसका दिया।

अब मैंने भाभी की टांगो को मेरे कंधो पर रख लिया और लंड को तुरंत भाभी की चूत के मुहाने पर रख दिया। अब मेरा लन्ड भाभी की चूत की चटनी बनाने को तैयार था।तभी मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा लन्ड अर्पिता भाभी की चूत के झाड़ झंकडो को तोड़ता हुआ सीधा उनकी चूत के पेंदे में पहुंच गया।तभी भाभी ज़ोर से चीख पड़ी।
अर्पिता भाभी– आईईईई मर गई।
तभी मैंने फिर से तुरंत उनकी चूत में तीन चार शॉट जड़ दिए। अब अर्पिता भाभी दर्द से बुरी तरह बिलख पड़ी।
अर्पिता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई।
अर्पिता भाभी बुरी तरह से दर्द से तड़प रही थी।उनकी छोटी सी चूत मेरे बड़े लंड के आगे घुटने टेक चुकी थी।सभी भाभियां हमारी चुदाई का मज़ा ले रही थी। मैं दे दना दन अर्पिता भाभी को चोद रहा था।मेरा लन्ड भाभी की चूत में बुरी तरह से तूफान मचा रहा था।

मैं– हाय क्या मस्त चूत है भाभी।बहुत दिनो से मै इस चूत को चोदने के लिए तड़प रहा था।आज जाकर मुझे मौका मिला है।आह मज़ा आ गया आज तो।
अर्पिता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई अहा आह आह ओह आह।
अर्पिता भाभी मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ उछल उछल कर पड़ रही थी।उनसे मेरे लन्ड का कहर झेलना बहुत ज्यादा मुश्किल हो रहा था। मैं आज पूरी कसर निकालना चाहता था।अर्पिता भाभी की चूत मेरे लन्ड के आगे बच्ची नजर आ रही थी।
मैं– आह आह ओह भाभी आज तो मैं आपकी चूत के चीथड़े चीथड़े उड़ा दूंगा।बहुत तड़पाया है आपने मुझे।अर्पिता भाभी– आहा अहा आईईईई आईईईई आह आह।धीरे धीरे डाल लेे यार।
मैं– नहीं भाभी,,आज तो बहुत ज़ोर ज़ोर से ही आपको पेलूंगा।कोई कसर बाकी नहीं रखूंगा आज।
अर्पिता भाभी– आईईईई मम्मी।मर गई।आह आह आह ऊंह आह आह आह।

मैं ज़ोर ज़ोर से अर्पिता भाभी को चोद रहा था।भाभी के चीखे पूरे बेडरूम में गूंज रही थी।अर्पिता भाभी बुरी तरह दर्द से तड़प रही थी। मैं बड़ी शिद्दत से भाभी की चूत की बखिया उधेड़ने में लगा हुआ था।
अर्पिता भाभी– आईईईई आईईईई ओह ओह आह आह आह।
शालिनी भाभी– अर्पिता की चुदाई देखकर अब मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा है यार।
संगीता भाभी– तेरी भी यही हालत करेगा ये कुत्ता।बहुत ज्यादा कमीना है ये।
शालिनी भाभी– हां भाभी।देखो शालिनी को कितनी बुरी तरह से चोद रहा है।
संगीता भाभी– हां शालिनी।अर्पिता की तो हालत बहुत ज्यादा खराब कर दी है इसने।
शालू भाभी– आज तो अर्पिता भाभी की चूत का भोसड़ा बनाकर ही मानेगा रोहित।
शालिनी भाभी– हां शालू। भोसड़ा तो तेरा भी बना दिया है इसने।देख तेरी चूत कितनी चौड़ी कर दी है।
शालू भाभी– हां भाभी,,मेरी चूत का तो भोसड़ा बना चुका।

मैं लगातार ज़ोर ज़ोर से कसकर अर्पिता भाभी को बजा रहा था।अर्पिता भाभी भी बुरी तरह से बज रही थी।तभी अर्पिता भाभी थर थर कांपने लगी। मैं समझ गया कि अब भाभी की बस की बात नहीं है।तभी अर्पिता भाभी की चूत में से सफेद गाढ़ा घोल बाहर निकलने लगा। अब मेरा लन्ड भाभी के गरमा गरम घोल में पूरा भीग गया। घोल निकलने की वजह से भाभी पसीने में लथपथ हो चुकी थी।
अब मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ बेडरूम में पच्छ पच्छ पच्छ पच्छ पच्छ की आवाजे गूंजने लगी। मैं गांड़ हिला हिलाकर भाभी को बुरी तरह से बजा रहा था।मुझे अर्पिता भाभी को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मेरा लन्ड अब तक अर्पिता भाभी की चूत का भोसड़ा बना चुका था।तभी मैंने भाभी की टांगो को मोड़कर उन्हें फोल्ड कर दिया। अब मैं अर्पिता भाभी को फोल्ड करके चोदने लगा।

अजब गजब नज़ारा था यारो जिस अर्पिता भाभी को चोदने के लिए इतने दिनों से तड़प रहा था।आज वो भाभी मेरे लन्ड के नीचे बुरी तरह से तड़प रही थी।मेरा लन्ड आज अर्पिता भाभी की अच्छी तरह से क्लास लेे रहा था।भाभी को आज मम्मी याद रही थी।
मेरा लन्ड अच्छी तरह से अर्पिता भाभी को चोदने में लगा हुआ था।
अर्पिता भाभी– आह आह ओह ऊंह आह आह ऊंह।

मैं– आह भाभी,,आज मेरे लन्ड को सुकून मिल रहा है।मज़ा आ गया कसम से।
अर्पिता भाभी– आह आह आह ओह आह आईईईई बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है रोहित।थोड़ी देर लंड बाहर निकाल ले यार।
मैं– भाभी लंड तो बाहर नहीं निकलेगा।
अर्पिता भाभी– आह आहा ओह मै मर जाऊंगी।
मैं– आप तो इतनी सेक्सी हो ना।तो फिर झेलो मेरे लन्ड को।
अर्पिता भाभी– तेरा लंड बहुत मोटा तगड़ा है यार।मुझसे नहीं झेला जा रहा है। प्लीज बाहर निकाल ले थोड़ी देर।
अर्पिता भाभी बहुत ज्यादा दर्द से तड़प रही थी। अब मुझे भाभी पर दया आ गई और मैंने लंड बाहर निकाल लिया।
संगीता भाभी– ये क्या लंड बाहर क्यो निकाला? ये तो नाइंसाफी है।

मैं– कोई नाइंसाफी नहीं है भाभी।आप कहो तो आपको फिर से बजा दू।
संगीता भाभी– नहीं बाबा,मुझे नहीं बजवाना अब।
मैं– रुको आपको बजा ही देता हूं।बहुत देर से तेरी गांड़ में मिर्ची लगी हुई है।
तभी मैं बेड पर चढ गया।अब संगीता भाभी उतरकर नीचे भागने लगी लेकिन मैंने संगीता भाभी को पकड़ लिया। अब मैंने संगीता भाभी को उठाकर नीचे फर्श पर अर्पिता भाभी के पास ही पटक दिया।
संगीता भाभी– यार रोहित प्लीज मत कर।पहले से ही मेरी चूत में बहुत ज्यादा जलन हो रही है।
मैं– नहीं भाभी,अब तो मै आपको बजाकर ही मानूंगा।
संगीता भाभी– नहीं रोहित प्लीज छोड़ दे।
मैं– नहीं भाभी।

तभी मैं संगीता भाभी की टांगे खोलने लगा तो लेकिन भाभी ने टांगे बंद कर दी।
संगीता भाभी– ओह रोहित मत कर ना यार।
मैं– नहीं,एक बार तो डालूंगा ही।
संगीता भाभी ने दोनों टांगो को अच्छी तरह से भिछ लिया।अब मैंने भाभी की टांगो को खोलने की कोशिश करने लगा लेकिन भाभी टांगे खोलने को तैयार नहीं हो रही थी।तभी मैंने एक ज़ोर का झटका दिया और संगीता भाभी की टांगो को खोल दिया। अब मैंने तुरंत संगीता भाभी की टांगों को मेरे कंधो पर रख लिया और लंड को भाभी के भोसड़े पर सेट करने लगा।
संगीता भाभी–रोहित यार प्लीज मत डाल ना।

मैं– भाभी अब तो बचने का कोई मौका नहीं है।
तभी मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और लंड को संगीता भाभी के भोसड़े में ठोक दिया।संगीता भाभी की फिर से चीखने लगी।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई।
मैं– अब आया ना मज़ा।इतनी देर से दूसरी भाभियों के मजे ले रही थी साली रण्डी।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई ओह मादरचोद बहुत दर्द हो रहा है।आह आह। ओह कुत्ते।
मैं– भैन की लौड़ी।अब आया ना मज़ा।बहुत देर से फड़फड़ा रही थी तू।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई मर गई साले कुत्ते।बहुत जलन हो रही है आह आह।

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संगीता भाभी का भोसड़ा बहुत ही ज्यादा गरम हो रहा था।उनका भोसड़ा पूरा लाल पड़ा हुआ था। मैं दे दना दन संगीता भाभी के भोसड़े में जबरदस्त तरीके से लंड ठोक रहा था।संगीता भाभी बहुत बुरी तरह से दर्द से तड़प रही थी।मुझे संगीता भाभी के भोसड़े में लंड ठोकने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
संगीता भाभी– आह आह आह ओह आऊ आईईईई आह ओह कुत्ते।
मैं– अब बोल रण्डी।मज़ा आ रहा है ना?
संगीता भाभी– ओह कुत्ते तुझे मज़ा सूझ रहा है यहां तो मेरी जान निकल रही है।
मैं– जान तो ऐसे ही निकलेगी।

संगीता भाभी की हालत को देखकर अब कोई भी भाभी कुछ नहीं बोल रही थी।सब चुप होकर चुदाई का नज़ारा देख रही थी।संगीता भाभी दर्द से बहुत बुरी तरह से झटपटा रही थी।
मैं– आह आह ओह भाभी बहुत मस्त माल हो तुम तो।आह आह।
संगीता भाभी– आह आह आईईईई आईईईई ओह बस कर यार।छोड़ दे यार।
मैं– नहीं भाभी,ऐसे नहीं छोड़ूंगा।
मैं कसकर संगीता भाभी को पेल रहा था।भाभी बुरी तरह से झल्ला रही थी।तभी मैंने भाभी की टांगों को मोड़कर उन्हें पूरी तरह से फोल्ड कर दिया। अब मुझे भाभी को फोल्ड कर बजाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
संगीता भाभी– आईईईई आईईईई अहा आह आह आह ओह आह आह।

मैं संगीता भाभी के भोसड़े में जबरदस्त खलबली मचा रहा था।संगीता भाभी की सिसकारियां पूरे माहौल को और भी ज्यादा सेक्सी बना रही थी। मैं संगीता भाभी को ऐसे ही पेल रहा था।तभी संगीता भाभी के भोसड़े में से गरमा गर्म लावा फुट पड़ा। अब मेरा लन्ड भाभी के गरमा गर्म लावे में बुरी तरह से भीग गया। अब फिर से बेडरूम में पच्छ पच्छ खश खस पच्छ पच्छ का माहौल बन गया। अब तक संगीता भाभी पसीने में नहा चुकी थी।
फिर मैंने संगीता भाभी को थोड़ी देर और बजाकर छोड़ दिया।
संगीता भाभी– कमीना कुत्ता कही का।
मैं– मज़ा आया ना भाभी?
संगीता भाभी– मज़ा क्या,जान ही नहीं निकली मेरी और सब कुछ हुआ।
मैं– ये तो अच्छी बात है।

संगीता भाभी– बैचारी मेरी चूत इतनी सी थी।तीन उसे भोसड़ा बना दिया।
मैं– भोसड़ा तो बनाना ही था भाभी।
अब मैं संगीता भाभी को बजाकर फिर से अर्पिता भाभी के पास आ गया और उनकी टांगो को तुरंत मेरे कंधो पर रख लिया।
मैं– अब तो डाल दू भाभी?
अर्पिता भाभी– डाल दो।
अब मैंने फिर से अर्पिता भाभी की चूत में लंड पिरो दिया और उन्हें फिर से ज़ोर ज़ोर से पेलने लगा।अर्पिता भाभी ने फिर से सिसकारियां भरना शुरू कर दिया।
अर्पिता भाभी– आईईईई आईईईई अहा आह आह ओह आह आईईईई आईईईई।

मैं कसकर अर्पिता भाभी की चूत में लंड डाल रहा था।अर्पिता भाभी बिना कोई नखरे दिखाए मेरा लन्ड चूत में लेे रही थी।दर्द के मारे भाभी के चेहरे की रंगत उड़ चुकी थी।दर्द क्या होता है वो भाभी के चेहरे पर साफ साफ दिख रहा था। अब मैंने वापस अर्पिता भाभी को फोल्ड कर दिया। अब भाभी की टांगे उनके चेहरे पर आ चुकी थी। मुझे अर्पिता भाभी को फोल्ड करके चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
अर्पिता भाभी– ऊंह आह आह ओह आह आईईईई आह आह ओह।
मैं– भाभी, आप जितनी सेक्सी हो आपकी चूत भी उतनी ही सेक्सी है।मेरे लन्ड को आपकी चूत पेलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।
अर्पिता भाभी– ऊंह आह आह आह आईईईई आईईईई।
मैं आज मेरी गांड़ का पूरा ज़ोर लगाकर अर्पिता भाभी को बजा रहा था।मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ भाभी के आम बहुत ही ज्यादा हिल रहे थे। तभी अर्पिता भाभी एक बार और पानी पानी हो गई।उनकी चूत में से फिर से कामरस बरस पड़ा। अब फिर से बेडरूम में पच्छ पाच लाछ पच्छ पच्छ का ज़ोर से शोर होने लगा।

आज मैंने अर्पिता भाभी की चूत को चोद चोदकर चटनी कर दिया था।फिर भी मेरे लंड की प्यास नहीं बुझ रही थी। मैं अब भी अर्पिता भाभी की चूत में झमाझम बारिश कर रहा था।
अर्पिता भाभी– ऊंह आह आह ऊंह आएईईईई आईईईई ओह ओह ओह।
मैं – ओह भाभी।
अब मेरा लन्ड मुझे जवाब देने लग गया था। मैं मेरे लन्ड का इशारा समझ चुका था।तभी मैंने थोड़ी देर ज़ोरदार धक्के लगाना चालू कर दिया।अर्पिता भाभी फिर से चीख पड़ी।
अर्पिता भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई।
फिर ज़ोरदार धक्के लगाने के बाद मेरा लन्ड पिघल गया और मैंने लंड का पूरा पानी अर्पिता भाभी की चूत में भर दिया। अब मैं पसीने पसीने होकर अर्पिता भाभी के जिस्म पर ही पड़ गया।

कहानी जारी रहेगी…………
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