पडोसवाली देविका को प्यार से चोदा

(Padoswali devika ko pyar se choda)

नमस्कार दोस्तों, मै शिवम आपके सामने फिर से हाजिर हून और एक सेक्सी कहाणी लेंकर, जिसमे मैने अपनी पडोस की चुदक्कड लडकी देविका की बडी प्यार से खुजली मिटाई. ये हतासा पिछले ही महिने घटित हुअा.
तो देविका एक बहुत ही खुबसुरत फटाका लडकी है. उसकी उम्र अभी १९ साल की है. उसकी उंचाई बहुत कम है लेकीन उसकी स्तन और गांड मै कोई कमी नाही है. ऊसके तने हुये स्तन देखकर तो किसिके भी होश उड जाएंगे. उसकी टाईट गांड की गोलाई बहुत खूबसुरत है. उसका नेचर भी चुदक्कड लंडकीयों के जैसा हि हैं। वो जब भी चलती है, गांड मटक के, उसकी गोलाई दिखाकर ही चलती है। टाईट कपडे पेहनके अपनी शरीर का आकार दिखाना और मर्दोको आकर्षित करना तो उसकी आदत बन गई है। मै उसके बारे मे इतना जानता हुन क्योंकी मैं उसके बिलकुल पडोस मै ही रहता हूं। मैं हमेशा उसके स्तन, गांड और उसका शरीर मेरी गंदी नजरों से देखता हूँ। मैने कई बार उसको मेरी गंदी नजरो से ही चोद डाला है। वो घर के काम संभालकर पढाई करती है। लेकीन कॉलेज वेगैरा जाना उसकी आदत नही है। वो हमेशा घर मे ही पडी रेहती है।

तो अब हम मेरे साथ घटे हूये ऊस सूनेहरे पलों की बात करते हैं।
ये बात तबकी है जब मेरे एक्साम आने मै करीब एक महिना बाकी था और मेरा सीलॅबस वगैरा खतम हो चुका था, मै भी दिनरात घर मै ही पडा रेहता था। सुबह सुबह मै हमारे उपरवाले कमरे मै पढाई कर रहा था, तो मुझे कुछ आवाजें सुनाई दी। मैने बाहर टेरेस पे जाके देखा तो वो देविका की आवाजें थी। मैने सुना की वो किसीं के साथ लढाई कर रही थी। बीच बीच मै वो रो भी रही थी मैने सोचा उनके टेरेस पे छलांग लगाके उससे पुछ ही लुं। लेकीन मैने सबर किया। और उसकी बातें सूनता रहा। थोडी देर के बाद मुझे एहसास हुआ की वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ लढ रही थी। मैने सोचा क्यूँ ना इस बात का फायदा उठाया जाए। और मै तुरंत छलांग लगाकर उनके टेरेस पे जाके धीरे से देविका के पिछे खडा हो गया। वो तो बॉयफ्रेंड से लढने मे इतनी उलझी हुई थी की उसको पताही नही चला की मै उसके पिछे खडा हूं। मैने धीरे से उसके फोन पे रोते हूये फोटो मेरे मोबाइल मे खिंच लिये सबुत के दौर पे। जैसे ही उसका कॉल खतम हुआ और वो नीचे जाणे केलीये पीछे मुडी। वो हक्कीबक्की रेह गयी। उसको पता चल गया था की मैने सब सून लिया है। उसने सर झुकाकर भागने की कोशीश की मगर मैने उसे रुकने को बोला। और उसे बडी प्यार से पुछा “कोई प्रॉब्लेम हो क्या किससे लढ रही थी तू?” वो छटपटाते हूये बोली “नही कुछ नही सहेलियों के बिच तो छोटी मोठी लढाईयां तो होती ही रेहती है ना। ”
वो बुरी तरहसे घबरा गयी थी।

मैं- देख कुछ छुपाने की कोशीश मत कर मैने सब सून लिया है।
(वो फिरसे रोने लगी)
देविका- प्लीज इस सबके बारेमे किसींको बताना मत।
मैं- किसके बारे मै? मुझे सिधे से बता तो सही क्या हुआ है। और पहिले ये रोनाधोना बंद कर मै कुछ नही कहूंगा किससे।
ऐसा बोलते ही उसमे थोडीसी जान आ गयी।
और उसने मुझे बहोत सारी उसके और उसके बॉयफ्रेंडके बीच के लढाई के बारे मे जानकारीं दि। फिर मैने अपनी गेम चालु की और उसके सेक्स लाइफ के बारे मै पुछा। उसने हा-ना हा-ना करते हुई बहुत कुछ बता दिया। दोस्तो वो बॉयफ्रेंड के साथ बहुत सारे मजे तो मार चुकी थी लेकीन अभीतक वो कुवारीं थी। उसकी चुत तक बॉयफ्रेंड पहुंचा नही था। और चदक्कड देविका की सेक्स की भूक अधुरी ही रेहती थी। मैने उसिका फायदा उठाना चाहा।
इन सब बातो के दौरान सेक्स की बातें बताते बताते वो भी गरम हो चुकी थी। मैं तो उसे देखते ही मेरी हवस भरी नजरों से चोद देता हूँ।

मैं उसको अपनी हवसभरी आखोंसे देखणे लगा। वो मेरे इरादे समज चुकी थी। मगर वो मेरे सामने फोकटके नखरे दिखा रही थी।
अब तक सुरज माथे पे आ चुका था। उसकी गरमी से दोनो को तंग कर रही थी। मैने उसको बोला चलो अंदर जाके आराम से बातें करतेहै। वो मान गयी। हम दोनो अंदर आके मेरे बेड पे बैठ के बातें करने लगे।
बातो ही बातो मै मैने उसे फ्लर्ट करना शूरू किया और फहिरे धीर उसके बालो मे हात डाल के सेहलाने लगा। वो अब होश महिने लगी पर अभी तक उसके नखरे कम नही हो रहे वो मुझे रोकने की नाकाम कोशिशे कर रही पर मैने उसके नाकाम कोशिशों को एक घास नही डाली।

फिर मै धीरे धीरे उसके करीब जाने लगा। वो पिछे पीछे सरकने लगी मगर मैने उसको बेड कोने मे सटा दिया। और उसके ओठो मे ओठ डाल दिये। वो मुझसे छुटने की कोशिशे कर रही थी मेरे हात पकड के, मूह फेर के मगर मैने उसको बुरी तरह से नोच के उसका स्वाद लेना चालू कर दिया। मैने उसके स्तन को दबोचा और धीरेसे उसको दाबने लगा। उसका विरोध अब कम होता जा रहा था। अब वो भी थोडा थोडा साथ देने लगी। मैने बेडपर का सारा सामान नीचे फेंक दिया ओर उसको बेड पे लिटाया।
अब मै उसके उपर जाके उसका कस के चुंबन ले रहा था। मैने उसके शरीर का एक एक अंग चाट के निकाला। मेरी अब मै उसके बूब्सपे तूट पडा और टीशर्ट के उपर से ही उसपे जीभ फेरने लगा। इस गर्मी दोन्हो के पसीने छूट रहे थे। मैं तो उसके पसीने के खुशबू से मदहोश हो गया था। मैंने अचानक से उसके निपल को डेट से काटा तो उसकी चीख निकल पड़ी और मुझको बूब्स पे जोर से दाबने लगी। मैंने उसका टीशर्ट निकाल दिया साथ ही मै ब्रा भी निकल पड़ी। मेरे सामने देविका का खूबसूरत गोरा गोरा शरीर नंगा पड़ा हुआ था। अब तो मेरे में राक्षस दौड़ गया। और मैं उसको नाक से सुंगने लगा उसके दोन्हों हात ऊपर पकड़े और उमसके बगल में घुस गया। सच्ची मै क्या खुशबू थी। बहुत ही चिकनी बगले थी मै उसको बुरी तरह से सूंगने और चाटने लगा। अब वो पागल सी होने लगी और मेरे बालोंमें हात डाल के मेरेको उसकाने लगी। ऐसा मजा उसके बॉयफ्रेंड ने कभी नहीं दिया था। मैंने उसकी दोनों बगले चाट के निकाली। अब वो निढाल होने लगी। और मछली की तरह छटपटाने लगी। उसने मेरे लौड़े पे हात फेरना चालू किया। वो मेरे लौड़े को मसलने लगी मै तो पागल होता जा रहा था।

उसने एक ही झटके में मेरा पैजामा और अंडरवियर मुझसे अलग कर दी। अब तो मुझे असल में उसके चुदक्क़ड होने का अहसास हो गया था। उसने मेरा लौड़ा उसकी हातो में ले लिया और उससे खेलने लगी। मगर मैंने वक्त बरबाद न करते हुए उसके मुंह में ही लौड़ा पेल दिया और उसके मुंह को रंड की तरह चोदने लगा। उसने भी कोई कमी न दिखाई और मेरे लौड़े का अच्छी तरह से स्वाद लेने लगी।
करीब 5 मिनट तक उसने मुंह में मेरे झटके पेले। और मुझे चोदने का सिग्नल देने लगी। मगर मेरी अभी तक प्यास कहा बुजी थी। मैंने उसको सीधा लिटाया और उसके पैंट के ऊपर से ही उसके चूत का स्वाद लेने लगा उसकी पैंट चूत के गीली होने की वजह से थोड़ी गीली हो चुकी थी। मै उसको सूंघने लगा।

उसके बाद एक ही झटके में उसकी पैंट और पैंटी निकाल के फेंक दी। अब देविका मेरे सामने पूरी नंगी पड़ी हुई थी। ना जाने कितने बरसो से जिस बदन को में मेरी हावसभरी नजरो से देखता था वो बदन अब मेरी हवस को मिटानेको बेताब था। मैंने उसकी चूत पे मुंह लगाया और चूत चाटने लगा। मैंने मेरी जीभ उसकी चूत मै अंदर सरकाई। वो अब बुरी तरह से छटपटाने लगी थी। मेरा सर चूत पर दाब रही थी। बहुत बुरी तरह से मीनिंग कर रही थी। “आहहह उहह शिवम धीरे से कर ना दर्द होता है यार”। मैंने उसकी एक ना सुनी और मैंने अपना काम चालू रखा।

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अब समय आ गया था कि मै उसको चोद डालू। में उसके दोनों पैरों में आया और लौड़ा उसकी नंगी चूत पर सेट किया। धक्का दिया पर फिसल गया। मैंने फिर से धक्का दिया पर मेरा लौड़ा अंदर जा नहीं सका। वो बुरी तरह से रोने लगी। पर मैंने ध्यान न देते हुए उसको धीरे धीरे सहलाना चालू किया। बूब्स पे प्यार किया, उसके ओथोंका रस पिया। बहुत ही टाइट चूत थी देविका की। फिर मैंने उसकी गान्ड के नीचे तकिया लगाया उसके पैर मेरे कंधे पे लिए और पूरी ताकत से लौड़ा अन्दर डाला। उसकी तो अब बहुत जोर से चिक निकल पड़ी। मैंने उसके मुंह में मेरा मुंह डाला और उसकी चिंख मुंह मै बंद कर दी और थोड़ी देर सहलाता रहा। फिर थोड़ी देर बाद जब वो नॉर्मल हुई तो फिरसे मैंने उसकी चूत में लौड़ा घुसेड़ दिया। इस बार उसकी चूत की सील टूट चुकी थी। मेरे सामने देविका ने उसकी व्हर्जीनिटी गवा दी। पर मैं कहा सुनने वाला था। मै झटके देता रहा। उसको सहलाते सहलाते प्यार से उसका स्वाद लेके उसको चोदने लगा। उसको भी अब मजा आ रहा था।

वो भी धीरे धीरे गान्ड उठाके नीचे से झटके दे रही थी। और चूत में बहुत अन्दर तक मेरा लौड़ा ले रही थी। अब उसकी चूत की गरमाई मुझे झडने में मजबुर कर रही थी पर में हवस इतनेमे बुझनेवाली नहीं थी। मै एक के बाद एक उसको झटके देंता रहा। अब दोनों भी झडनेवाले थे। मैंने अचानक से स्पीड बढ़ाई और ७-८ जोर के झटके के साथ उसकी चूत मेरे रस से भर दी और वो भी अपना पानी मेरे लौड़े पे छोड़ चुकी थी अब दोनों भी निढाल होके बाहों में पड़े हुए थे। बहुत प्यारा अहसास हम दोनों ने ले लिया था। उसके बाद मैंने उसको कई बार चोदा उसकी गान्ड भी बुरी तरह से मारी। अब वो ऐसे छुड़ाई के बाद बहुत जाडि हो चुकी है पर मेरा प्यार अभी तक कम नहीं हुआ। मै अक्सर उसको चोदता रहता हूं। और उसको भी मेरे से चूत चुदवाने की मानो लत लग गई है। वो २-३ दिन भिं बिना चूदे नहीं निकाल सकती।

तो ऐसी है मेरी और देविका की कहानी। पसंद आए तो नीचे दिए गए ई-mail पे कमेंट जरूर करना। और ज्यादा से ज्यादा ये स्टोरी शेअर करना।

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