पति के भतीजे और एक पंजाबी से चुदवाया-2

(Pati ke bhatije or ek punjabi se chudwaya-2)

तो उसने मेरी ब्रा उतारी और दूर फेंक दी और मेरे बूब्स को चूसने लगा.. बिल्कुल अपने चाचा की तरह वो भी मेरे बूब्स से खेल रहा था और उसने मेरे बूब्स को बहुत दबाया और अपने लंड को निकालकर मेरे चेहरे के सामने रख दिया. तो मैंने उसके लंड को बहुत देर तक देखा और फिर वो बोला कि चूसो मेरे लंड को. मैंने उसके लंड को अपने मुहं में लिया और बहुत देर तक चूसा.. उसके बॉल्स तक को नहीं छोड़ा. फिर वो मज़े लेते हुए बोला कि वो मुझे बचपन से चोदना चाहता था और उसने मुझे बिस्तर पर लेटाया और अपना मुहं चूत तक ले गया और चूत चाटने लगा. उसने जैसे ही मेरी चूत पर अपनी जीभ रखी.. मेरे पूरे शरीर में करंट दौड़ने लगा और मैं सिसकियाँ भरने लगी.

फिर उसने चाट चाटकर मेरी चूत को गीला कर दिया और करीब दस मिनट के बाद मैं झड़ गई और वो मेरा सारा रस चाट गया. फिर वो एकदम से उठा और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा और फिर उसने लंड को चूत पर रखा और एक ही धक्का देकर चूत में लंड डाल दिया और उसने मुझे बहुत देर तक ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदा. मैं उसके नीचे बेबस पड़ी थी. वो मेरी आँखों में आँखें डालकर चोद रहा था और मैं उससे आँखें नहीं मिला पा रही थी और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद वो पहली बार झड़ गया और उसने अपना पूरा वीर्य मेरी चूत में डाल दिया. फिर उसने अंत में मेरी एक बार गांड भी मारी और उस दिन के बाद कई बार हम दोनों ने चुदाई की. मैं उसकी चुदाई से बहुत खुश थी. मुझे अब दो दो लंड मिल रहे थे.. कभी रात मैं मेरे पति का तो कभी दिन दोपहर में उसका .. लेकिन उनकी पढ़ाई खत्म होने के बाद वो मेरे पास से चला गया और मैं फिर से प्यासी रह गयी.. लेकिन उसके एक साल बाद एक पंजाबी मास्टर को हमने हमारे घर पर अपने बेटे की पढ़ाई के लिए बुला लिया.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  माड़वाड़ी आंटी की बड़ी गाँड़ पैंटी निकाल के चोदी

उसकी उम्र करीब 28 या 30 साल की थी और वो लंबा और दाढ़ी वाला था.. वो शायद शुरू से ही मेरी सुन्दरता पर फिदा हो गया. फिर जब भी दिन को दो बजे वो मेरे बेटे को पढ़ाने आता तो किसी ना किसी तरह मुझसे बात करता था. फिर क्या कुछ दिनों के बाद पढ़ाई कम और हम दोनों की बातें ज़्यादा होने लगी और अब वो मुझसे मज़ाक भी करने लगा था. वो शादीशुदा नहीं था और वो मेरी बहुत तारीफ किया करता था और वो कहता था कि मैं बहुत सेक्सी हूँ. काश उसे भी मेरे जैसी बीवी मिले. फिर कुछ दिन बाद वो हमेशा एक घंटा पहले घर आने लगा.. लेकिन जब तक मेरा बेटा स्कूल से ही वापस नहीं आता था और मुझे भी वो अब अच्छा लगने लगा था.. लेकिन वो कुछ दिनों के लिए गायब हो गया और मैं उसे बहुत याद करने लगी. तो मैंने अपने पति से अपने बेटे की पढ़ाई का बहाना बनाकर उसके नंबर लिए और उसे कॉल किया. मैंने उससे पूछा कि कहा हो आप और घर क्यों नहीं आते? तो उसने कहा कि मैं कुछ जरूरी काम से बाहर गया था और मैं कल से आ जाऊंगा.

तो अगले दिन से वो आया और मैंने उसका हाल पूछा तो उसने मुझे फ्लर्टी अंदाज़ मैं जवाब दिया कि क्या मेरी याद आ रही थी? फिर मैंने भी उसे सीधा सीधा जवाब दिया कि हाँ आ रही थी.. इसलिए तो पूछ रही हूँ. दूसरे दिन वो दो घंटे पहले आया और करीब आधा घंटा साथ बैठने के बाद उसने मेरा हाथ पकड़ लिया.. लेकिन मैं कुछ नहीं बोली और उसने मेरा इशारा पाकर मेरे होठों को सीधा किस किया.. उस समय घर पर दिन में कोई भी नहीं था और फिर मैंने उससे पूछा कि आप यह क्या कर रहे हो? तो वो मुझसे सॉरी बोला और फिर बातों बातों में मुझे मना ही लिया. फिर वो दूसरे दिन करीब एक घंटा पहले आया.. उस वक़्त मैं बाथरूम से टावल पहनकर निकली थी. उसने मुझे देखा और फिर मुझसे बोला कि तुम बहुत सेक्सी हो और वो मेरे थोड़ा करीब आया और फिर मुझे किस किया.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।
हिंदी सेक्स स्टोरी :  प्यासी पड़ोसन- प्रिया आंटी 2

इस बार मैंने भी उसके किस का जवाब दिया और फिर हम दोनों ने बहुत देर तक किस किया. तो मैंने उससे बोला कि बस और अपने रूम में चली आई. जैसे ही मैंने अपना टावल हटाया और ब्रा पहनी तो वो वहां पर आ गया और मुझे अपनी और खींचा और मेरे बूब्स दबाने लगा.. अब मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैंने उससे कुछ नहीं कहा और उसने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे निप्पल को चूसने लगा. उसने मेरी गांड पर बहुत थप्पड़ मारे और अपना लंड बाहर निकाला. तभी उसका लंड देखकर तो मैं हैरान रह गई.. बाप रे इतना बड़ा लंड.. मेरे पति से डबल साइज़ और मैं कामुक होकर उसके लंड को चूसने लगी और तभी इतने में मेरा बेटा स्कूल से घर आ गया और हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए और उसने मेरे बेटे को कहा कि बेटा आज पढ़ाई नहीं होगी.. तुम अपने दोस्त के यहाँ पर खेलने चले जाओ. फिर क्या मेरा बेटा बहुत खुश होकर कुछ समय बाद अपने एक पड़ोस वाले दोस्त के घर पर चला गया और हम फिर से शुरू हो गये.

फिर मैंने उसका लंड चूसा.. मुझे उसका लंड चूसने मैं बड़ा मज़ा आ रहा था और मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी पड़ी थी और वो मुझ पर कोई रहम नहीं कर रहा था और वो मुझे गालियां भी देने लगा.. साली रांड तेरे बेटे के सामने तुझे चोदने का मन कर रहा था.. लेकिन मैं बहुत मजबूर था. आज मैं तेरी चूत फाड़ दूँगा और तुझे मेरी रंडी बनाऊंगा.. साली दो बच्चो की माँ होकर चुदवाती है. रुक आज मैं तेरी चूत ठंडी करता हूँ. फिर उसने मुझे लेटाया और अपना लंड मेरी चूत पर रखकर एक ज़ोर का धक्का देकर घुसा दिया. मुझे बहुत दर्द हो रहा था.. क्योंकि पहली बार इतना बड़ा लंड मेरी चूत में घुस रहा था. फिर उसने मेरी बहुत चुदाई की और थोड़ी देर बाद मैं उसके लंड को सहन ना कर सकी तो मैं रोई बहुत चिल्लाई उससे भीख माँगी.. लेकिन उसने मेरी एक ना सुनी और मेरी बहुत देर तक चुदाई हुई और उसने ठंडा होकर मेरी चूत में अपना वीर्य डाल दिया. दूसरे दिन फिर वो आया.. लेकिन मैंने उसे चुदाई के लिए साफ मना कर दिया.. लेकिन उसने मुझे जबरदस्ती गोद मैं उठाया और मुझे मेरे रूम में ले जाकर पूरा नंगा किया और चोदने लगा. फिर कुछ देर बाद मैं भी चुदाई के मजे लेने लगी. दोस्तों उसके बाद उसने मुझे हर दिन चोदा और मैं उसके लंड की प्यासी हो गई. मुझे उसका लंड अच्छा लगने लगा और उसने मुझे बहुत दिनों तक चोदा ..

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!