प्राची चुदी पैसे के लिये

(Prachi chudi paise ke liye)

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम प्राची है. में जयपुर से पढाई कर रही हूँ.  काफ़ी स्टोरी पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी अपनी स्टोरी शेयर करनी चाहिये. ये मेरी रियल स्टोरी है.. अगर अच्छी लगे तो मुझे मेल करना. अब में आपको अपने बारे में बता देती हूँ..

मेरी हाईट 5 फीट 5 इंच है. में कोटा से बिलोंग करती हूँ. मेरी फेमिली में पापा, मम्मी और 2 छोटे भाई है. अब में आपका टाइम खराब ना करते हुये अपनी स्टोरी पर आती हूँ. मैंने 12वीं क्लास के बाद मेरी आगे की पढाई जयपुर से की और में होस्टल में रहती हूँ. में दिखने में बहुत सेक्सी हूँ.. मेरा फिगर 32-30-34 है और शुरुवात के समय जयपुर में मेरा मूड नहीं लगता था तो में रोज गौरव टावर जाती थी.

फिर वहा मेरी दोस्ती अर्पित से हुई.. वो जयपुर इंजिनियरिंग कॉलेज में दूसरे साल का स्टूडेंट था और वो दिखने में भी मस्त था और वो बहुत अमीर फेमिली से है. मुझे पहले तो अच्छा नहीं लगता था.. लेकिन पापा की डेथ के बाद मुझे अपना काम निकलवाने के लिये काफ़ी लड़को की सहायता लेनी पड़ी. आप लोगों को भी मालूम होगा कि बिना कुछ दिये आज कल कुछ भी नहीं मिलता. फिर मैंने शुरुवात अर्पित से की.. अर्पित दिखने में बहुत अच्छा था. अर्पित की बहन मेरे कॉलेज में पढ़ती थी.

धीरे धीरे मैंने जानकारी निकाली और उसकी बहन से अच्छी दोस्ती की और कई बार तो अर्पित अपनी बहन को लेने कॉलेज आया करता था. साथ में रहने के कारण मेरी और उसकी नजदीकियां बढ़ती गई और एक दिन अर्पित ने मुझसे दोस्ती करने के लिये बोला.. मैंने दोस्ती के लिये हाँ बोल दिया. फिर धीरे धीरे नंबर एक्सचेंज हो गया और शुरुवात में चेटिंग करते और फिर कब वो प्यार में बदल गया.. पता ही नहीं चला.

फिर मैंने भी हाँ बोल दिया. में कई बार अर्पित के घर जाया करती थी. एक दिन में अर्पित के घर गई.. तो वहां कोई नहीं था.. केवल अर्पित था.. बाकी सब लोग मार्केट गये थे. मैंने प्रियंका के बारे में पूछा.. तो उसने बोला कि वो बाहर गये है 2-3 घंटे के बाद आयेगें.. उसने बैठने को कहा और में बैठ गई. फिर हम दोनों बातें करने लगे.. तभी अचानक से अर्पित मेरे पास आकर बोला कि में तुमसे शादी करना चाहता हूँ..

में यह सुनकर चोंक गई. मैंने उसको समझाया.. लेकिन वो नहीं माना और आखरी में मुझे उसको हाँ बोलना पड़ा.. वो खुश हो गया और मुझे अपनी बाहों में लेकर किस करने लगा. किस करते करते हुये हमें 25 मिनट हो गये. फिर मैंने उसको धक्का दिया.. लेकिन वो नहीं माना और मुझे खींचकर पीछे से पकड़कर मेरे बूब्स को ज़ोर से दबा दिया.. दर्द के मारे में ज़ोर से चीख गई.. हुईई माँ माँ माआ और वो वापस से मेरे होठों को चूसने लगा और में अब गर्म होने लगी.

उसने समय देखकर मेरा टॉप उतार दिया और ब्रा के ऊपर से बूब्स को चूसने लगा. में बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी.. साथ में पेंटी भी गीली होने लगी. अब उसने मेरी ब्रा भी उतार दी और एक हाथ से बूब्स दबा रहा था.. वो भी इतनी ज़ोर से कि बहुत दर्द कर रहा था और दूसरा निप्पल मुँह में लेकर उसको चूस रहा था. में बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी.. अब अर्पित ने मेरी जीन्स को खोलने के लिये उसके ऊपर अपना हाथ रखा.

फिर मैंने उसको मना कर दिया और बोला कि जान ये ग़लत है.. लेकिन वो नहीं माना.. मैंने उसको फिर दूर किया.. लेकिन उसने अपने प्यार की कसम देकर मेरी जीन्स व स्कर्ट को उतार दिया और पेंटी को भी उतार दिया.. वो मेरी चूत को देखकर ऐसा चोंका कि वो 3 मिनट तक केवल देखता रहा. मैंने पिछले 1 साल से बालो की कटिंग नहीं की थी.. तो वहां पूरा जंगल सा हो गया था. वो कमरे में गया और रेजर लेकर आया और उसने मेरे बालों की सफाई की और उसके बाद मेरी चूत को चाटने लगा.. चाटने के कारण में बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई और मोन करने लगी.

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फिर उसने 2 उंगली मेरी चूत में एक साथ घुसेड़ दी.. जिसके कारण में ज़ोर से चिल्लाई.. लेकिन उसने एक नहीं सुनी और लगातार अंदर बाहर करने लगा. मैंने अपना पानी छोड़ दिया और उसने उंगली से ही मेरी चूत में खून निकाल दिया. अब उसने अपने कपड़े उतारे और लंड मेरे हाथ में दिया और मसलने के लिये बोला.. उसके लंड की साइज 3 इंच मोटा और 8 इंच लंबा था. मैंने काफ़ी बार होस्टल गर्ल्स के साथ ब्लू फिल्म देखी थी..

में उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. इतने में ही अर्पित ने अपना पानी छोड़ दिया और मुझे वो पानी बहुत गंदा लगा और में थूकने के लिये उठी.. लेकिन उसने मुझे उठने नहीं दिया और जबरदस्ती मुझे अंदर पीना पड़ा. अब अर्पित का लंड वापस से खड़ा हो गया और मेरी चूत के पास अपना लंड टच किया और अंदर डालने लगा लेकिन वर्जिन होने की वजह से लंड अंदर नहीं जा रहा था.

अब उसने एक ज़ोर से धक्का मारा और मेरी चूत का गेट खुल गया और चीरता हुआ बच्चेदानी से जा टकराया.. मेरी तो दर्द के मारे माँ ही चुद गई. में ज़ोर से चीखी.. हाआईईईईइ.. अर्पित प्लीज नीचे उतारो और में उसको धक्का देने लगी.. लेकिन वो ऊपर होने की वजह से अपना मुँह मेरे मुँह में डालकर किस करने लगा. कुछ देर बाद मेरा दर्द कम हुआ.. तभी वो फिर से मुझे चोदने लगा. मुझे अब बहुत अच्छा लग रहा था और वो लगातार मेरे ऊपर गधे की तरह मुझे चोदे जा रहा था. उसने करीब मुझे 20 मिनट तक लगातार चोदा.. जिससे में 3 बार झड़ गई थी. उसने मेरी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया और मुझे सेक्स करके बहुत मज़ा आया. अब में उठी और चूत को देखने लगी.. उसका तो भोसड़ा बन चुका था.. पूरी खून में भीगी हुई थी.. अब भी खून निकला जा रहा था. मैंने उसके साथ 2-3 बार और सेक्स किया. लास्ट टाईम सेक्स करने के बाद उसने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया और उसके बहाने से में उससे 25000 रुपये ले आई और अपना खर्चा निकालने लगी.

उसके बाद वो मुझसे रियल लव करने लगा.. लेकिन में तो केवल चूत और पैसों के लिये काम करती थी. उसके बाद में कई लड़को से चुदी. फिर मैंने ऑफिस जॉइन किया.. सांगानेर में बिल्डर के यहाँ भी अपने बॉस के साथ चुदी और उससे तो मुझे बहुत फायदा भी हुआ. अब तक में 5 लड़को से प्रेग्नेंट होने का बहाना कर चुकी हूँ और अब में मेडिकल में मेनेजर हूँ और अब मैंने घर से भागकर शादी कर ली है.. लेकिन अभी वाला भी नामर्द निकला.. लेकिन उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि मुझे पराये लोगों से चुदवाना ज्यादा पसंद है. में आज चुदवाने जाती हूँ.. फुल पैसे के साथ, फुल मोज मस्ती.