रंगों के बीच लंड का खेल-2

Rango ke bich lund ka khel-2

भाभी: रहने दो तुम्हें तो अपनी मर्दानगी दिखाने से मतलब है ना, अपनी भाभी से नहीं

 

मै: अरे भाभी माफ कर दो ना अब

 

भाभी: पहले मेरी आंख साफ़ करो फिर देखते हैं माफी के लायक हो या नहीं

भाभी मुंह धो कर वापस आईं, और मेरे पास आकर बैठ गईं और बोलीं चलो लग जाओ काम पर,

 

मै: चलो अपनी उंगली से आंख को ठीक से खोलो

 

भाभी: तुम ही करो मेरे से नहीं होगा

 

मै: मेरे से भी नहीं बनेगा

 

भाभी: मुझे नहीं पता कुछ भी, जल्दी से करो

 

मै: ठीक है कोशिश करता हूं

फिर मैने झिझकते हुए उनके गाल पर हाथ रखा और उनकी आंख खोली , और भाभी ने एक लम्बी सांस भरी

 

भाभी: कुछ दिखा?

 

मै: नहीं दिख रहा

 

भाभी: इतनी दूर से क्या दिखेगा पास में आओ

 

मै पास गया

 

भाभी: अरे शर्मा क्यों रहे हो रंग लगाने के लिए तो उपर चढ़ गए थे, और पास आओ तब दिखेगा ठीक से

 

मै थोड़ा और पास गया

 

भाभी: तुम शरमाते है रहो, मै ही पास आती हूं

 

और भाभी मेरे से चिपक कर बैठ गईं, उनकी जांघ मेरी जांघ से लगी हुई थी और मुझे थोड़ा अजीब लगा इतने में उन्होंने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया मेरे अंदर करंट सा दौड़ गया और मै झिझकने लगा क्योंकि वो मेरी भाभी थी।

 

मै: भाभी कुछ भी तो नहीं है आपकी आंख में

 

भाभी: ठीक से देखो ज़रा

 

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मै: नहीं, कुछ भी नहीं है, आप जाओ नहा को फ्रेश लगेगा और जो भी होगा शायद निकल जाएगा

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भाभी: क्या नहा लो, इटन रंग लगाया है तुमने उसको साफ़ करते करते पूरा दिन निकल जाना है

 

मै: हां तो आपने कौन सा कम लगाया है, मुझसे तो साफ़ भी नहीं होगा अब आपसे ही साफ़ कराऊंगा

 

भाभी: अच्छा जी और हो तुमने यहां वहां रंग लगाया है मुझे, उसका क्या वो क्या तुम साफ़ करोगे

 

मै: आपने ही शुरुआत की थी, आपने भी तो ऐसी जगह रंग लगाया है फिर आप उसको साफ़ करो

 

भाभी: अच्छा जी, अब अगर मुझे ही साफ़ करना है तो रुको और लगा देती हूं

मै: नहीं भाभी और नहीं

 

और वो रंग लेने जा ही रही थी कि मैने उनका हाथ पकड़ लिया,

 

भाभी: मेरा हाथ छोड़ो अभी बताती हूं तुम्हे

 

मै: नहीं और नहीं अब

 

और वो हाथ छुड़ाने लगी, और ऐसा करते हुए खींचातानी में हम फिर से नीचे गिर गए (शायद उन्ही ने जान के गिराया था), इस बार मै नीचे था और वो मेरे ऊपर, उनकी चूत मेरे जांघ पर थी और मेरा लंड उनकी नाभि पर। हमारी नज़रें फिर से मिलीं और वो मेरी आंखो में ही देख रही थीं अचानक से मेरी नजर उनकी चुचियों पर गई जो कि उनके ब्लाउज में से झांक रही थी। और चूचियों की झलक से मेरा लंड खड़ा होने लगा और उनकी नाभि में घुसने लगा। भाभी को मेरा लंड अच्छे से महसूस हो रहा था पर उन्होंने उठाने की कोशिश नहीं की और मेरी आंखो में ही देखती रहीं, फिर वो लंबी सांस भरने लगी।

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अब मेरे अंदर की हवस भी बढ़ने लगी और मैने उनको कस के पकड़ लिया और अपने पैरों से उनके पैर को बांध लिया उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। मुझे लगने लगा कि उनको भी यही चाहिए है तो मै भी नहीं रुको और उनके होंठो पर अपनी जीभ से सहलाने लगा, और उन्होंने अपना मुंह खोल दिया। फिर मैने भी अपनी जीभ अंदर डाल दी और किस करते हुए उनके होंठ चूसने लगा इधर भाभी भी अपनी नाभि को मेरे लंड पर रगड़ने लगीं।

 

फिर मैने अपना एक हाथ उनकी गान्ड पर रखा और मसलने लगा और वो लम्बी सांसे भरने लगीं। फिर धीरे से मैने अपना हाथ उनकी साड़ी के अंदर डाला और गान्ड के छेद को रगड़ने लगा वो मेरे मुंह के अंदर अपनी जीभ घुमा रही थी।

 

फिर मै उनको गोद में उठा कर बाथरूम में ले गया और शॉवर चालू कर दिया और वो मेरे होंठ चूसने में लगी हुई थी। फिर मैने उनके ब्लाउज का हुक खोल कर चूचियां आज़ाद कर दीं। और दोनों हाथों से उनकी चूचियां मसलने लगा और वो आह उफ़ करने लगी जिससे मै और उत्तेजित हो गया और मैने उनकी साड़ी खोल कर उनको नंगा कर दिया। फिर भाभी ने मुझे धक्का दे कर मेरे कपड़े उतारने लगी और कुछ ही पल में मै भी नंगा हो गया ।

 

अब मैने भी उनको धक्का देकर दीवार से लगा दिया और फिर से चूचियां मसलते हुए होंठ चूसने लगा। उधर मेरा लुनद उनकी चूत और नाभि के बीच नाच रहा था फिर मैने अपना एक हाथ नीचे करके उनकी चूत रगड़ने लगा और वो उत्तेजित होकर मेरे लन्ड को मसलने लगी । अब मैने भी अपनी उंगली उनकी चूत में डालती दी उंगली से चोदने लगा, और वो आह आह करके मज़े ले रही थी।

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अब मुझसे रहा नहीं गया और मैने उनकी टांगों को गोद में लेकर उनकी चूत में लंड पल दिया और वो ज़ोर से चिल्लाई “आह्ह रिकी आराम से करो” पर मै उनकी एक ना सुना और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा वो मज़े से चुदवा रही थी अब कुछ देर चोदने के बाद मैने उनको घुमा कर पीछे से उनकी चूत में लंड  डाल कर चोदने लगा, ऐसे ही 15-20 मिनट चोदने के बाद मेरा माल निकलने वाला था मैने बोला भाभी “अंदर ही निकाल दूं” तो भाभी बोली “नहीं मै अपने मुंह में लूंगी”

 

और वो नीचे बैठ गई और मुंह में लंड लेकर चूसने लगी, करीब 5 मिनट चूसने के बाद मैने अपना माल उनके मुंह में निकाल दिया और सारा पी भी गई,

 

फिर मेरा फोन बजने लगा और हमें अपनी चुदाई वहीं रोकनी पड़ी

 

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