बेटे के दोस्त का डिक देख कर मेरी पुसी मचलने लगी

(Bete Ke Dost Ka Dick Dekh Kar Meri Pussy Machalne Lagi)

मेरा नाम करिश्मा है और मैं मुज्जफरपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 30 साल है और मैं शादीशुदा महिला हूँ | मेरे पति का नाम अभिशेख है और वो आर्मी में जॉब करते हैं | मेरे पति की उम्र 36 साल है और हमारी एक बेटा है जो कि अभी स्कूल में कर पढाई करता है | दोस्तों ये जो घटना आज मैं आप लोगो के सामने बताने जा रही हूँ ये मेरी एक दम सच्ची कहानी है पर उससे पहले मैं आप लोगो को बता दूं कि मेरा बेटा अभी 9वी कक्षा में है और ये कहानी उसके दोस्त के साथ मेरे द्वारा बनाये गए सम्बन्ध से है | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए अपनी कहानी लिखना चालू करती हूँ | Bete Ke Dost Ka Dick Dekh Kar Meri Pussy Machalne Lagi.

ये घटना तब की है जब मेरा बेटा टीनू 7वी कक्षा में पढता था | मैं एक गृहणी हूँ और मेरे पति आर्मी में हैं तो ज्यादा समय वो बाहर ही रहेते हैं | एक बार की बात है मेरे पति घर आये हुए थे और तब मैं बहुत खुश थी क्यूंकि मुझे जी भर के चुदने का मौका जो मिला था | मेरे पति एक महीने की छुट्टी ले कर आये थे | हम दोनों ने जी भर कर चुदाई किये लेकिन जब उनके जाने की बारी आई तब मेरी आँख में बहुत आँसू थे क्यूंकि मैं जानती थी कि अगर वो गए तो पता नहीं मुझे कब चुदाई नसीब होती | मेरे बेटे का एक बहुत अच्छा दोस्त है जिसका नाम मंटू है और वो मेरे बेटे की ही क्लास में पढता है |

वो दोनों बहुत जिगरी दोस्त हैं और मंटू का घर हमारे घर से बस एक किलोमीटर पीछे है और जब भी वो दोनों स्कूल जाते तो वो पहले हमारे घर आता और उसके बाद वो दोनों साथ में निकल जाते | मंटू एक बहुत ही अच्छी फमिली से है और उसका व्यवहार बहुत अच्छा है | जब भी वो घर आता है तो मेरे पैर छू कर नमस्ते करता है और मेरे किसी भी काम को बिलकुल मना नहीं करता है | मैं भी मंटू को बड़े प्यार से रखती हूँ और उसका ख्याल भी रखती हूँ बिलकुल वैसे ही जैसे मैं अपने बेटे को रखती हूँ | एक दिन की बात है मैं नहा रही थी और मैंने अपने बेटे को किसी काम से भेजा हुआ था और मुझे पता था कि अभी वो एक घंटे तक नहीं आने वाला था | यही सोच कर मैं नहाने चली गई |

जब मैं नहा रही थी तो दरवाजा भी खुला हुआ था | तभी मंटू की आवाज़ आई तो मैंने दरवाजा लगा लिया और उससे अन्दर आने को कहा | जब वो अन्दर आया तो उसने मुझसे पुछा कि विनीत है क्या ? मैंने कहा नहीं बेटा तुम रुको वो आता ही होगा | उसने कहा ठीक है | मैं भी नहाने लगी | नहाते वक़्त मुझे पता नहीं ऐसा क्यूँ लग रहा था की कोई है | पर मैं कुछ नहीं बोली | मुझे लगता था कि मंटू अच्छा लड़का है वो ऐसा नहीं करेगा | जब मैं नहा कर निकली तो एक कदम बाहर निकालते ही मुझे कुछ चिपचिपा सा महसूस हुआ | मैंने नीचे देखा तो वीर्य जैसा कुछ था | मैंने उसे हाँथ में लिया और चाट कर देखा तो वो सच में वीर्य ही था | लेकिन इतना सारा वीर्य | फिर मैं बाहर गई तो मंटू भी नही था | मैं समझ गई कि ये मंटू ही होगा |                  “Bete Ke Dost Ka Dick”

मुझे ऐसी उम्मीद तो नहीं थी लेकिन उसका इतना सारा वीर्य देख कर मैं सोच में पड़ गई कि जब वीर्य इतना सारा निकाला है तो उसके अन्टोले कितने बड़े होंगे और लंड कितना बड़ा होगा | यही सोच कर मेरी पेंटी गीली हो गई | तब मुझे बहुत ख़राब लगा क्यूंकि वो मेरे बेटे का दोस्त भी है | खैर मैंने जैसे तैसे उसके ऊपर से ध्यान हटाया और खाने का बंदोबस्त करने लगी | तभी विनीत भी आ गया | जब वो आया तो साथ में मंटू भी था | मैंने मन में सोचा कि ये तो यहाँ नहीं था फिर इतनी जल्दी ये इसके साथ कैसे आ गया | विनीस ने मुझसे कहा मम्मी मैं नहा कर आता हूँ | मैंने कहा ठीक है | जब वो नहाने गया तो मैंने मंटू को बुलाया और उससे पुछा कि तुम यहाँ से कब गए थे |     “Bete Ke Dost Ka Dick”

उसने कहा आंटी जब आपने मुझे बैठने को कहा था तभी मैं निकल गया था | मैंने उससे कहा देखो मैं किसी को कुछ नहीं बोलोंगी लेकिन मुझे तुम सच बताओ | उसने कहा सच में आंटी मैं सच बोल रहा हूँ | आप मेरा यकीन मानिए | मैंने कहा चल ठीक है चल मेरे साथ ऊपर | मैं उसे ऊपर ले कर गई और उसे नंगा होने के लिए कहा तो शर्माने लगा | मैंने कहा शर्मा मत बस तू नंगे हो | जब वो नंगा हुआ तो मैं एक दम से सिहर गई | एक सातवी क्लास के बच्चे का लंड एक आदमी जितना कैसे हो सकता है | उसका लंड करीब 7 इंच लम्बा और काफी मोटा था | मैंने उसकी अंडरवियर को उतार कर छू कर देखा तो हिस्सा कड़क हो गया था | मैंने उससे कहा देख अब तो तेरी अंडरवियर ने भी बता दिया कि तू ही होगा तो सच बता दे | तो उसने कहा आंटी जी आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो और मैं रोज आपको याद करके मुट्ठ मारता हूँ | ये सुन कर मैं दंग रह गई कि आज कल के बच्चे इतने ज्यादा तेज हो गए है | मैंने उससे कपड़े पहनने को कहा और नीचे जाने को |        “Bete Ke Dost Ka Dick”

जब मैं किचिन में वापस आई तो मेरे दिमाग में बस उसी का लंड घूम रहा था | अब मेरा नजरिया उसके प्रति एक दम बदल गया था और मैं किसी भी कीमत में उसका लंड अपनी चूत के अन्दर लेना चाहती थी | एक दिन की बात है सन्डे का समय था और मेरे बेटे की तबियत ख़राब थी | तभी मंटू भी आ गया | मैंने विनीत को दवा दे कर सुला दी थी | मंटू को मैंने बहाने से अपने रूम में बुलाया और उससे कहा कि तू सच में मेरे नाम की मुट्ठी मारता है ? तो उसने कहा हाँ आंटी लेकिन ये आप कितने बार पूछोगे | तो मैंने अपना गाउन उतार कर उससे कहा अब देख मुझे सामने और अब मेरे सामने मुट्ठ मार | वो तुरंत ही नंगा हो गया और उसका लंड देख कर मैं खुद को रोक नहीं पाई |       “Bete Ke Dost Ka Dick”

मैं तुरंत ही अपने घुटनों के बल जमीन पर बैठ कर उसके लंड पर अपनी जीभ फेरते हुए गीला करने लगी तो उसके मुंह से सिस्कैर्याँ निकलने लगी | मैं उसके लंड को कुल्फी की तरह चाट रही थी और वो मस्त हो कर सिस्कारियां ले रहा था | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी तो वो धीरे धीरे नीचे से धक्के लगाने लगा |  फिर मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और जोर जोर से उसके लंड को चूसने लगी तो वो सिस्कारियां लेते हुए मेरे मुंह में ही झड़ गया | मैंने उसका सारा गाढ़ा पानी पी गई | उसके बाद मैंने उसे उठाया और उसके होंठ से अपने होंठ लगा कर उसके होंठ को चूसने लगी तो वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को काटते हुए चूसने लगा |

किस करने के बाद मैंने अपनी ब्रा और पेंटी दोनों को उतार दी और अपने मम्मे उसके मुंह से लगा दी तो वो किसी छोटे बच्चे की तरह मेरे मम्मों को चूसने लगा जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था और मेरे मुंह से सिस्कारियां भी निकल रही थी | वो मेरे दोनों मम्मों को बारी बारी से बड़े मजे के साथ चूस रहा था और निप्पलस को भी खींच रहा था जिससे मेरी उत्त्जेना बढ़ते जा रही थी | मैं लगातार सिस्कारियां ले रही थी | उसके बाद मैंने उसके लंड को फिर से एक बार चूस कर खड़ा कर दी | अब मैं बिस्तर पर लेट गई और अपनी टांगे चौड़ी कर के उसे चूत चाटने को कहा | मैं हमेशा अपनी चूत साफ रखती हूँ | वो मेरी चूत के अन्दर तक अपनी जीभ घुसेड कर चाट रहा था और मैं उमह उः आहा उन्ह आहा मेरे राजा अच्चे से चाट चूत को ओह्ह्ह उह अहाना अहं मजा आ रहा है |                    “Bete Ke Dost Ka Dick”

वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरे चूत के दाने को भी चूस रहा था और मैं सिस्कारियां लेते हुए उसके मुंह को अपनी चूत पर दबा रही थी | उसके बाद मैंने उसे लंड मेरी चूत में डालने को कहा तो उसने तुरंत ही मेरी चूत में अपने लंड को डाल कर चोदने लगा और मैं भी मजे ले कर चुदवाने लगी | वो जोर जोर से धक्के लगाते हुए मुझे चोद रहा था और मैं भी अपनी कमर हिला हिला कर चुदाई के मजे ले रही थी | कुछ देर की चुदाई के बाद उसने अपना सारा माल मेरी चूत के अन्दर ही झड़ा दिया |                      “Bete Ke Dost Ka Dick”