मामी के साथ कामुक रात

Mami ke saath kamuk raat

हेलो दोस्तों, मेरा नाम संजय है और मैं एक शादीशुदा ३४ साल का आदमी हु. ठरकी तो मैं १४ साल की उम्र से ही हु, लेकिन मेरा पहला सेक्स मुझे १९ साल की उम्र में करने को मिला, जब मैं अपनी मामी के यहाँ रह कर कोचिंग कर रहा था. दोस्तों, बात उस समय की है, जब मैं इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए कोटा गया था. किस्मत से मेरे मामा का कुछ महीनो पहले ही कोटा ट्रान्सफर हुआ था. वो एक बैंक में है. मैंने काफी मना किया, लेकिन मामा – मामी नहीं माने और मुझे उनके घर पर ही रहना पड़ा. मामी – मामी की शादी को करीब १० साल हो चुके थे. लेकिन उनको कोई बच्चा नहीं था. मैं उनके घर शिफ्ट हो गया था और पढाई में बीजी हो गया.

मामी के घर रहने के कारण, मैं घर के काम में उनकी मद्दत करनी शुरू कर दी, जैसे उनके साथ मार्किट जाना या कुछ काम कर देना.. क्योंकि मामा के पास कुछ खास समय नही होता था. एक बार, मामा २ दिन के लिएबाहर गये हुए थे. मेरा मन नहीं लग रहा था घर और मैं टीवी के सामने बैठा हुआ था. मामी किचन में थी और जब उन्होंने बाहर आ कर मुझे देखा, तो भांप गयी, कि मैं आज बोर हो रहा हु. उन्होंने कहा – संजू, आज मेरा खाना बनाने का मन नहीं है. ये भी नहीं है. तो चल बाहर खाना खा कर आते है. काफी समय से कोई मूवी भी नहीं देखी है. चल रात का शो देखते है और डिनर भी कर आयेंगे.

हम लोग शाम को ही बाहर निकल गये और मॉल पहुच गये. मैं टिकेट की लाइन में लग गया और मामी मॉल के ओपन एरिया में बैठ गयी और वहां बच्चो को खेलते हुए देखने लगी. मैं जैसे ही टिकेट लेकर आया और मामी को उदास देखा, तो पूछा क्या हुआ? उन्होंने झूठी स्माइल के साथ कहा – कुछ नहीं और मेरे साथ चली गयी. मैंने कॉमेडी मूवी की टिकेट ली थी. तो मेरा मुद फ्रेश हो गया था उनका भी कुछ मुद ठीक सा लगा. मुझे लगा, कि उन्हें मामा की याद आ रही होगी. तो डिनर करते हुए, मैंने उनके हाथ पर अपना हाथ रख दिया और बोला – कुछ भी हो, आप मुझे बता सकती हो?

मेरे हाथ की गरमाहट को महसूस करके, वो एकदम से टूट गयी और उनकी आँखों से आंसू निकलने लगे और वो बोली – संजू, जब भी मैं बच्चो को देखती हु. तो मुझे अपने अधूरेपन का अहसास होने लगता है. मैंने कहा – आप इलाज करवा लो.. चेक उप करवा लो. वो बोली – देखा ना… तुमभी मुझे में ही कमी माप रहे हो. हम सब करवा चुके है. कमी मुझमे नहीं, तुम्हारे मामा में है. लेकिन मैं उनको बता नहीं सकती. वरना वो टूट जायेंगे. ओह.. मेरे मुह से निकला. फिर शायद वो होश में आई और उन्होंने अपना हाथ मुझसे छुड़ा लिया. आपको मैं अपनी मामी के बारे में बता दू. वो एकदम गोरी… मस्त गरम फिगर वाली ३४- ३२-३६ वाली है.

वो इतनी सेक्सी और गरम है, कि मैंने उनके पड़ोस में रहने वाले मर्दों उनके घर में तांक – झांक करते हुए कई बार देखा है और जब भी वो चलती है.. तो उनकी हिलती गांड को देख कर लोगो का दिल धक् रह जाता है. मेरे मन में कुछ गलत नहीं था. लेकिन पता नहीं क्यों, आज उनके हाथ को पकड़ते वक्त मैंने अपने लंड पर हलचल महसूस की. मेरे लंड का टोपा गीला हो चूका था. हम दोनों घर वापस आ गये और एकदम चुपचाप थे. कोई भी बात नहीं कर रहा था.

हम घर वापस आये और अपने – अपने कमरों में चले गये, बिना कुछ बोले हुए. मुझे नीद नहीं आ रही थी, तो मैं ड्राइंगरूम में आ गया और टीवी चालू कर लिया. टीवी की आवाज़ सुनकर मामी भी बाहर आ गयी और बोली – क्या हुआ? मैंने उनको देखा, मैं तो बस उनको देखता ही रह गया… क्या गजब की लग रही थी वो… एकदम ट्रांसपेरेंट मेक्सी पहनी थी और शायद उन्होंने अन्दर कुछ भी नहीं पहना हुआ था. उनके बूब्स की शेप देख कर मेरा लंड तो एकदम से तन गया और उसका उभार मेरे शोर्ट में से नज़र आने लगा.

मामी ने वो नोटिस कर लिया और मुस्कुरा दी. मुझे लगा, कि आज मामी किसी और मूड में है और अब तक मेरे सेक्स का शैतान भी जाग चूका था. मामी ने पूछा – कॉफ़ी पियोगे या कुछ और? मैंने कहा – हाँ. मामी किचन में चली गयी. ५ मिनट में मुझे कुछ समझ आया और मैं उनके पीछे किचन में दौड़ा और उनको पीछे से कस कर पकड़ लिया. वो चौंकने का नाटक करते हुए बोली – संजू.. तुम. क्या कर रहे हो? और बोलने लगी हटो, चलो हटो… मामा से बोल दूंगी… उनके शब्द और उनकी हरकते बिलकुल भी मैच नहीं कर रही थी. वो बोल तो रही थी, लेकिन छुटने की कोई कोशिश नहीं कर रही थी.

मैंने उनको और भी जोर से जकड लिया और उनकी गर्दन अपने दातो से काट लिया. वो सिसकार उठी, बहुत जोर से… आआआआआअ आआआआआआ और उन्होंने हाथ पीछे की और बढ़ा कर मेरे बालो में घुसा दिए और उसको सहलाने लगी. मेरा लंड एकदम से तन्न चूका था और मैं उसमे दर्द महसूस कर रहा था. मेरा लंड उनकी गांड की दरार में घुसा हुआ था और वो भी अपनी गांड को मेरे लंड पर रगड़ रही थी. मुझ से अब बर्दाश्त ही नहीं हो रहा था.

मैंने एकदम से उनको पलटाया और उनके चेहरे को पकड़ लिया और उनको होठो को काट लिया. उनके मुह से आआआआआआआआअ आआआआआआ निकल पड़ी और उन्होंने एक प्यार भरा थप्पड़ मुझे मार दिया और बोली – आराम से. कोई नहीं है यहाँ… कोई जल्दी नहीं है. लेकिन, मैं तो बहुत बैचेन हो चूका था और मैंने उनको कस कर अपनी बाहों में दबा लिया और उनको होठो को अपने होठो में दबा कर किस करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी थी. करीब १० मिनट तक किस करने के बाद, उन्होंने अपने हाथ को नीचे करके मेरे लंड को शोर्ट के ऊपर से पकड़ लिया.

वो बोली – हाय रे संजू…. इतना बड़ा और इतना गरम…. मैंने देर नहीं की और एकदम से अपना शोर्ट उतार दिया. मैंने अंडरवियर नहीं पहना हुआ था. मेरा ९ इंच का लंड उनके सामने झूल रहा था. उन्होंने मेरे लंड को एकदम से पकड़ लिया और उनके मुह से आआआआआ छुट गयी. मैंने उनकी मेक्सी को ऊपर से खीच कर निकाल दिया और उनको नंगा कर दिया और खुद भी नंगा हो गया. फिर, मैंने उनको दबा कर नीचे बिठाया और अपनी गांड हिला कर उनके मुह पर अपने लंड को रगड़ने लगा.

मैंने अपने लंड को उनके होठो पर लगा दिया. वो मेरी मंशा समझ गयी और बोली – नहीं संजू. चुसुंगी नहीं. मुझे गन्दा लगता है. मैंने भी उनको फ़ोर्स नहीं किया, लेकिन कहा – एक – बार करके लंड को सिर्फ गीला कर दो. उन्होंने मेरे कहने पर मेरे लंड को मुह में रख लिया. मैं तो बस इसी मौके के इंतज़ार में था. मैंने उनके बालो को पकड़ा और एकदम से जोर का झटका मार दिया. मेरा लंड उनके गले तक चले गया और उनके मुह से घु – घु – घु करके आवाज़ निकलने लगी. उनकी सांस रुकने लगी और वो मुझे लंड निकालने का इशारा करने लगी.

लेकिन मैं भी नहीं माना और करीब ५- ६ जोर के शॉट मारे और फिर लंड को बाहर निकाल लिया. उनकी हालत मारने जैसी हो गयी थी और मेरे लंड के बाहर आते ही, वो बाहर जाने लगी. मैंने उनको पकड़ लिया. वो बोली – संजू नहीं. तुम बहुत बेदर्द हो. मैंने कहा – इसी दर्द का तो मज़ा है और उनको गोद में उठा कर उनको किचन के प्लेटफार्म पर बिठा दिया और उनके पैरो को खोल दिया. वह… क्या गजब की चूत थी… एकदम गोरी और गुलाबी… एक भी बाल नहीं… एकदम चिकनी… शायद वापस आने के बाद.. मामी ने साफ़ की थी.

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मेरे मुह से तो लार टपकने लगी और मैंने नीचे झुक कर एकदम से अपना मुह उनकी चूत में लगा दिया. वो तड़प उठी और बोली – नहीं संजू… नहीं. मत करो प्लीज…  नहीं… उन्होंने अपने हाथ मेरे बालो में घुसा लिए और अपने हाथो से मेरे सिर को दबाने लगी. वो बोल रही थी… नहीं संजू… प्लीज मत करो… अब बर्दाश्त नहीं हो रहा अह्हहहहः अहहहहः … और मेरे सिर को अपनी चूत में दबा रही थी. करीब ५ मिनट के बाद, उसका शरीर तेजी से चलने लगा. मुझे लगा की और नहीं करना चाहिए. मैंने उनको पीछे धक्का दिया.. और प्लातेफ़ोर्म पर लिटा दिया और उनके पेरो को खीच कर अपने कंधे पर रख दिया.

फिर मैंने अपने लंड को अपने हाथ में लेकर उनकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया. मेरे लंड के लगते ही, उनके मुह से सिसिसिसिसिसिसी सिसिसिसिसिसिसी आहाहहहः उम्म्म्मम्म्म्म निकलने लगा और वो अपनी गांड हिलाने लगी. मैं उनका इशारा समझ गया और एक ही बार में जोर का धक्का लगा दिया. मेरा लंड का सिर्फ टोपा अन्दर गया और वो जोर से चीख पड़ी आआआआआआआ … कर कर रहा है… मेरी चूत जल रही है आआआआआआअ मर गयी…. मार डाला रे माँ…. संजू… निकाल इसे…. बहुत दर्द हो रहा है. मैंने उनकी बात नहीं सुनी और अगले धक्के के साथ अपना आधा लंड उनकी चूत में बाड़ दिया.

वो दर्द से चिल्ला रही थी. लेकिन मैं नहीं सुन रहा था और फिर तीसरे धक्के में मेरा पूरा लंड उनकी चूत में था. अब तो वो मेरी गर्दन को अपने टांगो में दबाने लगी. लेकिन, मैंने अपने हाथो से उनकी टाँगे खोली और जोर के धक्के देने लगा. मैं बहुत गरम था और अब बस आना चाहता था. मैंने कुछ जोरदार धक्के मारे और कुछ ही देर में मेरी स्पीड तेज हो गयी. अब मामी को भी मज़ा आने लगा और वो बोलने लगी…चोद मुझे संजू… शादी के बाद, पहली बार किसी मर्द का लंड मिला है इस चूत को… फाड़ डाल आज रात को…

उनकी आवाजो से मेरा जोश बड़ने लगा और कुछ ही देर में अपना गरम लावा उनकी चूत में छोड़ दिया. उनका शरीर भी ढीला पड़ चूका था. मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला, तो देखा कि उनकी चूत फट गयी थी और खून बहने लगा था. मामा का लंड मेरे लंड का आधा ही था.. ये मामी ने मुझे बताया. उस समय वो ३ बार झड़ चुकी थी. मेरे लंड बाहर निकालते हुई, तो प्लेटफार्म से उतरी, मुझसे चिपक गयी. १० मिनट चिपके रहने के बाद, उन्होंने मेरे होठो पर किस किया और मुझे थैंक यू बोला.

फिर मैंने उनको गोद उठाया और उनके बेडरूम में ले गया और फिर से उनको चोदा. पूरी रात में मैंने उनको ४ बार चोदा और पता नहीं कितनी बार वो झड़ी. हम सबह तक चुदाई करते रहे और अपने – अपने कमरों में जाकर सो गये. क्योंकि मामा जी कभी भी आ सकते थे. फिर १ हफ्ते तक मैंने हर रात मामी की चुदाई की और १५ दिन बाद, उन्होंने मुझे बताया, कि वो माँ बनने वाली है. मामा और मामी दोनों बहुत खुश थे. मामी ने मुझे अकेले में ले जाकर थैंक कहा. फिर मेरा इंजीनियरिंग में एडमिशन हो गया और मैं वहां से चले गया.

अब भी हम जब मैं मामी से मिलता हु, तो हम उस कामुक पहली चुदाई की रात को जरुर याद करते है. उनको बेटा हुआ और वो बिलकुल मेरे जैसा है. अब वो १४ – १५ साल का है. लेकिन ये सिर्फ मैं और मामी ही जानते है, कि वो मामा का नहीं मेरा बेटा है. दोस्तों, तो ये है मेरी और मेरी मामी की चुदाई की कहानी. मेरी मामी प्यासी थी और परेशान… मैं उस रात उनको चोद कर उनकी १० साल से प्यासी चूत को सेटइसफाई किया और उनको माँ भी बना दिया…

जो भी भाभी या आंटी मेरी मामी की तरह प्यासी हो और अपने पति में कमी की वजह से माँ नहीं बन पा रही हो. वो मुझे कमेंट के माध्यम से मिल सकती है. इस उम्र में भी मेरे लौड़े में बहुत दम है और ये मैं नहीं कह रहा हु, मुझसे से चुदवाने वाली हर औरत और लड़की मुझे यही कहती है और मैं बुड्डा होने की बजाय और भी जवान होता जाता हु.