पडोस के लड़के से तोड़वाई अपनी सील-2

Pados ke ladke se tudwaai apni seal-2

मैंने उससे कहा – मैं तो तुम्हें बहुत पहले से चाहती हूँ, लेकिन मैं डरती थी क्योकि तुम किसी लड़की को लाइन नही देते हो , तो मुझे कैसे लाइन दोगे।  इसलिए मैंने तुम्हे पहले प्रपोस नही किया। मैंने उससे कहा – तुम मुझे किस  कर सकते हो??  तो उसने कहा – “अब जब प्यार किया है,  तो खाली किस से काम नही  चलेगा”।  मैंने जानकर कहा – मतलब ??  तो प्रतीक ने कहा – क्या मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर सकता हूँ??  तो पहले मैंने थोड़ा मना किया लेकिन प्रतीक ने  मुझे मनाने के लिए बहुत कोसिस की। तो मैं मान गयी। उसे क्या पता था कि ये  सब तो मेरा प्लान था। जब प्रतीक ने मुझसे मेरे चुदाई  के लिए मुझे मना रहा  था,  तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मैंने उससे कहा – प्रतीक क्या तुम मेरे बर्थडे पर मुझे अपना पहला लिप से  लिप  वाली किस दे सकते हो??  मेरे कहने के तुरंत बाद ही उसने मुझे बेड पर बिठा  दिया और मेरे होठो को इमरान हाशमी की तरह से मेरे पतले और रसीले होठो को  चूसने लगा। मैं भी उसके होठो को मस्ती के साथ चूसने लगी थी। प्रतीक ने मेरे  निचले होठो को अपने धारदार दांतो से काट कर मुझे उत्तेजित कर  रहा था।  उसमे इस हरकत से मैं सिहिल जाती और उसको और भी जोर से पकड़ कर उसके रसीले  होठो को पीने लगती। मैं बहुत जोश में  थी मैंने अपने जीभ को प्रतीक के मुह में डाल दिया और वो मेरे जीभ को चूस चूस कर मेरे जीभ को पीने लगा। मैं भी  उसके होठो और उसके जीभ को मस्ती के साथ पीने लगी।

लगातार 20 मिनट तक मेरे होठो को चूसने के बाद प्रतीक मेरे बूब्स को अपने  हाथों से मसलने लगा। मेरे बूब्स को प्रतीक बहुत बेरहमी से दबा रहा था। और  मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर मेरी चुचियों को मसलने के बाद उसने मेरे  टॉप को निकल दिया और मेरे गोर गोर , सॉफ्ट और दूध से भरी हुई चुचियों को  ब्रा के ऊपर ही दबाने लगा। थोड़ी देर बाद उसने मेरे ब्रा को भी निकल दिया। और  मेरे मम्मो को बड़ी मस्ती से दबा कर पीने लगा। मेरा तो जोश से बुरा हाल हो रहा था,  मैं बहुत कामुक हो रही थी। प्रतीक ने मेरे निप्पल को अपने दांतों से काट काट कर मेरे निप्पल को पी रहा था।
वो लगातार मेरे मम्मो को पी रहा था, और साथ में मेरे कमर पर अपना हाथ भी फेर रहा था। मैं और भी कामुक हो रही थी। मैं अपने शरीर को ऐंठते हुए सिसक रही थी।
बहुत देर तक मेरी चुचियों को पीने के बाद वो मेरी चुचियों से नीचे बढ़ने लगा  और धीरे धीरे मेरी नाभि के पास पहूंच गया। उसने मेरी नाभि को अपने  जीभ से  बहुत देर तक चाटा फिर उसने मेरे सलवार की नारे को धीरे से अपने हाथों से खींच जिससे मेरे सलवार का नारा खुल गया और मेरे सलवार के नारे को खुलते ही  उसने मेरे सलवार को नीचे करके मेरी सलवार को निकल दिया। और मेरी पिंक पैंटी को अपने जीभ से चाटने लगा।  मेरी पैंटी को चाटने के बाद उसने मेरे पैंटी  को निकाल दिया और मेरे चिकने और मुलायम जांघ को सहलाते हुए मेरे चूत की गुलाबी दाने को अपने हाथों से रगड़ने लगा। मै बहुत ही जोश में आ गई थी जिससे  मैंने अपने हाथों से ही अपने चूत को मसलने लगी।
बहुत देर तक मेरे चूत को रगड़ने के बाद उसने मेरे  चूत को को चाटने लगा, और  अपनी जीभ को मेरे फुद्दी में डालने लगा। जिससे मैं अपने बदन को सिकोड़ते हुए  मैं ,.…….आह आह आह…. उह उह  …. उफ़ उफ़ उफ़ उफ़…… अह आह .. ….. करके सिसकने लगी।

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वो मेरी चूत को किसी आम की तरह से चूस रहा था। जिस तरह से आम  को चूसने स सारा अंदर का माल निकल आता ही उसी तरह लग रहा था कि अभी मेरी  चूत के अंदर का सारा माल बाहर निकल आयेगा। कुछ देर लगातार मेरी  चूत को  पीने से मेरी चूत ने अपने पानी को रोक नही पाई और मेरी चूत से नमकीन पानी  निकलने लगा। मेरी चूत के नमकीन पानी को प्रतीक ने अपने मुह से खीचते हुए  सारा पानी पी गया।
मेरे चूत के पानी को  पीने के बाद उसने अपने पेंट को खोला और अपने बैगन की  तरह मोटे और लंबे लण्ड को निकाला। मैंने उसके लण्ड को अपने हाथो में पकड़  लिया। उसका लण्ड काफी मोटा था क्योंकि वो मेरे हाथों में नही आ रहा था। मैंने उसके लण्ड को चूसने के लिए अपने मुह में रख लिया। बहुत ही मज़ा आ रहा था उसके लैंड को चूसने में। मैं उसके लैंड को पूरा मुह के अंदर के  लेती थी जिससे प्रतीक को बहुत मज़ा आता था। बहुत देर उसके लैंड को चूसने के बाद मैंने प्रतीक के लैंड को अपने मुह से बाहर निकल दिया
फिर उसने मेरी चूत बजाने के लिए मुझे आधे बेड पर लिटा दिया और खुद खड़ा  था। उसने मेरे पैरों को उठा दिया और अपने लंड को मेरी चूत और पटकने लगा।  जिससे मैं बहुत जोश में आ गई , फिर उसने धीरे धीरे से अपने लण्ड को मेरी  चूत के दाने में लगा के धकेलने लगा। मैं तो कामोत्तेजन से पागल हो रही थी। कुछ देर बाद प्रतीक ने अपने लंड को पहली बार मेरी चूत में घुसा दिया। जैसे  ही मेरी चूत में प्रतीक लण्ड घुसा मेरी चूत से खून की कुछ बुँदे भी निकलने लगी।

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मेरी चूत का सील अभी तक नही टुटा था। लेकिन आज मैंने अपनी सील  तुड़वाली। प्रतीक ने मेरी चूत को पोछा और फिर से मेरी फुद्दी को बजाने लगा। वो मेरे बुर को फाड़ने में लगा हुआ था। और मैं दर्द से …आह आह अह………. उह उह ऊह…… माँ माँ माँ ……आराम से आराम से अहह अहह ….उफ़ उफ़ उफ़ …… करके चिल्ला रही थी और मेरी चूत से चट चट चट की आवाज़ आ रही थी। प्रतीक मेरी चूत में लगातार अपने लण्ड को डाल रहा था, उसका लंड  कभी अंदर तो कभी बाहर।  मेरी चूत तो फटी जा रही थी। लेकिन चुदाई का मज़ा ही  अलग होता है। मैं मस्ती से अपनी कमर को उठा के चुदवाने लगी,  जिससे प्रतीक को भी मज़ा आने लगा।
लगातार 40 मिनट तक मेरी चूत बजाने के बाद , प्रतीक अब झड़ने वाला था, तो उसने अपने लण्ड को मेरी चूत से बाहर निकाल लिया,  और उसने अपने हाथों में लण्ड  को पकड़ कर मुठ मारने लगा।

लगातार कुछ देर मुठ मारने के बाद उसके लण्ड के छेद से उसका माल निकलने लगा। कुछ ही देर में उसका लण्ड ढीला हो गया।
मेरी चुदाई करने के बाद भी उसका मन नही भरा था इसलिये वो मेरे बदन को बहुत  देर तक पीता रहा और साथ साथ उसने मेरी चूत और मम्मो को भी बहुत देर तक पीता  रहा, और बहुत देर तक मुझे किस भी किया।
अब तो हम रोज एक  नये नये पोज़ मे चुदाई करते है। प्रतीक मुझे सेक्सी वेडियो  दिखा दिखा के मेरी चुदाई करता है। हम दोनों चुदाई का मज़ा लेते हुए खूब  चुदाई करते है।
मै  उम्मीद करती हूँ ,आप सभी को मेरी कहानी HotSexStory.xyz पर पसन्द आयेंगी।

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