पड़ोसी भाभियों को जमकर बजाया–7

Padosi Bhabhiyo Ko Jamkar Bajaya-7

कहानी के छठे भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैने अर्पिता और संगीता भाभी को पेला। अब कहानी आगे…………
अर्पिता भाभी की चूत में माल भरने के बाद मै थोड़ी देर बाद भाभी के जिस्म पर से उठ गया।मेरा लन्ड ठंडा पड़ चुका था। अब मैंने फिर से अर्पिता भाभी की टांगो को फैला दिया और उनकी गरमा गर्म चूत को चाटने लगा।आह! भाभी की चूत में से भीनी भीनी खुशबू महक रही थी। मैं भाभी के भोसड़े की खुशबू से पागल सा होने लगा।उनके भोसड़े से अभी भी रस नीचे बह रहा था।
मुझे भाभी के भोसड़े को चाटने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं पूरी शिद्दत से अर्पिता भाभी के भोसड़े को चाट रहा था।भाभी चुपचाप मेरे बालो में हाथ डालकर चूत चटवा रही थी।तभी मैंने मेरी जीभ भाभी के भोसड़े में घुसा दी और उनके भोसड़े के गुलाबी छेद को सहलाने लगा।तभी भाभी एकदम से सिहर उठी।भाभी कसमसाने लगी। अब भाभी के मुंह से सिसकारियां फूटने लगी।

अर्पिता भाभी– आईईईई ऊंह ऊंह आऊ आह आह ओह।
मैं लगातार भाभी के भोसड़े में जीभ से वार कर रहा था।भाभी फर्श पर पड़ी पड़ी इधर उधर हिलने लगी। मैं तो आज भाभी के गुलाबी छेद का पूरा मज़ा ले रहा था।
अर्पिता भाभी– ऊंह आह आह ओह ओह आऊ आऊ आईईईई।
शालू भाभी– पूरा मजा ले रोहित तो।
शालिनी भाभी– हां शालू।

मैं लगातार अर्पिता भाभी के भोसड़े को चाट रहा था।अर्पिता भाभी भी बिना किसी डर के भोसड़े को चटवा रही थी।फिर मैंने थोड़ी देर तक अर्पिता भाभी के भोसड़े को चाटा। अब मैं फिर से अर्पिता भाभी के ऊपर चढ गया और उनके बड़े बड़े मस्त बूब्स को चूसने लगा।मुझे फिर से भाभी के बूब्स को पीने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।आह! अर्पिता भाभी के बूब्स।मज़ा आ रहा था यारो।
मैं– ऊंह ऊंह ओह आह ओह भाभी।
मैं लपालप भाभी के बूब्स को दबा कर चूस रहा था।भाभी मेरे बालो में हाथ डालकर मुझे बूब्स चुसवा रही थी।
मैं– ओह भाभी। गजब का टेस्ट है आपके बूब्स में
फिर मैंने थोड़ी देर तक अर्पिता भाभी के बूब्स को चूसा। अब मैं खड़ा हो गया और शालिनी भाभी से मेरा लन्ड चूसने के लिए कहा।
अब शालिनी भाभी बेड पर से उठकर मेरे लन्ड के नीचे बैठ गई और मेरे लन्ड को मसलने लगी।धीरे धीरे मेरा लन्ड फिर से तनकर खड़ा होने लगा।

शालिनी भाभी– तेरा लौड़ा बहुत बड़ा है यार।पता नहीं तूने किस किस की चूत का भोसड़ा बनाया होगा
मैं– भाभी मेरे लन्ड ने बहुत सारी चूत का भोसड़ा बनाया है।
शालिनी भाभी– जान निकाल देता है तेरा लौड़ा तो।
मैं– हां भाभी। तभी तो चोदने में असली मज़ा आता है।
भाभी अच्छी तरह से मेरे लन्ड को मसल रही थी।मुझे भाभी से लंड की मालिश करवाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। अब मेरा लन्ड लोहे की रॉड बनकर तैयार हो चुका था। अब शालिनी भाभी ने मेरे लन्ड को पकड़कर मुंह में डाल लिया और कुल्फी की तरह लंड को चूसने लगी।
मैं– ओह भाभी।ऐसे ही चूसो।आह आह ओह भाभी।
शालू भाभी– बहुत अच्छे से चूसो भाभी नहीं तो रोहित नाराज़ हो जाएगा।
शालिनी भाभी– अच्छे से ही चूस रही हूं यार।
मैं– अभी तो शालू भाभी आपको भी तो लंड देना है।
शालू भाभी– नहीं यार रोहित मैंने तो लेे लिया ना।बहुत है वो तो वो ही।तूने तो एक ही बार में मेरी छोटी सी जान को बड़ा कर दिया है।

मैं– नहीं भाभी एक बार तो आपको और लेना पड़ेगा।
शालू भाभी– नहीं यार रोहित।
शालिनी भाभी बड़े अच्छे तरीके से मेरे लन्ड को चूस रही थी। मैं शालिनी भाभी के बालो को संवार रहा था।भाभी के बाल बार बार उनके चेहरे को ढक रहे थे।भाभी के लंड चूसने के तरीके से लग रहा था कि शालिनी भाभी ने बहुत सारे लंड चूसे है।
मैं– ओह भाभी। मज़ा आ गया।आह आह ऐसे ही मेरे लन्ड को चूसती रहो आह आह।
शालिनी भाभी बड़ी शिद्दत से मेरे लंड को मुंह में भर रही थी।मेरे लन्ड को भी भाभी के मुंह की सैर करने में बड़ा मजा आ रहा था। अब शालिनी भाभी को मेरे लन्ड को चूसते हुए बहुत टाइम हो गया था। तभी मैंने शालिनी भाभी के मुंह को पकड़ लिया और उनके मुंह में लंड डालकर भाभी के मुंह की अच्छी तरह से सफाई करने लगा। मैं गांड़ हिला हिलाकर अच्छी तरह से भाभी के मुंह की सफाई कर रहा था।

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भाभी बिना कुछ कहे चुपचाप मेरे लन्ड को मुंह में ले रही थी। मैं कसकर भाभी के मुंह को चोद रहा था।
अजब गजब नज़ारा था यारो जिस शालिनी भाभी को चोदने के लिए मै इतना पीछे पड़ रहा था लेकिन वो चूत देने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हो रही थी।और आज देखो शालिनी भाभी के मुंह में मै पूरा नंगा होकर बड़ी शिद्दत से लंड ठोक रहा था।
कुछ देर बाद मैंने शालिनी भाभी के मुंह में ज़ोर से लंड ठोक दिया।तभी भाभी दर्द से हचक गई।वो बुरी तरह से झल्ला उठी।फिर मैंने थोड़ी देर बाद भाभी के मुंह में से लंड निकाला।तब जाकर शालिनी भाभी को चैन आया।
शालिनी– वाकई में तू बहुत कमीना है।तभी तो मै तुझसे नहीं चुदवाना चाहती थी।लेकिन अब क्या करू चुदवाना पड़ रहा है।
मैं– भाभी, मै तो हर एक चूत को ऐसे ही चोदता हूं।

शालिनी भाभी– चोदने में कोई दिक्कत नहीं है।लेकिन थोड़ा सा सामने वाले इंसान का भी ध्यान रखना चाहिए।
मैं– अब भाभी,मुझे तो मज़ा ऐसे ही आता है।चलो फिर से चूसो लंड।
शालिनी भाभी– नहीं मुझे नहीं चूसना अब।
मैं– भाभी यार चूसो।नाराज़ मत हो ओ।
शालिनी भाभी– इसमें नाराज़ होने वाली क्या बात है।तूने काम ही ऐसे किया है।एक बात बता तुमने हम सबकी चूत मांगी तो हम सभी जैसे तैसे करके तुझे चूत देने के लिए तैयार हो गई लेकिन फिर तू तो हमारी मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहा है।
मैं– अरे यार भाभी आप भी।
शालिनी भाभी– रोहित, कोई भी औरत जब चूत देती है तो उसको अच्छी तरह से चोदो।जमकर चोदो।जितना चाहे उतना बजा लेकिन बस उसका थोड़ा सा ध्यान भी रख।
मैं– हां भाभी मै आपकी बात समझ गया। अब आप गुस्सा मत करो। लो आ जाओ अब।
शालिनी भाभी मुंह फूलकर मेरे लन्ड के सामने बैठी थी।वो फिर से मेरा लन्ड चूसने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। तभी मैंने भाभी के मुंह को पकड़ा और उसमें फिर से लंड डाल दिया। अब मैं भाभी के मुंह को फिर से चोदने लगा।भाभी अभी भी नाराज़ थी। मैं भाभी के मुंह में लगातार लंड डाल रहा था।फिर थोड़ी देर बाद शालिनी भाभी ने खुद मेरे लन्ड को पकड़ लिया और फिर भाभी अच्छी तरह से लंड चूसने लगी।

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मैं– ओह भाभी।आह आह ओह आह मज़ा आ रहा है।आह आह।
फिर शालिनी भाभी ने थोड़ी देर तक मेरे लन्ड को अच्छी तरह से चूसा। अब मैं शालिनी भाभी की चूत में लंड पिरोना चाहता था।
अब मैंने शालिनी भाभी को भी रूम के फर्श पर अर्पिता भाभी के पास पटक दिया और तुरंत शालिनी भाभी के पेटीकोट और साड़ी को उनकी कमर तक खिसका दिया। अब मैंने भाभी की टांगो को तुरंत मेरे कंधो पर रख दिया और लंड को भाभी की चूत के छेद में सेट कर दिया।
संगीता भाभी– अच्छे से बजाना शालिनी को।
मैं– हां भाभी अच्छे से ही बजाऊंगा।
शालिनी भाभी– भाभी,चुदवाने में मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
संगीता भाभी– तो फिर आज रोहित से जमकर तेरी चूत बजवा लेे।
शालिनी भाभी– हां भाभी,अब जब चूत बजवानी ही है तो जमकर ही बजवाऊंगी।
संगीता भाभी– तू बड़ी हिम्मत वाली है यार।
तभी मैंने लंड का एक ज़ोरदार धक्का लगाया और मेरा लन्ड दन दानता हुआ शालिनी भाभी की चूत में घुस गया। लंड चूत में घुसते ही शालिनी भाभी बहुत बुरी तरह से बिलबिला उठी।
शालिनी भाभी– आईईईई। आईईईई

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मेरा लन्ड शालिनी भाभी की चूत के सभी अस्थि पंजर को तोड़ता हुआ उनकी चूत की गहराई में बैठ गया था।भाभी से मेरे लंड का धक्का सहन नहीं हो रहा था लेकिन फिर भी भाभी चूत में से लंड बाहर निकालने के लिए नहीं बोल रही थी।तभी मैंने फिर से ज़ोरदार धक्का दे मारा।अबकी बार शालिनी भाभी फिर बुरी तरह से बिलख पड़ी।
शालिनी भाभी– आईईईई आईईईई।
अब मैं शालिनी भाभी के दर्द की चिंता किए बगैर शालिनी भाभी को बुरी तरह से बजाने लगा।मुझे शालिनी भाभी को बजाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।शालिनी भाभी की चीखों से अर्पिता भाभी का बेडरूम गूंज उठा था। मैं कसकर भाभी की चूत की बखिया उधेड़ रहा था।
शालिनी भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई।
मेरा लन्ड खचाखछ शालिनी भाभी की चूत को छलनी कर रहा था। मैं अच्छी तरह से गांड़ हिला हिलाकर शालिनी भाभी को पेल रहा था।मेरा लन्ड मस्ती में डूबकर शालिनी भाभी की चूत में धूम मचा रहा था।भाभी बुरी तरह दर्द से झला रही थी।
शालिनी भाभी– आईईईई आईईईई ओह आह आह आईईईई आईईईई।
मैं– ओह भाभी,,आपकी सेक्सी चूत ,,आह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह।
शालिनी भाभी– आईईईई आईईईई आह आह आह ओह आह।
मैं झमाझम शालिनी भाभी की चूत में तगड़े शॉट लगा रहा था।भाभी मेरे शॉट के आगे पानी पानी हो चुकी थी।शालिनी भाभी झड़ने से पहले ही पसीने में नहा चुकी थी।भाभी के बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे।
शालिनी भाभी– आईईईई आह आह आईईईई आह आह आह ओह आह।

मैं बुरी तरह से शालिनी भाभी को बजा रहा था।शायद इस से पहले किसी ने भी शालिनी भाभी को इतनी बुरी तरह से नहीं बजाया होगा। वो दर्द से तड़प रही थी।
संगीता भाभी– बहुत बड़ी बड़ी बाते कर रही थी।अब पता चल गया ना रोहित का लंड कितना दर्द देता है।
मैं– भाभी,,दर्द के साथ मज़ा भी तो बहुत देता है।
शालू भाभी– हां यार रोहित मज़ा भी बहुत आता है।
मेरा लन्ड लगातार शालिनी भाभी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था।अब तक मेरा लन्ड शालिनी भाभी के खजाने को बहुत बुरी तरह से तहस नहस कर चुका था।तभी शालिनी भाभी की चूत में हलचल होने लगी और थोड़ी देर में ही उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया।
अब अर्पिता भाभी के बेडरूम में पाच पचक पच्छक पछक पच्छ की ज़ोर ज़ोर से आवाजे गूंजने लगी। अब शालिनी भाभी का दर्द थोड़ा थोड़ा कम होने लगा।
शालिनी भाभी– आईईईई ओह आह आह आईईईई आईईईई अहा आह आह आह।
मैं– ओह भाभी,,,आपकी चूत को चोदने में मेरे लन्ड को गजब का मज़ा आ रहा है।आह आह ओह भाभी।
शालिनी भाभी– आह ओह आह आईईईई आह आह आह आईईईई।

मैं शालिनी भाभी की गौरी चिकनी टांगों को कंधो पर रख कर बुरी तरह से भाभी की चूत में खलबली मचा रहा था। अब तक मेरा लन्ड भाभी की चूत के रस में पूरा भीग चुका था।
अब मैंने भाभी की चिकनी टांगों को फोल्ड कर दिया।जिससे अब भाभी पूरी फोल्ड हो चुकी थी। मेरा लन्ड अभी भी भाभी की चूत में अटका हुआ था। अब मैं फिर से शालिनी भाभी को चोदने लगा।भाभी फिर से कसमसाने लगी।
शालिनी भाभी– आईईईई ऊंह आह आह ओह आह आह आह आह आह।
मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ मुझे शालिनी भाभी को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मज़ा आए भी क्यों नहीं यारो। आखिरकार मै इतनी मस्त शानदार माल को पेल रहा था।तो मज़ा तो आना ही था।
पास में ही लेटी हुई अर्पिता भाभी हमारी चुदाई का नज़ारा देख रही थी।
अर्पिता भाभी– शालिनी को चुदाने का बहुत ज्यादा शौक है।रोहित ये तुझे कभी भी चुदाने के लिए मना नहीं करेगी जितना चाहे उतना चोद।
मैं– फिर तो मैं शालिनी भाभी को जमकर बजाऊंगा।
अर्पिता भाभी– बजा लेे।जितना बजाना हो।

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मैं जल्दी जल्दी शालिनी भाभी की चूत में लंड घुसा रहा था।शालिनी भाभी अब बड़ी शिद्दत से मेरे लन्ड को चूत में लेे रही थी।मेरा लन्ड अब भाभी की चूत को बड़ा कर चुका था।
शालिनी भाभी– आह आह आह ओह आह ओह ओह आह आह ऊंह।
मैं– ओह भाभी,,आपकी चूत तो बहुत ज्यादा मजेदार है। आह आह ओह आह।
शालिनी भाभी– तेरा लंड भी तो बहुत ज़ोरदार है।मेरी चूत को इससे पहले इतना किसी भी लंड ने छलनी नहीं किया जितना तेरे लंड ने किया
मैं– भाभी,,यही तो मेरे लन्ड का कमाल है।
शालिनी भाभी– आह आह आह ओह ओह आह आहा। आह ऊंह आह।
मैं बामाबाम शालिनी भाभी को चोद रहा था।शालिनी भाभी भी बहुत अच्छी तरह से खुद को बजवा रही थी। मैं शालिनी भाभी को बजा बजाकर पसीने में लथपथ हो चुका था। अब मैं धीरे धीरे शालिनी भाभी को चोदने लगा।
शालिनी भाभी– आह आह आह ओह आह ऊंह आह आह ओह आह।
अब मेरा लन्ड आराम से शालिनी भाभी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था।शालिनी भाभी को भी अब मेरा लन्ड चूत में लेने में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी।फिर मैंने थोड़ी देर और शालिनी भाभी को ऐसे ही बजाया। अब तक मेरा लन्ड शालिनी भाभी की चूत का भोसड़ा बना चुका था।शालिनी भाभी की चूत लाल सुर्ख हो चुकी थी।

अब मैंने शालिनी भाभी की चूत पर मुंह रखा और शालिनी भाभी की चिकनी चूत को चाटने लगा।आह! क्या मस्त खुशबु आ रही थी शालिनी भाभी की चूत से आह आह मज़ा आ गया यारो।
शालिनी भाभी की चूत से अभी भी माल बह रहा था। मैं शालिनी भाभी के भोसड़े को अब अच्छी तरह से चाट चाटकर मज़ा ले रहा था।शालिनी भाभी अब टांगो को मेरी पीठ पर रखकर मुझे उनके भोसड़े को चटवा रही थी।
शालिनी भाभी– ऊंह आह ओह ऊंह रोहित।आह ऊंह।
अब धीरे धीरे शालिनी भाभी हिलने लगी। अब उन्हीं चूत में अजीब सी गुदगुदी होने लगी। मेरी जीभ अब भाभी के भोसड़े में पहुंच चुकी थी। अब शालिनी भाभी हाथ पैरो को उधर उधर पटकने लगी।तभी शालिनी फिर से झड़ गई और अब मैं भाभी के ताज़ा रस को चाटने लगा। भाभी के ताज़ा रस को पीने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।भाभी अब आराम से उनका ताज़ा रस पिला रही थी। फिर मैंने थोड़ी देर में ही भाभी के ताज़ा रस को पी लिया।
अब मैंने शालिनी भाभी के भोसड़े को चाटकर उन्हें छोड़ दिया और शामिन

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