माँ का गरम दूध और नंगी चूत-3

Maa ka garam doodh aur nangi choot-3

मेरा लंड उनके हाथ में आते ही एकदम कड़क होकर खड़ा हो गया और अब मैंने माँ के बूब्स को और उनके पूरे शरीर को अपनी छाती से चिपकाकर उनके होंठो को अपने होठों में ले लिया. अब माँ के कसे हुए बड़े बड़े बूब्स मेरी छाती से रगड़ खाने लगे थे और फिर माँ ने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत से सटा लिया और थोड़ा पैर फैलाकर चूत पर रगड़ने लगी. फिर मैंने माँ के पूरे बदन पर साबुन लगा दिया और उसके बाद उनके बूब्स को और चूत के ऊपर भी मैंने साबुन लगाकर मसल दिया और फिर हम दोनों एक दूसरे के बदन पर फिसलने लगे और माँ अपने बूब्स को मेरे पूरे बदन पर दबाकर फिसला रही थी, जिससे मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने पानी को तेज कर दिया और साबुन को धो दिया इसके बाद में माँ के बूब्स को दबाते और सहलाते हुए माँ के होठों को चूस रहा था और मेरे लंड को माँ की चूत अपने होंठो से सहला रही थी. अब नीचे बैठकर नहाने के लिए रखे स्टूल पर माँ ने अपना एक पैर उठाकर रख लिया और अब मेरे लंड को चूत में जाने का मौका मिल गया और मुझे उस शीशे में उनकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर होते हुए साफ साफ दिख रहा था. वो देख रही थी कि उनकी प्यारी चूत से मेरा लंड खिलवाड़ कर रहा था और अब माँ की चूत उसको पूरा अपने मुहं में लेने की कोशिश कर रही थी.

फिर तभी कुछ देर बाद माँ अपने आपको छुड़ाकर नहाने के टब को पकड़कर नीचे झुक गयी और माँ के गोल गोल बड़े बड़े कूल्हे ऊपर उठे हुए थे और में उन्हे दबा दबाकर अपनी जीभ से चाटने लगा और दाँत से काट भी रहा था. तब माँ बोली कि तू यह क्या करता है अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है और में माँ की चूत को देखने लगा.

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अब मैंने उस पर अपने तने हुए लंड को लगाकर धक्का दे दिया और मेरा पूरा लंड गप से माँ की गीली जोश से भरी हुई चूत में पूरा समा गया और फिर क्या था लंड और चूत का वही पुराना खेल शुरू हुआ और सामने लगे उस शीशे में जैसे कोई ब्लूफिल्म चल रही हो, जिसकी हिरोइन मेरी माँ थी और उसका हीरो में खुद. मेरा लंड माँ की चूत में अंदर बाहर हो रहा था, जिससे माँ की चूत बिल्कुल पागल हो रही थी, लेकिन मुझे शीशे में लंड का घुसना और निकलना बहुत अच्छा लग रहा था और उस फुवारे से पानी की वो फुहार हम दोनों पर पड़ रही थी.

हम लोग उसकी परवाह ना करके अपने तन की आग को मिटाने में लगे हुए थे और में पीछे से माँ के दोनों बूब्स को पकड़ कर बराबर धक्के लगाए जा रहा था. अब उस शीशे में अपनी चुदाई को देखकर माँ भी बहुत गरम हो चुकी थी, इसलिए माँ भी अपने कूल्हों को अब लगातार आगे पीछे करके मेरे लंड को अपनी चूत में अंदर बाहर कर रही थी और वो अपनी चूत में मेरे लंड को गपागप ले रही थी और वो अब बोलती जा रही थी अरे यार आह्ह्ह्हहह मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, हाँ और ज़ोर से धक्के देकर चोदो मेरे सनम उफ्फ्फ हाँ आज तुम जिंदगी का पूरा मज़ा ले लो आईईईई मेरे चोदू बलम तुम्हारा यह लंड बड़ा ही जानदार है हाँ और मारो मेरे राजा धक्का मुझे और ज़ोर से आह्ह्ह मेरे राजा और ज़ोर से और ज़ोर से हाँ तुम आज इस जालिम लंड से मेरी इस चूत को फाड़ दो आह्ह्हह्ह मुझे बहुत अच्छा उह्ह्ह्हह्ह लग रहा है आईईईईई.

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फिर मैंने उनसे कहा कि पीछे से धक्के देकर चुदाई में मेरे हाथ झुके झुके अब बहुत दुखने लगे है, तब माँ बोली उफफ्फ्फ्फ़ मेरे राजा तुम अब ज़रा रूक जाओ, इस तरह पूरी चुदाई नहीं हो पा रही है और मुझे लगता है कि लेटकर चुदने में पूरा लंड चूत की गहराई तक जाता है और तब झड़ने में बहुत मज़ा आता है. फिर मैंने अपने लंड को माँ की चूत से बाहर निकाल लिया और उसके बाद पानी को बंद किया और अब माँ वहीं पर गीली ज़मीन पर उसी समय नीचे लेट गयी और वो मुझसे बोली कि अब तुम मेरे ऊपर आकर मेरी जमकर मज़ेदार चुदाई करो.

अब में माँ के ऊपर था और मैंने माँ की चूत में अपने लंड को पूरा अंदर डालकर में भरपूर चुदाई करने लगा था. में उनको अपनी तरफ से जोरदार मस्त धक्के दिए जा रहा था और माँ की चूत में मेरा लंड पूरा का पूरा अंदर बाहर हो रहा था और माँ नीचे से उछल उछलकर मेरा साथ देते हुए कुछ बड़बड़ा भी रही थी और अब मुझे चुदाई का मस्त मज़ा मिल रहा है उफफ्फ्फ्फ़ हाँ मारो मेरे राजा और ज़ोर से मारो धक्का और ज़ोर से हाँ राजा इस तरह से चोदो मेरी इस चूत को अहह्ह्ह्हह हाँ ओह्ह्ह्हह्ह में अब कस कसकर धक्का मारकर माँ की चूत को चोद रहा था और तभी थोरी देर बाद मेरा लंड माँ की चूत की गहराई में चला गया और हम दोनों एक साथ झड़कर ठंडे हो गये.

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माँ तब सुरक्षित दिनों में थी और यह बात माँ ने पहले ही मुझे बता रखी थी, इसलिए हम दोनों को किसी भी बात की कोई भी परवाह नहीं थी. फिर कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को पानी डालकर अच्छी तरह से साफ किया और उसके बाद में अब टावल लपेटकर बाथरूम से बाहर आ गया और उसके बाद में अपने कपड़े पहनकर तैयार हो गया.

फिर कुछ देर बाद माँ भी नहाकर बाथरूम से पूरी नंगी बिना कपड़ो के बाहर निकलकर अब वो भी कपड़े पहनकर तैयार हो गयी. दोस्तों हम दोनों ने उस रात को फिर से अपनी चुदाई का काम शुरू किया और साथ में मिलकर उस मस्ती का भरपूर मज़ा लिया जिसमें उन्होंने मेरा पूरा पूरा साथ दिया. दोस्तों में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी पढ़ने वालों को मेरी यह चुदाई की कहानी जरुर अच्छी लगी होगी.

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