दीदी को खूब जमकर चोदा-1

Didi ko khoob jamkar choda-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजय है. दोस्तों में आप सभी को अपनी आज की कहानी को सुनाने से पहले अपने बारे में कुछ बता देता हूँ और उसके बाद में अपनी आज की कहानी को शुरू करूंगा. दोस्तों में बीस साल का हूँ और में एक कॉलेज से दूसरे साल की पढ़ाई कर रहा हूँ.

में दिखने में एकदम ठीकठाक हूँ और मेरा रंग गोरा बदन एकदम गठीला बड़ा ही आकर्षक है और में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और आज में आप सभी को अपनी भी एक सच्ची घटना मेरे जीवन का एक सच बताने जा रहा हूँ जिसको मैंने बहुत समय से किसी को नहीं बताया, क्योंकि मेरी इतनी हिम्मत नहीं हुई और आज में आप सभी की कहानियों को पढ़कर अपनी भी एक सत्य कथा को लिखकर आप तक पहुंचा रहा हूँ.

दोस्तों यह घटना आज से करीब दो साल पहले मेरे साथ घटी तब मेरे बड़े भाई की शादी का माहौल हमारे घर में चल रहा था. हम सभी बड़ी ख़ुशी के साथ अपने अपने कामो में लगे हुए थे और शादी की वजह से उन दिनों हमारे घर में हमारे बहुत सारे रिश्तेदार आए हुए थे.

हमारा पूरा घर भरा पड़ा था और मेरे भाई की शादी के बाद दूसरे दिन शाम को उसका खाना हुआ मतलब कि मस्त खाना पीना मज़े मस्ती और खाने पीने के बाद हमारे रिश्तेदार सभी लोग अपने अपने घर को चले गए और उस दिन मेरे भाई की शादी में मेरे दूर की रहने वाली मेरी एक आंटी भी आई थी, उनका नाम संगीता है और उनके साथ उनकी एक 18 साल की बेटी भी आई हुई थी, उनकी बेटी का नाम प्रिया था और में उनको हमेशा प्रिया दीदी कहकर बुलाया करता था.

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दोस्तों वो उस दिन रात को वापस अपने घर नहीं जा सकी क्योंकि उनका घर हमारे घर से करीब 200 किलोमीटर दूर था और खाना खाते बातें करते हुए ही उनको रात भी अब बहुत हो गई थी, इसलिए मेरी माँ ने मेरी उस आंटी को कहा कि संगीता तुम आज रात को हमारे घर में रह जाओ तुम कल सुबह वापस चली जाना, वैसे भी अब रात बहुत हो चुकी है और तुम्हे अपनी बेटी के साथ अकेले बहुत दूर का सफर तय करना है. फिर मेरी आंटी ने मेरी माँ की बात को मानकर कहा कि हाँ ठीक है, में एक रात तुम्हारे कहने पर रुक जाती हूँ, लेकिन दोस्तों घर में शादी होने की वजह से हमारा बहुत से दूर के रिश्तेदार भी आए हुए थे.

हमारा घर पूरा भरा हुआ था और सोने के लिए घर में बिल्कुल भी जगह नहीं बची थी सिर्फ़ एक ही बेड था जो खाली पड़ा हुआ था क्योंकि दूसरे बेड पर सभी लोग सो गये थे. फिर मेरी आंटी ने मुझसे कहा कि संजय तुम एक काम करो, तुम प्रिया के साथ ही इस बेड पर सो जाओ, में और तुम्हारी मम्मी नीचे कहीं भी जगह देखकर सो जाते है. फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है और में अपने कपड़े बदलने के बाद सोने के लिए बेड पर आ गया. उसके बाद मेरी प्रिया दीदी ने भी अपने कपड़े बदलकर वो भी बेड पर सोने के लिए आ गई.

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मेरी प्रिया दीदी और में बेड पर लेटकर अब बहुत सारी बातें हंसी मजाक करने लगे थे, क्योंकि हम दोनों एक दूसरे से बहुत समय बाद जो मिल रहे थे, इसलिए हम दोनों बातों में लगे रहे, लेकिन दो चार दिनों से कामो में लगे रहने की वजह से में बहुत थक चुका था, इसलिए कुछ देर बाद कब हमारी आंख लग गई हमे इस बात का पता भी नहीं चला.

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रात को करीब 1:30 बजे मैंने महसूस किया कि कोई मेरी पेंट के ऊपर अपना हाथ रखकर मेरे लंड को सहला रहा था, लेकिन फिर भी में चुपचाप वैसे ही पड़ा रहा और कुछ देर मज़े लेता रहा और फिर मैंने कुछ देर बाद धीरे से अपनी एक आंख को खोलकर देखा तो प्रिया दीदी अब मेरे लंड को मेरी पेंट के ऊपर से सहला रही थी. में यह सब देखकर एकदम चौंक गया और फिर में बहुत खुश भी हो गया, क्योंकि मेरी भी प्रिया दीदी के साथ सेक्स करने में शुरू से रूचि थी, क्योंकि वो दिखने में बहुत ही गोरी हॉट सेक्सी थी और उसकी छाती का आकार 36 था और उसकी गांड भी बहुत बड़ी थी.

मैंने जब देखा कि प्रिया दीदी मेरे साथ यह सब कर रही थी तो मुझसे अब रहा नहीं गया और फिर मैंने भी जोश में आकर सोचा कि अब में भी उनके साथ कुछ करूँ? तो में झट से करवट बदलने लगा था और यह देखकर प्रिया दीदी ने नर्वस होकर तुरंत मेरे लंड को छोड़ दिया, क्योंकि वो एकदम से डर गई थी और अब वो मेरे सामने सोने का झूठा नाटक करने लगी थी वो अपनी दोनों आखों को बंद करके चुपचाप लेट गई और करीब दस मिनट के बाद मैंने अपना काम शुरू किया.

अब मैंने सबसे पहले मेरे हाथ को धीरे से प्रिया दीदी के कंधे पर होकर उनके टॉप के ऊपर से उनकी छाती के ऊपर अपने उस हाथ को रख दिया और फिर मैंने धीरे धीरे उनके बूब्स को मसलना शुरू किया. फिर अचानक से प्रिया दीदी ने मुझे यह सब नहीं करने दिया, उन्होंने मेरे हाथ को कसकर पकड़ लिया और इसलिए में अपने हाथ को हिला भी नहीं सका और कुछ देर के बाद प्रिया दीदी ने मेरे हाथ को अपने आप उनके टॉप की अंदर डाल दिया.

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अब में यह सब देखकर बहुत खुश हो गया और अब मैंने मन ही मन सोचा कि प्रिया दीदी भी आज मेरे साथ सेक्स करने लिए तैयार है और फिर मैंने मन ही मन बहुत खुश होकर अब झट से उनके बड़े बड़े बूब्स को मसलना शुरू किया.

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